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क्यों परमेष्वर चीन को आषीर्वाद और अमेरिका को दंड देते है!

WHY GOD IS BLESSING CHINA – BUT JUDGING AMERICA!

डो. आर. एल. हायर्मस, जुनि. द्वारा
by Dr. R. L. Hymers, Jr.

लोस एंजीलस के बप्तीस टबरनेकल में प्रभु के दिन की शाम, 11 सितंबर, 2011 को दिया हुआ धार्मिक प्रवचन
A sermon preached at the Baptist Tabernacle of Los Angeles
Lord’s Day Evening, September 11, 2011

‘‘जब तक मनुष्य को स्वर्ग से न दिया जाय, तब तक वह कुछ नहीं पा सकता’’ (यूहन्ना 3:27)।


डेवीड ऐकमन पहले के टाईम पत्रिका बीजींग दफतर के मुख्य, लेखक, पत्रकार और विदेश राजनीति सम्मति देनेवाले है। उन्होंने पच्चास से भी ज्यादा देशो से सूचना देने के कार्य में दो दशको से भी ज्यादा समय बिताया है, लोगो के चीन के प्रजासत्ताक (People's Republic of China) से कुछ सालो तक सूचना देने के कार्य को मिलाकर। ऐकमन ने किताब लिखी है जिसका शिर्षक है, यीशु बीजींग में, (Jesus in Beijing) (रीजनेरी प्रकाशन, आयएनसी., 2003)। यह किताब कहती है कि कैसे मसीह का मत चीन को परिवर्तित करते है और शक्ति का वैश्विक समतोलन बदलते है। पहले पाठ का शिर्षक है, ‘‘यीशु बीजींग आते है।’’ यह शुरू होता है चीनी विद्वान जो चीन के मुख्य संशोधन संस्था सामाजिक विज्ञान की चीनी विद्वत्परिषद बीजींग के शहर में स्थित से आते है उनके लिये ऐकमन के कथन द्वारा, यहाँ चीनी प्राध्यापक ने साम्यवादी चीन में कहा अमरिकन प्रवासीयों को 2002 में। यह एक आश्चर्ययुक्त कथन है, क्योंकि यह दिखाता है कि साम्यवादी देशो में बहुत से विद्वान मसीह के मत में कितने खुलकर है। चीनी प्राध्यापक ने कहा,

एक चीज जो हमें देखने को कही गई थी वो थी सफलता के लिये क्या महत्वपूर्ण है, हकीकत में, सारे विश्व में पश्चिम की पूर्व-विशिष्टता ... हमने सब कुछ पढा जो हम ऐतिहासिक, राजकीय, अल्प व्यय संबंधी और सांस्कृतिक के स्वरूप् इत्यादि पढ सकते थे। पहले, हमने सोचा था क्योंकि आप के पास (युनाइटेड स्टेटस में) ज्यादा शक्तिशाली बन्दूके है हमारे पास है उससे। फिर हमने सोचा ऐसा इसलिये था क्योंकि आप के पास बेहतर राजकीय पद्धति थी। बाद में हमने आपकी अर्थशास्त्र पद्धति पर प्रकाश डाला। परंतु पीछले बीस सालो में, हमने जाना कि आपकी संस्कृति का मुख्य हार्य है आपका धर्म ः मसीही धर्म। इसीलिये पश्चिम इतना शक्तिशाली है। सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन की मसीह धर्मानुसार नींव (आपके) ने यह मुमकिन किया साहूकार की आकस्मिक घटना को और फिर सफल परिवर्तन प्रजास७ाक राजनीति में (डेवीड ऐकमन, यीशु बीजींग में, रीजनेरी, 2003, पृष्ठ. 5)।

‘‘हमने जाना कि आपकी (अमरिका के लोगो की) संस्कृति का मुख्य हार्द है आपका धर्म मसीही धर्म। इसीलिये पश्चिम इतना शक्तिशाली है ... हमे इसमें कोई भी संदेह नहीं हैं।’’ यह कथन है साम्यवादी चीन के सामाजिक विज्ञान के पुरोगामी प्राध्यापक से। अमरिका की विश्वविद्यालय में सिद्धांतवादी महाविद्यालय के प्राध्यापक को अंदर लाने का प्रयत्न कीजिये उनके साथ सहमत होने के लिये कि मसीह धर्म है अमरिका में हमारी सफलता की जड़ का कारण! आप अमरिका में कोई भी लौकिक महाविद्यालय प्राध्यापक द्वारा लगभग धिक्कारे और असंतोषता से नीचे किये जाओगे। और फिर भी ये साम्यवादी चीनी प्राध्यापक, साम्यवादी राष्ट्र-संशोधन संस्था ने देखा कि क्या जो ज्यादातर अमरिकन विद्वान नहीं देखते - कि मसीही धर्म राष्ट्र की तरह हमारी सफलता की जड़ है।

