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प्रभु का ले जाना और मनुश्य का प्रयत्न करना

WHAT WILL YOU DO WHEN THE DOOR IS SHUT?

डॉ. आर. एल. हायमर्स, जुनि. द्वारा
by Dr. R. L. Hymers, Jr.

लोस एंजलिस के बेप्टीस टबरनेकल मे प्रभु की षाम, मई 9,
2010 को दिया गया धार्मिक प्रवचन.
A sermon preached at the Baptist Tabernacle of Los Angeles Lord’s Day Evening, May 16, 2010

“सकेत द्वार से प्रवेष करने का यत्न करो; क्योंकि, मैं तुम से कहता हूँ, कि बहुत से प्रवेष करना चाहेंगे, और न कर सकेंगे” (लूका 13:24)।


पीछले रविवार की रात को मैंने “पुनरूत्थान अभी!” षिर्शक पर धार्मिक प्रवचन दिया, वह इफिसियो 2:4-6 की प्रस्तुति का प्रदर्षन था,

“परन्तु परमेष्वर ने जो दया का धनी है, अपने उस बड़े प्रेम के कारण जिस से उसने हमसे प्रेम किया, जब हम अपराधों के कारण मरे हुए थे तो हमे मसीह के साथ जिलाया (अनुग्रह ही से तुम्हारा उध्धार हुआ है;) और मसीह यीषु मे उसके साथ उठाया, और स्वर्गीय स्थानो मे उसके साथ बैठाया” (इफिसियो 2:4-6)।

मैंने कहॉ की नया जन्म-पुनःजन्म के नाम से भी जाना है-उसे बाइबल मे आत्मा का पुरूत्थान कहॉ गया है। धार्मिक प्रवचन के मुदे थे (1) पहला, हम मरे हुअे थे; (2) दूसरा, हमे जिवीत किया गया; और (3) तीसरा, हमें परमेष्वर की ताकत से उठाया गया ताकि “यीषु मसीह के साथ स्वर्गीय स्थानों पर बैठाया जाये” (इफिसियो 2:6)। मैंने बताया की “यीषु के पास आना प्रभु की कृपा और ताकत से ही संभव हुआ है, की वह अपनी आत्मा ऊपर तक खींचकर यीषु तक ले जाये जब हम परिवर्तित हो।” सिर्फ यही तरीके से एक बच्चा “क्रोध से”, “पापो मे मरे हुए”, यीषु के पास आ सकते है (इफिसियो 2:3,5)

परन्तु मैंने धार्मिक प्रवचन का अंत ये प्रष्न से किया की “आपको क्या करना चाहिये, अगर आप अभी भी खोये हुए हो?” और फिर मैंने अपने विशय का पहला भाग दिया, “अंदर प्रवेष करने का प्रयत्न करो।” किसीने निःसंदेह सोचा, “अगर मैं पापो से मरा हुआ हुँ तो यीषु के पास अंदर प्रवेष करने का प्रयत्न कैसे करूँ?” कम से कम मैं आषा रखता हुॅ की कोई इतने तक तो गया, और इतनी गहराई से सोचा! ज्यादातर धार्मिक प्रवचन लोगो के दिमाग के ऊपर से नीकल जाता है, और कोई सोच नहीं उभरती। ये हकीकत मे एक जरूरी मुदा है! एक आदमी जो “पापो से मरा हुआ है” वह यीषु के आदेष कैसे मान सकता है-“अंदर प्रवेष करने का प्रयत्न करो?” आत्मा से मरा हुआ मनुश्य ये कैसे कर सकता है? आत्मा से मरा हुआ मनुश्य ये कैसे कर सकता है? वह कैसे “अंदर प्रवेन करने का प्रयत्न” कर सकता है? डो.लेन्सकीने उस प्रष्नके बारे मे बोला,

