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आदमी जो कृतज्ञ होना भूल गया -
कृतज्ञता पर धार्मिक प्रवचन

(उत्पति की किताब पर धार्मिक प्रवचन # 65)

THE MAN WHO FORGOT TO BE THANKFUL – A THANKSGIVING SERMON
(SERMON #65 ON THE BOOK OF GENESIS)
(Hindi)

डो. आर. एल. हायर्मस, जुनि. द्वारा
by Dr. R. L. Hymers, Jr.

लोस एंजलिस के बप्तीस टबरनेकल में प्रभु के दिन की सुबह, 18 नवंबर,2012 को दिया हुआ धार्मिक प्रवचन
A sermon preached at the Baptist Tabernacle of Los Angeles
Lord’s Day Morning, November 18, 2012

‘‘फिर भी पिलानेहारों के प्रधान ने युसुफ को स्मरण न रखा; परन्तु उसे भूल गया’’
(उत्पति 40:23)।


पिलानेहारों के प्रधान के प्रधान ने फिरोन (Pharaoh) को असंतुश्ट किया था। वो जेल में डाला गया था, वही कारावास में जहाँ युसुफ था। युसुफ हिबु था, अपराधी ठहराया था उस गुन्हा के लिये जो उसने नहीं किया था। परन्तु परमेष्वर उसके साथ थे, जेल के जेलर ने सारे बन्दीयों को युसुफ की निगरानी में रखा। जेल में पहली रात को मिस्त्र पिलानहार को स्वप्न आया। उसने युसुफ से उसका अर्थ पूछा। युसुफ ने कहा वो उस स्वप्न का विवरण प्रभु की सहायता के साथ देगा। फिर युसुफ ने पिलानहार के स्वप्न का विवरण दिया, उसे कहते हुए कि वो फिरोन द्वारा छोड़ा जाएगा और पुनःस्थापित किया जायेगा। पिलानहार ने युसुफ की पवित्रता के बारे में फिरोन से कहने का वादा किया अगर वो छोड़ा जाए तो। तीन दिन बाद युसुफ का स्वप्न का विवरण सच हुआ, और प्रधान पिलानहार वहाँ से छोड़कर फिरोन के दरबार में उसकी जगह पुनःस्थापित किया गया।

अब युसुफ निष्चित था कि उसका मित्र दरबार में है जो फिरोन से उसके बारे में बात करेगा और उसकी पवित्रता के बारे में कहेगा। परन्तु हफते और महिने गुजरे, और वहाँ पर प्रधान पिलानहार से कोई बात नहीं आयी। पिलानहार पूरी तरह से युसुफ को भूला न होगा। परन्तु वो पूरी तरह से भयभीत था उसकी स्थिति फिरोन को बताने। ये षायद फिरोन को क्रोधित कर दे और उसे फिर से जेल में डाल दे। या षायद वहाँ कोई ओर कारण होगा। कोई भी परिस्थिति में प्रधान पिलानहार युसुफ को भूल गया। अगर युसुफ ने पिलानहार को नुकसान पहुँचाया होता तो वह आदमी उसे नहीं भूलता। परन्तु क्योंकि युसुफ ने उसे सहाय की थी, वो जल्दी से भूल गया। ‘‘फिर भी पिलानेहारों के प्रधान ने युसुफ को स्मरण न रखा; परन्तु उसे भूल गया’’ (उत्पति 40:23)।

अकृत्ज्ञता का कैसा चित्रण! द्रोही मनुश्य जाति के लिये यह कितना सामान्य है अकृतज्ञ होना! पिलानहार आदमी था जो कृतज्ञ होना भूल गया। वो लोगों के चरित्र का गुण था प्रेरितो पौलुस ने कहा,

‘‘पर यह स्मरण रख कि अन्तिम दिनों में कठिन समय आएँगे। क्योंकि मनुश्य स्वार्थी, लोभी, डींगमार, अभिमानी, निदक, माता-पिता की आज्ञा टालनेवाले, कृतघ्न, अपवित्र’’ (2 तीमुथियुस 3:1-2)।

