Print Sermon

इन संदेशों की पांडुलिपियां प्रति माह २२१ देशों के १,५००,००० कंम्प्यूटर्स पर इस वेबसाइट पते पर www.sermonsfortheworld.com जाती हैं। सैकड़ों लोग इन्हें यू टयूब विडियो पर देखते हैं। किंतु वे जल्द ही यू टयूब छोड़ देते हैं क्योंकि विडियों संदेश हमारी वेबसाईट पर पर पहुंचाता है। यू टयूब लोगों को हमारी वेबसाईट पर पहुंचाता है। प्रति माह ये संदेश ३७ भाषाओं में अनुवादित होकर १२०,००० प्रति माह हजारों लोगों के कंप्यूटर्स पर पहुंचते हैं। उपलब्ध रहते हैं। पांडुलिपि संदेशों का कॉपीराईट नहीं है। आप उन्हें बिना अनुमति के भी उपयोग में ला सकते हैं। आप यहां क्लिक करके अपना मासिक दान हमें दे सकते हैं ताकि संपूर्ण संसार जिसमें मुस्लिम व हिंदु भी सम्मिलित है उनके मध्य सुसमाचार फैलाने के महान कार्य में सहायता मिल सके।

जब कभी आप डॉ हिमर्स को लिखें तो अवश्य बतायें कि आप किस देश में रहते हैं। अन्यथा वह आप को उत्तर नहीं दे पायेंगे। डॉ हिमर्स का ईमेल है rlhymersjr@sbcglobal.net .




हम क्यों उपवास करते है

WHY WE FAST
(Hindi)

डो. आर. एल. हायर्मस, जुनि. द्वारा
by Dr. R. L. Hymers, Jr.

लोस एंजलिस के बप्तीस टबरनेकल में प्रभु के दिन की सुबह, 7 अक्टुबर, 2012 को दिया हुआ धार्मिक प्रवचन
A sermon preached at the Baptist Tabernacle of Los Angeles
Lord’s Day Morning, October 7, 2012


मेहरबानी करके मेरे साथ आपके बाइबल में यषायाह 58:6 पर फिरो। चलिए साथ मिलकर खड़े रहते है प्रभु का वचन पढ़ने।

‘‘जिस उपवास से मैं प्रसन्न होता हूँ, वह क्या यह नहीं, कि अन्याय से बनाए हुए दासों, और अन्धेर सहनेवालों का जूआ तोड़कर उनको छुड़ा लेना, और सब जूओं को टूकड़े टूकड़े कर देना?’’ (यषायाह 58:6)।

आप बैठ सकते हो।

उन दिनों के लोगों ने उपवास किए कुछ समय - काल तक नहीं खा कर। पहले पवित्रषास्त्र के इस अध्याय में प्रभु ने यषायाह को कहा उन्होंने लोगों के उपवास का अस्वीकार क्यों किया था। उपवास स्वयं परमेष्वर द्वारा अस्वीकार नहीं हुए थे। बाइबल हमें लोगों के उपवास के बहुत दृश्टांत देता है। परन्तु इस समय वे उपवास गलत कारण के लिये करते थे। यह उनके लिये सिर्फ धर्म का बाहरी प्रकार था। वे विवाद और लड़ाई करते थे जब वे उपवास करते थे। उन्होंने दूसरों के लिये दया और प्रेम की उपेक्षा की। उनका धर्म ठंड़ा और बिना मन का (निदर्य) था। वे उपवास करते थे, परन्तु वे इसे करते सिर्फ षास्त्रविधि के समान। जब वे उपवास करते थे तब वे परमेष्वर को प्रसन्न करने के बारे में नहीं सोचते थे।

प्रभु यीषु मसीह ने इस प्रकार के उपवास की निंदा की। मसीहने कहा,

‘‘जब तुम उपवास करो, तो कपटियों के समान तुम्हारे मुँह पर उदासी न छाई रहे, क्योंकि वे अपना मुँह बनाए रहते है, ताकि लोग उन्हें उपवासी जानें। में तुम से सच कहता हूँ कि वे अपना प्रतिफल पा चुके’’ (मती 6:16)।