परन्तु ये उस षिक्षण के विरूध्द में नहीं है की मनुश्य आत्मा से मरा हुआ है और महेनत और प्रयत्न नहीं कर सकता? ये महेनत, परिश्रम मनुश्य की भश्ट्र कुदरती ताकत (द्वारा किया) नही किया जाता वे कभी नहीं अंदर सकेत द्वार से प्रवेष करने का प्रयत्न कर सकते या कर सकेंगे। ये परिश्रम (प्रभु की ताकत, काम) द्वारा उस पर और मनके अंदर किया गया है (आर. सी.एच.लेन्सकी, डी.डी., सेंट लूका के सुसमाचार का भाशांतर, अगसबर्ग प्रकाषन घर, 1961 की प्रत, पृश्ठ 748; लूका 13:24 पर टीप्पणी।

मैं आज रात ज्यादा नहीं बोलनेवाला हुुँ। परन्तु मुझे यीषु के पास आने के दो मुदे जहाँ तक संभव है स्पश्ट करने है।

।. पहला, प्रभु हमे यीषु तक ले जाते है।

यीषु ने ये स्पश्ट किया की हमे उन तक जाना है। उन्होने कहॉ,

“हे सब परिश्रम करनेवालो और बोझसे दबे हुए लोगो, मेरे पास आओ; मैं तुम्हे विश्राम दूँगा” (मती 11:28)

हमे यीषु के पास हमारे आत्मा की षांति और चैन के लिये प्रभु के साथ आना चाहिये। यीषुने फिर से कहॉ,

“जो मेरे पास आता है वह कभी भुखा न होगा” (यूहन्ना 6:35)।

हमे यीषु के पास जरूर आना है, जिवन की रोटी, क्योंकि ये एक ही चीज़ है जो आपके मन भूख को तृप्त कर सकते है और आपको जीवन दे। यीषु क्रुस पर आपके पापो का दण्ड चूकाने के लिये मरे, और आपको अनन्त जिवन देने के लिये मृत्यु से उठे। यीषु ने फिर से कहॉ,

“जो कोइ्र मेरे पास आएगा, उसे मैं कभी न निकालूंगा” (यूहन्ना 6:37)।

यीषु के पास जो भी आते है उनका यीषु स्वीकार करते है। वे कभी उनके पास आने वाले को वापस नहीं भेजते।

फिर भी लोगं पूछते है, “यीषु कहॉ है? इस प्रष्न के बहुत से गलत जवाब है। परन्तु बाइबल हमे कइ्र बार कहता है की आज यीषु कहॉ है। आप यीशु के पास नहीं आ सकते अगर आपको ये पता नहीं है की वो कहॉ है। बाइबल हमे ठीक तरीके से बताता है की अभी वे कहॉ है। डो हेन्री एम. मोरीस ने कहॉ की वहाँ पर “यीषु के पिता के दाहिने हाथमें होने के इककीस संकेत बाइबल मे है” (हेन्री एम. मारिस, पीएच. डी., घ डीफेन्डर्स स्टडी बाइबल, वर्ल्ड प्रकाषन, 1995 प्रत, पृ 655; भजन संहिता 110:1 पर टीप्पणी)। मृत्यु से उठने के बाद वे फिर से तीसरे स्वर्ग में गये, और परमेष्वर के दाहिने हाथ पर जाकर बैठे। ये हकीकत हमे भजन संहिता 16:11; भजनसंहिता 110:1; इब्रानियो 1:3; मरकुस 12:36; लूका 20:42; पेरितो 2:34; रोमियों 8:34; इफिसियो 1:20; कुलुस्सियो 3:1; 1 पतरस 3:22; और पवित्र वाक्या के बहुत से और पद्य मे मिलती है। मरकुस 16:19 में हमे कहॉ गया है की,

“प्रभु यीषु उनसे बातें करने के बाद, स्वर्ग पर उठा लिया गया, और परमेष्वर की दाहिनी ओर बैठ गया” (मरकुस 16:19)।

