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यीषु के आँसू

THE TEARS OF JESUS

डो. आर. एल. हायर्मस, जुनि. द्वारा
by Dr. R. L. Hymers, Jr.

लोस एंजलिस के बप्तीस टबरनेकल में प्रभु के दिन की षाम, 11 मार्च 2012 को दिया हुआ धार्मिक प्रवचन
A sermon preached at the Baptist Tabernacle of Los Angeles
Lord’s Day Evening, March 11, 2012

‘‘यीषु ने अपनी देह में रहने के दिनों में ऊँचे षब्द से पुकार - पुकारकर और आँसू बहा - बहाकर उससे जो उसको मृत्यु से बचा सकता था, प्रार्थनाएँ और विनंती की, और भक्ति के कारण उसकी सुनी गई’’ (इब्रानियों 5:7)।


इस षाम का मेरा विशय है ‘‘यीषु के आँसू’’। पाठ हमें कहता है कि यीषु ने ‘‘ऊँचे षब्द से पुकार - पुकारकर और आँसू बहा - बहाकर’’ प्रार्थना की जब वे धरती पर थे, ‘‘उनके अपनी देह में रहने के दिनो में’’। भविश्यवक्ता यषायाह ने कहा कि वह ‘‘दुःखी पुरूश था, रोग से उसकी जान पहिचान थी’’ (यषायाह 53:3)। वर्णन दिखाता है कि यीषु उनके सांसारिक सेवा के समय में बहुत बार रोये थे।

‘‘दुःखी पुरूश’’ कैसा नाम है
    प्रभु के पुत्र के लिये जो आये थे
नश्ट पापीयों को पुनः प्राप्त करने
    हल्लिलूय्याह! कैसे उद्धारक!
(‘‘हल्लिलूय्याह! कैसे उद्धारक!’’ फिलिप पी. ब्लीस द्वारा, 1838-1876)।

यीषु, दुःखी पुरूश, निष्चित ही बहुत बार रोये थे। बाइबल उन प्रसंगो में से तीन का वर्णन करता है, उनके प्रेम भरे मन का प्रेम हमें दिखाते हुए।

1. पहला, यीषु लाज़र की कब्र पर रोए थे।

जब यीषु बैतनिय्याह (Bethany) आये उनका मित्र लाजर पहिले ही मर गया था। उन्होंने उसको चार दिन पहले ही दफनाया था। मृत आदमी की बहिन यीषु से मिलने बाहर गयी। ‘‘जब यीषु ने उसको और उन यहूदियों को जो उसके साथ आए थे, रोते हुए देखा, तो आत्मा में बहुत ही उदास और व्याकुल हुआ। और कहा, तुमने उसे कहाँ रखा है? उन्होंने उससे कहा, हे प्रभु, चलकर देख ले। यीषु रोया। तब यहूदी कहने लगे, देखो, वह उससे कितना प्रेम रखता था’’ (यूहन्ना 11:33-36)।

यीषु को मालूम था कि वे लाज़र को मृत्यु से उठ़ायेगे, फिर भी वे रोये, मरियम और दूसरो के साथ। डो. जोन. आर. राइस ने कहा,

यीषु क्यों रोये थे? वे जानते थे कि कुछ मिनट में वे लाजर को कब्र से बाहर बुलायेंगे ... और, परन्तु वे रोये मरियम, मार्था और दूसरो के आँसूओं केे लिये। वे संसार के पूरे टूटे मन के साथ रोते है। वे रोते है हर वो माँ के साथ जो अपने (मृत) बच्चे, हर पति के साथ जो अपनी पत्नी के षव रखने की पेटी के पास रोते है। वे हर माता या पिता के साथ रोते है, रात में रोते है उडाऊ पुत्र या हठधर्मी पुत्री पर ... परन्तु वो आँसू मेरे लिये है, बहुत, और आपके लिये, और सभी जिन्हें परेषानी और षोक है इस संसार में ... वे हमारी परेषानीयों से परेषान है ... वे हरएक षोक में प्रवेष करते है (जोन आर. राइस, डी.डी., प्रभु के पुत्र, ध सन अॉफ गोड, स्वोर्ड अॉफ ध लोर्ड, 1976, पृश्ठ 233)।

