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कटनी का समय अब है !

HARVEST TIME IS NOW!

डो.आर.एल.हायर्मस, जुनि. द्वारा
by Dr. R. L. Hymers, Jr.

लोस एंजलिस के बप्तीस टबरनेकल में प्रभु के दिन की षाम, 7 अगस्त, 2011,
को दिया हुआ धार्मिक प्रवचन
A sermon preached at the Baptist Tabernacle of Los Angeles
Lord’s Day Evening, August 7, 2011

“क्या तुम नहीं कहते, कटनी होने में अब भी चार महीने पडे है? देखो मैं तुम से कहता हूँ, अपनी आँखे उठाकर खेतों पर दृश्टि डालो कि वे कटनी के लिये पक चुके है” (युहन्ना 4 : 35)।


वीलीयम मेकडोनाल्ड ने कहा,

संयोग से चेले आपस में आनेवाली कटनी के बारे में बात कर रहे थे। या संयोग से ये षायद यहूदीयों मे सामान्य कहावत थी, “चार महिने बीज बोने और कटनी के बीच” कोई भी किंमत पर, प्रभु यीषु ने फिर से कटनी की भौतिक हकीकत इस्तेमाल की आधुनिक पाठ पढ़ाने के लिये। चेलो को यह नही सोचना चाहिये कि कटनी का समय अभी भी दूर है। उन्हे (नही सोचना चाहिये) की प्रभु का कार्य बाद मे भी कर सकते है। उन्हे महसूस होना चाहिये कि खेत पक चुका है कटनी के लिये... उसी समय जब प्रभुने यह षब्द कहे थे, वे कटनी के खेत के बीच में थे, जहाँ सामरिया के आदमी और औरतो की आत्मा थी। वे चेलोसे कह रहे थे कि खलिहान का बडा काम उनके सामने खडा था, और वो उन्हे अपने आप को तुरंत और परिश्रम से देना चाहिये।
इसलिये आज प्रभु (हमे) कहते है, “अपनी आँखे उठाकर खेतों पर दृश्टि डालो”। (षायद) प्रभु हमारे मन पर खोये हुओ का बोज डाले जो हमारे आस-पास है। फिर यह पर है कि हम उनके लिये आगे जायें, पके हुए धान का गठरा अंदर लाने का प्रयत्न करे (वीलीयम मेकडोनाल्ड, बीलीवर्स बाइबल कोमेन्ट्री, थोमस नेल्सन प्रकाषन, 1995, पृश्ठ. 1487; यूहन्ना 4 : 35 पर टीप्पणी)।

अब मैं यूहन्ना 4 : 35 और मती 9 : 37-38 से तीन सरल मुददे लानेवाला हूँ।

I. पहला, कटनी के लिये इकठ्ठा होने का समय अब है।

मेरे दोनो दादा किसान थे। उन्होने वसंत ऋतु मे बीज बोये और काटे, या अंदर लाये, कटनी के समय। कटनी अंदर लाने को कहते है “काटना”। चेले यीषु के साथ सिर्फ थोडे ही समय थे। परन्तु उन्हे आत्मा जीतने के बारे में पता चल चुका होगा, क्योंकि यीषु ने उन्हे तुरंत कहा, जब उसने पहले उनको बुलाया, “मेरे पीछे चले आओ, तो मैं तुम को मनुश्यों के पकडनेवाले बनाऊँगा” (मती 4 : 19)। परन्तु अब वे नगर मे गये खाना खरीदने । जब वे जा चूके थे, यीषु आत्मा जीतने के काम मे गये।

“इस बीच उसके चेलों ने यीषु से यह विनती की, हे रब्बी, कुछ खा ले। परन्तु उसने उनसे कहा, मेरे पास खाने के लिये ऐसा भोजन है जिसे तुम नहीं जानते। तब चेलों ने आपस में कहा, क्या कोई उसके लिये कुछ खाने को लाया है? यीषु ने उनसे कहा, मेरा भोजन यह है कि अपने भेजनेवाले की इच्छ के अनुसार चलूँ और उसका काम पूरा करूँं। क्या तुम नही कहते, कटनी होने मे अब भी चार महीने पड़े है ? देखो, मैं तुम से कहता हुँ, अपनी आँखे उठाकर खेंतो पर दृश्टि डालो कि वे कटनी के लिये पक चुके है” (यूहन्ना 4 : 31-35)।

कटनी के लिये चार महीने तक मत रूकिये! “खेतों पर दृश्टि डालो कि वे कटनी के लिये पक चुके है” (यूहन्ना 4 : 31-35)।

आप मे से षायद कुछ सोचे, “मैं गिरावट तक राह देखुँगा। वो जब हम बहुत से लोगो के अंदर लाते है।” गलत! आज कटनी का समय है ! हमे लंबे अभ्यास के बाद पता चला कि 4 जुलै (अमरिका का प्रजासत्तक दिन) के बाद के रविवार है जब हम कटनी की षुरूआत करते है ! कटनी का समय अब है !

