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“परंतु अगर नहीं” — बेबीलोन में परमेश्वर के जन

“BUT IF NOT” – GOD’S MEN IN BABYLON
(Hindi)

डॉ आर एल हिमर्स द्वारा
by Dr. R. L. Hymers, Jr.

ल्योस ऐंजीलिस बैपटिस्ट टैबरनेकल‚ रविवार संध्या ३ दिसंबर‚ २०१७
को प्रचार किया गया संदेश
A sermon preached at the Baptist Tabernacle of Los Angeles
Lord’s Day Evening, December 3, 2017

‘‘शद्रक‚ मेशक और अबेदनगो ने राजा से कहा‚ हे नबूकदनेस्सर‚ इस विषय में तुझे उत्तर देने का हमें कुछ प्रयोजन नहीं जान पड़ता। हमारा परमेश्वर‚ जिसकी हम उपासना करते हैं वह हम को उस धधकते हुए भट्टे की आग से बचाने की शक्ति रखता है; वरन हे राजा‚ वह हमें तेरे हाथ से भी छुड़ा सकता है। परन्तु‚ यदि नहीं‚ तो हे राजा तुझे मालूम हो‚ कि हम लोग तेरे देवता की उपासना नहीं करेंगे‚ और न तेरी खड़ी कराई हुई सोने की मूरत को दण्डवत करेंगे" (दानियेल ३:१६—१८)


वे अपने घरों से १५०० मील की दूरी पर थे। वे केवल किशोरावस्था वाले बालक थे। वह शहर एक झूठे धर्म‚ मदिरा और पाप से भरा हुआ शहर था। वे चाहते तो बिना अपने माता पिता की जानकारी के बहुत कुछ कर सकते थे! परंतु वे जानते थे कि परमेश्वर उन्हें देख रहे हैं।

जब नबूकदनेस्सर ने यरूशलेम पर आक्रमण किया तब उन युवाओं को उनके घरों से ले जाया गया था। उनमें से ये चार युवा भी थे। वे अन्य लड़कों के समान नहीं थे। वे चुस्त और सशक्त लड़के थे। वे सर्वश्रेष्ठ थे — सर्वोत्तम। वे ऐथलीट थे। वे सीधे ‘‘ए" वर्ग के थे। राजा ने उन्हें विद्वानों के समान प्रशिक्षित करने के लिये चुना था। जब वे स्नातक हो जाते तो वे राजा के विशेष सलाहकार नियुक्त किये जा सकते थे।

वे अत्यंत युवा थे। विद्वान पुरूषों ने यह आकलन लगा लिया था कि युवाओं में से वे चार किशोर अवस्था के बालक हैं — प्रत्येक लगभग १७ या १८ साल के बालक थे। वे राजा की यूनिवर्सिटी में थे, एक मूर्तिपूजक देश में थे, घर से १५०० मील दूर।

क्या आज के युवा ऐसी परिस्थितियों में रह सकते हैं? उन्हें तो शराब की लत लग जायेगी। वे तो अनैतिक पार्टियों में जाने लग जायेंगे। यूनिवर्सिटी से जो शिक्षा पाई है उसका प्रयोग परमेश्वर का इंकार करने के बहाने के लिये प्रयुक्त करेंगे। लूत के दिनों के समय जैसे लोग पार्टियों से प्रेम रखते थे, ये युवा भी पार्टी प्रेमी हो सकते थे। वे अपने जीवनों से परमेश्वर की उपस्थिति को दूर कर सकते थे जैसे लूत ने स्वयं सदोम की जीवनशैली में ऐसा किया था। वे अपना जीवन ‘‘विद्रोही जीवन शैली" के रूप में व्यतीत कर सकते थे — जैसा उड़ाउ पुत्र ने किया। वे भटके हुए मित्रों की संगति कर सकते थे और भौतिक जीवन शैली में खोकर भटक सकते थे‚ जैसा अब्राहम कसदियों के उर शहर में जीवन बिता रहा था। वे भटक सकते थे‚ आत्मा को खो सकते थे‚ जैसे पौलुस के मित्र देमास ने किया था‚ ‘‘क्योंकि देमास ने इस संसार को प्रिय जान कर मुझे छोड़ दिया है" (२ तिमोथि ४:१०)।

परंतु ये यहूदी लड़के अपने घरों से दूर‚ एक बेबीलोनियन यूनिवर्सिटी में पढ़ते हुए न कभी लड़खड़ाये और न ही असफल हुए! वे मूसा की वाचा के अधीन थे और इसलिये कोशर भोज्य शैली को प्रयुक्त करते थे। वे अपने आप को राजा के महल की शराब और शाही व्यंजनों से भ्रष्ट नहीं करेंगे। जिन धार्मिक शिक्षाओं को उन्होंने ग्रहण किया है, वे उसके प्रति और परमेश्वर यहोवा के प्रति विश्वसनीय बने रहेंगे। वे अभी अभी किसी देश में पहुंचे हुए बालक थे‚ जिन्हें उनके माता पिता ने चीन में अपने घरों से दूर भेज दिया था। परमेश्वर पिता का धन्यवाद हो कि कुछ बच्चे इस चर्च में आ गये और उन्होंने उद्धार पाया। अब हमारे यहां के ये बच्चे बेबीलोन की दासता में बढ़ रहे इन यहूदी लड़कों के समान होंगे।