बाइबल हमें कहता है, ‘‘आनन्द करनेवालों के साथ आनन्द करो, और रोनेवालों के साथ रोओ’’ (रोमियों 12:15)। डो. राईस ने कहा, ‘‘हम सोच नहीं सकते कि यीषु उससे कम करेंगे जो हमें करने को आदेष दिया गया है। कितना अद्भूत सत्य कि यीषु हमारे साथ रोते है हमारे सारे दुःखो पर ... वे बहुत बार रोये होंगे पापीयों पर और जब से पवित्रषास्त्र ने वर्णन दिया कि यीषु कितने बार ‘‘दया के साथ फिरे’’, हम भी अच्छी तरह से विचार कर सकते है उनकी षुद्ध आँखो में आँसू जिसने उनके मन के षोक और दया का वर्णन किया’’ (राईस, ibid)।

जब मैं पंद्रह वर्श का था मेरे दादी माँ मर गये। मैंने उनसे कितना प्रेम किया था। जब वो मरी मैं उनके रसोईघर में गया और वाइन (दराख का रस) ली जो उनके पास थी। मैंने वो वाइन अपने पास 56 वर्श तक रखी। मैं जहाँ कहीं गया, सदा मेरे साथ ले गया। अब वो मेरे घर में पढ़ाई के मेज पर है। मैं उसकी ओर देखता हूँ जैसे मैं ये धार्मिक प्रवचन लिखता हूँ। मैंने ‘‘माँ’’ को वचन दिया था कि मैं उसे सदा मेरे साथ रखूँगा, जब तक मैं जीवित हूँ, मुझे उनकी याद दिलाने। मैंने उनसे कितना प्रेम किया।

बहुत सी रात, जब मैं सो नहीं सकता था, मैं उसके बिस्तर के पास गया छोटे से बालक की तरह, मेरा सिर उनकी छाती पर रखा और उनके दिल की धड़कने सुनी, जब मैं नींद आने की राह देखता था। मैंने उनसे कितना प्रेम किया।

मैं उनकी कब्र के पास खडा रहा और रोना षुरू किया। मैं इसे और पकड़ कर न रख सका। मैं ऊपर पहाडी पर दौड़ा। मैं दौड़ा और दौड़ा और दौड़ा कब्रस्तान से। मैं जमीन पर गिरा रोते और विलाप करते हुए। और प्रभु मेरे पास नीचे आये, जैसे वे जंगल में याकूब के पास आये थे, और मैं उनके साथ कह सकता था, ‘‘निष्चय इस स्थान में यहोवा है; और मैं इस बात को न जानता था’’ (उत्पति 28:16)।

ओह, युवा व्यकित, यीषु लाजर की कब्र पर रोये! और आज रात वे आपके लिये रो रहे है! यीषु आपके षोक और भय को जानते है! मैं आपसे वीनति करता हूँ - मैं आपसे याचना करता हूँ - जो सदा रहनेवाला प्रेम करते है उनके पास आओ!

वे कितने लंबे समय से प्रेम करते है,
    वे कितनी अच्छी तरह प्रेम करते है,
वे आपसे जबान से कह सकने से ज्यादा प्रेम करते है;
    वे कितने लंबे समय से प्रेम करते है,
वे कितनी अच्छी तरह से प्रेम करते है,
    वे आपकी आत्मा को अधोलोक से बचाने मरे।
(‘‘वे अभी भी आपसे प्रेम करते है’’ डो. जोन आर. राइस द्वारा, 1895-1980)।

‘‘यीषु रोया ’’ (यूहन्ना 11:35)।

डो. हेन्री एम मोरीसने कहा,

वहाँ बाइबल में कभी भी यीषु के मुस्कुराने का वर्णन नहीं है, परन्तु वे कई बार रोते हुए दिखे है; इस किस्से में, वे मरियम और मार्वा का दुःख बाँट रहे थे, क्योंकि उन्होंने भी लाजर से प्रेम किया था, परन्तु वो भी ‘‘आत्मा में बहुत ही उदास और व्याकुल हुआ’’ (युहन्ना 11:33) मृत्यु के अस्तित्व पर और ... पाप जिसके द्वारा मृत्यु ने षासन किया (हेन्री एम. मोरीस, पीएच.डी., ध डीफेन्डर्स स्टडी बाइबल, वर्ल्ड प्रकाषक, 1995 की प्रत, पृश्ठ 1154; यूहन्ना 11:35 पर टीप्पणी)।

