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उन्होंने उन्हें छोड़ा और भाग गये

THEY FORSOOK HIM AND FLED
(Hindi)

डॉ आर एल हायमर्स‚ जूनि
by Dr. R. L. Hymers, Jr.

लॉस ऐंजीलिस बैपटिस्ट टैबरनेकल में‚ रविवार संध्या ४ मार्च‚ २०१८
को प्रचार किया गया संदेश
A sermon preached at the Baptist Tabernacle of Los Angeles
Lord’s Day Evening, March 4, 2018

‘‘परन्तु यह सब इसलिये हुआ है‚ कि भविष्यद्वक्ताओं के वचन के पूरे हों: तब सब चेले उसे छोड़कर भाग गए" (मत्ती २६:५६)


यीशु ने प्रार्थना का एकांत समय गैतसेमनी के बगीचे में पूरा किया। उन्होंने सोते हुए चेलों को जगाया। उनसे कहा‚ ‘‘उठो‚ चलें: देखो‚ मेरा पकड़वाने वाला निकट आ पहुंचा है" (मत्ती २६:४६)। तब शिष्य यहूदा उसके साथ ‘‘महायाजकों और लोगों के पुरनियों की ओर से बड़ी भीड़‚ तलवारें और (लाठियां) लिए हुए" का नेतृत्व करते हुए वहां आ पहुंचा (मत्ती २६:४७) ।

सारे शिष्य गैतसेमनी के अंधकार में एक जैसे ही दिखने चाहिये थे। इसलिए यहूदा ने मंदिर के सैनिकों से कहा कि‚ ‘‘जिसको मैं चूमूं वही यीशु होंगे‚ उनको तुरंत बंदी बना लेना (मत्ती २६:४८)।" यहूदा ने यीशु के गालों पर चूमा दिया। ‘‘उन्होंने पास आकर यीशु पर हाथ डाले और उन्हें पकड़ लिया" (मत्ती २६:५०)। शमौन पतरस ने तलवार‚ जो उसके पास थी‚ खींची और महायाजक के दास पर चलाकर‚ उसका दाहिना कान उड़ा दिया‚ उस दास का नाम मलखुस था (यूहन्ना १८:१०)। यीशु ने ‘‘उसका कान छूकर उसे अच्छा किया" (लूका २२:५१)। तब यीशु ने पतरस को उनकी तलवार अपने म्यान में रखने के लिये कहा। यीशु उनसे बोले‚ ‘‘ क्या तुम नहीं समझते कि मैं अपने पिता से बिनती कर सकता हूं और वे स्वर्गदूतों की बारह पलटन से अधिक ?(७२‚०००!) मेरे पास अभी उपस्थित कर देंगे? परन्तु पवित्र शास्त्र की वे बातें कि ऐसा ही होना अवश्य है‚ क्योंकर पूरी होंगी?" (मत्ती २६:५३—५४)। तब यीशु अपने पकड़ने वालों की ओर मुड़कर उनसे बोले‚ ‘‘क्या तुम तलवारें और लाठियां लेकर मुझे डाकू के समान पकड़ने के लिये निकले हो? मैं हर दिन मन्दिर में बैठकर उपदेश दिया करता था, और तुम ने मुझे नहीं पकड़ा" (मत्ती २६:५५)। यहां से हम हमारे पद पर आते हैं‚

‘‘परन्तु यह सब इसलिये हुआ है‚ कि भविष्यद्वक्ताओं के वचन के पूरे हों: तब सब चेले उसे छोड़कर भाग गए" (मत्ती २६:५६)

यह घटना भविष्यवक्ताओं द्वारा सौ साल पहले बतायी गयी थी। डॉ. आर. सी. एच. लेन्सकी ने कहा, ‘‘ये सारी चीजें एक ही कारण और एकमात्र जन के लिये हुई थी: ‘ताकि पवित्रशास्त्र के भविष्यवक्ता के अनुसार ... परिपूर्ण होनी चाहिये।' इस रात को जो जो घट घट रहा था, उसके पीछे वास्तविक ताकतें प्रबल थीं: परमेश्वर यहोवा भविष्यवाणियों को पूर्ण कर रहे थें और यीशु स्वेच्छा से स्वयं को पकड़ने वाले के हाथों में सौंप रहे थें...... यहां पद ५६ पूर्ण होता है। जैसे यीशु ले को ले जाया (गया)‚ सारे चेले भाग गये'' (आर.सी.एच. लेन्सकी, पीएच.डी., दि इन्टरप्रीटेशन ऑफ सेंट मैथ्यूस गॉस्पल अगसबर्ग प्रकाशन घर, १९६४ की प्रत, पृष्ठ १०५५; मत्ती २६:५६ पर टिप्पणी)।