‘‘माता पिता की आज्ञा टालनेवाले, कृतघ्न, अपवित्र’’। उनकी पीढ़ी का ‘‘अन्तिम दिनों’’ में कैसा वर्णन! आज प्रधान पिलानहार का चित्र बहुत से लोग का वर्णन दिखाते है, ‘‘फिर भी पिलानेहारों के प्रधान ने युसुफ को स्मरण न रखा; परन्तु उसे भूल गया’’ (उत्पति 40:23)। ये पीढ़ी है जो की कृतघ्न’’ और ‘‘अपवित्र है यहाँ तीन मुख्य जगह जहाँ बहुत से नये युवा लोग भूल जाते है कृतघ्न होना।

1. पहला, बहुत लोग उनके माता-पिता को आभारवष नहीं होते।

बाइबल कहता है, ‘‘तू अपने पिता और अपनी माता का आदर करना’’ ये पुरानी निमयावली में दो बार (निर्गमन 20:12; व्यवस्था विवरण 5:16) और नयी नियमावली में 10 बार (मती 15:4; 19:19; मरकुस 7:10; 10:19; लूका 18:20; इफिसियों 6:2) कहा गया है। ये आदेष दिये गये है बिना किसी नियमों के। ये नहीं कहता, ‘‘तू अपने पिता और अपने माता को आदर करना अगर वे तूझ से अच्छे है।’’ नहीं, ये सिर्फ उनका आदर करने को कहता है। जब आप रोते हुए बालक को देखते हो उसकी माँ के हाथों में उठाया हुआ, क्या आपको स्मरण कराता है कि आपकी माँ ने भी आपको वो किया था? क्या आपने कभी भी सोचा है की आपकी माँ ने आपके लिये क्या किया, गदे डायपर बदली किये, आप पर ध्यान दिया, आपके कपड़े धोए और इस्त्री किए, आपको आपका खाना खिलाया, आपके लिये प्रार्थना की, जब आप देरी से आए तब आपके लिये विलंब किया, चिंताएँ की आपको उनका बहुमूल्य खजाना सोचते हुए?

मैं प्रभु को धन्यवाद देता हूँ कि मेरी माता ने मुझे बोलना सिखाया जब मैं छह महिने का था। मैं परमेष्वर को धन्यवाद देता हूँ कि उसने मेरे लिये पढ़ा जब कभी मैं बीमार था कई बार छोटे बालक की तरह, उन दिनों में बिना टेलीव्हीझन के। मैं अपने कपाल पर उनका हाथ महसूस कर सकता हूँ, और मेरे गालों पर उनका चुम्मा भी महसूस करता था उनके बहुत वर्शों से जाने के बाद भी। मैं प्रभु को धन्यवाद देता हूँ मेरे मेरी माँ के साथ हर मधुर दिन के लिये। क्या आप? आखरी बार कब आपने उनको कहा कि आप उनसे कितना प्रेम करते हो?

थेडडयुस स्टीवन (Thaddeus Stevens) अमरिका के एक सबसे ज्यादा सामर्थ्यवान राजनितिज्ञ थे राजनैतिक युद्ध के दौरान। वो एक पैर में पंगु था। उसकी माँ ने दिन और रात काम किया बेटे को पढ़ाई के लिये मदद करने। जब वो सफल वकील बने उन्होंने उसको हर हफते सोने का टूकड़ा दिया, बेपटीस्ट कलीसिया में जहाँ वे जाती थी भेंट रखने। इन दिनों में, हर वसंतऋतु और गर्मीयों में आप देखेंगे उनकी कब्र पर उगते हुए गुलाब और दूसरे फूलों को। अपनी वसियत में थेडडयुस स्टीवन ने पैसो का बड़ा भाग रखा था उनकी माँ की कब्र पर निरन्तर फूल रखने।

स्कोटलेन्ड में कलीसिया में फैले हुए कब्रस्तान में वहाँ समाधि के उपर पत्थर उठाया हुआ था महान् धर्म प्रचारक डो. डेवीड लीवींगस्टोन, और उनके भाइयों और बहनों द्वारा। ये षब्द उस पर अंकित किए गए थे,