परन्तु उस चीनी विद्धान ने वो चीजे बारह वर्श पहले कही थी। तब से अमरिका ने अनुभव किया 11/9, कुदरती आपत्ति की लंबी कतार, और सबसे बडी अल्प-व्यय अर्थषास्त्र का पतन, जब से बडी मानसिक तनाव। अमरिका के लाखो लोग बाहर काम पर है। अब बहुत से अमरिका के लोग महसूस करते है कि चीन युनाइटेड स्टेट्स से उत्कृश्ठ होगा अगले कुछ वर्शो मे धरती पर बडी महासत्ता की तरह। क्यों ? आरिवरकार क्या कारण है हमारे समाज के तूटने का ? जवाब सरल है - चीन मसीह की ओर फिर रहा है, और अमरिका मूर्तिपूजा की ओर फिर रहा है - यही कारण है!

विभिन्न कारण हमे कहते है कि वहाँ पर करीबन 1200 परिवर्तन होते है मसीही धर्म में हर घंटे, सारा समय चीन में। करीबन 30,000 परिवर्तित होते है मसीही धर्म में हर दिन, करीबन दस लाख हर वर्ष। ये अंदाजित है कि वहाँ पर लगभग 100 लाख मसीही चीन में है, जैसे मैं यह धार्मिक प्रवचन लिखता हूँ, और यह क्रमांक बढता है हजारो में हर घंटे में, दिन के चौबीस घंटे। यह सिर्फ वर्णन करता है मसीहीता के बडे विस्फोट का जो संसार में इस समय हो रहा है इतिहास मे।

हम कैसे हिसाब रख सकते है हकीकत का कि चीन मसीही धर्म में परिवर्तन की प्रक्रिया में है जब हम अमरिका में और दूसरे सरे पश्चिमी विश्व में यह छोड रहे हैं? जवाब, फिर से, सरल है।

‘‘जब तक मनुष्य को स्वर्ग से न दिया जाय, तब तक वह कुछ नहीं पा सकता’’ (यूहन्ना 3:27)।

अमरिका और पश्चिम तूट रहा है। हमारा समाज धर्मानुरूप और आध्यात्मिक व्याकुलता से भर गया है। अमरिका बाइबल का अनादर करता है और उस पर आक्रमण करता है इस हकीकत की गवाही दो। हमारे घर तूटे हुए है इस हकीकत की गवाही दो। युवा लोग ज्यादातर समय अकेले होते है, सरल है क्योंकि हमारे ज्यादातर घर आश्रित किये गये है, मसीही धर्म का बहुत फैला हुआ प्रत्यक्ष अस्वीकार। अमरीका के युवा लोग परिवार से काटे हुए है, और सड़को पर अकेले भटकने के लिये छोड दिये गये है - जब उनके लौकिक महाविद्यालय के प्राध्यापक मसीही धर्म पर लगातार हमला करते है सिर्फ यही चीज जो हमारे राष्ट्र को नस्ट होने से बचा सकता है!

अमरिका में, हमारे कलीसिया परेषानी में है। जब मै लड़का था, पीछे 1950 मे, हर बपतीस कलीसिया मे रविवार षाम की सभा होती थी - अमरिका के बपतिस मे भी। परन्तु आज ये मुष्किल है खोजना, कठिन - अंर्तभागी - सिध्धांतवादी कलीसिया, जो षामकी सभा रखते हो। हमारी एक महिला ने एक आदमी को फोन किया था जो अमरिका की एक प्राचीन सिध्धांतवादी षाला के साथ काम करते थे। उसने उनसे सिध्धांतवादी कलीसिया का नाम देने को कहा जो कुछ षहरो मे षाम की सभा रखते हो। उसने कहा उसे एक भी नही मालूम, चाहे वो षहर सेकडो कलीसिया के साथ लाखो लोगो से भरा था!