‘‘परन्तु यह सब इसलिये हुआ है‚ कि भविष्यद्वक्ताओं के वचन के पूरे हों: तब सब चेले उसे छोड़कर भाग गए" (मत्ती २६:५६)

इस धार्मिक प्रवचन में, चेलों का ‘‘उन्हें छोडकर भाग जाने'' के कुछ कारणों को जानने के लिये मैं इस पद की गहराई में जाउंगा। डॉ. जार्ज रीकर बेरी के अनुसार ‘‘छोडकर'' के लिये जिस ग्रीक शब्द का अनुवाद किया गया है‚ केजेवी संस्करण में इसका अर्थ है ‘‘त्याग देना'' (ए ग्रीक - इंग्लिश लेक्सीकन एन्ड न्यू टेस्टामेंट सिनोनिम्स)। चेलों ने यीशु को क्यों छोडा, उनको त्याग दिया और भाग गये यहाँ पर कुछ कारण दिए हुए हैं।

१॰ पहला, भविष्यवक्ताओं के वचनों को पूरा करने के लिए उन्होंने यीशु को छोडा और भाग गये।

हमारा पाठ कहता है, ‘‘परंतु यह सब इसलिये हुआ है कि भविष्यवक्ताओं के वचन पूरे हों... '' ये पद चेलो की उनको छोडने और भाग जाने की भविष्यवाणी का समावेश करता है। जकर्याह १३:६—७ कहता है,

‘‘तेरी छाती में ये घाव कैसे हुए? तब वह कहेगा ये वे ही हैं जो मेरे प्रेमियों के घर में मुझे लगे है...चरवाहे को काट, तब भेड बकरियाँ तितर - बितर हो जाएँगी'' (जकर्याह १३:६—७)

डॉ. हेन्री एम. मोरीस ने यह वाक्य ‘‘चरवाहे को काट, तब भेड - बकरियाँ तितर - बितर हो जाएँगी'' के संदर्भ में कहा,

यह पद स्वयं मसीह द्वारा मती २६:३१ और मरकुस १४:२७ में कथन किया गया है। वे, अच्छे चरवाहे हैं, अपना जीवन भेड़ों के लिये देंगे (यूहन्ना १०:११) परंतु इस संसार को बदलनेवाली घटना के अभिघात में उनकी भेड़ें कुछ क्षणों के लिये तितर - बितर की जायेंगी (हेन्री एम. मोरीस, पीएच.डी., दि डीफेन्डर्स स्टडी बाइबल, वर्ल्ड प्रकाशन, १९९५ की प्रत, पृष्ठ ९९३; जकर्याह १३:७ पर टिप्पणी)।

प्रभु यीशु मसीह ने स्वयं कहा कि जकर्याह १३:७ ने चेलों द्वारा उनको छोडकर भाग जाने की भविष्यवाणी की थी। मत्ती २६:३१ में मसीह ने कहा,

‘‘तुम सब आज ही रात को मेरे विषय में ठोकर खाओगे: क्योंकि लिखा है, मैं चरवाहे को मारूंगा, और झुण्ड की भेडे तितर - बितर हो जाएँगी।'' (मत्ती २६:३१)

फिर से, मरकुस १४:२७ में कहा,

‘‘यीशु ने उनसे कहा, तुम सब ठोकर खाओगे, क्योंकि लिखा है मैं रखवाले को मारूंगा, और भेडे तितर - बितर हो जाएँगी।'' (मरकुस १४:२७)

जकर्याह १३:७ की भविष्यवाणी की पूर्णता चेलों द्वारा उन्हें छोड़कर भाग जाने में होती है।

‘‘परन्तु यह सब इसलिये हुआ है‚ कि भविष्यद्वक्ताओं के वचन के पूरे हों: तब सब चेले उसे छोड़कर भाग गए " (मत्ती २६:५६)

२॰ दूसरा, उन्होंने यीशु को छोडा और भाग गये क्योंकि वे पतित मनुष्य जाति के भाग थे।