उनका ‘‘प्रतिफल’’ दूसरों द्वारा देखा गया था, दूसरों को दिखाने वे कितने अच्छे थे। उन्होंने परमेष्वर से किसी भी चीज की आषा नहीं रखी थी जब उन्होंने उपवास किए थे। उन्होंने ये सिर्फ दिखावा करने किया था, लोगों को सोचने कि वे कितने धार्मिक थे।

परंतु ध्यान दो कि मसीह ने सब उपवास की निंदा नहीं की। उन्होंने उनके चेलों से कहा, ‘‘जब तुम उपवास करो, तो कपटियों के समान न ...’’ फिर से, यीषु ने कहा,

‘‘परन्तु जब तू उपवास करे तो अपने सिर्फ पर तेल मल और मुँह धो, ताकि लोग नहीं परन्तु तेरा पिता तो गुप्त में है, तुझे उपवासी जाने। इस दषा में तेरा पिता जो गुप्त में देखता है, तुझे प्रतिफल देगा’’ (मती 6:17-18)।

मसीह ने सब उपवास की निंदा नहीं की। परन्तु उन्होंने हमें कहा इसे कैसे करना है, ‘‘जब तुम उपवास करो’’, ‘‘जब तू उपवास करे’’। सच्ची मसीहीता मसीह के साथ व्यक्तिगत संबंध में है। और सच्चा उपवास करना भी व्यक्तिगत और खानगी होना चाहिए। किसी को षेखी करके आस पास नहीं जाना चाहिए कि वे उपवास कर रहे है!

दुर्भाग्य से, ज्यादातर अमरिका के कलीसिया सदस्य बहुत कम जानते है, अगर कुछ भी, उपवास के बारे में। मैं सर्धन बेपटीस्ट कलीसिया का सदस्य था, 6 वर्श तक उपवास के बारे में एक भी षब्द सुने बिना। मेरे लिये ये नये आकाषवाणी के समान आया जब मैं चीनी बेपटीस्ट कलीसिया में जुड़ा और मेरे जीवन में पहली बार उपवास के बारे में सुना। चीनी कलीसिया में मेरे याजक, डो. तिमोथी लीन, कई बार उपवास करने के बारे में बोले। और कुछ लोग उपवास और प्रार्थना करते थे जब प्रभु ने उस कलीसिया में षक्तिषाली पुनःउद्धार भेजा। बाद में मैंने सिखा कि उपवास और प्रार्थना चीन के घर कलीसिया में बहुत सामान्य था। मैं मानता हूँ कि यह एक मुख्य कारण है प्रभु ने भेजा ऐसा जोरदार पुनःउद्धार पीपल्स रीपब्लीक चीन के घर कलीसिया में। अक्षरषः आज चीन में लाखो लोग मसीही बन रहे है। मैं मान चुका हूँ कि अत्यधिक पुनःउद्धार जो वे अनुभव कर रहे है वो प्रभु से आया है उनकी प्रार्थना और उपवास के समय के जवाब में। जेम्स हड़सन टेयलर चीन का महान् मार्गदर्षक धर्म प्रचारक ने कहा,

     ाांसी (Shansi) में मैंने जाना चीनी मसीही जो प्रचलित थे उपवास करने और प्रार्थना में समय बिताने। उन्होंने स्वीकार किया कि ये उपवास, जिसे बहुत से लोग ना पसंद करते है, जो प्रभु में विष्वास चाहता है, क्योंकि ये किसी को कमजोर और गरीब महसूस कराता है, वो हकीकत में अनुग्रह का द्रिव्यता से नियुक्त किया हुआ जरीआ है।

प्रार्थना योद्धा एन्ड्रु मुरेय ने कहा,

उपवास सहाय करता है स्पश्ट, गहरा, और निष्चित विष्लेशण कि हम तैयार है कुछ भी समर्पण करने, हमारा अपने आप को भी, प्राप्त करने जो हम प्रभु के साम्राज्य के लिये चाहते है।

सुधारक लुथर, काल्वीन और नोक्स ने कई बार उपवास किए थे। पहले के सब सिद्धांतवादी प्रचारकों को आवष्यकता थी हर हफते दो बार उपवास करने की। हमारे बेपटीस्ट परदादा जोन बुनयान कई बार प्रचार करने से पहले उपवास करते थे। डेवीड ब्रेनंर्ड, अमरिका के भारतीयों के पहले के धर्मप्रचारक, ने कहा,