“क्या तुम नही कहते, कटनी होने मे अब भी चार महीने पड़े है? देखो, मैं तुम से कहता हुँ, अपनी आँखे उठाकर खेतों पर दृश्टि डालो कि वे कटनी के लिये पक चुके है”
    (यूहन्ना 4 : 31-35)।

कटनी का समय अब है! डो. जोन आर. राईसने उनके मनको छुनेवाले गीतो में से एक में यह अच्छा कहा,

आज हम काटे, या हमारी सुनहरी कटनी चुक जायेगी
   आज हमें दिये गये है खोचे हुए आत्मा जीतने।
ओह फिर कोई प्यारो को जलने से बचाने,
   आज हम जायेंगे और कुछ खोये हुओ को अन्दर लायेंगे।
(“कितना कम समय” डो. जोन आर राइस, द्वारा, 1895-1980)।

आज हम काटेंगे-या हमारी सुनहरी कटनी चुक जायेगी! हमें पता चलता है कि आभार व्यक्त (Thanksgiving) करने के बाद यह बहुत कठीन हो जाता है। और यह करीबन असंभव है क्रीसमस के समय लोस एंजलिस के अनन्त षहर मे। जनवरी और फरवरी मेे ठंड और वर्शा होती है-और बहुत से युवा लोगो के महाविद्यालय मे वीन्टर सेसन (winter session) होता है। यह बहुत कठीन है बाद मे। ठंडी की ऋतु और वसंत ऋतु मे वहाँ पर बहुत सी रूकावटे होती है। लोग चले जाते है हर वक्त जब भी तीन दिनो की छुट्टी होती है हफते के अंत मे। वहाँ पर तीन दिन की छुट्टीयाँ है मार्टीन लुथर कींग के लिये। वहाँ पर हफते के अंत मे तीन दिन की छुट्टी है राश्ट्रपति दिन के लिये। वहाँ पर अर्धवार्शिक परीक्षा है। वहाँ पर मातृदिन है। वहाँ पर स्मारक दिन है। वहाँ अंतिम परीक्षायें है। वहाँ पितृदिन है! यह सब यहाँ हमारे सुसमाचार प्रचार में बाधा डालते है इस बडे और दुश्ट षहर में। परन्तु फिर चार जुलै के बाद, कटनी का समय षुरू होता है। अभी, 7 अगस्त को हम हमारी बडी कटनी के बीच मे है!

“क्या तुम नही कहते, कटनी होने में अब भी चार महीने पडे है? देखो, मैं तुम से कहता हुँ, अपनी आँखे उठाकर खेतो पर दृश्टि डालो कि वे कटनी के लिये पक चुके है” (यूहन्ना 4 : 35)।

“आज हम काटें”! इसे गाइये!

आज हम काटे, या हमारी सुनहरी कटनी चुक जायेगी
    आज हमें दिये गये है खोचे हुए आत्मा जीतने।
ओह फिर कोई प्यारो को जलने से बचाने,
    आज हम जायेंगे और कुछ खोये हुओ को अन्दर लायेंगे।

खोयी हुई आत्माओं की गिरावट की कटनी के लिये इकठ्ठा होने का अभी समय है!

II. दूसरा, वहाँ पर बहुत सी खोयी हुई आत्मा है काटने के लिये।

महेरबानी करके मती 9 : 36-37 पर फिरो। यह दो पद जोर से पढ़ो।

“परन्तु जब उसने भीड़ को देखा तो उसको लोगों पर तरस आया, क्योंकि वे उन भेड़ो के समान जिनका कोई रखवाला न हो, व्याकुल और भटके हुए से थे। तब उसने अपने चेलों से कहा, पके खेत तो बहुत है पर मजदूर थोडे है”
    (मती 9 : 36-37)।

यीषु ने खोयी हुई भीड़ को देखा। वे उनके लिये तरस खाके चले। उन्होने देखा कि वे खोये हुए थे, “भेड जिसका कोई रखवाला ल हो”। उन्होने कहा, “पके खेत तो बहुत है।”