मानव जाति पतित अवस्था में है। हमें ये कभी भी नहीं भूलना चाहिये। आप पापी हैं — क्योंकि आप पापपूर्ण जाति के सदस्य हैं — आप आदम की संतान हैं। इसलिये बाइबल कहती है,

‘‘एक मनुष्य के द्वारा पाप जगत में आया और पाप के द्वारा मृत्यु आई, और इस रीति से मृत्यु सब मनुष्यों में फैल गई" (रोमियों ५:१२)

इसलिये सारे लोग ‘‘अपराधों के कारण मरे हुए'' हैं (इफिसियों २:५)। इसीलिये सारे लोग ‘‘स्वभाव ही से क्रोध की सन्तान'' हैं (इफिसियों २:३)। इसीलिये आप स्वभाव से ही पापी हैं। हर बात का दोष शैतान को मत दीजिये! अगर हम स्वभाव से पापी नहीं होते तो शैतान हमें अपना दास नहीं बना सकता था। आदम के सारे वंशज स्वभावगत पापी हैं। आप स्वभाव गत पापी हैं। हां, आप पापी हैं!

चेले भी हम से बढ़कर बेहतर नहीं थे। वे भी ‘‘स्वभाव ही से क्रोध की सन्तान थे''। वे भी ‘‘पाप में निर्जीव'' थे। वे भी, आदम की सन्तान थे। जैसे पुरानी न्यू इंग्लेंड चिल्ड्रन बुक कहती है,

‘‘आदम की गिरावट में
हम सभी ने पाप किये।''

चेलों की सांसारिक प्रकृति ‘‘परमेश्वर से बैर'' (रोमियों ८:७) रखने के बराबर थी। इसलिये हर बार जब मसीह उन्हें सुसमाचार सुनाते‚ वे उसे अस्वीकार कर देते थे। ठीक उसी तरह आप भी तो सुसमाचार मानने का इंकार करते हैं! डॉ जे. वेरनॉन मैगी का कथन था,

(मसीह) ने पांच बार इस सत्य को दोहराया कि वे मरने के लिये वे यरूशलेम जा रहे थे (मत्ती (१६:२१); १७:१२; १७:२२—२३; २०:१८—१९; २०:२८)। इतने सघन निदेर्शो के उपरांत भी, उनके पुनरूत्थान के बाद तक चेले (सुसमाचार) का अर्थ नहीं जान सके (जे. वेरनॉन मैगी, पीएच.डी., थ्रू दि बाइबल, थॉमस नेल्सन प्रकाशन, १९८३, भाग ४, पृष्ठ. ९३; मत्ती १६:२१ पर टिप्पणी)।

क्यों चेले सुसमाचार का ‘‘अर्थ नहीं जान'' सके? जवाब सरल है,

‘‘यदि हमारे सुसमाचार पर परदा पडा है, तो यह नष्ट होने वालों ही के लिये पडा है''
(२ कुरिन्थियों ४:३)।

यूहन्ना २०:२२ पर की टिप्पणी पर डॉ मैगी ने कहा था कि चेलों का नया जन्म नहीं हुआ था जब तक कि उनका सामना (पुनरूत्थित) मसीह से नहीं हुआ‚ मसीह ने चेलों पर श्वास नहीं फूंकी और यह नहीं कहा था कि‚ ‘‘पवित्र आत्मा लेओ'' (जे. वेरनॉन मैगी, टी.एच.डी. उक्त संदर्भित पृष्ठ ४९८; यूहन्ना २०:२२ पर टिप्पणी)। (इस विषय पर मेरे धार्मिक प्रवचन पढने के लिये यहाँ क्लिक करें — ‘‘चेलो का डर'' ‘‘यह बात उनसे छिपी रही,'' ‘ ‘पतरस का परिवर्तन,'' ‘‘पतरस अपराधभाव के अधीन'' और ‘‘यहूदा का झूठा पछतावा।)''

‘‘तब सब चेले उन्हें छोडकर भाग गए'' (मत्ती २६:५६)।

चेलों को इन सब से होकर गुजरना था ताकि वे जान सकें कि वे एक समय पापी थे। जैसे जॉन कैगन और एमी जबाल्गा ने स्वीकार किया कि वे भ्रष्टतम पापी जन थे। जैसे आप के लिये भी आवश्यक है कि आप जानें कि आप एक भ्रष्ट और भटके हुए मनुष्य हैं!