मैंने यह दिन अलग रखा है गुप्त उपवास करने और प्रार्थना ... सुसमाचार प्रचार करने के मंतव्य में।

बे्रनर्ड ने बहुत षक्तिषाली पुनःउद्धार देखा भारतीयों के बीच जब उन्होंने प्रचार किया।

मेरे पास है अपूर्व विषेश अधिकार चष्मदीद गवाह होने का पुनःउद्धार में प्रभु की आत्मा के तीन बहुत असामान्य बहाव का। उन में से दो विलक्षण पुनःउद्धार आये उपवास और प्रार्थना के दौरान। पहली महान् जागृतता भी इसी तरह आयी। जोन वेस्ली, उस पुनःउद्धार में एक महान् आगेवान, ने कहा,

क्या आपने उपवास और प्रार्थना के लिये कोई दिन निष्चिंत किया है? अनुग्रह के सिंहासन पर आक्रमण करो, और उस स्थान में दृढ करो, और दया नीचे आयेगी।

वेस्ली स्वयं ने उस पुनःउद्धार के ऋतुकाल के दौरान बहुत वर्शों तक हर हफते दो बार उपवास किए थे।

हम अब जी रहे है अमरिका और पष्चिमी विष्व के कलीसिया के एकदम सुखे समय के दौरान। हमारे कलीसिया संघर्श कर रहे है। अक्षरषः लाखो लोग कलीसिया छोड़ रहे है। बहुत से लोग फिर रहे है बौद्ध धर्म, पूर्वीय ध्यान, और दूसरे गलत विचारो की ओर। साढे़ तीन वर्श पहले उनके उद्घाटन समारोह संबोधन में, राश्ट्रपति ओबामा ने कहा कि अमरिका अब ज्यादा मसीही राश्ट्र नहीं है। हर चिन्ह लगता है संकेत देता हुआ की वे सही थे।

ये कैसे हुआ? ये हुआ विषेश करके बहुत से अमरीकन याजकों के सांसारिक लोभ के कारण। वे कलीसिया में खराब संगीत लाये। उन्हें दिया गया है अनियमितरूप से घूमने वाला पद के बाद पद ‘‘व्याख्या’’, सच्चे धार्मिक प्रवचन के बदले, भूतकाल के महान् प्रचारकों के समान। बहुतों ने उनकी रविवार षाम की सभा बंद कर दी है। और बहुतों ने उनकी प्रार्थना सभा छोड़ दी है, उनके मध्यहफते की सभा को और भी बाबइल के ‘‘व्याख्या’’ की तरफ फिर के। पुराने प्रकार की प्रार्थना सभा लगभग मृत हो चुकी है। वे उनके लोगों को कलीसिया में ऐसे वस्त्रों में आने देते है जैसे की वे समुद्र किनारे जा रहे हो। ड्रम्स, कँपानेवाला संगीत, और नृत्य भी दिखाए जाते है कहे जानेवाली ‘‘पूजा सभाओं में’’। और बहुत से प्रचारक नहीं जानते कि कैसे लोगों को सच्चे परिवर्तन तक ले जाएँ। सिर्फ एक ही तरीका है वे अपने कलीसिया में किसी को जोड़ सके वो है लीलची लोगों को दूसरा कलीसिया छोड़कर उनके कलीसिया में जुड़ने के द्वारा। सिर्फ एक ही तरीका उन्हें पता है कैसे उनके कलीसिया में लोगो को जोडे़ वो है दूसरे कलीसियाओं से ‘‘मेम्ने चुराना’’।

डो. ए. डब्ल्यु. टोझर उनके अपने जीवनकाल में कहे गये थे ‘‘बीसव़ी सदी के भविश्यवक्ता’’। जो डो. टोझर ने कहा वो आज ओर भी ज्यादा सही है। उन्होंने कहा,