यह आज भी सच है! पके खेत तो बहुत है। आप के स्नेहीजनो को आभार देनेवाले विषिश्ट भोज (Thanksgiving Banquet) मे लाने के लिये मत रूकिये! ओह, नही! उन्हे अभी लाओ - अगले रविवार! वे सरल प्रचार किया हुआ सुसमाचार सुनेंगे। वे आभार देने के बाद षुरूआत होने वाली चीजो से विचलित नही होंगे। अगर आप उन्हे अभी कलीसिया मे लाते हो सुसमाचार सुनने, हो सकता है कि आप अगले रविवार को भी उन्हे ला सको। डो. राईसने कहा,

ओह, आपके स्नेहीजनो को लाओ,
    उन्हे यीषु के पास लाओ!
हर भाई और बहन को उनके पास लाओ!
   जब काटनेवाले आते है, कटनी के घर से,
प्रभु करे हमारे सारे स्नेहीजन सुरक्षितता से इकठ्ठे हो जाये!
    (“ओह, अपने स्नेहीजनो को लाओ” डो. जोन आर. राईस द्वारा,
1895-1980)!

आप अपने मातापिता, या अपने भाई और बहनो को सिर्फ प्रार्थना से नही जीत सकते। आप मे से कुछ प्रार्थना पर प्रार्थना किये जाते होगें, परन्तु आपके स्नेहीजन अभी भी खोये हुए है। आपको व्यापार करना है। आपको “लोगेा को विवष करके” (लूका 14:23) लाना है। जब अन्द्रियास यीषु से मिले, बाइबल कहता है, “उसने पहले अपने सगे भाई षमौन (पतरस) से मिलकर उस से कहा, हम को ख्रिस्त अर्थात मसीह मिल गया। और वह उसे यीषु के पास लाया...” (यूहन्ना 1:41-42)। अन्द्रियास को ज्यादा जानकारी नहीं थी। परन्तु उसे पता था कि यीषु मसीह थे, “और वह (पतरस) को यीषु के पास लाया।” अन्द्रियास ने पतरस को यीषु के पास आने सिर्फ प्रार्थना नही की! नही! “वो उसे यीषु के पास लाया।” आप में से कोई अपने रिष्तेदारो के लिये लंबे समय प्रार्थना कर रहे होगें, परन्तु कुछ उन्हे चलाने जैसा नही लगता था। अगर वे जानते कि आप मन से तूट जायेगे कि वे अभी तक खोये हुए है, अगर वे आपकी आवाज मे गहरा उत्साह, आपके स्वर मे विनती जान सके, वे षायद कलीसिया आये और सुसमाचार सुने, और बचाये जाये।

“फिर जिस पर उन्होंने विष्वास नहीं किया, वे उसका नाम कैसे लें? और जिसके विशय सुना नहीं उस पर कैसे विष्वास करें? और प्रचारक बिना कैसे सुनें?” (रोमियों 10 : 14)।

डो. राइस ने कहा,

अब समय है चेतावनी देने का अब समय है वींनती करने का,
    अब समय है रोने का, क्रूस को वफादार होने का।
स्वर्ग मे बहुत देर हो गयी हमारे स्नेहीजनो को जीतने;
    बहुत देर हो गयी प्रार्थना करने मे, खोये हुओ पर रोने मे।
ओह, आपके स्नेहीजनो को लाओ, उन्हे यीषु के पास लाओ!
    हर भाई और बहन को उनके पास लाओ!
जब काटनेवाले आते है, कटनी के घर से,
    प्रभु करे हमारे सारे स्नेहीजन सुरक्षितता से इकठ्ठे हो जाये।
(डो. जोन आर. राईस. ibid.)।

कोई षायद कहे, “डो. हायर्मस, मैंने बहुत प्रयत्न किये, परन्तु वे सुनेंगे नही।” मै जानता हुँ वों कैसा लगता है। परन्तु छोड़ीये मत! “यदि हम ढीले न हों तो ठीक समय पर कटनी काटेंगे” (गलातियों 6:9)। आप अभी सोच रहे है रिश्तेदार या परिचित के बारे मे जिसे आप जानते हो, आपको उन्हे अगले रविवार लाना चाहिये। आओ और तख्त के सामने घुटनो के बल बैठो, और हम प्रभु से प्रार्थना करेंगे आपको उत्साह और विष्वास देने के लिये ताकि आप जाओ और “उन्हे अन्दर आने को विवष करोे।” (प्रार्थना)। वह समूहगान फिर से गाओ, जैसे ही आप अपनी जगह लौट जाते हो।