इस लिये हमे बार बार कहॉ गया है की यीषु ऊपर तीसरी स्वर्ग मे है (2 कुरिन्थियो 12:2)- उस जगह मे जिसे वे “स्वर्गलोक” कहते है (लूका 23:43)।

परन्तु हमे ये भी कहा गया है की हमें उनके पास आना है और अपने पापो की माफी मांगकर अनन्त जीवन पाना है। हम वहाँ कैसे पहुच सकते है- वातावरण के ऊपर, ग्रहो के और तारा मंडल के पीछे? लोग कहते है, “मै यीषु के पास वहॉ उपर कैसे आ सकता हुँ-दूसरी दुनिया मे?” जवाब सरल है। आप अपने आपसे वहॉ नहीं जा सकते है! प्रभुने आपको उपर उठाना चाहिये और आपको “यीषु मसीह के साथ स्वर्गीय स्थानो मे बीठाना चाहिये” (इफिसियों 2:6)। आप यीषु के पास अपने आप नहीं आ सकते। प्रभु को ही आपको उनके पास ले जाना है-ऊपर स्वर्ग लोग मे सितारों के पीछे! यीषुने ये स्पश्ट किया जब उन्होने कहॉ,

“कोई मेरे पास नहीं आ सकता, जब तक पिता जिसने मुझे भेजा है उसे खींच न ले...” (यूहन्ना 6:44)।

प्रभु ने आपको यीषु के पास जरूर ले जाना चाहिये, जो उनके दाहिने हाथ में कीर्ती से बैठे है! ये मुक्ति की पवित्र बाजु है। प्रभुने आपको यीषु के पास ले जाना चाहिये ताकि आप उनके लहूसे अपने पापो को साफ करके षुध्द हो सको। यह प्रभु का काम है! यह प्रभु की ताकत द्वारा मुक्ति है-प्रभु की कृपासे मुक्ति!

अद्भूत कृपा! कितनी सूरीली आवाज़ है,
जिसने मूझ जैसे पापी को बचाया!
मै एक बार खो गया था, परन्तु अब मिल गया हुं,
अंध था, परन्तु अब देख सकता हुं।
(“अद्भूत कृपा” जोन न्यूटन द्वारा 1725-1807)।

यह पहला मुदा है। परन्तु यहॉ पर दूसरा मुदा भी है।

॥. दूसरा, हमे यीषु के पास प्रवेष करने का प्रयत्न करना चाहिये।

यीषु ने कहॉ

“सकेत द्वार (छोटे) से प्रवेष करने का प्रयत्न करो...” (लूका 13:24)।

ये मानवीय बाजु है। पवित्र बाजु वह है जो प्रभु हमे यीषु तक ले जाते है। हमे उनके पास जाने का प्रयत्न करना चाहिये वह मानवीय बाजु है! यीषु खुद “सकेत (छोटे) द्वार” है। “प्रयत्न षब्द जो अनुवाद किया गया है उसका मतलब है” “परिश्रम करना” या “झूजना”। यह ग्रीक षब्द मे “अगेनाईझोमाई” राजा जेम्स बाइबल मे अनुवाद किया गया है “प्रयत्न” मे। यह, फिर, से दो बाजु है की जब कोई यीषु के पास आता है तो क्या होा है और बचाया जाता है- प्रभु हमे ले जाते है, परन्तु हमे भी अंदर प्रवेष करने का प्रयत्न करना चाहिये। फिलिप्पियों 2:12-13 में दोनो बाजू दी गई है,

“... डरते और काँपते हुए अपने अपने उध्धार का कार्य पूरा करते जाओ। क्योंकि परमेष्वर ही है जिसने आनी सुइच्छा निमित्त तुम्हारे मन में इच्छा और काम दोना बातों के करने का प्रभाव डाला है” (फिलिप्पियों 2:12-13)।

प्रभु आपको जगाते है और आपको ले जाते है। परन्तु आपको यीषु के “अन्दर प्रवेष करने का प्रयत्न” करना चाहिये।