     धार्मिक मानसिक षक्ति विलिक्षण गुण कायरता और मानसिक साहस की कमी के द्वारा हमें आज दी है कोमल मसीहीता, बुद्धिमानी से निर्धन, मन्द, दुहराव और बहुत लोगो को सिर्फ सरल विनोदहीनता। ये छोटा करता है हमारे पिताओं के विष्वास को ... हम चमचे से खिलाते है (ये स्वादहीन बच्चों का खाना) ये निस्तेज भोजन हमारे पूछनेवाले युवानो को, इसे प्रस्तृत करने लायक बनाने, विशयी मनोविनोदी चुराने से मसालेदार बनाना इस अविष्वासी विष्व से। ये आसान है मनोरंजन करना समझाने से, ये नश्टधर्मी प्रजा के स्वाद का अनुकरण करना अधिक आसान है किसी के बारे में सोचने से, इसलिये बहुत से हमारे सुसमाचार प्रचारक आगेवान उनके मन का क्षय करते है जब वे अपनी अंगुलियाँ फुर्ती से धार्मिक युक्तियाँ चलाते है उत्सुक भीड़ को अन्दर लाने (ए. डब्ल्यु. टोझर, डी.डी., ‘‘हमें आवष्यकता है षुद्ध करनेवाले विचारको की’’, ध सेट अॉफ ध सेइल, जहाज का संग्रह, मसीही प्रकाषन, 1986, पृपृश्ठ 67, 68)।

हमारे कलीसियाओं में पुनःउद्धार आने के लिये, हमें आवष्यकता है कुछ अधिक बेहतर कि जो ये प्रवक्ता देते है उससे, उनकी सूखी रेत समान ‘‘अर्ध प्रकाषक धार्मिक प्रवचन’’ के साथ, बिखरे हुए विचारो थोड़े तुच्छ समकालीन लेखको के आधुनिक संभाशणों से चुने हुए। हमें आवष्यकता है कुछ अधिक बहेतर उनकी ‘‘कोमल मसीहीता’’ से जो विष्व में युवा लोगों को आकर्शित न कर सके यीषु मसीह के चेले बनने!

फिर भी, जब हम स्वयं उस प्रष्न पर आते है, हम कई बार आष्चर्य करते है कैसे हम असरकारक रीत से संसार से खोए युवा लोगों को जीत सकते है। आत्मा - खोजने और प्रार्थना की बडे व्यवहार के बाद, मैं सहमत हो चुका हूँ कि हम कुछ नहीं कर सकते युवा लोगों को संसार से जीतने बिना स्वयं प्रभु के बिचवई के। प्रभु ने भविश्यवक्ता जकर्याह से कहा,

‘‘न तो बल से, और न षक्ति से, परंतु मेरे आत्मा के द्वारा होगा, मुझ सेनाओं के यहोवा का यही वचन है’’ (जकर्याह 4:6)।

सिर्फ एक ही संभव तरीका है हम जीत सकते है खोए हुए युवा लोगो को मसीह और हमारे कलीसिया में ‘‘मेरे आत्मा के द्वारा होगा, मुझ सेनाओं के यहोवा का यही वचन है’’।

चेलों ने देखा धनवान युवा षासक (Rich Young Ruler) मसीह से दूर चला, लौटकर स्वार्थ और पाप के जीवन में। चेलों ने मसीह को पूछा, ‘‘फिर कौन बचाया जा सकता है?’’

‘‘और यीषु ने उनकी ओर देखकर कहा, मनुश्यों से तो यह नहीं हो सकता, परंतु परमेष्वर से हो सकता है; क्योंकि परमेष्वर से सब कुछ हो सकता है’’ (मरकुस 10:26,27)।

वहाँ आपको मिलता है। मानवीय तरीको से बात करो तो ये नामुमकिन है धनवान युवा षासक या किसी ओर युवा व्यक्ति को परिवर्तित करना! ‘‘मनुश्यों से तो यह नहीं हो सकता’’। कोई कार्यक्रम ये नहीं कर सकता! कोई विद्वान धार्मिक प्रवचन ये नहीं कर सकता! कोई भी प्रकार का मनोरंजन ये नहीं कर सकता। ‘‘फिर कौन बचाया जा सकता है?’’ ‘‘मनुश्यों से तो यह नहीं हो सकता।’’ उन्होंने नहीं कहा, ‘‘ये न होने लायक है।’’ नहीं, नहीं! उन्होंने कहा, ‘‘यह नहीं हो सकता’’। सिर्फ परमेष्वर ये कर सकते है! ‘‘मनुश्यों से तो यह नहीं हो सकता, परन्तु परमेष्वर से हो सकता है।’’