वे कितने लंबे समय से प्रेम करते है,
    वे कितनी अच्छी तरह प्रेम करते है,
वे आपसे जबान से कह सकने से ज्यादा प्रेम करते है;
    वे कितने लंबे समय से प्रेम करते है,
वे कितनी अच्छी तरह से प्रेम करते है,
    वे आपकी आत्मा को अधोलोक से बचाने मरे।

2. दूसरा, यीषु यरूषलेम के नगर पर रोये।

डो. जे. वेरनोन मेकगीने कहा, ‘‘वे यरूषलेम के नगर पर रोये। जब से उस समय वे यरूषलेम पर रोये, मैं निष्चित हूँ की वे उन नगरो पर बहुत बार रोये होगे जहाँ आप और मैं रहते है’’ (जे. वेरनान मेकगी, टीएच.डी., थ्रु ध बाइबल, थोमस नेल्सन प्रकाषक, 1983, भाग 5, पृश्ठ 540, इब्रानियों 5:7 पर टीप्पणी)।

‘‘और जब वह निकट आया तो नगर को देखकर उस पर रोया और कहा, क्या ही भला होता कि तू, हाँ तू ही इसी दिन में कुषल की बातें जानता, परन्तु अब वे तेरी आँखों से छिप गई है। क्योंकि वे दिन तुझ पर आएँगे कि तेरे बैरी मोर्चा बाँधकर तुझे घेर लेंगे, और चारो ओर से तुझे दबाएँगे, और तुझे और तेरे बालकों को जो तुझ में है, मिट्टी में मिलाएँगे, और तुझ मे पत्थर पत्थर भी न छोडे़गे; क्योंकि तूने उस अवसर को जब तुझ पर कृपा दृश्टि की गई न पहिचाना’’ (लुका 19:41-44)।

जैसे ही उन्होंने 70 ए.डी. में यरूषलेम पर पड़नेवाले भयानक नाष के बारे में सोचा, वे रोये, जब रोमी जनरल तीतुस नगर पर निषाना (लक्ष्य) करेगा और निवासीयों को बिना दया मार डालेगा। यीषु रोये क्योंकि वे जानते थे कि यरूषलेम में प्रभु का सुन्दर मंदिर पूरी तरह से नश्ट होनेवाला था। कुछ भी नहीं बचेगा, दिवार का एक भाग जो मंदिर के बाजु से जा रहा था उसके अलावा। मैं उस दिवार पर खड़ा रहा और उसे छुआँ। मैं रोया जैसे यीषु ने किया जब मैं विलापयुक्त दिवार पर खड़ा हुआ था। मैं रोया जैसे ही मैंने सोचा प्रभु के लोग, यहूदी, भयानक बाधा से गुजरे सारी सदियों तक।

ओह, यीषु आज रात संसार के नगरों पर कैसे रोते है, लाखो परिपूर्ण बिन बचाये आत्माओं के साथ! वे वोषिंग्टन और लंदन, पेरीस और बर्लिन, कलकत्ता और बीजींग, ग्लासगो और सीडनी, मेक्सिको नगर और सायगोन, वीयेन्टीयन और रंगुन, जर्काता और मोस्को - और संसार के सब नगर, बडे और छोटे पर कैसे रोते है! प्रभु करे शायद हमारा मन टूटे उन चीज़ो पर जो प्रभु का मन तोड़ता है!

और यीषु के आँसू हमें फिराते है, वैसे और कुछ भी नहीं कर सकता, हर जीव को सुसमाचार प्रचार करने। उनके आँसू हमे फिराते है हमारी वेबसाइट (Website) पर भाशा के बाद भाशा जुटाने - सुसमाचार के साथ जितने ज्यादा लोगों तक हम पहुँच सकते है। हम ‘‘नई बस्ती में रहनेवालो’’ ‘‘Colonist’’ की तरह नहीं आते, हमारी संस्कृति उन पर डालने! नहीं! हम आते है टूटे हुए मन के यीषु का अनुकरण करनेवालों की तरह - उनका प्रेम उन लोगों के साथ बाँटने। उनका प्रेम जो हमें पाप, मृत्यु और अधोलोक से बचाता है! और हम सबसे कहते है जो यह धार्मिक प्रवचन सुनते है, या पढ़ते है, हमारी वेबसाइट पर,