हमारे कलीसिया ने ना सिर्फ षाम की सभाएँ बंद कर दी है, बल्कि किसी के भी पास प्रार्थना सभा भी मुष्किल से है। उनके पास षायद अवाना (Awana), गाने की कोषिश, या बाइबल की पढ़ाई बुधवार की रात को हो, परन्तु सच्ची प्रार्थना सभा हमारे सभी कलीसिया मे भूतकाल की बात हो गई है।

सुसमाचार प्रचार के बारे मे क्या ? कितने कलीसिया के पास सुसमाचार प्रचार का असरकारक कार्यक्रम है, जो हकीकत मे अपरिवर्तित लोगो को हर रविवार कलीसिया मे लाता है ? बहुत कम! डो. जेम्स डोबसन ने कहा कि करीबन सारे “कलीसिया की प्रगति का परिणम सदस्य के बदलाव के कारण होता है” (फेमीली न्युझलेटर पर रोषनी अगस्त 1995, पृश्ठ. 2)। दूसरे षब्दो में कलीसिया को सिर्फ यही पता है कि दूसरे कलीसिया से कैसे सदस्य “चुराये”। उन्हे कोई तरीका नही मालूम की कैसे बिन मसीही को अपने कलीसिया मे सादृष करे, और उन्हें परिवर्तित बनाये। इसलिये अमरिका के कलीसिया, ज्यादातर भागो मे, मर रहे है। “बेक टु बाईबल” के डो. वुडरो क्रोल ने कहा, “ध वेनीषींग मीनीस्ट्री यह सिर्फ किताब का षिर्शक ही नही है ः ये एक नाषकारी हकीकत है” (वुडरो क्रोल, टीएच. डी., ध वेनीषींग मीनीस्ट्री, क्रेगल प्रकाषन, 1991, पृश्ठ. 10) ये षायद भयानक लगे, ज्यादातर अमरिका के कलीसिया सूख रहे है, और अद्रष्य हो रहे है हमारी आखो के सामने! ऐसा क्यों हो रहा है? क्योंकि परमेष्वर अमरिका को दण्ड दे रहा है, और

‘‘जब तक मनुष्य को स्वर्ग से नदिया जाय, तब तक वह कुछ नहीं पा सकता’’ (यूहन्ना 3:27)।

चीन मसीह की ओर फिर रहा है। अमरिका मसीह से दूर हो रहा है। परंतु नया मूर्तिपूजा का अंधेरा पूरे अमरिका में नीचे आ रहा है, फिर भी आप जैसे युवा लोगो को आशा की खोज करने चीन में सफर नहीं करना पडता! नहीं! आप यीशु को यहाँ लोस एंजलिस के शहर में, इसी कलीसिया में खोज सकते हो, अगर प्रभु का आप पर अनुग्रह हो? इसी कारण हम कहते है, ‘‘क्यों अकेले रहें? घर आइये - कलीसिया में! क्यों खोये हुए रहें? घर आइये - यीशु मसीह, प्रभु के पुत्र के पास!’’ आप ये यहाँ लोस एंजलिस के हमारे कलीसिया में कर सकते हो। आप कुछ माफी और प्रभु के साथ शान्ति यहाँ खोज सकते हो जो लाखो लोग चीन में खोजते है - यहाँ बप्तीस टबरनेकल में। घर आईये - कलीसिया में! घर आइये - मसीह के पास!

मैंने जाना कि तुलनात्मकता से आज यह समाचार पर थोडे ही लोग ध्यान लगायेंगे - ऐसा आप को भी करना चाहिये। आप शायद नहीं सुनेंगे उसका कारण भी सरल है। ये हमारे पाठ में हैं,

‘‘जब तक मनुष्य को स्वर्ग से न दिया जाय, तब तक वह कुछ नहीं पा सकता’’ (यूहन्ना 3:27)।

यरूशलेम में नीकुदेमुस के साथ उनकी बातचीत के बाद - यीशु और उनके चेले शहर में बाहर गये। यीशु ने प्रचार किया और उसके चेलो ने लोगो को बप्तीसमा दिया। जोन बेप्टीस्ट करीबन उसी वक्त बप्तीस्मा दे रहे थे। फरीसियो के साथ दलील में, यूहन्ना के चेलोने सीखा की यीशु के चेलो द्वारा ज्यादा लोग बप्तीस्मा ले रहे है। यूहन्ना के चेलो को वह हकीकत बूरी लगी कि यीशु के चेले अब उनसे ज्यादा लोगो को बपतिस्मा दे रहे थे। हमारे पाठ में यूहन्ना उनके अनुकरण करनेवालो से कहते है कि यीशु की सफलता के बारे में शिकायत नहीं करो। हर आदमी को भिन्न - भिन्न उपहार और मौके दिये जाते है। यूहन्ना ने कहा,