‘‘न तो बल से, और न षक्ति से, परंतु मेरे आत्मा के द्वारा होगा, मुझ सेनाओं के यहोवा का यही वचन है’’ (जकर्याह 4:6)।

सिर्फ परमेष्वर दिखा सकते है इस जीवन का खालीपन और इस संसार की आषाहीनता! सिर्फ प्रभु युवा लोगो को महसूस करा सकते है हर रविवार कलीसिया में रहने की आवष्यकता! सिर्फ परमेष्वर ही उनका स्व-आत्मविष्वास हटा सकते है! सिर्फ प्रभु ही उनको पाप के अपराधभाव के अधीन ला सकते है! सिर्फ प्रभु उनको मसीह के पास ले जा सकते है उनके लहू द्वारा न्याय के लिये! सिर्फ परमेष्वर का सामर्थ्य उनको उनके पुत्र के पास ले जा सकते है, और उन्हें उनकी दृश्टि में जीवित रखते है!

परन्तु हम कैसे प्राप्त कर सकते है हमारे बीच परमेष्वर का सामर्थ्य? ये हमें फिर हमारे पाठ पर लाता है,

‘‘जिस उपवास से मैं प्रसन्न होता हूँ, वह क्या यह नहीं, कि अन्याय से बनाए हुए दासों, और अन्धेर सहनेवालों का जूआ तोड़कर उनको छुड़ा लेना, और सब जूओं को टूकड़े टूकड़े कर देना?’’ (यषायाह 58:6)।

यहाँ परमेष्वर ने हमें कहा हमें क्यों उपवास करना चाहिए :

1- दुश्टता के बंधन (या जंजीर) ढीला करने।

2- भारी बोझ को नश्ट करने।

3- अन्याय से बने दासों को आजाद करने और सब जूओं के टूकड़े टूकड़े करने।


अगर आप इस सुबह हमारे साथ हो और आप अभी तक फिर से मसीही नहीं जन्मे हो, मैं चाहता हूँ कि आप जाने कि यहाँ पर बहुत से युवा लोग है जिन्होंने आपके लिये कल उपवास किया था। हम उनके नाम घोशित नहीं कर रहे। परन्तु उन में से बहुतो ने गुप्तता से आपके लिये उपवास और प्रार्थना की थी। उन्होंने पूरा दिन कुछ नहीं खाया, तब तक नहीं जब तक पिछली रात हम कलीसिया में आये और साथ मिलकर खाना खाया। उन्होंने आपके लिये उपवास और प्रार्थना क्यों की? उन्होंने ऐसा किया क्योंकि वे आपके लिये बहुत चिन्तित है। वे चाहते है आप पाप की जंजीर से आज़ाद हो जाओ। वे चाहते है आप भारर बोझ से और षैतान के अन्याय से मुक्त हो। उन्होंने कल पूरा दिन उपवास और प्रार्थनाएँ की ताकि परमेष्वर नीचे आए और आपको पाप से मुक्त करे, और आपको हमारे कलीसिया से पूरी संगति में ले आये, और आपको मसीह के पास खींच कर ले जाये उनके बहुमूल्य लहू से षुद्ध करने। डो. एल्मेर टाउन्स, लीबर्टी विष्वविद्यालय के, ने कहा,

     जब आप उपवास और प्रार्थना करते हो, आप परमेष्वर से स्वर्ग की खीड़कियाँ खोलने और दूसरों पर आषीर्वाद बरसाने को कह सकते हो ... आप स्वर्ग के द्वार पर दस्तक दे सकते हो ताकि परमेष्वर पाप में खोए व्यक्ति को दोशी ठहराए और उसे (आदमी या औरत को) यीषु मसीह के पास लाये (एल्मेर एल. टाउन्स, डी.मीन., ध बीगनर्स गाइड टु फास्टींग, षुरूआत करनेवालो के लिये उपवास करने की मार्गदर्षिका, रीगल, 2001, पृश्ठ 124)।