कुछ लोग आप को कह सकते हैं कि मैंने चेलों को अपरिवर्तित और नया जन्म नहीं पाये हुए बोलने में अतिश्योक्ति कर दी‚ जब तक कि पुर्नरूत्थित मसीह से उनकी मुलाकात नहीं हुई थी। क्या आप सोचते हैं कि आप की दशा चेलों से भिन्न है? मैं जानता हूं कि मेरी दशा भी उनके समान है! अगर यीशु के लहू में धुलकर मैं शुद्ध नहीं हुआ होता‚ तो आज रात आप के सामने नहीं खड़ा होता! यीशु के लहू के बिना मैं भी नर्क में जाने वाला एक पापी मनुष्य ही होता!

यीशु ने मुझे एक अजनबी पाया‚
   जो था भटकता परमेश्वर यहोवा की भेड़शाला से दूर‚
उन्होंने‚ मुझे खतरे से बचाया‚
   मुझ पर कीमती लहू की छाप लगाई।
(‘‘कम‚ दाउ फाउंट'' राबर्ट राबिनसन द्वारा रचित १७३५—१७९०)

मैं आयन एच मरे की पुस्तक‚दि ओल्ड इवेंजलीकलिज्म (दि बैनर ऑफ ट्रूथ ट्रस्ट) को बहुत पसंद करता हूं। मन परिवर्तन पर बात करते हुए आयन एच मरे ने कहा था‚ ‘‘वर्तमान में अत्यधिक आवश्यकता है कि मन परिवर्तन की सच्चाई को फिर से बहाल किया जाये। यह जितना अधिक विस्तारित विवादास्पद विषय है‚ उस पर स्वस्थ चर्चा करने से हजारों कम स्तर की फैली बातों का अंत होगा'' (पेज ६८)। मुझे इस विषय पर लिखिये। मैं आप से सुनना चाहता हूं एवं मैं व्यक्तिगत रूप से प्रत्येक व्यक्ति को उत्तर दूंगा! मेरी ईमेल है rlhymersjr@sbcglobal.net.

‘‘तब सब चेले उन्हें छोडकर भाग गए'' (मत्ती २६:५६)।

क्योंकि वे अभी तक यीशु के लहू में धुलकर अपने पापों से शुद्ध नहीं हुए थे! क्या आप यीशु के लहू में धुलकर शुद्ध हुए हैं? शुद्ध हुए हैं? शुद्ध हुए हैं? जब तक यीशु के लहू में धुलकर शुद्ध नहीं होंगे आप के लिये कोई आशा शेष नहीं है!

३॰ तीसरा‚ वे यीशु को छोड़कर भाग गये थे क्योकि उनको अभी इस समय तक अपने पापों का बोध नहीं हुआ था।

उनको अपनी स्वयं की योग्यता पर बहुत भरोसा था। हमें मसीह के जी उठने के पहिले और उन पर जब तक पवित्र आत्मा नहीं फूंका गया‚ तब तक ये सच बारंबार दिखाई देता है कि वे अपनी योग्यता पर बहुत भरोसा करते थे। उदाहरण के लिये‚ यीशु ने पतरस से कहा कि आज की रात तुम मुझे पहचानने से तीन बार इंकार करोगे। उन सब लोगों को अभी भी पवित्र आत्मा की मन को भेदने वाली क्रिया से होकर गुजरना था — ताकि उन्हें अपने पापों का बोध हो सके!

‘‘पतरस ने उससे कहा, यदि मुझे तेरे साथ मरना भी पडे तो भी मैं तुझसे कभी न मुकरूंगा। और ऐसा ही सब चेलों ने भी कहा'' (मत्ती २६: ३५)

उस समय तक एक भी चेला परिवर्तित नहीं हुआ था! ऐसे ही तो आप भी हैं। आप को भी पवित्र आत्मा के मन को झकझोरने वाले कार्य से होकर गुजरना है — ताकि पाप का बोध आप के भीतर पैदा हो सके! डॉ मार्टिन ल्योड जोंस ने कहा था‚