तो दानियेल इन यहूदी लड़कों का अगुवा था। वह संभवतः उन तीनों लड़कों की तुलना में छोटा था। परंतु वह स्वाभाविक रूप से एक अगुवा था। वह उन तीन युवाओं की अगुआई कर रहा था। उसमें जॉन कैगन के समान की क्षमता थी। इसलिये मैंने जॉन के लिये यह महसूस किया कि वे एक पास्टर हो सकते हैं। जॉन से बड़ी उम्र के लोग भी उनका अनुसरण करेंगे क्योंकि वे एक अगुवे हैं। दानियेल प्रार्थना करने वाला मनुष्य था। दानियेल एक ऐसा युवा था‚ जिसका एक उददेश्य था और वह परमेश्वर यहोवा में विश्वास रखता था। उसने राजा नबूकदनेस्सर को संदेश दिया और राजा के दरबार मे जितने भी दरबारी थे‚ उन सब के सामने गवाही दी। राजा को दानियेल पर बड़ा भरोसा था। उसने बीस वर्ष की आयु में ही दानियेल को बड़ा अधिकारी बना दिया। परंतु दानियेल अपने मित्रों को नहीं भूला। उनके नाम थे, शद्रक मेशक और अबेदनगो। दानियेल ने विनती की कि उसके यहूदी मित्रों को भी बेबीलोन की सरकार में उच्च पद दिये जायें।

ये तीनों मित्रों ने भी यहोवा परमेश्वर के प्रति विश्वसनीयता रखने की सभी परीक्षाएं उत्तीर्ण कर ली थीं। उनकी विश्वसनीयता के कारण ही उन्हें अब उच्च पदों पर आसीन होने का पुरस्कार मिला था। जब परमेश्वर पिता जानते हैं कि आप उनको पहिला स्थान देते हैं, तब वे आप को और अधिक महत्वपूर्ण कार्य करने के लिये देते हैं।

दानियेल के मित्र मुझे नोहा‚ जैक और ऐरोन की याद दिलाते हैं। वे अभी छोटे ही हैं‚ परंतु डीकंस के पद पर उनका अभिषेक किया गया है क्योंकि हम जानते हैं कि वे परमेश्वर पिता से संबंधित बातों को संभाल सकते हैं। और परमेश्वर पिता जानते हैं कि वे कठिनतम परीक्षाओं में से भी होकर गुजर सकते हैं।

राजा नबूकदनेस्सर बहुत अधिक सामर्थशाली और अहंवादी हो गया था। अपने अहंकार में उसने स्वयं की मूर्ति तक बनवा डाली। यह लगभग नब्बे फीट उंची थी और स्वर्ण से निर्मित होकर पूरी सोने से ही मढ़ी थी। नबूकदनेस्सर ने विशालकाय मूर्ति बनवाई थी जो उसने ‘‘दूरा के मैदान में" खड़ी करवाई थी (दानियेल ३:१)। अब दानियेल ३:४—६ को पढ़िये।

‘‘तब ढिंढोरिये ने ऊंचे शब्द से पुकार कर कहा‚ हे देश—देश और जाति—जाति के लोगों और भिन्न भिन्न भाषा बोलने वालो‚ तुम को यह आज्ञा सुनाई जाती है कि जिस समय तुम नरसिंगे‚ बांसुली‚ वीणा‚ सारंगी‚ सितार‚ शहनाई आदि सब प्रकार के बाजों का शब्द सुनो‚ तुम उसी समय गिर कर नबूकदनेस्सर राजा की खड़ी कराई हुए सोने की मूरत को दण्डवत करो।और जो कोई गिरकर दण्डवत न करेगा वह उसी घड़ी धधकते हुए भट्ठे के बीच में डाल दिया जाएगा" (दानियेल ३:४—६)

इस अनुभव की मुख्य व्याख्या यह है कि परमेश्वर यहोवा बेबीलोन की दासता के दौरान भी इजरायल के उसकी वाचा से बंधे लोगों की देखभाल करते हैं। व्याख्या यही है और यही उसका मुख्य प्रयोजन है। परंतु इसका एक प्रयोजन यह भी है। २ तिमोथि ३:१६—१७ में ऐसा लिखा है कि ‘‘हर एक पवित्रशास्त्र परमेश्वर की प्रेरणा से रचा गया है और वर्तमान के मसीहियों के लिये लाभदायक" है। दानियेल की पुस्तक में यह जो अंश लिखा है वह यह बताता है कि मसीही होना अर्थात मसीहत के गुण उनमें लागू होना चाहिये। इन तीनों यहूदी युवाओं को कहा गया था कि बेबीलोन के प्रत्येक निवासी के साथ उन्हें भी इस मूर्ति को दंडवत करना आवश्यक था उन पर भी यह दवाब डाला गया कि जैसे लोग झुकते हैं, उन्हें भी ‘‘गिर कर नबूकदनेस्सर राजा (की) खड़ी कराई हुए सोने की मूरत को दण्डवत करना है" (दानियेल ३:५) ।