वे कितने लंबे समय से प्रेम करते है,
    वे कितनी अच्छी तरह प्रेम करते है,
वे आपसे जबान से कह सकने से ज्यादा प्रेम करते है;
    वे कितने लंबे समय से प्रेम करते है,
वे कितनी अच्छी तरह से प्रेम करते है,
    वे आपकी आत्मा को अधोलोक से बचाने मरे।

और यीषु के आँसू हमें ले जाते है लोस एंजलिस को भी सुसमाचार प्रचार करने! क्योंकि उन्होंने हमसे कहा,

‘‘सड़कों पर और बाड़ो की ओर जा और लोगों को विवष करके ले आ ताकि मेरा घर भर जाए’’ (लूका 14:23)।

3. तीसरा, यीषु गतसमनी की वाटिका मे ंरोये।

यह उनके रोने का तीसरा वर्णन है। ओह, उन्होंने उस वाटिका के अंधेरे में आँसू बहाये! हमारा पाठ हमें यीषु के बारे में कहता है

‘‘यीषु ने अपनी देह में रहने के दिनों में ऊँचे षब्द से पुकार - पुकारकर और आँसू बहा - बहाकर उससे जो उसको मृत्यु से बचा सकता था, प्रार्थनाएँ और विनंती की, और भक्ति के कारण उसकी सुनी गई’’ (इब्रानियों 5:7)।

गतसमनी की वाटिका में, उनको क्रूस पर कील से ठोकने की पहली रात को, यीषु ने अकेले प्रार्थना की। वहाँ गतसमनी के अंधेरे में उद्धारकने उनकी आत्मा उण्डेल दी प्रभु को प्रार्थना करने में। उन्होंने प्रार्थना की ‘‘ऊँचे षब्द से पुकार - पुकारकर और आँसू बहा - बहाकर उस से जो उसको मृत्यु से बचा सकता था, प्रार्थनाएँ और विनंती की और भक्ति के कारण उसकी सुनी गई’’ (इब्रानियों 5:7)। उन्हें क्या डर था? मैं मानता हूँ कि यीषु को डर था कि वे वाटिका में मर जायेंगे, उनके क्रूस पर हमारे पापो के दण्ड के लिये जाने से पहले। डो. जोन आर. राईस ने कहा, ‘‘यीषु ने प्रार्थना की थी उस रात मृत्यु का कटोरा उनके पास से टल जाये ताकि वे दूसरे दिन क्रूस पर मरने के लिये जीवित रहे’’ (राइस, ibid., पृश्ठ 441)। डो. जे ओलीवर बसवेल, मषहूर ब्रम्हज्ञानी ने, वही चीज कही। उसने कहा कि ‘‘(यीषु) ने वाटिका में मृत्यु से छुटकारा पाने के लिये प्रार्थना की, ताकि वे षायद उनका उद्देष्य क्रूस पर परिपूर्ण करे! यह व्याख्या इब्रानियों 5:7 के साथ एक समांतर हो सकती है और मुझे ऐसा लगता है सिर्फ व्याख्या ही है जो इस प्रकार समांतर होगी’’ (जे ओलीवर बसवेल, पीएच.डी., ए सीस्टमेटीक थीयोलोजी अॉफ ध क्रीस्टीयन रीलीजन, झोन्डरवान प्रकाषन घर, 1971, भाग 3, पृश्ठ 62)।

डो. बसवेल और डो. राइस, डो. मेकगी के साथ सहमत है जिन्होंने कहा, ‘‘मेरे मित्र, वे सुने गये थे; वे गतसमनी की वाटिका में नहीं मरे’’ (ibid)।

‘‘यीषु ने अपनी देह में रहने के दिनों में ऊँचे षब्द से पुकार - पुकारकर और आँसू बहा - बहाकर उससे जो उसको मृत्यु से बचा सकता था, प्रार्थनाएँ और विनंती की, और भक्ति के कारण उसकी सुनी गई’’ (इब्रानियों 5:7)।