बिना पाप के सिद्धांत के और बिना पाप की समझ के सच्चा सुसमाचारप्रचार क्रियाशील ही नहीं है........सुसमाचार प्रचार परमेश्वर यहोवा की पवित्रता से प्रारंभ होना चाहिये‚ मनुष्य के पाप और बुराई करने और दुष्टता करने के शाश्वत परिणाम से प्रारंभ होना चाहियें। केवल इसी प्रक्रिया के द्वारा जब मनुष्य अपने पापों को जब देख पाता है‚ तभी वह मसीह के सामने मुक्ति और छुटकारे के लिये समर्पण करता है (डॉ हायमर्स की टिप्पणीः ईस्टर के नाटक में मैंने यहूदा की भूमिका निभाई थी, उस भूमिका को निभाते निभाते मुझमें गहराई तक पापों का बोध उतर आया!) (डी. मार्टिन ल्योड जोंस, एम.डी., स्टडीज इन दि सर्मन ऑन दि माउंट, इंटरवार्सिटी, १९५९, वॉल्यूम १‚ पेज २३५; स्व टिप्पणी)

शिष्य तब तक पाप के गहरे बोध में नहीं उतरे थे‚ जब तक कि वे यीशु को छोड़कर भाग नहीं गये थे। जबकि इन्हीं शिष्यों ने थोड़े समय पूर्व यह स्वीकार किया था कि‚ ‘‘हम विश्वास करते हैं कि आप प्रभु परमेश्वर की ओर से भेजे गये हैं‚''

‘‘यीशु ने उन से कहा‚ क्या तुम अब प्रतीति करते हो? देखो‚ वह घड़ी आती है वरन आ पहुंची कि तुम सब तित्तर बित्तर होकर अपना अपना मार्ग लोगे और मुझे अकेला छोड़ दोगे.......'' (यूहन्ना १६:३०—३२)

मसीह का इंकार करने के बाद पतरस के भीतर उपजे दुख और पश्चाताप ने अन्य शिष्यों को भी हिला कर रख दिया। और वह बाहर निकलकर फूट फूट कर रोने लगा (लूका २२:६२) । डॉ डब्ल्यू जी टी शैड की व्याख्या इस प्रकार थी‚ ‘‘पवित्र आत्मा साधारणत: एक मनुष्य को तब तक पुर्नजीवित नहीं करता जब तक कि वह अपने पापों से पश्चाताप नहीं करता है'' (शैड‚ डॉगमैटिक थियोलॉजी, वॉल्यूम २‚ पेज ५१२)। जब तक शिष्यों ने यीशु को धोखा नहीं दिया था‚ वे गहरे अपराधबोध से नहीं भरे थे। तब उन्होंने जाना कि उन्हें यीशु के पवित्र लहू से शुद्ध होने की नितांत आवश्यकता है! आप में से कुछ यह सोच सकते हैं कि बिना पापों के बोध से भरे आप का नया जन्म हो सकता है! जब तक पाप का गहन बोध आप को कुचल न डाले तब तक आप उद्धार नहीं पा सकते! पतरस गया और फूट फूट कर रोया। अनेक लोग उनका नया जन्म होने के पहिले खूब रोते हैं। क्या आप आंसुओं से रोयें हैं?

अमल में लाना

अब मैं पुनः लौटकर आउंगा और इसे उन लोगों पर अमल करना चाहूंगा जिन्होंने अभी तक नया जन्म नहीं प्राप्त किया है। क्या आप ने महसूस किया है कि आप एक भ्रष्ट पापी जन हैं कि आप का मन ‘‘धोखा देने वाला है.......उस में असाध्य रोग लगा है'' (यिर्मयाह १७:९) क्या आप ने महसूस किया है‚ ‘‘मैं कैसा अभागा मनुष्य हूं! मुझे इस मृत्यु की देह से कौन छुड़ाएगा?'' (रोमियों ७:२४) क्या आप का आत्मविश्वास पूरा खो चुका है? क्या आप को अपने पापों के लिये ग्लानि हुई है‚ आप रोये हैं? जब तक आप स्वयं के पापों के लिये व्यथित नहीं होंगे और आंसु नहीं बहायेंगे‚ आप के लिये कोई आशा नहीं! जब तक कि आप ऐसा नहीं कहेंगे‚ ‘‘हे परमेश्वर यहोवा मुझ पापी पर दया कीजिये!'' जैसे डॉ ल्योड जोंस ने कहा था‚ ‘‘केवल जब (मनुष्य) अपने पापों को देख पाता है‚ तभी वह मसीह के सामने मुक्ति और छुटकारे के लिये समर्पण करता है'' (उक्त संदर्भित)

यीशु के नाम में‚ मिलकर एक पवित्र गीत गाओ‚
कैसे रक्तिम भुजाओं से चंगा करने वाले रक्त की धारायें बह रही थी।

ओह कौन कह सकता है कौनसे श्राप लादे गये जब शुद्ध लहू बहा‚
कितनी यातनायें छाती चीरे दे रहीं थीं दोष हमारे लदे हुए थे?