राजा नबूकदनेस्सर यहां शैतान का एक प्रकार या चित्रण है। नये नियम में शैतान को ‘‘इस संसार का ईश्वर" कहा गया है (२ कुरूं ४:४)। शैतान हमें उसके आगे झुकने और उसकी आराधना करने के लिये बुलाता है। मसीह यीशु ने कहा था,

‘‘कोई मनुष्य दो स्वामियों की सेवा नहीं कर सकता...........तुम परमेश्वर और धन (भौतिकतावाद) दोनो की सेवा नहीं कर सकते" (मत्ती ६:२४)

आप को चुनाव करना होगा। शैतान आप को भौतिकतावाद के आगे नतमस्तक होने के लिये बुलाता है। परमेश्वर पिता आप को केवल उनके ही आगे दंडवत करने के लिये बुलाते हैं। परमेश्वर पिता कहते हैं‚ ‘‘तू मुझे छोड़ दूसरों को ईश्वर करके न मानना" (निर्गमन २०:३)। यह दस आज्ञाओं में से एक है।

इन तीनों इब्रानी युवाओं शद्रक मेशक और अबेदनगो को चुनाव करना पड़ा। क्या वे सोने की मूरत के आगे शीश झुकायेंगे? या वे सोने की मूरत के आगे शीश झुकाने से इंकार करेंगे? इन युवाओं के पास कई विकल्प थे। वे ऐसा कह सकते थे‚ ‘‘कि नागरिक के रूप में ये उनका कर्त्तव्य है कि दंडवत करें और राजा की आज्ञा का पालन करें।" या वे कह सकते थे‚ ‘‘ये तो केवल उपरी तौर पर दिखावा है। परमेश्वर तो जानते हैं कि हम हृदय में उनसे प्रेम करते हैं‚ भले ही हम मूर्ति के आगे दंडवत करें भी तो क्या है।" वे दंडवत कर सकते थे और परेशानी से भी बच जाते। बाइबल कहती है‚ ‘‘चुन लो कि तुम किस की सेवा करोगे" (यहोशु २४:१५)

संसार जिसे ‘‘छुटिटयां" कहकर बुलाता है‚ जब हम उन छुटिटयों के नजदीक पहुंच रहे हैं‚ तब आप में से प्रत्येक को यह चुनाव करना होगा। क्या आप शैतान के आगे शीश झुकायेंगे या परमेश्वर के आगे? क्या आप क्रिसमस पर चर्च में होंगे या आप ल्योस वेगास चले जायेंगे? क्या आप नये वर्ष की संध्या पर चर्च में होगें या किसी पार्टी में सम्मिलित हो रहे होंगे? क्या आप अमेरिकन भौतिकतावाद की सोने की मूरत के आगे झुकेंगे या परमेश्वर पिता के लोगों के साथ चर्च में होंगे? नये दुर्बल इवेंजलीकल्स ऐसा कहने के लिये मेरी बहुत आलोचना करते हैं। उनका कहना है कि मैं बहुत कठोर हूं। उनका मत है कि परमेश्वर और धन या भौतिकतावाद के मध्य चयन करना वैधानिक है। परंतु वे यह भूल जाते हैं कि मैंने यह द्धिविभाजन नहीं तय किया है। मैंने अंतर पैदा नहीं किया है। मसीह ने किया! यह प्रभु यीशु मसीह थे‚ जिन्होंने कहा था‚ ‘‘कोई मनुष्य दो स्वामियों की सेवा नहीं कर सकता।" यह मसीह थे‚ जिन्होंने कहा था‚ ‘‘परमेश्वर और धन दोनो की सेवा नहीं कर सकते" (मत्ती ६:२४)। यह मसीह थे‚ जिन्होंने कहा था‚

‘‘इसलिये पहिले तुम उसे राज्य और धर्म की खोज करो" (मत्ती ६:३३)

रिफार्मेशन स्टडी बाइबल मत्ती ६:३३ के विषय में कहती है‚ ‘‘हमें परमेश्वर की परम सत्ता और जीवन में उनके साथ सही संबंधों को सबसे पहली प्राथमिकता देनी होगी......जो परमेश्वर के लिये सब बातों का जोखिम उठाते हैं, परमेश्वर उनकी सब आवश्यकताओं की पूर्ति करेंगे" (मत्ती ६:३३ पर व्याख्या)

आप का परिवार और आप के भटके हुए मित्र आप को क्रिसमस और नये वर्ष पर चर्च से अल्रग खींचने का बहुत प्रयास करेंगे। अगर आप उन दिनों में सैन फ्रांसिस्कों या लॉस वैगस या और कहीं जाने के स्थान पर चर्च में बने रहते हैं तो वे आप को ‘‘विचित्र या ‘‘कटटरपंथी" कहेंगे! यह आप को निर्णय लेना है कि उनके आदर्श के आगे झुकें या यहां चर्च में परमेश्वर पिता की आराधना करें! यह आप को तय करना है!

