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आत्‍मा को जीतने का ‘‘नया” तरीका!

A “NEW” METHOD OF SOUL WINNING!

डो. आर. एल. हायमर्स, जुनि. द्वारा
by Dr. R. L. Hymers, Jr.

लोस एंजलिस के बप्‍तीस टबरनेकल में प्रभु के दिन की षाम 24 जुलै, 2011
को दिया हुआ धार्मिक प्रवचन
A sermon preached at the Baptist Tabernacle of Los Angeles
Lord’s Day Evening, July 24, 2011

‘‘परमेष्‍वर को यह अच्‍छा लगा कि इस प्रचार की मूर्खता के द्वारा विष्‍वास करनेवालो को उद्धार दे” (1 कुरिन्‍थियों 1: 21)।

‘‘प्रचारक बिना कैसे सुनें?” (रोमियों 10:14)


मैं अपने कलीसिया की सेवा के 53 सालों में आत्‍मा जीतने के करीबन सारे तरीके प्रयत्‍न कर चुका हूँ। मैंने पष्‍चिम लोस एंजलिस के सान फ्रांसीस्‍को के रास्‍तों के नुक्‍कड पर और लौस एंजलिस के षहर पर्सीग स्‍केवर में सेकडों बार एक भी खोई हुई आत्‍मा को कलीसिया आते और रहते हुए देखे बिना प्रवचन किये है! मैंने सेंकडो विस्‍तार को पसार किये, बिना किसी वास्‍तविक परिणाम के। हमारे लोगो ने करीबन दस लाख विस्‍तार पसार किये एक भी परिवर्तित को कलीसिया में समावेष किये बिना। हम द्वार - द्वार पर गये मुक्‍ति का संक्षिप्‍त रास्‍ता देते हुए और लोगों के साथ प्रार्थना करते हुए, पूरे लोस एंजलिस में कलीसिया से मजबूत मसीही के लिये तीन या चार से ज्‍यादा लोग मिलने के बिना। मैंने एक साल रेडियो पर प्रवचन दिये कलीसिया में एक भी परिवर्तित समावेष किये बिना। वर्शों पहले, केलीफोर्निया के साक्रामेंन्‍टो में, मैंने युवा लोगो के बडे समुदाय को ‘‘धर्मप्रचार का विस्‍फोट” पढाया। हम इसे व्‍यवहार में रखते है, परंतुहमें इससे कोई परिणाम दिखाई नहीं देता। कोई भी स्‍थानीय कलीसिया में आकर ठहरा नहीं। हमारे पास बस की सेवा था कुछ सालो तक परंतु फिर से, इससे भी कोई टीकनेवाला (स्‍थायी) परिणाम नहीं आया।

मैं नहीं कहता कि यह तरीके गलत हैं। मैं सिर्फ यही कहता हूँ कि वे काम नहीं करते। कम से कम, लोस एंजलिस के सान फ्रान्‍सीसको या साक्रामेन्‍टो में काम नहीं करते, जहाँ मैंने उन्‍हें वर्शो तक आजमाया। षायद यह ग्रामिण विस्‍तार में या छोटे समुदाय में कुछ परिणाम उत्‍पन्‍न कर सके, परंतु मैं जानता हुँ कि वे अमरिका के बडे षहरों में ज्‍यादा मसीही उत्‍पन्‍न नहीं करते।

लंबे समय के बाद हमने खोजा बिना बचाये पापी को मसीह में जीतने का तरीका। मैं इस नये तरीके का जिक्र करूँगा ‘‘स्‍थानीय कलीसिया केन्‍द्रित धर्मप्रचार” की तरह। इससे हमारा अर्थ क्‍या है - बजाय कहने के ‘‘षीघ्र प्रार्थना” लोगो के साथ और फिर उस पर ‘‘अनुकरण करना”; हम इसे दूसरी तरह करते है। हम पहले उनका अनुकरण करते है, और फिर वे मुझे सुसमाचार प्रचार करते हुए सुनते है।