ओह, आपके स्नेहीजनो को लाओ,
   उन्हे यीषु के पास लाओ!
हर भाई और बहन को उनके पास लाओ।
   जब काटनेवाले आते है, कटनी के घर से,
प्रभु करे हमारे सारे स्नेहीजन सुरक्षितता से इकठ्ठे हो जाये।

III. तीसरा, मजदूर थोड़े है।

“जब उसने भीड़ को देखा तो उसको लोगो पर तरस आया, क्योंकि वे उन भेंडो के समान जिनका कोई रखवाला नहो, व्याकुल और भटके हुए से थे। तब उसने अपने चेलों से कहा, पके खेत तो बहुत है पर मजदूर थोड़े है। इसलिये खेत के स्वामी से विनती करो कि वह अपने खेत काटने के लिए मजदूर भेज दे” (मती 9:36-38)।

यहाँ पर और दुसरा विचार है। “जब उसने भीड़ को देखा।” हमारे पास होगे युवा लोगो की भीड़ हमारे कलीसिया मे आने, हमारे रोजाना सुसमाचार प्रचार के द्वारा अगले कुछ हफतो मे। परन्तु वे क्या जानेंगे जब वे यहाँ आयेंगे? क्या वे जानेगें कि उनके साथ आप गर्म और मित्रतापूर्ण हो? क्या वे जानेंगे कि उनसे मित्रता करने आप उत्सुक हो और उन्हे घर की तरह महसूस करायेंगे ? या वे महसूस करेगे कि आपको हकीकत मे उन्की चिन्ता नही है? आप जानते हो, लोग ऐसा महसूस कर सकते है।

क्या अगले रविवार आप यह याद रखेगें? यह लंबा रास्ता है! पीछले षनिवार रात को मैंने धार्मिक प्रवचन दिया था मसीह के उत्साह पर। एक मुददा था, “हमें हमारे गाने मे लवलीन होना चाहिये।” यह मुददा बहुत उत्तेजना के साथ षनिवार रात को मिला। परन्तु बारह घंटो के बाद, रविवार सुबह मे, हमारे पास बूरे गाने थे जो हमारे पास महीनो से थे। क्यों? क्योंकि आधुनिक चीजो में आदमी बहुत कमजोर और आलसी है। हम परिवर्तित होने के बाद भी, हम सुस्त और आलसी होना पसंद करते है। यह असर है गिरावट का! इसलिये, हमारे कलीसिया में जो षनिवार रात को प्रचार किया जाता है वो दुसरे दिन सुबह बहुत लोगो द्वारा भुलाया जा चुका था।

इस धार्मिक प्रवचन के साथ भी यही होगा। यीषु ने कहा, “पके खेत तो बहुत है, पर मजदूर थोड़े है।” यह हमारे बीच में सच है। हम हमारे कलीसिया मे बहुत से और लोगो देखेगें अगर वँहा पर ज्यादा मजदूर होगे।

धन्यवाद प्रभु, की हमारे पास कुछ मजदूर है। परन्तु बहुत से लोगो को हमारे कलीसिया मे भी, खोयी हुई आत्मा जीतने के लिये पर्याप्त धुन नही होती। हमारे छोटे याजक और मार्गदर्षक भीड़ अन्दर लाते है, “परन्तु मजदुर थोड़े है,” इसीलिये उनमे से ज्यादातर धीरे से चले जाते है और फिर लौटकर नही आते। ओह, अगर हमारे युवा लोग जागृत होते है, कितनी अद्भूत करनी होगी वहाँ पर! परन्तु ज्यादातर जागेगें नही। वे लोट जायेगें और फिर से वही चीज दुसरे रविवार करेगे जो उन्होने पीछले रविवार को की थी। धन्यवाद प्रभु की हमारे पास अब कुछ मजदूर है! परन्तु यीषु ने कहा,

“मजदूर थोडे है; इसलिये खेत के स्वामी से विनती करो कि वह अपने खेत काटने के लिए मजदूर भेज दे”
    (मती 9 : 37-38)।

हमे सोरिया, षीला, अेन्थोनी, जेक और टीना जैसे ज्यादा काम करनेवालो के लिये प्रार्थना करनी ही चाहिये - उनके जैसे लोग, जो कटनी मे काम करने का याद रखते है; लोग जो धुन से काम करेंगे, पीछे लटकने के बजाय, सोते हुए रास्तो मे, खोयी हुई आत्मा को कलीसिया मे लाने की रूचि न रखते हुए।