मेरे स्वयं के पिता मुझ से बहुत नाराज हो जाते थे और चिल्लाते थे‚ जब मैं हमेशा नये साल की संध्या चायनीज चर्च में भाइयों और बहिनों के साथ व्यतीत करना चाहता था। वे चिल्लाते थे‚ ‘‘कि क्यों तुम नये साल की संध्या अपने परिवार के स्थान पर इन चीनी लोगों के साथ बिताना चाहते हो?" मैं उनसे बहस नहीं करता था। मैं क्रिसमस और नये साल पर चर्च में बना रहता था। मैंने उन्हें चर्च आने के लिये आमंत्रण दिया। जब उन्होंने आने से इंकार कर दिया तो मैंने अपने आप से कहा, ‘‘आप ही परिवार को बांटने वाले जन हैं! आप ही वह जन हैं जो मेरे साथ चर्च में आने से इंकार कर रहे हैं!"

आप देखेंगे कि यह एक जो प्रवृत्ति है‚ वह सच्चे और नाममात्र के मसीही जन में अंतर पैदा करती है! अगर आप नये दुर्बल प्रकार के इवेंजलिस्ट के संपर्क में बने होते हैं‚ तो आप के जीवन में परमेश्वर की ओर से समझ मिलना आवश्यक है जो आप को यह पहचानने का प्रकाशन देगी कि उनका धर्म समझौते का धर्म है — यह समझौता वे शैतान से करते हैं! इसके कारण हमारे यहां के गंभीर मसीही युवा जनों का‚ बाहर के अगंभीर युवा से विवाह हो पाना असंभव हो जाता है। या तो यहां के गंभीर मसीही युवा जनों को समझौता करना होगा और अपनी गंभीरता छोड़ना होगी — या बाहर के युवा को सच्चे मसीही बन जाना होगा — बजाय नामधारी (कहने भर के) इवेंजलीकल होने के! हम समझौता करने वाले नहीं हैं! इसलिये या तो आप इसकी आदत डाल लें — या दूसरा चर्च ढूंढ लेवें! सी एस लुईस ने सही कहा था‚ ‘‘मैं एक मूर्तिपूजक रहा हूं और परिवर्तित हुआ और अब धर्मनिष्ठ कहलाने वाले परंतु वास्तव में धर्मत्यागियों के मध्य में रह रहा हूं।" जैसे किपलिंग ने कहा‚ ‘‘पूर्व पूर्व है और पश्चिम पश्चिम है‚ दोनों का मिलन कभी नहीं हो सकता।" सुसमाचार प्रचार‚ सुसमाचार प्रचार है और कटटर पंथ‚ कटटरपंथ है‚ दोनों का मिलन कभी नहीं हो सकता। हमारे साथ आइये और एक सच्चे मसीही जन बन जाइये! नये सुसमाचार प्रचार जैसे मृत और निकम्मे धर्म को त्याग दीजिये! इसे त्याग दीजिये! हमारे साथ आइये और एक सच्चे मसीही बन जाइये।

आप देखेंगें कि नये प्रकार के सुसमाचारवाद के संपर्क में आने पर एक व्यक्ति को बर्बाद होते देर नहीं लगती। कुछ महिने उनके साथ रहिये — उनके स्कूल में जाइये या उनके चर्च में शामिल होइये — परमेश्वर की ओर से आश्चर्यजनक रूप में आप हमारे पास आ जायेंगे! हमारे जैसा सोचने के लिये आप के भीतर परिवर्तन जैसा आश्चर्यकर्म घटित होगा! जार्ज बर्नाड शॉ ने कहा था जिन लोगों ने मसीहत की कम खुराक पी है जैसे बच्चों की खुराक के समान‚ इसलिये वे बहुत कम सही चीज को पकड़ पायेंगे! डॉ कर्टिस हटसन ने एक छोटी पुस्तक लिखी थी‚ नया सुसमाचारप्रचार वाद कटटरपंथ का शत्रु है। वह सही थे। वे हमारे शत्रु हैं। हम उनके प्रति जितने अच्छे होना चाहे‚ हो सकते हैं — परंतु वे तो हमेशा हम पर प्रहार ही करते रहेंगे! क्यों? क्योंकि उन को गंभीर मसीहत पसंद नहीं है‚ इसलिये! मैं प्रतिमापूजकों में से परिवर्तित हुआ हूं‚ जो नये सुसमाचार प्रचार वाले स्वधर्मत्यागी पंथ पर चलने वालों के बीच रह रहा हूं! मैंने वर्षो से सीखा है कि उनसे अपेक्षा रखूं कि वे मेरे विश्वास को नापसंद करेंगे और मेरे विरूद्ध बोलेंगे! आप को यह सीख लेने की आवश्यकता है — अगर आप सच्चे परिवर्तन से होकर गुजरना चाहते हैं सच्चे मसीही बनना चाहते हैं!