हमारे कलीसिया के करीबन हर सदस्‍य ने इस ‘‘नये” तरीके का इस्‍तेमाल करके मसीह को जीता है। मैं ‘‘नये” के आसपास अवतरण चिन्‍ह लगाता हूँ, क्‍योंकि हकीकत में यह बहुत पुराना तरीका है। मैं जानता हूँ कि प्रेरितो की किताब में कुछ प्रसंग है जहाँ एक व्‍यक्‍ति ने दूसरे को सुसमाचार दिया और उन्‍हें बचाया गया, जैसे अन्‍ताकियावासी निकुलाउस (म्‍जीपवचपंद म्‍नदनबी) के साथ फिलिप्‍पुस, फिलिपीयन (च्‍ीपससपचपंद) जेलर के साथ पौलुस, और कुरनेलियुस (ब्‍वतदमसपने) के साथ पतरस। परंतु यह याद रखना चाहिये की फिलिप्‍पुस नियुक्‍त किया हुआ छोटा याजक था। (प्रेरितों 6:5-6) और पतरस और पौलुस प्रेरितों थे। फिलिप्‍पुस (प्रेरितो 8:5), पतरस और पौलुस प्रचारक थे, साधारण मसीही नहीं। फिलिप्‍पुस प्रेरितों 21:8 में, ‘‘सुसमाचार प्रचारक” कहा गया था। वे नियुक्‍त किये हुए सेवक तथा सुसमाचार प्रचारक थे। जब वहाँ पर थोडे प्रसंग है इस प्रभु के प्रेरितों और सुसमाचार प्रचारक को बुलाने का हर एक को मसीह तक, हजारो लोग बहुत बडी संख्‍या में जो प्रेरितों कि किताब में बचाये गये थे वे प्रवचन सुनने के द्वारा परिवर्तित हुए थे - तीन हज़ार लोग जो पिन्‍तेकुस्‍त में पतरस के प्रचार के अधीन, पांच हजार प्रेरितों के प्रचार के अधीन (प्रेरितो 4 ः 4) बडी भीड जो सामरिया मे फिलिप्‍युस सुसमाचार प्रचारक (प्रेरितो 8 ः 5,8), और बहुत सी अन्‍य जातियाँ जो पिसिदिया (च्‍पेपकपं) अन्‍तकिया (।दजपवबी) (प्रेरितो 13:44,48) में सुसमाचार प्रचार के अधीन परिवर्तित हुए थे उनको मिलाकर। यह सारे हजारो परिवर्तित हुए थे प्रचार द्वारा और एक बार में ही स्‍थानीय कलीसिया में ढल गये थे, ‘‘जो उद्वार पाते थे, उनको प्रभु प्रतिदिन उनमें मिला देता था” (प्रेरितो 2:47)। इसलिये, मुझे यह तरीका पुराना लगता है, कोई तरीके से नया रास्‍ता नहीं!

मसीही इतिहास की किताब खोजो तो आप जानोगे कि यह बहुत बडे तरीके से इस्‍तेमाल किया हुआ धर्म प्रचार है लंबे समय से; खोये हुए पापीयों को पहले कलीसिया में लाओ, और फिर उन्‍हें सुसमाचार प्रचार दो सत्तरावीं सदी में सुसमाचार प्रचारक याजक रीचर्ड बाक्‍सटर ने कहा,

जब परमेष्‍वर कोई भी आदमी को बचाने का अनुग्रह देते है, वे आमतौर पर अनुग्रह के द्वारा देते है ... परिवर्तन का एक खास तरीका है, सार्वजनिक सभा (कलीसिया) में सेवकों द्वारा मसीह के वचनो के प्रचार को सुनना। ‘‘वे कैसे उन पर विष्‍वास करे जिनको उन्‍होंने सुना नहीं? और प्रचारक के बिना वे कैसे सुन सकते है?” ... पवित्रषास्‍त्र को देखो, और देखिये की परिवर्तन का सामान्‍य रास्‍ता प्रचारक द्वारा प्रभु के वचन सुनने के द्वारा है या नहीं (रीचर्ड बक्‍सटर, 1657, अ ट्रीटाइस ओन कन्‍वरझन, ध अमेरिकन टे्रक्‍ट सोसायटी, पृपृश्‍ठ. 320, 321, 325)।