गतसमनी की वाटिका में संसार के पाप यीषु पर डाले गये।

‘‘और वह आप उनसे अलग एक ढेला फेंकने की दूरी भर गया, और घुटने टेककर प्रार्थना करने लगा, हे पिता, यदि तू चाहे तो इस कटोरे को मेरे पास से हटा ले; तौ भी मेरी नहीं परन्तु तेरी ही इच्छा पूरी हो। तब स्वर्ग से एक दूत उसको दिखाई दिया जो उसे सामर्थ्य देता था। वह अत्यंत संकट में व्याकुल होकर और भी हार्दिक वेदना से प्रार्थना करने लगा; और उसका पसीना मानो लहू की बड़ी बड़ी बूँदो के समान भूमि पर गिर रहा था।’’ (लूका 22:41-44)।

यीषु बड़ी पीड़ा में थे जैसे हमारे पाप प्रभु द्वारा उन पर लादे गये। और भी हार्दिक वेदना से प्रार्थना करने लगा; और उसका पसीना मानो लहू की बड़ी बड़ी बूँदो के समान भूमि पर गिर रहा था’’ (लूका 22:44)। डो. मेकगी ने कहा, ‘‘हमारे यहोवा मृत्यु के करीब थे जैसे वे क्रूस के समीप गये और उन्होंने प्रार्थना की कि वे मृत्यु से छुटकारा प्राप्त कर सके ताकि वे क्रूस तक पहुँच सके। और हमें कहा गया है कि उनकी ‘‘भक्ति के कारण उसकी सुनी गई’’ (ibid.)। प्रभुने यीषु को प्रार्थना करते सुना ‘‘ऊँचे षब्द से पुकार - पुकारकर और आँसू बहा - बहाकर’’ गतसमनी के अंधेरे में। परमेष्वरने एक स्वर्गदूत भेजा उनको मजबूत करने ताकि वो क्रूस तक जा सके हमारे पापों का दण्ड चुकाने। जोसेफ हार्टने यीषु की वाटिका में प्रार्थना के बारे में उनके एक गीत में कहा,

प्रभु के पुत्र की तड़प देखो,
    हाँफते, विलाप करते और लहू का पसीना बहाते!
दिव्य (अनुग्रह) की असीम गहराई!
    यीषु, आपका कैसा प्रेम था।
(‘‘आपकी अनजान तड़प’’ जोसेफ हार्ट द्वारा, 1712-1768)।

देखो यीषु आपको कैसा प्रेम करते है! देखो उनके आँसू आपके षोक पर! देखो उन्हें नगर में पापीयों पर रोते हुए! उन्हें देखो ‘‘आँसू के साथ पुकारते’’ गतसमनी में, परमेष्वर से उनको जीवित रखने की प्रार्थना करते हुए; ताकि दूसरे दिन वे क्रूस पर चढ़ाकर मार सके, क्रूस पर कील से ठोक सके, आपके पापो का दण्ड चुकाने! क्या यह आपको फिराते नहीं? अगर यीषु के आँसु आपको नहीं फिराते, तो क्या? क्या आप पाप के द्वारा इतने कठोर हो गए हो कि आप आपके लिये उनका प्रेम महसूस नहीं कर सकते? मुझे स्मरण है पहलीबार मैंने डो. वोटस का गीत सुना था, ‘‘जब मैं अद्भूत क्रूस को देखता हूँ’’। उसने मुझे फिराया, फिर, और ये मुझे अभी फिराता है।

जब मैं अद्भूत क्रूस को देखता हूँ,
    उस पर महिमा का राजकुमार मरा,
मेरा सबसे धनवान फायदा मैं गिनता हूँ परन्तु नुकसान,
    ओर मेरे सारे गर्व में तिरस्कार उण्डेला।

देखो, उनके सिर, उनके हाथों और उनके पाँव से,
    षोक और प्रेम मिश्रित होकर नीचे बहता है
क्या ऐसा प्रेम और षोक कभी भी मिलता है,
    या काँटे इतना धनवान मुकुट बनाते है?