रात की जगह दिखाने
   नील लीवींगस्टोन की
और एग्नेस हन्टर, उनकी पत्नी की,
   और परमेष्वर को कृतज्ञता दर्षाने
उनके बच्चों की
   गरीब और धार्मिक (ईष्वरीय) मातापिता के लिये।

षेक्सपीयर राजा लीयर के गहरे विनाषी षोक में लगे, जहाँ वृद्ध राजा और पिता चिल्लाते है, ‘‘साँप के दांतो से अधिक तीव्र है अकृत्ज्ञ बच्चा होना।’’ अकृत्घनता सदा ही बुरी चीज होती है, परन्तु सबसे ज्यादा कुरूप् होती है जब वो बच्चों द्वारा उनके मातापिता को दिखायी जाये। षेक्सपीयर ने कहा,

अकृतज्ञता, आपका निर्दय प्रेत
   ज्यादा डरावना, जब आप देखते हो
तुझको बच्चों में,
   समुद्री राक्षस से ज्यादा!

आखरी बार कब आपने अपनी माँ से कहा था कि आप उनसे प्रेम करते हो? आखरी बार कब आपने अपने पिता को धन्यवाद किया था आपको बड़ा करने के लिये? माता-पिता से अकृतज्ञता होना, बच्चों में दुश्ट और क्रूर चीज है। ‘‘फिर भी पिलानेहारों के प्रधान ने युसुफ को स्मरण न रखा; परन्तु उसे भूल गया’’।

2. दूसरा, बहुत से अकृतज्ञ है मित्रो और उपकारीयों को।

यीषुने दस कोढ़ीयों को चंगा किया और उन्हें याजकों के पास भेजा जाहिर करने कि वे षुद्ध हो गए थे। परन्तु उनमें से सिर्फ एक ही लौट कर आया यीषु को धन्यवाद देने। उद्धारक ने कहा, ‘‘क्या दसों षुद्ध न हुए? तो फिर वे नौ कहाँ है? क्या इस परदेषी को छोड़ कोई और न निकला जो परमेष्वर की बड़ाई करता’’ (लूका 17:17-18)।

हमें जख्म और अपमान याद रहते है, परंतु हम में से कितने थोड़े याद रखते है उन्हें धन्यवाद करना जिन्होंने हमारी यहायता की थी। बालक की तरह इतनी कठिनाइयाँ और प्रयत्नों से आते हुए, मैं सदा आष्चर्यचकित होता था जब किसी ने मुझे सहाय की या प्रोत्साहन दिया हो। इस सुबह मैं प्रभु को धन्यवाद करता हूँ उन सभी के लिये जिन्होंने ऐसा किया हो! मुझे स्मरण है डो. और श्रीमती हेन्री एम. मेकगोवन, जो मुझे पहली बार बेपटीस्ट कलीसिया ले गए, और मुझे कई रातों तक उनके घर पर आने दिया, जब मैं खोया हुआ और अकेला तरूण था। मुझे स्मरण है श्रीमान रे फिल्लिपस, जिन्होंने पहली बार मुझे सिखाया लोगों में बात करना। मुझे स्मरण है मरफी और लोर्ना लूम, जिन्होंने मुझे महसूस कराया आदर भाव जब मैं सिर्फ अकेला श्वेत बालक था चीनी कलीसिया में। मुझे स्मरण है श्रीमती ग्वेन डेवलीन, जिन्होने, जहाँ मैं काम करता था वहाँ सब लोगों के जाने के बाद, मुझे प्रोत्साहन दिया हर दिन के बाद दिन काम करने रात के महाविद्यालय में, जब मैंने महसूस किया मैं नहीं कर सकता। मुझे स्मरण है श्रीमाने गेने वील्करसन, पच्चास वर्शों से मेरे मित्र। कितना आरामदायक था जानना की मैं उनके घर कोई भी रात जा सकता था और सो सकता था जब मेरे पास जाने कोई ओर जगह नहीं थी। परन्तु मेरे जैसे गरीब मित्र के लिये, ये हकीकत में आरामदायक था ऐसा श्रीमान वील्करसन जैसा मित्र होना। मुझे याद है डो. तीमोथी लीन। कभी कभी वे मुझ पर बहुत कठोर थे, परन्तु आज मैं उनके बिना कुछ नहीं होता। मैं उनको अपने पूरे मन से प्रेम करता हूँ क्योंकि उन्होंने मुझे करीबन सब कुछ सिखाया जो आज सेवा के बारे में मैं जानता हूँ। मुझे मेरी पत्नी का स्मरण है, जो सदा वहाँ है, जो सदा प्रेम करती है, जो सदा सहाय करती है, जो सदा सेवा करती है। मुझे डो. केगन याद है, मेरे करीबी और सबसे अच्छे मित्र थे। मुझे हर ‘‘39’’ लोग याद है जिन्होंने बलिदान दिया ताकि हम हमारी कलीसिया इमारत खो न दे। ये, और दूसरे, लोग है जिन्हें मैं निरन्तर धन्यवाद देता हूँ बार बार मेरी प्रार्थनाओं में। क्या आपने कभी इस प्रकार की सूचि बनायी है? क्या आपने कभी लोगो से कहा किस प्रकार आप उनके आभारी है?