कोई भी जो प्रभु का ज्ञान जानता हो वह षायद कहे, “यह अेकता है”। नही, ये नही है। यह मानेरीझम है। केथलिक कलीसिया अेकता सीखता है-प्रभु की कृपा सं मनुश्य को पाने का रास्ता है। “निर्णायक्ता” ने इस भूल को इस तरह उठाया षुरूआत सी.जी.फिनेय के साथ की। इसलिये बहुत से सुसमाचार प्रवक्ता अपने आप और केथलिको में कोई खास फर्क नही देखते है। परन्तु उत्तम बचानेवाले और बप्तीसके विचारोने अेकता का अस्वीकार किया। पूराने बप्तीस और बचानेवालो ने मानेरीझम सिखाया-वो मुक्ति के हर विचार परमेष्वर से आते है। और मनुष्य की इच्छा पर आधारीत नहीं है। और मैं यह संदेष से ये कहना चाहता हुं कि प्रभु का ले जाना और मनुश्य का प्रयत्न करना दोनो एक ही जरीये से आते है-प्रभु। दोनो मुदे सिर्फ प्रभु अकेले ही से आते है। “उध्धार यहोवा ही (से) होता है” (योना 2:9)। परमेष्वर हमे यीषु तक ले जाते है। और प्रभु हम मे काम करते है उसके कारण हम “प्रयत्न” करे-

“क्योंकि परमेष्वर ही है जिसने अपनी सुइच्छा निमित्त तुम्हारे मन में इच्छा और काम दोनो बातो के करने का प्रभाव डाला है” (फिलिप्पियो 2:13)।

पवित्रता और इंसानी बाजु की मुक्ति दोनो ही प्रभु की कृपा से आते है! प्रभु हमे ले जाते है, और प्रभु हमे प्रयत्न करने को जागृत करते है! ये सब प्रभु से ही है!

“क्योंकि विष्वास के द्वारा अनुग्रह ही से तुम्हारा उध्धार हुआ हैः और यह तुम्हारी ः ओर से नही वरन् परमेष्वर का दान है” (इफिसियो 2:8)।

जैसे मे पचास साल से भी ज्यादा पीछे देखता हु, मै महेसूस करता हूँ की यह हुआ है मेरे साथ। जब मैं पंद्रह साल का था तब मैने गंभीरता से ख्रिस्ती बनने के लिये षुरूआत की। मैंने सोचा मैं बचाया गया हुँ, परन्तु मुझे पता था की कुछ कमी है। इसलिये मैंने मेरा जीवन “फिर से समर्पण” किया-ज्यादातर हर रविवार रात को। हर रविवार कं धार्मिक प्रवचन के बाद में “आगे” बढ़ता गया, कई और युवा लोगो के साथ, यीषु को मेरा जीवन “फिर से समर्पण” करने के लिये। परन्तु वह मददरूप नहीं लगा। मैं अभी भी अपराधी और प्रभु से बहुत दूर महेसूस करता था। इसलिये ईस्टर के रविवार, जब मैं सतरह साल का था, मैंने अपने आपको सुसमाचार प्रवचन करने के लिये “सौंप” दिया। हर कोई आया और मुझ से हाथ मिलाकर मुझे मेरा जीवन अर्पणप करके धर्मोपदेषक बनने के लिये अभिनंदन देने लगे। मैं मानता हुं की उस समय प्रभुने मुझे प्रवचन देने के लिये बुलाया; परन्तु अभी भी कुछ कमी थी, मेरे पास प्रवचन देने का परवाना हन्टींगटन पार्क, केलिफोर्निया के पहले दक्षिण बप्तीस कलीसिया द्वारा दिया गया था फिर भी। जब मैं सतरह साल का था तब से मैंने प्रवचन देना षुरू किया, हर जगह जहॉ कही मौका मिलता था। मैंने पर्चे बांटे। मैंने धर्मोपदेषक के जूथ की कतार में भी प्रवचन दिया, कुछ कलीसिया में, और गली के नुक्कड पर भी। परन्तु अभी भी पापी और प्रभु से बहुत दूर महेसूस करता था। फिर मैंने अपना जीवन धर्मोपदेषक बनने के लिये अर्पण कर दिया। मैं लोंस एंजलिस के पहला चीनी बप्तीस कलीसिया में जुड गया। मैंने रविवार की षाला में पढ़ाया। मैं बाइबल महाविद्यालय मे गया। मैंने पवित्र वाक्या के 139 पद मुहपाठ कीये। मैं हर हफते कुछ राते कलीसिया मे था, प्रभु के लिये जो भी कर सकता था, परन्तु मुझे मालूम था की अभी भी मैं प्रभु के साथ नहीं था। मै खुब प्राार्थना करता था और प्रभु को खुष करने की कोषिश करता था, परन्तु मुझे फिर भी षांति नही मिली। फिर, सप्तंबर 28, 1961 सुबह 10:30 बजे, डो. चार्ल्स जे. वुडब्रीज के धार्मिक प्रवचन के दौरान, बायलो महाविद्यालय (अब वि�वविद्यालय) के सभागुह में मैं अचानक यीषु के पास आया। मैं सिर्फ इतना कह सकता हूॅ की मैं यीषु की मौजुदगी में था, और मैं उनके पास आया मेरे जीवन मे पहजी बार। फिर मुझे पता चला मैं बचाया गया था! यह सब अेकदम अलग था। मैं अपने आपको नहीं बचा पाया। परन्तु उस सुबह यीषु ने मुझे बचाया। उससे सारा फर्क पडा!