आप पायेंगे कि ये नये सुसमाचारप्रचारक पंथ वाले वास्तव में बाइबल में विश्वास नही करते हैं। वे वास्तव में यह विश्वास नहीं करते हैं कि उनके हृदय ‘‘धोखा देने वाले और प्रचंड रूप से भ्रष्ट" होते हैं — इसका अर्थ वे यिर्मयाह १७:९ पर विश्वास नहीं करते हैं। वे सोचते हैं कि वे इतने बुरे नहीं हैं जितने कि अन्य लोग। इसलिये वे स्वर्ग में प्रवेश पा जायेंगे क्योंकि वे इतने बुरे नहीं हैं। इसका अर्थ वे बाइबल में विश्वास नहीं करते हैं जहां लिखा है‚ ‘‘जो कोई अपने आप को बड़ा बनाएगा‚ वह छोटा किया जाएगा" (लूका १८:१४); ‘‘हे ईश्वर‚ मुझे जांच कर जान ले! मुझे परख कर मेरी चिन्ताओं को जान ले! और देख कि मुझ में कोई बुरी चाल है कि नहीं" (भजन १३९:२३‚२४) । नये सुसमाचारप्रचारक पंथ वाले लोगों को पापों के प्रायश्चित का बोध नहीं होता। वे स्वयं को क्षमा कर देते हैं, इसलिये परिवर्तित नहीं हो पाते हैं। वे परंपरावादी होकर स्वधर्म त्याग में ही बने रह सकते हैं। डॉ ए डब्ल्यू टोजर ने कहा था, ‘‘संसार में सबसे अधिक वास्तविक पुस्तक बाइबल है। परमेश्वर यहोवा वास्तविक हैं, वैसे ही पाप वास्तविक है, उसी प्रकार मृत्यु और नर्क वास्तविक हैं, जिनकी तरफ पाप स्वतः ले चलता है" (बोर्न आफटर मिडनाईट) ।

ये युवा‚ नये सुसमाचारप्रचारक पंथ वाले नहीं थे। वे परमेश्वर के प्रति और पाप के न्याय के प्रति झूठे और अवास्तविक बोध से दूषित नहीं थे। शद्रक‚ मेशक और अबेदनगो कटटर सदस्य थे। बाइबल पर विश्वास करने वाले रूढ़िवादी युवा थे। वे परमेश्वर के भय में कांपने वाले लोग थे। वे परमेश्वर से इतना डरते थे कि उन्होंने परमेश्वर की आज्ञा उल्लंघन करने और राजा की मूर्ति के आगे दंडवत करने के बजाय जिंदा जल जाना पसंद किया । बाइबल कहती है‚ ‘‘यहोवा का भय मानना बुद्धि का मूल है" (नीतिवचन १:७) परंतु नये सुसमाचारप्रचारक पंथ वाले परमेश्वर से नहीं डरते हैं। बाइबल कहती है‚ ‘‘उन की आंखों के साम्हने परमेश्वर का भय नहीं" (रोमियों ३:१८)। अपने आप को जांचिये। क्या आप इन युवाओं के समान परमेश्वर का भय मानते हैं? या ‘‘आप की आंखों में परमेश्वर का कोई भय नहीं?" अगर परमेश्वर का कोई भय नहीं तो आप नये सुसमाचारप्रचारक पंथ के हैं। आप को परमेश्वर से डरना चाहिये! आप को बाइबल से ज्ञात होता है कि आप भटके हुए हैं! क्या इससे आप को चिंता होती है? क्या नर्क का भय‚ आप को रात में जगाता है? अगर ऐसा नहीं है तो जिन के पास आप जाते हैं‚ आप उनके द्वारा दूषित कर दिये गये हैं। यह जहर है! यह जहर है! यह जहर है! आप को परमेश्वर के क्रोध से डरना चाहिये!

राजा ने उनसे कहा था‚ ‘‘यदि तुम दण्डवत न करो तो इसी घड़ी धधकते हुए भट्ठे के बीच में डाले जाओगे‚ फिर ऐसा कौन देवता है‚ जो तुम को मेरे हाथ से छुड़ा सके?" (दानियेल ३:१५)

ये तीनों युवा जन परिवर्तित हो चुके थे। वे यहोवा परमेश्वर से डरते थे। वे परमेश्वर पर विश्वास रखते थे। उन्होंने वर्षो से सीखा था कि बेबीलोन वासियों के पाप में संभागी नहीं होना चाहिये। उन्होंने परमेश्वर के समक्ष अकेले खड़े रहना सीखा था!

दानियेल बनने का साहस रखिये‚
   अकेले खड़े रहने का साहस करिये!
एक दृढ़ उददेश्य से भरे रहने का साहस कीजिए!
   इसे सबको ज्ञात होने देने का साहस कीजिए!
(‘‘डेअर टू बी डेनियल" फिलिप पी ब्लिस‚ १८३८—१८७६)

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दानियेल बनने का साहस रखिये‚
   अकेले खड़े रहने का साहस करिये!
एक दृढ़ उददेश्य से भरे रहने का साहस कीजिए!
   इसे सबको ज्ञात होने देने का साहस कीजिए!