तिरस्कार की आवाज ने उन्हें निचोड़ कर नहीं रख दिया था;
वो चुभती कीलें‚ नुकीले कांटे‚ उन्हें गंभीर दुख में धकेले दे रहे थे।

हर उठती आह से उनके भारी होता जा रहा था कष्ट‚
कैसे हमारे सारे पापों का भारी बोझ उनके उपर दिया था लाद।
   (‘‘दि लार्ड हेथ लेड ऑन हिम'' विलियम हिले बर्थुस्ट‚ १७९६ —१८७७; ‘‘अमेजिंग
      ग्रेस'' की धुन पर आधारित)

जैसे चीन में आत्मिक जाग्रति फैली और वे बुरी तरह से रोने लगे‚ वैसे ही आप को आंसुओं से तर हो जाना है‚ आप के पापों का बोध मन में इतना गहरे भेदना चाहिये।

कुछ ही क्षणों में मैं आप से कहूंगा कि आप आगे की अग्रिम पंक्ति में आकर बैठे और हमसे बातें करें कि कैसे उद्वार पाया जा सकता हैं। आप में से कई लोग आगे आयेंगे परंतु फिर भी उससे कोई लाभ नहीं होगा। आप वैसे ही भटके हुए पापी जन के समान लौट जायेंगे। आप को आगे आने से कोई फर्क नहीं पड़ेगा, क्यों? क्योंकि आप स्वयं को भटका हुआ मानते ही नहीं हैं? आप बिल्कुल चेलों के समान हैं। बहुत आत्मविश्वास आप के भीतर भरा है। जिस तरह के मसीह जन आप हैं आप सोचते हैं कि आप बहुत सिद्ध जीवन जी रहे हैं। पर गलत है! कभी न कभी शैतान आप की परीक्षा लेगा। आप बिल्कुल वैसा ही करेंगे‚ जैसा चेलों ने किया था। आप मसीह को त्याग देंगे। आप इस चर्च को छोड़कर चले जायेंगे। आप पाप में लिप्त हो जायेंगे। मैं कैसे जानता हूं? क्योंकि मैं ६० सालों से प्रचार कर रहा हूं। सैकड़ों लोगों के मनोवेगों से परिचित हूं। इसलिये मैं जानता हूं कि ठीक उस रात जैसे चेलों ने मसीह को छोड़ दिया था‚ आप भी वही दोहरायेंगे। आप कभी न कभी ऐसा ही करने वाले हैं। आप सोचेंगे कि आप ऐसा नहीं करेंगे। गलत हैं आप! स्वयं के प्रति ईमानदार बनिये। आप ने चर्च छोड़ने का मन बना लिया है। सच बोलिये। आप ने यहां से जाने का मन बना लिया है‚ क्या आप ने ऐसा नहीं सोचा है? क्या आप ने ऐसा नहीं सोचा है? आप ने ऐसा नहीं सोचा है क्या? आप जानते हैं आप ने ऐसा सोचा है।