‘‘जब तक मनुष्य को स्वर्ग से न दिया जाय, तब तक वह कुछ नहीं पा सकता’’ (यूहन्ना 3:27)।

“स्वर्ग - जो प्रभु से है। ये विशेष शब्द नम्रता के लिये सामान्य उपयोग में लागु होता है” (जॉन बेन्जले, न्यु टेस्टामेंट कोमेन्ट्री, क्रेगल, 1981 में फिर से छपा हुआ, भाग 1, पृष्ठ. 577)।

मेथ्यु हेन्री बताते है कि ये पद दिखाता है “सामान्य सच ... हमें आवश्यक और अविरत है प्रभु के अनुग्रह पर आधारित है आध्यात्मिक जीवन की हर गीत और कार्य में” (मेथ्यु हेन्री, कोमेन्ट्री ओन ध होल बाइबल, हेन्डी्रकसन, 1991 में फिर से छपी हुआ, भाग 5, पृष्ठ. 720)।

मैं इस ‘‘सामान्य सच’’ को परिवर्तन से लागु करता हूँ। मैं सोचता हूँ ये समझाता है कारण को कि चीन में इतने सारे लोग मसीह की ओर फिरते है जब कि अमरिका जल्दी से आध्यात्मिक अंधेरे में भागता है।

‘‘जब तक मनुष्य को स्वर्ग से न दिया जाय, तब तक वह कुछ नहीं पा सकता’’ (यूहन्ना 3:27)।

परिवर्तन का सच ‘‘पावर - पोईन्ट’’ मल्टी मिडीया पेशकश, कारणसहित कलीसिया प्रगति का छलावा या कोई भी और आकर्षक छल, अमरिका के कलीसिया इस्तेमाल करते थे उसके द्वारा नहीं आते। इस में से कोई भी छल काम नहीं आया अमरिका के कलीसिया को कोई स्पष्ट रूप् से मदद करने में। फिर भी चीनी ‘‘घर कलीसिया’’, थोडे पुराने गीत और फटे हुए बाइबल के साथ, अनुभव करते है हर घंटे में 1200 परिवर्तन! मैंने सुना है कुछ अच्छे अमरिकन कहते है कि वे आशा रखते है साम्यवादी ढीले पडे, ताकि अमरिका के लोग चीन जा सके और वहाँ मसीही आगेवानो को ‘‘सीखाये’’। परंतु मैं प्रार्थना करता हूँ इससे विरूद्ध होने के लिये। मैं प्रार्थना करता हूँ कि प्रभु अमरिका के लोगो को बाहर रखेंगे! उन्हें हमसे कुछ भी पढाने की जरूरत नहीं है। हमें जरूरत है जो उनके पास है! उन्हें निश्चित ही आवश्यकता नहीं जो हमारे पास है!

‘‘जब तक मनुष्य को स्वर्ग से न दिया जाय, तब तक वह कुछ नहीं पा सकता’’ (यूहन्ना 3:27)।

‘‘एक आदमी’’ - जो है, कोई भी। कोई मुक्ति नहीं पा सकता जब प्रभु उसे नहीं देते। वो ‘‘कुछ भी नहीं’’ पा सकता जो निश्चिंत रूप से उसकी आत्मा की मुक्ति का समावेश करता है - जब तक ‘‘ये उसे स्वर्ग से नहीं दिया जाय’’। ऐसा क्यों हैं?