मैं तो एक जवान लड़का था। मैं अकेला था! मेरे पास पैसे नहीं थे! मेरा कोई भी सहायक नहीं था! डॉ ग्रीन ने मेरी ओर देखा और कहा अगर तुम बाइबल का इंकार करने वाले प्राध्यापकों को उत्तर देना बंद नहीं करोगे‚ तो तुम्हें एक सदर्न बैपटिस्ट चर्च में पास्टर का पद नहीं मिलेगा! मैंने परमेश्वर के लिये अकेले खड़े होना सीखा है। मैंने कालेज से अपना रास्ता तय किया है। मैं सप्ताह के सात दिनों सोलह घंटे प्रति दिन कार्य करता था — ताकि मैं अपने कालेज और सेमनरी की फीस स्वयं चुका सकूं। मैंने परमेश्वर से डरना सीखा है‚ बजाय मनुष्य के। डॉ ग्रीन ने कहा था‚ ‘‘अगर तुम बाइबल का इंकार करने वाले प्राध्यापकों को उत्तर देना बंद नहीं करोगे‚ तो तुम्हें एक सदर्न बैपटिस्ट चर्च में पास्टर का पद नहीं मिलेगा।"

मैंने सीधे उनकी आंखों में झांका और कहा‚ ‘‘अगर इसकी कीमत यह है तो मुझे यह पद नहीं चाहिये!" मैं ऐसा पद नहीं चाहता, अगर मुझे पद नहीं मिलने की कीमत क्यों न चुकानी पड़े! मैं ऐसा पद नहीं चाहता!

दानियेल बनने का साहस रखिये‚
   अकेले खड़े रहने का साहस करिये!
इसे सबको ज्ञात होने देने का साहस कीजिए!
   एक दृढ़ उददेश्य से भरे रहने का साहस कीजिए !

मेरे पास भविष्य की कोई सुरक्षा नहीं बची थी! मैंने सोचा मेरा कैरियर तो अब समाप्त हुआ। मैंने सोचा कि मैंने चार साल कॉलेज और तीन साल सेमनरी के बर्बाद किये। परंतु मैंने बिल्कुल भी परवाह नहीं की। मुझे अकेले ही बाइबल के लिये खड़े होना था! मुझे तो अकेले ही खड़े होना था‚ भले ही मुझे चर्च के पास्टर का पद मिले अथवा नहीं! भले ही उन्होंने मुझे जलती हुई भटटी में झोक दिया था! भले ही मुझे कभी भी कोई चर्च क्यों न मिलें!

अगर इसकी कीमत यह है तो मुझे यह पद नहीं चाहिये! क्या मैं डरा हुआ था? बेशक, मैं डरा हुआ था! परंतु पिछले सप्ताह मैंने अपने जीवन की कहानी लिखना समाप्त की है। मेरी पुस्तक का शीर्षक इस प्रकार है — अगेंस्ट ऑल फियर्स"!

अनेक महान और बड़े प्रचारकों ने मेरी पुस्तक को समर्थन दिया है। उनके कथन मेरी पुस्तक के कवर पर हैं! डॉ बिल मुनरो‚ बैपटिस्ट बाइबल फैलोशिप के भूतपूर्व अध्यक्ष ने लिखा‚ ‘‘डॉ हिमर्स आधुनिक समय के बेबीलोन — लॉस ऐंजीलिस में आधुनिक दानियेल हैं। उनकी कहानी पढ़िये और आशीषित होइये‚ जैसे मैं आशीषित हुआ!"

डॉ नील वीवर, लूसियाना बैपटिस्ट यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष ने लिखा - सारी विषमताओं के मध्य ‘‘हिमर्स (उनके) दृढ़ विश्वास के लिये लड़ने से डरते नहीं हैं, वह व्यक्ति, डॉ आर एल हिमर्स जूनियर‚ मेरे बहुत अच्छे मित्र हैं।"

डॉ हरबर्ट एम रॉउलिंग्स‚ डॉ जॉन राउलिंग्स के पुत्र‚ फाउंडेशन के सीइओ के अनुसार हिमर्स ‘‘एक मूल अमेरीकी हैं! एक स्वप्नदर्शी हैं! उनका जीवन दूसरों को मसीह के लिये प्रेरित करने की लगन को दर्शाता है।"

डॉ दान डेविडसन‚ सेंटा ऐना कैलीफोर्निया के पास्टर ने कहा‚ ‘‘जो बाधाएं डॉ हिमर्स के मार्ग में बिखरी हुई थी........उनके कारण बहुत से मनुष्य सेवकाई से दूर हो गये — किंतु डॉ हिमर्स ने उन सब को जीत लिया।"

रेव्ह रोजर हॉफमन ने लिखा था‚ ‘‘मैं इस पुस्तक की अत्यधिक अनुशंसा करूंगा‚ भले ही आप प्रचारक हो या नहीं‚ यह आप को प्रेरित करेगी और आप का विश्वास बढ़ायेगी।"