“परमेष्‍वर को यह अच्‍छा लगा कि इस प्रचार की मूर्खता के द्वारा विष्‍वास करनेवालो को उद्धार दे” (1 कुरिन्‍थियों 1:21)

“प्रचारक बिना कैसे सुनें?” (रोमियों 10:14)।

विचार जो मसीही को सुसमाचार देना चाहिये और “षीघ्र प्रार्थना” कहे खोये हुओं के घर के द्वार पर-और फिर उनके “पीछे ध्‍यान” रखने का प्रयत्‍न करे - फिनेय के “निर्णायक्‍ता” में से सिर्फ 170 वर्श पहले बाहर आया हुआ। मुडी ने फिनेय का अनुकरण किया यह मानने में कि कोई भी कभी भी बचाया जा सकता है, इसलिये मसीही लोग दबाये गये (विवष किये गये) आत्‍मा को मसीह के पास ले जाने षीघ्र सुसमाचार और षीघ्र प्रार्थना करने के साथ। फिर भी, समय और अनुभव हमें सीखाता है कि यह तरीका बहुत कम काम आता है। इसीलिये आज बहुत से कलीसिया यह तरीका छोड़ रहे है और अधिक - काल्‍वीनीझम की ओर मुड जाते है, जहाँ मसीही से खोये हुए पापीयों के पास पहुँचने कुछ भी करने की आषा नहीं रखी जाती है। वे कलीसिया में सिर्फ बाइबल सीखने आते है! पहले के कलिसिया मे धर्मप्रचार आज के लिये आदर्श ! इस धार्मिक प्रवचन में आप पांच मुद्‌दा काल्‍वीनीझम और अधिक काल्‍वीनीझम के बीच के अंतर को सीख सकेंगे।

अधिक - काल्‍वीनीझम है जो वीलीयम केरी ने सहा जब उन्‍होंने याजाको के समुदाय को प्रस्‍तावना कि उसे सेवक की तरह भारत जाने के लिया बुलाया जाने का महसूस घ्‍घ्‍घ्‍े है। अधिक - काल्‍वीनीस्‍ट बेयटीस्‍ट याजक उस सभा से खडे हो गये और कहा, “बैठ जाओ, युवा आदमी। जब प्रभु चुनते है बचाने के लिये खोये हुओं को तो वे आपकी और मेरी मदद के बिना ऐसा करेंगे। फिर भी आज वे विदेषी सेवको को बाहर भेजते है, मैं डरता हूँ कि बहुत से सुधारक याजक अधिक काल्‍वीनीझम व्‍यवहार रखते है उनके स्‍वयं के समुदाय में खोये हुए लोगो की ओर।

माननीय इयान. एच. मुरेय, स्‍वयं पांच मुद्‌दा काल्‍वीनीस्‍ट थे, उन्‍होंने कहा, “... ऐसा लगेगा कि स्‍पर्जन की सेवा में जो आत्‍मा जीतने की प्रथमता है वो सामान्‍यतः हमारी प्रथमता नहीं दिखती। षिक्षा का पुनःजन्‍म (सुधार) मुष्‍किल से सुसमाचार प्रचार के पुनःजन्‍म के साथ जोडा गया है। अधिक काल्‍वीनीझम के सिद्धांत का स्‍वीकार नहीं करते हुए षायद अच्‍छा हो कि हम पुरी तरह सावधान नहीं है खतरे से कि षिक्षा का अनुमानित अनुरूपता को बाइबल सिद्धांत की प्रथमता के उत्‍साह मसीह के और आदमी की आत्‍मा के लिये उसके उपर अधिभावी करना। इस्‍तेमाल बिना की षिक्षा कोई भेट नहीं है” (इयान. एच. मुरेय, स्‍पजंर्न वी. हायपर-काल्‍वीनीझम, ध बेनर अॉफ ट्रुथ ट्रस्‍ट, 1995, पृश्‍ठ. गपअ)।

मैं कहता हूँ कि हमें आवष्‍यकता है हर सदस्‍य धर्म प्रचार विभिन्‍न तरीको के उपर प्रभाव डालने की - कि हर कोई बाहर भेजा जाये, खोये हुए लोगो को कलीसिया में आने के लिये निमंत्रण देने, सुसमाचार प्रवचन सुनने क्‍योंकि,