गरीब लड़का होने से, थोड़े लोगों का मुझे प्रोत्साहन या सहाय से, मैं कृतज्ञता से इतना उपर आया कि मैंने लोगों का धन्यवाद किया, जैसे मैंने बताया, बार बार मेरे जीवन में सोचा। ये सदा मन को हूँफ (गरमाने) देनेवाला है ऐसा करना। इससे मुझे सदा अच्छा महसूस हुआ उन्हें धन्यवाद देना। और मैंने सूचित किया आपको भी ऐसा करने! एक अच्छा मित्र, एक सच्चा विष्वनीय मंत्री, है सोने के टूकड़े के समान!

ये ब्रुटष (Brutus) का चिन्ह नहीं था, परन्तु बुटष का अकृतज्ञताभरा मन था, जिसने सीझर (Caesar) को मार डाला। जैसे षेक्सपीयर इसे रखता है,

क्योंकि जब महानुभाव सीझर ने उसे कश्ट देते हुए देखा,
   अकृतज्ञता, विष्वासघाती की बाजु से अधिक मजबूत थी
उसे पूर्णरूप से हराया; फिर उसका षक्तिषाली मन फाड़ा
    और, उसके मुँह में उसकी मानसिकता दँकी,
पोम्पी की प्रतिमा की नींव में भी,
   जो पूरी तरह लहू बहा, महान् सीझर गिरा।
- जुलीयस सीझर, ॥।, 2।

मैं सदा विस्मित और गहराई से दुःखी हुआ उन लोगों के द्वारा जिन्होंने हमारे कलीसिया के लोगों से ‘‘लिया’’ - और फिर चले गए धन्यवाद का एक भी षब्द कहे बिना। मैं सोचता हूँ उन नेता (सेवकों) के बारे में हमारे कलीसिया में जिन्हें षाला में डाला था, जैसे उसकी पत्नी को, परन्तु धन्यवाद का एक षब्द भी कहे बिना चले गए और कलीसिया तोड़ा। मैं युवा आदमी के बारे में सोचता हूँ जो मेरी माता द्वारा बहुत सहाय किया गया था, परन्तु एक रात चला गया और मेरी माँ की षादी की भेंट चुरा ली; चांदी के काँटा और चाकू की जोड़ी और उसे रूलाया, क्योंकि उसने उसको अपने दूसरे बेटे समान जाना था। प्रभु आपको सहायता करे उस जैसे विशयी दुश्ट कभी न बनने! मुझे आष्चर्य है कैसे लोग अपने आपको मानवजाति का सदस्य मानते है! घृणित! ऐसे लोगों के लिये प्रेरितो पौलुसने कहा,

‘‘परमेष्वर को जानने पर भी उन्होंने परमेष्वर के योग्य बड़ाई और धन्यवाद न किया, परन्तु व्यर्थ विचार करने लगे, यहाँ तक कि उन का निबुद्धि मन अन्धेरा हो गया। वे अपने आप को बुद्धिमान जताकर मूर्ख बन गए’’ (रोमियों 1:21-22)।