I. पहला, क्योंकि वहाँ पर दुष्टात्मा है जो आप को बचाये जाने से दूर रखेगा।

चीन में मसीही बहुत अच्छी तरह से जानते है दुष्टात्मा और उनके दानव, जब अमरिका के मसीही बहुत ही कम सोचता है इनके बारे में। अगर व्यक्ति उसके शत्रु के बारे में कभी भी नहीं सोचता, वो बहुत आसानी से इस से बाहर आयेगा।

अगर आप बचाये जाना चाहते हो, आपको जानना ही चाहिये कि आप

‘‘...स्वर्ग से न दिया जाय, तब तक वह (आप) कुछ नहीं पा सकता’’,

दुष्टात्मा और उनके दानवो की बडी शक्ति के कारण यीशु ने कहा,

‘‘मार्ग के किनारे के वे है, जिन्होंने सुना; तब शैतान आकर उनके मन में से वचन उठा ले जाता है कि कहां ऐसा न हो कि वे विश्वास करके उद्धार पाएँ’’ (लूका 8:12)।

अगर आप अपरिवर्तित हो, तो इस पर ध्यान दिजीये। ये मज़ाक नहीं है। आप सेकड़ो धार्मिक प्रवचन सुन सकते हो और अपरिवर्तित रहेा - क्योंकि दुष्टात्मा ‘‘उठा ले जाता है’’ आपका मन। लूका 8:12 कहता है कि दुष्टात्मा को वो करने की ताकत है। एक रविवार मैं किसी को समझा रहा था धार्मिक प्रवचन से पिता और पुत्र व्याकुल होने के बाद - इस अति आवश्यक विषय पर घंटो तक प्रचार और समझ देने के बाद। पिता और पुत्र का सन्देहजनक होना आत्मा को शापित करेगा। और फिर भी, इस विषय पर घंटो तक प्रचार और समझाने के बाद, उस व्यक्ति ने यह प्राणनाशक गलती की। मैं अवश्य जानता हूँ कि वो सोया था उस हकीकत को कि दुष्टात्माने उसके मन से वचन छीन लिये है, जैसे ही उसने वे सुने थे। यह पहला कारण है

‘‘जब तक मनुष्य को स्वर्ग से न दिया जाय, तब तक वह कुछ नहीं पा सकता’’ (यूहन्ना 3:27)।

दुष्टात्मा इतनी ताकतवर और चतुर है कि वो हर धार्मिक प्रवचन, पवित्रशास्त्र के हर पद, समझाने के हर वचन को छीन लेता है - ‘‘वे विश्वास करके उद्वार पाएँ’’ (लूका 8:12)। सिर्फ प्रभु का विशिष्ट अनुग्रह ही शैतान के सामर्थ्य और ताकत और धूर्तता को जीत सकता है - मनुष्य आत्मा के परिवर्तन में।

‘‘जब तक मनुष्य को स्वर्ग से न दिया जाय, तब तक वह कुछ नहीं पा सकता’’ (यूहन्ना 3:27)।

‘‘अद्भूत अनुग्रह!’’ इसे गाइये!

अद्भूत अनुग्रह! कितना मीठा स्वर है
   जिसने मेरे जैसे दुष्ट को बचाया।
मै एक बार खोया हुआ था, परंतु अब मिल गया हूँ,
   अंधा था, परंतु अब मैं देखता हूँ।
(‘‘अद्भूत अनुग्रह’’ जोन न्युटन द्वारा, 1725 - 1807)।

II. दूसरा, क्योंकि आपके मृत मन का भ्रष्टाचार आपको बचाये जाने से दूर रखेगा।

प्रभु के अनुग्रह के बिना, आपका पूरी तरह दुष्ट मन कभी भी सुसमाचार का स्वीकार नहीं करेगा और मसीह के पास नहीं आयेगा। इस दूषित लाश का चलना असंभव हैं। और आप जैसे मरे हुए पापी के लिये अपने आप मसीह के पास आना नामुमकिन है।

महेरबानी करके यूहन्ना 6:44 पर फिरे। चलीये खडे रहते है और ये पद जोर से पढ़ते है।

‘‘कोई मेरे पास नहीं आ सकता जब तक पिता, जिसने मुझे भेजा है, उसे खींच न ले ः और मैं उसे अंतिम दिन फिर जिला उठाऊँगा’’
    (यूहन्ना 6:44)।

आप बैठ सकते हो। ‘‘कोई मेरे पाास नहीं आ सकता, जब तक पिता ... उसे खींच न ले।’’ यह एकदम स्पष्ट और एकदम सरल है इस पद में। आप ‘‘पाप मे ंमरे हुए’’ हो (इफिसियों 2:5)। आप के पास मरे हुए आदमी के घुटनों के बल चलके शवपेटी से बाहर आने से ज्यादा ताकत नहीं है मसीह के पास आने के लिये!