मेरे स्वभाव का पूरा राज्य है
    वो अभी वर्तमान दूर बहुत छोटा है;
प्रेम कितना अद्भूत, कितना दिव्य,
    मेरी आत्मा, मेरा जीवन, मेरा सबकुछ माँगता है।
(‘‘जब मैं अद्भूत क्रस को देखता हूँ’’ डो. आयझेक वोटस द्वारा, 1674-1748)।

मैं इस षाम आपके साथ प्रार्थना करता हूँ - यीषु में विष्वास करो! उनके पास आओ! उनके सामने गिरो! आपके पूरे अस्तित्व के साथ उन पर भरोसा करो! डो. वोटस के साथ कहो, ‘‘प्रेम कितना अद्भुत, कितना दिव्य, मेरी आत्मा, मेरा जीवन, मेरा सब कुछ माँगता है।’’ बेन्जामीन बेडोम छोटा प्रचारक था 18 वी सदी में। आज आप उनको नहीं जान सकते अगर उन्होंने यह गीत ‘‘क्या मसीह पापीयों पर रोये?’’ नहीं लिखा होता।

क्या मसीह पापीयों पर रोये,
    और हमारे गाल सूखे रहे?
पष्चाताप, दुःख की बाढ़
    हर आँख से बाहर बहने दो।

प्रभु का पुत्र आँसूओं में
    स्वर्गदूत को आष्चर्य के साथ देखते है।
आप चकित हो, ओ मेरी आत्मा,
   उन्होंने वह आँसू आपके लिये बहाये।

वे रोये ताकि षायद हम रोये;
    हर पाप चाहता है आँसू;
सिर्फ स्वर्ग में कोई पाप नहीं मिला है
   और वहाँ पर रोना नहीं है।
(‘‘क्या मसीह पापीयों पर रोये?’’ बेन्जामिन बेडोम द्वारा, 1717-1795)।

मैंने दो उद्धार देखे, प्रभु की दो असामान्य चाल। दोनो समय लोग आँसू में बहते है जैसे ही वे पाप के गहरे अपराधभाव के अधीन होते है। हम वह आज चीन में देखते है। यह सदा सत्य है सच्चे उद्धार में। ‘‘वे रोये ताकि षायद हम रोये; हर पाप चाहता है आँसू’’। ओह, षायद आज आप पाप के अपराधभाव में आओ! षायद आप रोते हुए उद्धारक के पास आओ! वे आपको बचायेंगे! वे आपको बचायेंगे! वे आपको बचायेंगे अभी!

अगर आपने उनको गतसमनी की वाटिका में, रोते और लहू गिराते हुए देखा होता, क्या आप सोचते हो आपने उनका भरोसा किया होता? ओह, फिर उन पर अभी भरोसा करो! वे वही यीषु है आज रात जो फिर लौटे थे! देखो कैसे वो आपसे प्रेम करते है! वे आपके पास आते है उनके हाथों में उनका प्रेम लेकर! उन पर विष्वास करो! उन पर भरोसा करो और आप बचाये जाओंगे उसी पल में! वो आपके पापो को माफ करेंगे और आपको अनंत जीवन देंगे!

(संदेश का अंत)
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धार्मिक प्रवचन के पहले डो. क्रेगटन एल. चान द्वारा पढ़ा हुआ पवित्रशास्त्र : लूका 22:39-45।
धार्मिक प्रवचन के पहले श्रीमान बेन्जामिन किनकेड ग्रीफिथ द्वारा गाया हुआ गीत :
‘‘वे अभी भी आपको प्रेम करते है!’’ (डो. जोन आर. राइस द्वारा, 1895 - 1980)।


रूपरेखा

डो. आर. एल. हायर्मस, जुनि. द्वारा

‘‘यीषु ने अपनी देह में रहने के दिनों में ऊँचे षब्द से पुकार - पुकारकर और आँसू बहा - बहाकर उससे जो उसको मृत्यु से बचा सकता था, प्रार्थनाएँ और विनंती की, और भक्ति के कारण उसकी सुनी गई’’ (इब्रानियों 5:7)।

(यशायाह 53:3)

1.   पहला, यीषु लाज़र की कब्र पर रोए थे, यूहन्ना 11:33-36; रोमियों 12:15; उत्पति 28:16।

2.   दूसरा, यीषु यरूषलेम के नगर पर रोये, लूका 19:41-44; 14:23।

3.   तीसरा, यीषु गतसमनी की वाटिका मे ंरोये, इब्रानियों 5:7;
लूका 22:41-44।