“परमेष्‍वर को यह अच्‍छा लगा कि इस प्रचार की मूर्खता के द्वारा विष्‍वास करनेवालो को उद्धार दे” (1 कुरिन्‍थियों 1:21)

“प्रचारक बिना कैसे सुनें?” (रोमियों 10:14)।

यह तरीका स्‍पंर्जन द्वारा बताया गया था, जिन्‍होंने कहा,

आप आत्‍माओं को जीतने क्‍या कर सकते हो? चलिये मुझे बताने दिजीये ... दूसरों को वचन सुनने के लिये ले आना। यह कर्तव्‍य ज्‍यादातर अनदेखा किया गया है ... (लोगो को) समझाओं आगे आने पूजा के स्‍थान पर; उन पर ध्‍यान दिजीये ... उन्‍हें लुभाइये, उन्‍हें समझाइये ... उन्‍हें वचन के अधीन ले आइये, और कौन जानता है परिणाम क्‍या होगा? ओह कितना अच्‍छा आषीर्वाद होगा उसके लिये अगर ... जो आप नहीं कर सके, क्‍योंकि आप मसीह के लिये मुष्‍किल से बोल सकेंगे, वो आपके याजक द्वारा किया गया था, पवित्र आत्‍मा की षक्‍ति के द्वारा आपके द्वारा किसी को उकसाने (समझाने) सुसमाचार के लक्ष्‍य पर लाना (सी.एच. स्‍पंर्जन, “आत्‍मा जीतना” ध मेट्रोपोलीटन टबरनेकल पुलपीट, पीलग्रीम प्रकाषन, 1976, भाग ग्‍ट, पृपृश्‍ठ. 32-33)।

इस तरीके से स्‍पर्जन ने उसके लोगो को खोये हुओं को कलीसिया में सुसमाचार सुनने लाते हुअे देखा। हाँ, उन्‍हें सुसमाचार प्रचार करते हुए सुनने के लिये! याजक पुरा धार्मिक प्रवचन मसीह के सुसमाचार देने प्रोत्‍साहित हुए है जब वो देखता है उनके लोगो को खोया हुओं को अंदर लाते हुए। कोई आष्‍चर्यचकित हुए यह जानकर कि मैं हर रविवार सुसमाचार प्रचार करता हूँ। मुझे ऐसा करने भेजा गया है उस हकीकत द्वारा कि हमारे लोग खोये हुओं को अंदर लाते है, और वहाँ पर हर सभा में खोये हुए लोग है।

कोई षायद सोचे कि इतना सुसमाचार प्रचार, खोये हुओं को सुसमाचार प्रचार करना, मसीहीयों को कमजोर कर देगा, कि रविवार के षाला की षिक्षा और बाइबल की षिक्षा, प्रार्थना सभा के बाद पर्याप्‍त नहीं है, कि उन्‍हें रविवार सुबह की सभा में भी आना चाहिये बाइबल की पढाई ज्‍यादा करने बचाये हुओं को निर्देषित करती है, कि यह बचाये हुओं को मजबूत करेगा। परंतु मैंने यह विचार को गलत जाना। कुछ सबसे मजबूत मसीही जिनको मैं कभी भी जानता था वे हमारे कलीसिया के लोग हे जो हर रविवार सुबह सुसमाचार प्रचार सुनते है वर्शों अंदर और बाहर। और कुछ कमजोर लोग मैं जानता हूँ कि कलीसिया आते है जहाँ वे पद के बाद पद क्रमानुसार बाइबल की पढाई करने बैठते है हर रविवार को, और मसीह के सुसमाचार को समर्पित पूरा धार्मिक प्रवचन कभी भी नहीं सुनते।