डॉ राबर्ट एल समनर ने कहा‚ ‘‘मैं एक मनुष्य को पसंद करता हूं जो सारी कठिनाईयों के उपरांत‚ सच के लिये कदम उठाने को तैयार हैं। राबर्ट लैसली हिमर्स जूनियर इस प्रकार के मसीही जन हैं।"

डॉ पैग पैटरसन जो साउथ वैस्टर्न (सदर्न) बैपटिस्ट थियोलॉजीकल सेमनरी के महान और गरिमापूर्ण अध्यक्ष हैं‚ उन्होंने लिखा‚ ‘‘अगेंस्ट ऑल फियर्स‚ राबर्ट एल हिमर्स जूनियर‚ सुसमाचार के विश्वसनीय प्रचारक की‚ असंभव व आश्चर्यजनक कहानी है। आप इस पुस्तक को पढ़िये और आप इसके द्वारा आशीषित होंगे।"

डॉ बॉब जोंस बॉब जोंस यूनिवर्सिटी के चांसलर ने लिखा‚ ‘‘उनकी आत्मकथा उन्हें.......प्राचीन धर्मशास्त्र के एक भविष्यदर्शी के समान प्रकट करती है.......मैं और मेरे पिता गर्व से डॉ आर एल हिमर्स जूनियर को अपना मित्र कहते हैं।"

डॉ क्रेटन एल चान ने लिखा‚ ‘‘इस पुस्तक को पढ़िये और आप के भय खिड़की से भाग जायेंगे! आप को डॉ हिमर्स के जीवन से ताकत मिलेगी। इस पुस्तक को पढ़िये! यह आप को प्रेरित करेगी।"

इंडोनेशिया के डॉ इदी पुरवंतों ने लिखा‚ ‘‘जब परमेश्वर एक मनुष्य के साथ होते हैं‚ तो उसे पराजित नहीं किया जा सकता। डॉ हिमर्स एक नायक हैं‚ जो कई खतरनाक युद्धों में से बाहर निकले हैं।"

मैं इस तरह और अधिक अनुशंसाएं पढ़ता जा सकता हूं परंतु इतना पर्याप्त है। मैं स्वयं को नायक नहीं मानता। मैं सिर्फ एक मनुष्य हूं‚ सिर्फ एक मनुष्य‚ शद्रक‚ मेशक और अबेदनगों के समान। सिर्फ एक मनुष्य जो बाइबल को नहीं मानने वाले उदारवादियों के सामने झुकने से इंकार करता था‚ हॉलीवुड के सामने नहीं झुका‚ जब उन्होंने यीशु के उपर प्रहार किया‚ मैं सिर्फ एक मनुष्य हूं जो रिचर्ड ओलिवॉज के सामने नहीं झुका या लॉस ऐंजीलिस टाईम्स या अमेरिका के हरेक न्यूज प्रोग्राम के सामने नहीं झुका। मैं सिर्फ शद्रक‚ मेशक और अबेदनगों के समान एक मनुष्य हूं!

हम इस मामले में परमेश्वर पिता को उत्तर देने में सावधान नहीं हैं। अगर हम होते तो‚ हमारा परमेश्वर जिसकी हम आराधना करते हैं‚ हमें धधकती हुई आग की भटटी से बचाने में समर्थ है । ओ राजा‚ वह हमें तेरे हाथ से बचायेगा। परंतु अगर नहीं (हा! हा! — ऐसा ही है!) ‘‘परन्तु‚ यदि नहीं‚ तो हे राजा तुझे मालूम हो‚ कि हम लोग तेरे देवता की उपासना नहीं करेंगे‚ और न तेरी खड़ी कराई हुई सोने की मूरत को दण्डवत करेंगे।" मि मैन्यूएल मैंशिया ने मुझे एक फलक भेंट किया था‚ जो यहां चर्च के मेरे आफिस की डेस्क पर लगा हुआ है। उस फलक पर मि मैंशिया ने बेबीलोन के हमारें उन नायकों के कहे शब्दों को लिखवाया है। और अगर नहीं! परमेश्वर हमें छुड़ा सकते हैं। और अगर नहीं — ‘‘तो भले ही हम आग में जल कर मर जायें‚ हम लोग तेरे देवता की उपासना नहीं करेंगे‚ और न तेरी खड़ी कराई हुई सोने की मूरत को दण्डवत करेंगे।"

मेरे प्रिय युवा मित्रों‚ आप ने अनेकों बार मुझे प्रचार करते हुए सुना है। मुझे आप पर बहुत गर्व है! जहां कहीं मैं जाता हूं‚ तो आप में से जितनों ने उद्धार पाया है‚ मैं उनकी बड़ाई करता हूं। परंतु आप में सें कुछ अभी तक उद्धार के अनुभव से दूर हैं। आप को नये सुसमाचारप्रचार वाद के सारे बंधन बेड़ियों को तोड़ देना आवश्यक है! आप को यीशु के पास आना आवश्यक है। आप को स्वयं को यीशु के कदमों पर डाल देना चाहिये‚ जो आप के लिये मरे। स्वयं को यीशु के कदमों में डाल दीजिये। वह आप को बचा सकते हैं। वह आप के पापों को क्षमा कर सकते हैं और आप को अनंत जीवन दे सकते हैं। आप कहते हैं‚ ‘‘वह मुझे उद्धार नहीं दे सकते हैं।" मैं उन यहूदी जवान नायकों में से एक के शब्दों में आप को उत्तर देता हूं‚ ‘‘परन्तु‚ यदि नहीं‚ तो हे राजा तुझे मालूम हो‚ कि हम लोग तेरे देवता की उपासना नहीं करेंगे‚ और न तेरी खड़ी कराई हुई सोने की मूरत को दण्डवत करेंगे जो तूने हमारी परीक्षा के लिये खड़ी करवाई हैं!"