‘‘फिर भी पिलानेहारों के प्रधान ने युसुफ को स्मरण न रखा; परन्तु उसे भूल गया’’। मुझे यहाँ एक क्षण के लिये रूकना चाहिए और डो. क्लेरन्स मेकार्टनी (1879-1958) को धन्यवाद करना चाहिए, एक इष्वरीय प्रेसबायटेरीन याजक इस धार्मिक प्रवचन के विचार और कुछ द्रश्टांतो के लिये। डो. मेकार्टनी 1957 में मर गये।

3. तीसरा, बहुत से परमेष्वर को अकृतज्ञ है।

प्रेरितो पौलुस ने कहा कि विष्व की अन्यजातियाँ मूर्तिपूजक बन गई क्योंकि वे परमेष्वर की महिमा करने में निश्फल हो गये और उन्हें धन्यवाद देने में भी। अन्यजातियों के राश्ट्र के लिये उसने कहा,

‘‘परमेष्वर को जानने पर भी उन्होंने परमेष्वर के योग्य बड़ाई और धन्यवाद न किया, परन्तु व्यर्थ विचार करने लगे, यहाँ तक कि उन का निबुद्धि मन अन्धेरा हो गया।’’ (रोमियों 1:21)।

अकृतज्ञता परमेष्वर के सामने पाप है। हम कई बार प्रभु को धन्यवाद करना भूल जाते है उनके आषीर्वाद के लिये जो उन्होंने हमें दिये है। वह पाप है। प्रेरितो पौलुसने कहा, ‘‘हर बात में धन्यवाद करो’’ (1 थिस्सलुनीकियों 5:18)।

मेरी माता 80 वर्शों की होने तक परिवर्तित नहीं हुई थी। वो जीवन के बारे में दुःखी और निरूत्साही थी, परन्तु वो सब बदल गया जब आखिरकार वो मसीह के पास आई और वो परिवर्तित थी। मेरा सबसे आखरी परिवर्तन उनके साथ, मैंने देखा कैसे मसीह ने उनका मन बदला। वो अस्पताल में थी, बड़ी सर्जरी की गुजरी हुई। परन्तु वो परमेष्वर को धन्यवाद करने ज्यादा बह गयी, जब कि वो उस पल मृत्यु का सामना कर रही थी। हमने उसके पसंदीदा राश्ट्रपति, लीन्कन के बारे में बोला। हमने उनके पसंदीदा छुट्टियाँ के बारे में बात की, कृतज्ञनता। उसने वह गीत मेरे साथ गाया,

जब जीवन की लहर ऊपर उठी आप तूफान में उछाले गये,
   जब आप निरूत्साही हुए, सोचते हुए सब कुछ खो गया
आपके बहुत आषीर्वाद गिनो, उनको एक बाद एक नाम दो
   और ये आपको आष्चर्यचकित करेगा परमेष्वरने क्या किया है।
(‘‘आपके आषीर्वाद गिनो’’ जोनसन ओटमेन, जुनि. द्वारा, 1856-1926)।

फिर माँ ने कहा, ‘‘रोबर्ट, ये हकीकत में आष्चर्यजनक है जो परमेष्वर हमारे लिये किया है!’’ चाहे वो अस्पताल में थी मृत्यु का सामना करती हुई, प्रभु ने उसे कृतज्ञवाला मन दिया बहुत से आषीर्वाद के लिये जो उन्होंने हमें दिये थे।

जैसे मैं धार्मिक प्रवचन का यह हिस्सा लिख रहा था एक औरत ने मुझे फोन किया उसकी बेटी के बारे में चिंता करते हुऐ जो पाप में गयी थी। मैंने उसके लिये पढ़ा जो मैंने अभी कहा था मेरी माँ के लिये। मैंने उसे धन्यवाद देने कहा की उसकी बेटी अभी तक जीवित है, कि वो अभी तक उसके लिये प्रार्थना कर सकती है, कि इसके पास उसके अपने जीवन में बहुत आषीर्वाद थे, की प्रेरितो पौलुस, कह सके, ‘‘हर एक चीज में धन्यवाद दो’’ चाहे वे बहुत से प्रयत्न और कठीनाईयों से गुजरे उनकी सेवा के दौरान।

