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इस युग के चिंन्ह

SIGNS OF THE TIMES
(Hindi)

डॉ आर एल हिमर्स
by Dr. R. L. Hymers, Jr.

रविवार की सुबह, २७ दिसंबर, २०१५ को लॉस ऐंजीलिस के दि बैपटिस्ट टैबरनेकल
में किया गया प्रचार किया गया संदेश
A sermon preached at the Baptist Tabernacle of Los Angeles
Lord’s Day Morning, December 27, 2015

''तुम आकाश का लक्षण देखकर भेद बता सकते हो पर समयों के चिन्हों का भेद नहीं बता सकते?'' (मत्ती १६:३)


मसीह के समय में सदूकी और फरीसी दो प्रमुख धार्मिक समूह थे। वे स्वर्ग से कुछ विशेष चिंन्ह दिखाये जाने की मांग करते थे। यद्यपि उन्हें एक के बाद एक चिंन्ह मिलता जाता था − जो यह सिद्व करता था कि मसीह ही उनके मुक्तिदाता हैं। मसीह ने आश्चर्यजनक रूप से पांच रोटी और दो मछली को द्विगुणित करने के द्वारा − पांच हजार लोगों की भीड़ को खिलाया (मत्ती १४:१५−२१) । वह गलील के समुद्र में पानी पर चले (मत्ती १४:२२−३३) । जो लोग उन्हें स्पर्श भी कर लेते थे वे बीमारी से अच्छे हो जाते थे (मत्ती १४:३६) । उन्होंने कनानी महिला की बच्ची को अच्छा किया (मत्ती १५:२१−२८) । उन्होने अपार भीड़ में आये अंधे, गूंगे, अपंग लोगों को और ऐसे ही ''अन्य ग्रसित'' लोगों को चंगा किया (मत्ती १५:२९−३१) । एक दूसरा आश्चर्यकर्म करते हुये उन्होंने सात रोटी और ''कुछ मछली को'' द्विगुणित करते हुये − सात हजार लोगों की भीड़ को खिलाया (मत्ती १५:३२−३९) ।

एक के बाद एक चिंन्ह उनको दिये गये जिसने यह प्रगट किया कि − यीशु ही उनके मसीहा हैं। पर यहां तो वे और दूसरे चिंन्ह की मांग करने लगे। मैथ्यू हैनरी जो महान अंग्रेज टीकाकार थे उनका कथन था कि वे ''स्वर्ग से चिंन्ह'' की मांग करते थे और मसीह पर विश्वास करना नहीं चाहते थे। वे ''स्वर्ग से'' चिंन्ह चाहते थे ताकि उस चिंन्ह का श्रेय शैतान को दे सके जो ''आसमान की शक्तियों का राजकुमार'' कहलाता है वे यह प्रमाणित करना चाहते थे कि मसीह शैतान के लिये कार्य कर रहे थे न कि परमेश्वर के लिये। (मैथ्यू हैनरी कमेंटरी आँन दि व्होल बाइबल, हैंडरिकसन पब्लिशर्स, १९९१ पुर्नमुद्रण, वाल्यूम ५, पेज १८२)

मसीह ने उनसे कहा,

''इस युग के बुरे और व्यभिचारी लोग चिन्ह ढूंढ़ते हैं पर यूनुस के चिन्ह को छोड़ कोई और चिन्ह उन्हें न दिया जाएगा, और वह उन्हें छोड़कर चला गया........'' (मत्ती १६:४)

भविष्यदर्शी योना का चिंन्ह यह दर्शाता था कि मसीह मर के जीवित होंगे।

''यूनुस तीन रात दिन जल जन्तु (समुद्री जन्तु) के पेट में रहा, वैसे ही मनुष्य का पुत्र तीन रात दिन पृथ्वी के भीतर रहेगा'' (मत्ती १२:४०)

जैसे भविष्यदर्शी योना समुद्री जन्तु के पेट में से बाहर जीवित निकल आया वैसे ही मसीह मरकर कब्र में से जीवित निकल आयेंगे (जे वर्नान मैगी, टी एच डी, थ्रू दि बाइबल, थॉमस नेल्सन पब्लिशर्स, १९८३, वाल्यूम ४, पेज ६९; मत्ती १२:४० पर व्याख्या) मसीह का मरकर जीवित होना यह एकमात्र चिंन्ह था जो मसीह ने उन्हें बताया था।