वाइटफिल्ड ने कई बार कहा कि लोगो को खुद के दोष को देखना आवश्यक है उनके सच्चे परिवर्तन का अनुभव करने से पहले। आप को देखना ही चाहिये कि आप खोये हुए हो। इसका अर्थ है कि आप जो प्रार्थना करते हो वो आपको मदद नहीं कर सकती। आप जो कुछ भी सीखते हो वो आपको मदद नहीं कर सकता। कोई भी ‘‘निर्णय’’ आप करते हो वो आपके लिये कुछ भी अच्छा नही कर सकता। आप खोये हुए हो - पापो में मरे हुए - और ‘‘कोई मेरे (मसीह) पास नहीं आ सकता जब तक पिता ... उसे खींच न ले।’’ अगर प्रभु आपको आपकी वर्तमान अवस्था में छोड देते है, तो आप बदनसीब हो। आप अपने आपको बचा नहीं सकते - नाही आप अपने आपकी मुक्ति के लिये कुछ कर सकते हो।

‘‘जब तक मनुष्य को स्वर्ग से न दिया जाय, तब तक वह कुछ नहीं पा सकता’’ (यूहन्ना 3:27)।

‘‘अद्भूत अनुग्रह!’’ इसे गाइये!

अद्भूत अनुग्रह! कितना मीठा स्वर है
    जिसने मेरे जैसे दुष्ट को बचाया।
मै एक बार खोया हुआ था, परंतु अब मिल गया हूँ,
    अंधा था, परंतु अब मैं देखता हूँ।

III. तीसरा, क्योंकि आपका मरा हुआ मन पापों में अनिश्चिंत रहेगा।

प्रभु के अनुग्रह के अलावा, आपका मरा हुआ मन कभी भी उसकी पूरी पापपूर्णता से निश्चिंत नहीं होगा प्रभु की दृष्टि में। सिर्फ पवित्र आत्मा की शक्ति से मरे हुए आदमी का मन देख सकता है और तिरस्कार कर सकता है उसकी भयानक पाप पूर्णता को।

यीशु बात करते है पूरी आवश्यकता की पवित्र आत्मा के द्वारा समझाने कि पाप से भरे पत्थर दिल मरे हुए खोये व्यक्ति को। यीशु ने कहा,

‘‘और वह (पवित्र आत्मा) आकर संसार को पाप और धार्मिकता और न्याय के विषय में निरूत्तर करेगा’’ (यूहन्ना 16:8)।

आप अपने पापो के बारे में बहुत ही कम सोचेंगे जब तक प्रभु आपको इसके बारे में सोचने के लिये नहीं बनाते। आप बहुत कम अनुभव करेगे सद्विचार के अंदरूनी दर्द को जब प्रभु आपके सामने आपके पापो की तीव्रता को नहीं लाते। यहीं मुख्य कारण है कि आप अब तक बचाये नहीं गये हो। आपके पास कोई प्रमाण नहीं है बडे पाप, जो आपने किये है उसका, बडे पाप जो परमेश्वर के प्रमाण में हैं, बडे पाप जो आपको अनन्त दण्ड के लिये शापित करेंगे। परंतु आपके पाप आपको बहुत अमहत्वपूर्ण लगते हैं, और बहुत धुंधला और अवास्तविक - जब तक प्रभु आपको पापो की प्रतीति नही कराते। नही, आप आपने आपको पापो की प्रतीति में नहीं ला सकते। सिर्फ परमेश्वर ही वो कर सकते है।

‘‘जब तक मनुष्य को स्वर्ग से न दिया जाय, तब तक वह कुछ नहीं पा सकता’’ (यूहन्ना 3:27)।

‘‘अद्भूत अनुग्रह!’’ इसे गाइये!