आपके बहुत आषीर्वाद गिनो, उनको एक बाद एक नाम दो
   और ये आपको आष्चर्यचकित करेगा परमेष्वरने क्या किया है।

सबसे बड़ी भेंट परमेष्वर ने हमें दी है वो है उनका पुत्र, प्रभु यीषु मसीह। पौलुस के पास बड़ा षायद कोश था, परंतु जब उसने यीषु के बारे में कहा, उसके षब्दों ने उसे निश्फल किया। सब कुछ वो कहा सका वो था ‘‘परमेष्वर का, उसके उस दान के लिये जो वर्णन से बाहर है, धन्यवाद हो’’ (2 कुरिन्थियों 9:15)।

याजक रीचर्ड वुर्मब्रान्ड ने रोमानिया के साम्यवादी जेल में 14 वर्श बिताए, सुसमाचार प्रचार करने के लिये। निर्जन में बन्दी बनाने के महिने, षारीरिक यातनाओं के वर्श, निरन्तर भूख और ठंडी से तड़पना, दिमाग की तीव्र यातना और मानसिक क्रूरता अनुभव की गयी थी याजक वुर्मब्रान्ड द्वारा। कैसे वो इन सब से गुजरे और फिर भी विजेता मसीही की तरह इससे बाहर आये? उन्होंने कहा,

अगर मन यीषु मसीह के प्रेम द्वारा षुद्ध किया गया हो, अगर मन उनको प्रेम करता हो, सारी यातनाओं का सामना कर सकते है ... अगर आप मसीह से प्रेम करते हो जैसे मरियम ने किया, जिसके पास मसीह उनके हाथ में बालक की तरह थे ... फिर आप ऐसी यातना का सामना कर सकते हो (रीचर्ड वुर्मब्रान्ड, टीएच.डी., टोरचर्ड फोर क्राइस्ट, (मसीह के लिये यातना दिया गया), लीव्हींग सेक्रीफाइस बुक्स, 1998 की प्रत, पृश्ठ 38)।

इसलिये, प्रष्न हकीकत में में इसके नीचे उबल रहा है - क्या आप मसीह से प्रेम करते हो? अगर आप करते हो, आप परमेष्वर को धन्यवाद कर सकते हो उनके पुत्र के लिये कोई बात नहीं चाहे कोई भी विचार आपके पास आये। परंतु अगर आप मसीह से प्रेम नहीं करते हो, फिर जल्दी या बाद में जीवन आपको हार्टअेटेक भेंट करेगा, जो आपकी सारी आषा से बहा लेगा।

मैं आपसे इस सुबह विनंती करता हूँ यीषु के पास आने, उन पर भरोसा करने, और बचाये जाने को! इस विष्व मे ंहकीकत में मसीह बिना कोई आषा नहीं। परंतु अगर आप उनको जानते हो, कोई बात नहीं कुछ भी हो, आप प्रेरितो के साथ कह सकोगे, ‘‘परमेष्वर का, उसके उस दान के लिये जो वर्णन से बाहर है, धन्यवाद हो’’। सच्चा धन्यवाद देना मन से आता है उनके जिन्होंने मसीह का प्रेम अनुभव किया है, जो क्रूस पर मरे हमारे पापों को चुकाने और मृत्यु से उठे हमें जीवन और आषा देने जो विष्व के ऊपर से आती है।

मेहरबानी करके खड़े रहो और आपके गीत के पर्चे से भक्तिगीत क्रमांक तीन गाओ। ये मेरी माँ का पसंदीदा गीत था।

जब जीवन की लहर ऊपर उठी आप तूफान में उछाले गये,
   जब आप निरूत्साही हुए, सोचते हुए सब कुछ खो गया
आपके बहुत आषीर्वाद गिनो, उनको एक बाद एक नाम दो
   और ये आपको आष्चर्यचकित करेगा परमेष्वरने क्या किया है।
आपके आषीर्वाद गिनो, उन्हें एक के बाद एक नाम दो
   आपके आषीर्वाद गिनो, देखिये परमेष्वर ने क्या किया है,
आपके आषीर्वाद गिनो, उन्हें एक के बाद एक नाम दो
   आपके बहुत आषीर्वाद गिनो, देखिये परमेष्वर ने क्या किया है