हमारे ज्यादातर लोगो ने कल आपके लिये उपवास और प्रार्थना की। उन्होंने परमेष्वर से आपकी आँखे खोलने को कहा, मसीह बिना के जीवन के खालीपन को देखने। उनहोंने प्रभु से प्रार्थनाएँ की आपको हमारे कलीसिया की उत्तेजना और मित्रता में ले जायें। उन्होंने प्रभु से कहा आपके मन को सुसज्जित करें, ताकि आप अपने पाप महसूस कर सको, और आपकी मसीह के लिये आवष्यकता को देखो। उन्होंने परमेष्वर से कहा आपको दिखाने कि यीषु क्रूस पर मरे आपके पाप को चुकाने, और उनका बहुमूल्य लहू बहाया आपको सब पाप से षुद्ध करने। उन्होंने आपके लिये प्रार्थना की, कि परमेष्वर आपको यीषु दिखाएंगे, उनकी पूरी सुन्दरता में, ऊपर स्वर्ग में, दूसरे परिमाण में। उन्होंने उपवास और प्रार्थना की ताकि प्रभु आपको हमारे कलीसिया में ले जाये, और आपको मसीह के पास ले जाये, ताकि आप परिवर्तित हो और उनमें अनंत जीवन प्राप्त को। वो पुराना गीत, श्रीमान ग्रीफिथ ने इस धार्मिक प्रवचन से पहले गाया था, उनकी प्रार्थनाओं को आपके लिये व्यक्त करें।

मेरे पास उद्धारक है, वे महिमा में विनती करते है,
   प्यारे, प्रेम करनेवाले उद्धारक, यद्यपि भूमि के मित्र थोड़े है;
और अब वे मुझ को कोमलता से देखते है;
   परन्तु ओह, वह मेरे उद्धारक आपके भी उद्धारक थे!
आपके लिये मैं प्रार्थना करता हूँ
   आपके लिये मैं प्रार्थना करता हूँ
आपके लिये मैं प्रार्थना करता हूँ
   मैं प्रार्थना करता हूँ आपके लिये।

अगर आप प्रार्थना कर रहे हो हमारे मित्रों के लिये जो अभी तक बचाए नहीं गए, वो समूहगान उनको गाओ!

आपके लिये मैं प्रार्थना करता हूँ
   आपके लिये मैं प्रार्थना करता हूँ
आपके लिये मैं प्रार्थना करता हूँ
   मैं प्रार्थना करता हूँ आपके लिये।
(‘‘मैं प्रार्थना करता हूँ आपके लिये’’ एस. ओमेल्ली क्लफ द्वारा, 1837-1910)।

(संदेश का अंत)
आप डॉ0हिमर्स के संदेश प्रत्येक सप्ताह इंटरनेट पर पढ़ सकते हैं क्लिक करें
www.realconversion.com अथवा www.rlhsermons.com
क्लिक करें ‘‘हस्तलिखित संदेश पर।

आप डॉ0हिमर्स को अंग्रेजी में ई-मेल भी भेज सकते हैं - rlhymersjr@sbcglobal.net
अथवा आप उन्हें इस पते पर पत्र डाल सकते हैं पी. ओ.बॉक्स 15308,लॉस ऐंजेल्स,केलीफोर्निया 90015
या उन्हें दूरभाष कर सकते हैं (818)352-0452

ये संदेश कॉपी राईट नहीं है। आप उन्हें िबना डॉ0हिमर्स की अनुमति के भी उपयोग में ला सकते
 हैं। यद्यपि, डॉ0हिमर्स के समस्त वीडियो संदेश कॉपीराइट हैं एवं केवल अनुमति लेकर
ही उपयोग में लाये जा सकते हैं।

धार्मिक प्रवचन से पहले डो. क्रेगटन् एल. चान द्वारा पढ़ा हुआ पवित्रषास्त्र : मती 6:16-18।
धार्मिक प्रवचन से पहले श्रीमान बेन्जामिन किनकेड ग्रीफिथ द्वारा गाया हुआ गीत :
     ‘‘मैं आपके लिये प्रार्थना करता हूँ’’ (एस. ओमेल्ली क्लफ द्वारा, 1837-1910)।