करीबन उनके मृत्‍यु के सौ साल बाद, स्‍पर्जन के धार्मिक प्रवचन अभी भी छपते है और हजारों लोगो द्वारा पढ़े जाते है। फिर भी स्‍पर्जन के ज्‍यादातर धार्मिक प्रवचन सुसमाचार प्रचारक है, सुसमाचार धार्मिक प्रवचन। स्‍पर्जन ने उसका प्रचार किया बडी षक्‍ति और उत्‍साह के साथ, तब जब वे बिमार थे उनकी सेवा के अंत के दिनों में। डो. जोन आर. राईस ने कहा, “स्‍पर्जन अपने सारे समय के याजक थे और उन्‍होंने कभी भी स्‍वयं को सुसमाचार प्रचारक नहीं कहा। फिर भी उनकी सेवा में हजारों लोग बचाये गये, और मेटोपोलीटन टबरनेकल “उनका कलीसिया” कहा गया था “आत्‍मा का जाल (जतंच)” - क्‍योंकि बहुत से लोग उनके प्रचार के अधीन परिवर्तित हुए थे (जोन. आर. राईस, डी.डी., व्‍हाय अवर चर्चेस डु नोट वीन सोल्‍स, स्‍वार्ड अॉफ ध लॉर्ड प्रकाषन, 1966, पृश्‍ठ. 68)

ओह, हम षायद भूतकाल के प्रेरितो, रीचर्ड बक्‍सटर, स्‍पर्जन और दूसरे बडे सुसमाचार प्रचार याजक के द्रश्‍टांत का अनुकरण करे। प्रभु मुझे मसीह के वचन प्रचार करने में मेरे अंत के दिनो तक मदद करें! जैसे प्रेरितों पौलुस ने कहा,

“मैंने यह ठान लिया था कि तुम्‍हारे बीच यीषु मसीह वरन्‌ क्रूस पर चढाए हुए मसीह को छोड़ और किसी बात को न जानूँ” (1 कुरिन्‍थियों 2:2)।

“परमेष्‍वर को यह अच्‍छा लगा कि इस प्रचार की मूर्खता के द्वारा विष्‍वास करनेवालो को उद्वार दे” (1 कुरिन्‍थियों 1:21)

“प्रचारक बिना कैसे सुनें?” (रोमियों 10:14)।

और आप षायद प्‍यारे भाईयों और बहनों; मेरे साथ सारे कार्य करे जो आप कर सकते हो खोये हुओं को हमारे कलीसिया में लाने सुसमाचार प्रचार सुनने! “उन्‍हें अंदर लाओ” का समूह गान गाइये जैसे हमस ब साथ में खडे रहते है।

उन्‍हें अंदर लाओ, उन्‍हें अंदर लाओ,
   उन्‍हें अंदर लाओ पापो के खेत से;
उन्‍हें अंदर लाओ, उन्‍हें अंदर लाओ
   भटके हुओं को यीषु के पास लाओ।
(“उन्‍हें अंदर लाओ” एलेक्‍सकेनाह थोमस द्वारा, 19 वीं. सदी)।

और अब, मेरे मित्र, अगर आप अभी तक परिवर्तित नहीं हो, हम आपसे विनती करते है यीषु के पास आने के लिये। वे क्रूस पर मरे आपके पापो का दण्‍ड चुकाने। उन्‍होंने अपना बहुमूल्‍य लहू बहाया आपके सारे पापो को धोने। वे मृत्‍यु से उठे आपको जीवन देने। वे आपके लिये प्रार्थना करते है उपर स्‍वर्ग में, प्रभु के दाहिने हाथ पर। यीषु के पास आओ और वे आपको बचायेंगे, वे आपको अभी बचायेंगे!

अगर आप बचाये हुए नहीं हो, या अगर आपको आपकी मुक्‍ति के संदर्भ में कोई सवाल है, तो छोटे याजक और मैं आपके साथ कुछ समय बात करने में प्रसन्‍न होंगे। महेरबानी करके अभी कक्ष के पीछे जाईये और डो. केगन आपको षांत जगह ले जायेंगे जहाँ हम बात कर सकते है। आमीन।


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(संदेश का अंत)
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धार्मिक प्रवचन के पहले डो. क्रेगटन एल. चान द्वारा पढ़ा हुआ पवित्रषास्‍त्र ः रोमियों 10:14-17।
धार्मिक प्रवचन के पहले श्रीमान बेन्‍जामिन कीनकेड ग्रीफिथ द्वारा गया हुआ गीत ः
“यहाँ मैं हूँ” (डो. जोन आर राइस, द्वारा 1895-1980)।