क्या आप कभी भी चिन्ता के बोज से लादे गये हो?
   क्या क्रूस भारी लगता है, आपको बुलाया गया है उठाने?
आपके बहुत आषीर्वाद गिनो, हर एक षंका उड़ जाएगी,
   और आप गाते रहोगे जैसे दिन गुजरते है
आपके आषीर्वाद गिनो, उन्हें एक के बाद एक नाम दो
   आपके आषीर्वाद गिनो, देखिये परमेष्वर ने क्या किया है,
आपके आषीर्वाद गिनो, उन्हें एक के बाद एक नाम दो
   आपके बहुत आषीर्वाद गिनो, देखिये परमेष्वर ने क्या किया है

जब आप दूसरों को देखते हो उनकी भूमि और स्वर्ण के साथ,
   सोचिए की मसीह ने वचन दिया है
आपको उनकी अनकही संपति का
   आपके बहुत आषीर्वाद को गिनो, पैसा नहीं खरीद सकता
आपकी बक्षिस स्वर्ग में, नाही आपका घर ऊँचाई पर
   आपके आषीर्वाद गिनो, उन्हें एक के बाद एक नाम दो
आपके आषीर्वाद गिनो, देखिये परमेष्वर ने क्या किया है,
आपके आषीर्वाद गिनो, उन्हें एक के बाद एक नाम दो
   आपके बहुत आषीर्वाद गिनो, देखिये परमेष्वर ने क्या किया है

इसलिये, विरोध बीच में रखो, चाहे बड़ा या छोटा
   निरूत्साही न बनो, परमेष्वर सब जगह है,
आपके बहुत से आषीर्वाद गिनो, स्वर्गदूत उपस्थित होंगे,
   सहाय और आराम आपको देगा आपके सफर का अंत।
आपके आषीर्वाद गिनो, उन्हें एक के बाद एक नाम दो
आपके आषीर्वाद गिनो, देखिये परमेष्वर ने क्या किया है,
आपके आषीर्वाद गिनो, उन्हें एक के बाद एक नाम दो
   आपके बहुत आषीर्वाद गिनो, देखिये परमेष्वर ने क्या किया है
(‘‘आपके आषीर्वाद गिनो’’ जोनसन ओटमन, जुनि. द्वारा, 1856-1926)।

(संदेश का अंत)
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धार्मिक प्रवचन से पहले डो. क्रेगटन् एल. चान द्वारा पढ़ा हुआ पवित्रषास्त्र ः कुलुस्सियों 3:12-15।
धार्मिक प्रवचन से पहले श्रीमान बेन्जामिन किनकेड ग्रीफिथ द्वारा गाया हुआ गीत ः
‘‘महान है आपकी विष्वसनीयता’’ (थोमस ओ. काइषोल्म द्वारा 1866-1960)।


रूपरेखा

आदमी जो कृतज्ञ होना भूल गया
- कृतज्ञता पर धार्मिक प्रवचन

(उत्पति की किताब पर धार्मिक प्रवचन # 65)

डो. आर. एल. हायर्मस, जुनि. द्वारा

‘‘फिर भी पिलानेहारों के प्रधान ने युसुफ को स्मरण न रखा; परन्तु उसे भूल गया’’
(उत्पति 40:23)।

(2 तीमुथियुस 3:1-2)

1.  पहला, बहुत लोग उनके माता-पिता को आभारवष नहीं होते, निर्गमन 20:12; व्यवस्थाविवरण 5:16; मती 15:4; 19:19; मरकुस 7:10; 10:19; लूका 18:20; इफिसियो 6:2।

2.  दूसरा, बहुत से अकृतज्ञ है मित्रो और उपकारीयों को, लूका 17:17-18; रोमियों 1:21-22।

3.  तीसरा, बहुत से परमेष्वर को अकृतज्ञ है, रोमियों 1:21;
1 थिस्सलुनिकियों 5:18; 2 कुरिन्थियों 9:15।