अब जरा अपने मन की ओर देखिये। आप को दिल में पाप का बोध होना अति आवश्यक है। यीशु में आप का विश्वास नहीं है‚ यह महसूस होना चाहिये। आप को महसूस करना चाहिये कि आप एक भटके हुए पापी जन हैं! आप को ग्लानि उपजनी चाहिये — यीशु पर विश्वास नहीं लाने की ग्लानि। यही सबसे बड़ा पाप है — यीशु पर विश्वास नहीं करने का पाप। यीशु बोले‚ ‘‘परन्तु जो उन पर विश्वास नहीं करता‚ वह दोषी ठहर चुका'' (यूहन्ना ३:१८) । नर्क का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। क्योंकि दोषी आप पहिले ही ठहर चुके हैं! जैसे डॉ ल्योड जोंस ने कहा था‚ ‘‘केवल (जब आप) अपने पापों को देख पाते हैं (और महसूस कर पाते) हैं (तभी आप मसीह के पास) मुक्ति और छुटकारे के लिये समर्पण करने आयेंगे।'' क्या आप को अपने पाप का अहसास होता है? अगर आप को पाप कचोटता है तब आप मसीह के पास आना चाहेंगे और उनके द्वारा बचाये जायेंगे। उनके लहू से शुद्ध हो जायेंगे जो आप के लिये क्रूस पर बहाया गया। नया जन्म पाने का और कोई दूसरा तरीका नहीं है। मेरी प्रार्थना है कि ऐसा कोई रविवार न हो जिसमें मैं यीशु के लहू के उपर प्रचार नहीं करूं। इसको छोड़कर मैं दूसरा कोई सुसमाचार नहीं जानता — यीशु पर विश्वास कीजिये और आप शुद्ध हो जायेंगे। यीशु का लहू जो क्रूस पर बहाया गया वही आप की एकमात्र आशा है! तौभी आप यीशु और उनके लहू की चर्चा नहीं करते! क्यों नहीं करते? क्योंकि आप को आप का पाप कचोटता ही नहीं है — इसलिए? बिल्कुल इसलिए न? बिल्कुल इसलिए न? आप सही शब्दों को बोलने का अभ्यास करते हैं। ओह‚ कितने मूर्ख हैं आप! अगस्टीन ने कहा था‚ ‘‘हमारे दिल तब तक बैचेन हैं जब तक मसीह में विश्राम न पायें।'' इम्मानुएल के लहू से एक सोता बहता है और उसमें डूबते पापी लोग‚ रंग पाप का छुटता है‚ रंग पाप का छुटता है। अब यीशु के पास आ जाइये। उनके पवित्र लहू में धुलकर हर पाप से शुद्ध हो जाइये! आमीन।


अगर इस संदेश ने आपको आशीषित किया है तो डॉ हिमर्स आप से सुनना चाहेंगे। जब आप डॉ हिमर्स को पत्र लिखें तो आप को यह बताना आवश्यक होगा कि आप किस देश से हैं अन्यथा वह आप की ई मेल का उत्तर नहीं दे पायेंगे। अगर इस संदेश ने आपको आशीषित किया है तो डॉ हिमर्स को इस पते पर ई मेल भेजिये उन्हे आप किस देश से हैं लिखना न भूलें।। डॉ हिमर्स को इस पते पर rlhymersjr@sbcglobal.net (यहां क्लिक कीजिये) ई मेल भेज सकते हैं। आप डॉ हिमर्स को किसी भी भाषा में ई मेल भेज सकते हैं पर अंगेजी भाषा में भेजना उत्तम होगा। अगर डॉ हिमर्स को डाक द्वारा पत्र भेजना चाहते हैं तो उनका पता इस प्रकार है पी ओ बाक्स १५३०८‚ लॉस ऐंजील्स‚ केलीफोर्निया ९००१५। आप उन्हें इस नंबर पर टेलीफोन भी कर सकते हैं (८१८) ३५२ − ०४५२।

(संदेश का अंत)
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संदेश के पूर्व बैंजामिन किंकेड ग्रिफिथ का एकल गान:
‘‘अलोन'' (बेन एच प्राईस द्वारा रचित)‚ १९१४


रूपरेखा

उन्होंने उन्हें छोड़ा और भाग गये

THEY FORSOOK HIM AND FLED

डॉ आर एल हायमर्स‚ जूनि
by Dr. R. L. Hymers, Jr.

‘‘परन्तु यह सब इसलिये हुआ है‚ कि भविष्यद्वक्ताओं के वचन के पूरे हों: तब सब चेले उसे छोड़कर भाग गए" (मत्ती २६:५६)

(मत्ती २६:४६‚ ४७‚ ४८‚५०; यूहन्ना १८:१०; लूका २२:५१;
मत्ती २६:५३—५४‚ ५५)

१॰ पहला, भविष्यवक्ताओं के वचनों को पूरा करने के लिए उन्होंने
यीशु को छोडा और भाग गये‚ जर्कयाह १३:६—७; मत्ती २६:३१; मरकुस १४:२७

२॰ दूसरा, उन्होंने यीशु को छोडा और भाग गये क्योंकि वे
पतित मनुष्य जाति के हिस्सा थे‚ रोमियों ५:१२; इफिसियों २:५‚३;
रोमियों ८:७; २ कुरूं ४:३

३॰ तीसरा‚ वे यीशु को छोड़कर भाग गये थे क्योकि उनको अभी इस समय तक अपने पापों का बोध नहीं हुआ था‚ मत्ती २६:३५; यूहन्ना १८:३०—३२; लूका २२:६२;
यिर्म १७:९; रोमियों ७:२४; यूहन्ना ३:१८