उनके पास ऐसा आत्मविश्वास कहां से आया? अगर उन्होंने स्वयं पर भरोसा किया होता तो शैतान उन्हें याद दिला देता कि वे कितने कमजोर हैं। परंतु उन्होंने अपनी ताकत और अपनी योग्यता पर भरोसा नहीं रखा। उन्होंने मसीह पर भरोसा रखा (धधकती भटटी में वे उनके साथ थे।) ‘‘मसीह पर भरोसा करना" आप कहते हैं ‘‘क्या इतना ही मुझे करना है?" तो हां‚ आप को सिर्फ इतना ही करना है। मैं जानता हूं ऐसा भी समय आया जब मेरे पास सिवाय विश्वास करने के और कुछ नहीं था! मैं बहुत कमजोर और असहाय पड़ गया। परंतु मसीह ने मुझे सदा बचाया‚ मेरी कमजोरी में भी। हर परीक्षा और कमजोरी में मसीह ने मुझे सुरक्षित रखा। महान स्पर्जन ने कहा‚ ‘‘अगर आप मसीह पर भरोसा रखते हैं और धिक्कारे जाते हैं‚ तो मैं भी आप के साथ धिक्कारा जाउंगा। क्योंकि उद्धार की एकमात्र मेरी आशा मसीह में पाई जाती है। मैं यीशु पर विश्वास करता हूं और वहीं मेरी ताकत और मेरा उद्धार हैं।" आप कहते हैं‚ ‘‘वह मुझे नहीं बचा सकते।" तो यह शैतान की वाणी है। उसकी आवाज को मत सुनिये! जिन्होंने यीशु पर भरोसा किया‚ उनमें से एक भी जन को यीशु ने खोने नहीं दिया। एक भी आत्मा खोने नहीं पाई‚ जिन्होंने यीशु पर विश्वास किया! और यीशु उन्हें कभी खोंयेगे भी नहीं ।

यीशु पर विश्वास रखने से क्या आशय है? यह रात्रि में बिस्तर पर विश्राम के लिये जाने जैसा है। यह मेरा विश्वास है कि बिस्तर मुझे आराम देगा। मैं लेट जाता हूं और आराम करता हूं। यीशु पर विश्वास करना भी ऐसा ही है। मसीह के कदमों पर स्वयं को डाल दीजिये। ‘‘हर प्रचंड तूफान में" उन पर भरोसा कीजिये। उन पर भरोसा कीजिये‚ ‘‘जब आप की आत्मा पूरी रीति से चूक जाये।" ‘‘मैं जरा सा भी स्वयं पर भरोसा नहीं करता परंतु पूर्ण रीति से यीशु के नाम पर भरोसा रखता हूं।" मसीह के कदमों पर स्वयं को डाल दीजिये। जैसे रात्रि में विश्राम के लिये स्वयं को बिस्तर पर डाल देते हैं, वैसे ही स्वयं को मसीह के उपर छोड़ दीजिये। बिस्तर आप को गिरने नहीं देगा। यीशु आप को असफल नहीं होने देंगे। उन पर ऐसा भरोसा कीजिए जैसा आप अपने बिस्तर पर रात्रि में विश्राम देने के लिये करते हैं। यीशु आप को सहायता देंगे‚ बुरे से बुरे समय में भी। मैं अनुभव से इसे जानता हूं। ‘‘परन्तु‚ यदि नहीं‚ तो हे राजा तुझे मालूम हो‚ कि हम लोग तेरे देवता की उपासना नहीं करेंगे‚ और न तेरी खड़ी कराई हुई सोने की मूरत को दण्डवत करेंगे जो तूने हमारी परीक्षा के लिये खड़ी करवाई है।" मसीह पर विश्वास कीजिए! मसीह पर विश्वास कीजिए! वे आप के पापों का दंड भरने के लिये आप के स्थान पर मरे। उन पर भरोसा कीजिए और ‘‘हर प्रचंड तूफान में" वह आप को सहायता देंगे! हर परीक्षा और भय में। प्रत्येक परिस्थितियों, यहां तक कि मृत्यु में भी, यीशु आप को असफल नहीं करेंगे!


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संदेश के पूर्व बैंजामिन किंकेड ग्रिफिथ का एकल गान:
‘‘डेअर टू बी डेनियल" (फिलिप पी ब्लिस‚ १८३८−१८७६)