पीछे़ मुडके देखने से अब मुझे महेसूस होता है की क्या हुआ का। मैंने जो भी काम किया था वह हकीकत मे “प्रयत्न” था। मैं “अंदर प्रवेष” करने के लिये प्रयत्न करता का। आखिरकार, उस सुबह, मेरे प्रयत्न पूरे यीषु के लहू द्वारा षुध्द हुआ था। मैं यीषु मसीह के पास “सकेत द्वार से” अंदर दाखिल हुआ था। उस पल से यीषु ने मुझे रख लिया-अभी इस घंटे मे भी-प्रभु की ताकत द्वारा रख लिया, प्रभु यीषु मसीह के लहू द्वारा बचाया गया।

बहुत से खतरो, परिश्रम और पकड के बीचसे,
मैं आ चूका हुँ;
ये कृपा मुझे यहा तक सुरक्षित लायी है,
और कृपा ही मुझे घर तक ले जायेगी।
(“अदभूत कृपा” जोन न्यूटन द्वारा, तीसरा अंतरा)।

बहुत से मषहुर प्रवचनकारो को मेरे जैसा अनुभव हुआ है। जोन बुनयान ने प्रयत्न और मेहनत की प्रभु मे प्रवेष करने की-और फिर अचानक परिवर्तित हुअे। ये अनुभव मार्टीन लुथर, र्ज्योज वाइट फिल्ड, ज्होन वेस्ली, और चार्ल्स स्पर्जन को भी हुआ था। अपने धर्मोपदेषक, डो. केगन को भी यही अनुभव हुआ। उन्होने कहाँ “मैं ओर दो सालों तक यीषु के विचारो के साथ अपने अंदर लड़ा ... मैंने अपने अंदर यीषु के खिलाफ लडना चालू रखा ... फिर भी मैं मेहसूस करता था की मुझे अचानक सुसमाचार प्रचार सभा में खींचा जा रहा था... बहुत सालो तक मैं उनसे दूर भागता रहा... परन्तु उस रात मुझे मालूम था की उन पर विष्वास करने का समय आ गया है... उस पल, कुछ ही पल में, मैं यीषु के पास आया...” मै “हर रास्ता पार करके यीषु मसीह के पास जो मनुश्य जीवन का सबसे खास प्रसंग हो सकता है-परिवर्तन। मैं मुडा और सीधा तुरन्त यीषु मसीह के पास आया” (सी.एल.केगन, पीएच.डी, डार्वीन टु डीझााइन से, विटाकर घर, 2006, पी पृ 17,19)।