हर रविवार कटनी बहुत लंबी नही होती। ये करीबन आधा घंटा होती है, हमारे साथ खाना खाने के बाद। उस आधे घंटे मे क्या होता है वो बताता है कि हम कटाई करे या नही। सोये हुए बाहर विश्रातिंगृह मे रहते है, या मिलन मे आधे मन से आते है। उनकें पास आवष्यकता या धुन उन खोये हुओ के लिये नही होती। वे अगले रविवार भी ऐसे ही होगें जैसे पीछले रविवार थे। वे जागृत नही होगे जब तक वहाँ प्रभु की विषिश्ट चाल नही हो।

“पके खेत तो बहुत है, पर मजदूर थोडे है; इसलिये खेत के स्वामी से विनती करो कि वह अपने खेत काटने के लिये मजदूर भेज दे” (मती 9:37-38)।

“कितना कम समय।” इसे गाइये!

कितना कम समय! कटनी पूरी हो जाएगी,
    हमारी कटाई हो गई, हम काटनेवालो को घर ले जाया गया। हमारा काम यीषु, कटनी के प्रभु को बताया गया,
    और आषा रखते है वे मुस्कुराएगें,
और वे कहेगें “अच्छा किया!”
    आज हम काटे, या हमारी सुनहरी कटनी चुक जायेगी,
आज हमे दिये गये है, खोये हुए आत्मा जीतने।
    ओह फिर कोई प्यारो को जलने से बचाने
आज हम जायेगे और कुछ खोये हुए को अन्दर लायेंगे।
   (डो. जोन आर. राईस. ibid.)।

भविश्यवक्ता यिर्मयाह ने कहा, “कटनी का समय बीत गया, फल तोड़ने की ऋतु भी समाप्त हो गई, और हमारा उद्धार नही हुआ” (यिर्मयाह 8:20)। यह अब सात अगस्त है। वहाँ पर सिर्फ तीन और रविवार है, और फिर अगले वर्श तक ग्रीश्मऋतु समाप्त। आप इस वसंत ऋतु और ग्रीश्मऋतु से गुजरे, और “फल तोड़ने की ऋतु भी समाप्त हो गई, और (आप) का उद्धार नही हुआ”। आप जानते हो कि मसीह मरे हमारे पापो को चुकाने। आप जानेते हो कि वे मृत्यु से उठे - और अब स्वर्ग में है, पितामह के बाजुमें । आप जानते हो कि मसीह आपने पापो को उनके लहू के द्वारा धो सकते है अगर आप उनके पास आते हो। आपने मुझे अनगिनत बार यह कहते हुए सुना होगा और फिर भी आप “बचाये नही गये हो।” इतने मौके होने के आब भी, आप पीछे क्याँ रह गये? आपने उनके पास आने का अस्वीकार क्यो किया? पष्चाताप किजीये और मसीह के पास आइये!

आप बाकी लोगों से मैं कहता हुँ, “आज हम काटे” - खडे रहीये और डो. राइस के गीत का समूहगान फिर से गाइये।

आज हम काटे, या हमारी सुनहरी कटनी चुक जायेगी!
   आज हमे दिये गये है, खोये हुए आत्मा जीतने।
ओह, फिर कोइ प्यारो को जलनक से बचाये,
   आज हम जायेगे और कुछ खोये हुए को अन्दर लायेगे।

(संदेश का अंत)
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धार्मिक प्रवचन से पहले डो. क्रेगटन एल. चान द्वारा पढा हुआ पवित्र षास्त्र : मती 9 : 35-38।
धार्मिक प्रवचन से पहले श्रीमान बेजामिन किनकेड ग्रीफिथ द्वारा गाया हुआ गीत :
“कितना कम समय” (डो. जोन आर. राईस द्वारा, 1895-1980)।


रूपरेखा

कटनी का समय अब है !

डो.आर.एल.हायर्मस, जुनि. द्वारा

“क्या तुम नहीं कहते, कटनी होने में अब भी चार महीने पडे है? देखो मैं तुम से कहता हूँ, अपनी आँखे उठाकर खेतों पर दृश्टि डालो कि वे कटनी के लिये पक चुके है” (युहन्ना 4 : 35)।

I.   पहला, कटनी के लिये इकठ्ठा होने का समय अब है, मती 4 : 19;
    यूहन्ना 4 : 31-35।

II.  दूसरा, वहाँ पर बहुत सी खोयी हुई आत्मा है काटने के लिये,
मती 9 : 36-37; लूका 14 : 23; यूहन्ना 1 : 40-41;
रोमियो 10 : 14; गलातियों 6 : 9।

III. तीसरा, मजदूर थोड़े है, मती 9 : 36-38; यिर्मयाह 8 : 20।