अद्भूत अनुग्रह! कितना मीठा स्वर है
   जिसने मेरे जैसे दुष्ट को बचाया।
मै एक बार खोया हुआ था, परंतु अब मिल गया हूँ,
   अंधा था, परंतु अब मैं देखता हूँ।

IV. चौथा, क्योंकि आपका मरा हुआ मन शारीरिकता से यीशु मसीह का अस्वीकार करता है।

आप स्वयं को बचाने के लिये कुछ भी नहीं कर सकते - क्योंकि आपका मरा हुआ मन बहुत सरलता से यीशु, उद्धारक का अस्वीकार करता है। आप तेल और पानी नहीं मिला सकते। दोनो अपने आपही अलग रहेंगे। और आप मरे हुए मन और यीशु मसीह को भी नहीं मिला सकते। कोई बात नहीं कि आप क्या कहते या करते हो। आपका मरा हुआ मन यीशु को नहीं पायेगा, या ‘‘मिलेगा’’ यीशु के साथ। ये अपने आप उनसे अलग रहेगा। यह शारीरिकता से दूसरे प्रकाश की नहीं हो सकती।

महेरबानी करके 1 कुरिन्थियो 2:14 पर फिरे। चलिये साथ में खडे रहते है और इस पद को जोर से पढ़ते है।

‘‘परंतु शारीरिक मनुष्य परमेश्वर के आत्मा की बातें ग्रहण नहीं करता, क्योंकि वे उसकी दृष्टि में मूर्खता की बाते हैं, और न वह उन्हें जान सकता है क्योंकि उनकी जाँच आत्मिक रीति से होती है’’
    (1 कुरिन्थियों 2:14)।

आप बैठ सकते हो।

‘‘शारीरिक मनुष्य’’ - जो आप हो, आपकी शारीरिक अवस्था में। आप में परमेश्वर के अद्भूत कार्य के बिना, आप शारीरिक रूप से मसीह और सच्ची मुक्ति से अनजान रहोगे। प्रभु के अलौकिक कार्य की आपकी आत्मा में आवश्यकता है, या आप यीशु मसीह स्वयं के पास कभी भी नहीं आयेंगे। आप कभी भी उनके लहू द्वारा शुद्ध नहीं किये जाओगे। अगर आप अपने आप पर छोड दिये जाते हो। सिर्फ प्रभु आपको यीशु के पास ला सकते है। आप अपने आप से यीशु को नहीं पा सकते हो। आप पाप में ही रहोगे, और पाप मे मरोगे और पाप की अनंतता के लिये अधोलोक में रहोगे - जब तक परमेश्वर बीच में आकर आपको उद्धारक यीशु के पास नहीं ले आते।

‘‘जब तक मनुष्य को स्वर्ग से न दिया जाय, तब तक वह कुछ नहीं पा सकता’’ (यूहन्ना 3:27)।

ओह, हम कैसे प्रार्थना करे कि प्रभु को आप पर दया आये और आपको यीशु तक ले जाये, आपको पापो से उनके बहुमूल्य लहू द्वारा शुद्ध करने! आमीन! ‘‘अद्भूत अनुग्रह!’’ इसे गाइये!

अद्भूत अनुग्रह! कितना मीठा स्वर है
   जिसने मेरे जैसे दुष्ट को बचाया।
मै एक बार खोया हुआ था, परंतु अब मिल गया हूँ,
   अंधा था, परंतु अब मैं देखता हूँ।

(संदेश का अंत)
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धार्मिक प्रवचन के पहले डो. क्रेगटन् एल. चान द्वारा पढा हुआ पवित्रशास्त्र ः यूहन्ना 3:22-30।
धार्मिक प्रवचन के पहले श्रीमान बेन्जामिन किनकेड ग्रीफिथ द्वारा गाया हुआ गीत ः
“अनुग्रह! यह सुंदर स्वर है” (फीलीप डोड्रीज़ द्वारा, 1702 - 1751)।


रूपरेखा

क्यों परमेष्वर चीन को आषीर्वाद और अमेरिका को दंड देते है!

डो. आर. एल. हायर्मस, जुनि. द्वारा

‘‘जब तक मनुष्य को स्वर्ग से नदिया जाय, तब तक वह कुछ नहीं पा सकता’’
(यूहन्ना 3:27)।

I.    पहला, क्योंकि वहाँ पर दुष्टात्मा है जो आप को बचाये जाने से दूर रखेगा, लूका 8:12।

II.   दूसरा, क्योंकि आपके मृत मन का भ्रष्टाचार आपको बचाये जाने से दूर रखेगा, यूहन्ना 6:44; इफिसियों 2:5।

III.  तीसरा, क्योंकि आपका मरा हुआ मन पापों में अनिश्चित रहेगा,
   यूहन्ना 16:8

IV.  चौथा, क्योंकि आपका मरा हुआ मन शारीरिकता से यीशु मसीह का अस्वीकार करता है, 1 कुरिन्थियों 2:14।