डो केगन लंबे समय से “अंदर प्रवेष करने के लिये प्रयत्न” कर रहे थे-बाइबल पढ़के, कलीसिया मे हाजरी देकर, प्रार्थना और महेनत करके। आखिरकार, कुछ पल के समय में, प्रभु उन्हे ले गये “सीधे और तुरन्म यीषु मसीह के पास”

आपमे से कुछ आज यहॉ हो जिसे यीषु की जरूरत है। सिर्फ प्रभु आपको उन तक ले जा सकते हे। आप अपने आप से यीषु तक नहीं जा सकते। “ठीक है”, आपने कहॉ, “मैं क्या कर सकता हुॅ?”, “सकेत द्वार से अंदर प्रवेष करने का प्रयत्न करो” (लूका 13:24)। जब मैं छपे हुअे प्रवचन बांटता हुॅ हर सभा के बाद, आप अपने धार्मिक प्रवचन के पर्चे की नकल घर ले जाये और उसे बार बार पढ़े। “प्रयत्न कर” धार्मिक प्रवचन समजने का और अपने आप मे उसे उतारने का। हर सभा के लिये कलीसिया में आये और अपने मन से और आत्मा से सुसमाचार का प्रवचन सूने। प्रभु से प्रार्थना करे की वह तुम्हे जगाये और अपने दृढ विष्वास मे लाये। प्रभुसे प्रार्थना करे की आपको तारणहार तक ले जाये। यीषु के पास आओ। उसमे विष्वास रखो। दुनिया से और उसके पापों से और जुठ से मुड जाओ, और “सीधे और तुरन्त” प्रभु के पुत्र के पास आओ। वह तुम्हे पापो की सजासे बचायेंगे। वह आपको बचालेंगे! वह आपको अनन्त जीवन देंगे!

“सकेत द्वार से प्रवेष करने का यत्न करोः क्योंकि मैं तुम से कहता हूँ, कि बहुत से प्रवेष करना चाहेंगे, और न कर सकेंगे” (लूका 13:24)।

प्रभु करे पवित्रवाक्या का पद आपके गरीब आत्मा को जागृत करने की कृपा का जऱीया बने और एक बार क्रुस पर चढ़ाये हुअे, अब मृत्यु से उठे हुअे यीषु के पास लाये! आमेन।

(संदेश का अंत)
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धार्मिक प्रवचन के पहले डो. क्रेगटन एल. चान द्वारा पढ़ा गया पवित्र वाक्या : इफिसियो 2 :1-6।
धार्मिक प्रवचन के पहले श्रीमान बेन्जानिन कीनकेड ग्रीफिथ व्दारा गाया हुआ गीतः
“मेरे पास आओ” (चार्ल्स पी. जोनेस, द्वारा 1865-1949)।


रूपरेखा

प्रभु का ले जाना और मनुश्य का प्रयत्न करना

डॉ. आर. एल. हायमर्स, जुनि द्वारा

“सकेत द्वार से प्रवेष करने का यत्न करो; क्योंकि, मैं तुम से कहता हूँ, कि बहुत से प्रवेष करना चाहेंगे, और न कर सकेंगे” (लूका 13:24)।

(इफिसियों 2:4-6, 3,5)

।.   पहला, प्रभु हमे यीषु तक ले जाते है, मती 11:28; यूहन्ना 6:35,37;
मरकुस 16:19; 2 कुरिन्थियो 12:2; लूका 23:43; इफिसियों 2:6;
यूहन्ना 6:44।

॥.  दुसरा, हमे यीषु के पास प्रवेष करने का प्रयत्न करना चाहिये,
फिलिप्पियो 2:12-13; योना 2:9; इफिसियों 2:8।