अब हम पद विशेष के उपर आते हैं,

''तुम आकाश का लक्षण देखकर भेद बता सकते हो पर समयों के चिन्हों का भेद नहीं बता सकते?'' (मत्ती १६:३)

वे आकाश को देखकर अगले दिन का मौसम बता सकते थे। लेकिन वे आत्मिक रूप से इतने अंधे हो चुके थे कि मसीह जब उनके मध्य चिंन्ह और आश्चर्यकर्म प्रगट कर रहे थे तो लोग उसे समझ नहीं पा रहे थे।

यही आज हो रहा है। इतने चिंन्ह हमारे आसपास घटित हो रहे हैं जो संकेत दे रहे हैं कि हम अंत के दिनों में रह रहे हैं। मसीह का द्वितीय आगमन और इस संसार का अंत जल्द ही घटने वाले हैं। अंत निकट है। बड़े अचरज की बात है कि इस विषय पर आज बहुत कम प्रचार उपलब्ध है − बहुत ही कम! आज कई वर्षो से यह बहुत प्रसिद् विषय रहा है बिली ग्राहम अपने हर क्रूसेड को अंत के चिंन्हों के उपर प्रचार करके समाप्त करते थे।

लेकिन आज बहुत ही कम प्रचारक ऐसा करते हैं मै उनसे वही प्रश्न पूछना चाहता हूं जो मसीह ने उनसे पूछा था,

''तुम समयों के चिन्हों का भेद नहीं बता सकते?'' (मत्ती १६:३)

तुम क्यों समय के चिंन्हों को नहीं देख पाते हो? वह क्या बात है जो आप को इस सत्य को देख पाने से दूर रखती है कि जगत का अंत निकट है? हर चिंन्ह यह प्रगट करता है कि समय समाप्त हो चुका है। सब मनुष्यों के लिये अंत निकट है।

''तुम समयों के चिन्हों का भेद नहीं बता सकते?'' (मत्ती १६:३)

१. पहला चिंन्ह जब अंत निकट है − बुतपरस्ती का उदय और वर्तमान में चाहे पश्चिमी जगत हो या ओर कहीं, लोगो का मसीह से विमुख होना।

यूएसए टूडे में एक कहानी का शीर्षक था, ''सर्वे: अमेरिका में लोग धर्म से अलग जा रहे हैं।'' (यूएसए टूडे , ७ मार्च २००२, पेज १ ए, १ डी, ७ डी) जैसे युनाइटेड किंगडम यूरोप और अन्य जगहों पर हो रहा है यहां अमेरिका में भी लोग मसीहत की गंभीरता को त्याग रहे हैं। यहां उन सात राज्यों का प्रतिशत दिया हुआ है, जो कहते हैं उनका ''कोई धर्म नहीं है'':

वाशिंगटन      २५‰
वर्मोंट            २२‰
कोलोरेडो       २१‰
ओरेगोन         २१‰
नेवदा            २०‰
व्योमिंग         २०‰
कैलीफोर्निया  १९‰

यह वास्तव में ऐसा दर्शाता है कि पुराने हिप्पी जो − वास्तव में हिप्पी है − अपने आप बिना चर्च में जाये ही आराधना करते हैं, जैसा इब्रानियों १०:२५ में बाइबल सिखाती है। वे उपासना और सेवा करते हैं ''सृष्टि की, न कि उस सृजनहार की'' (रोमियों १:२५) ''वे अपने आप को बुद्धिमान जताकर (अधिकतर हिप्पी पीढ़ी) ........मूर्ख बन गए '' (रोमियों १:२२)

मसीह ने हमसे कहा था सच्चा मसीही प्रेम पश्चिमी जगत से गायब हो जायेगा जैसे जैसे अंत समीप आयेगा:

''और अधर्म के बढ़ने से बहुतों का प्रेम ठण्डा (भावना रहित) हो जाएगा'' (मत्ती २४:१२)

पुरानी हिप्पी पीढ़ी ५१ से ७१ के बीच की है। इन पुराने हिप्पयों ने आप जवान लोगों से झूठ बोला है। उन्होंने आप से कहा कि आप बाहर जा सकते हैं और सृष्टि के साथ संवाद स्थापित कर सकते हैं और आप को चर्च जाने की आवश्यकता नहीं है। इन नशीले हिप्पयों ने आप से झूठ बोला है! यह झूठ है! यह झूठ है! यह झूठ है! ''अगर कोई स्थानीय चर्च आपकी माता के रूप में नहीं है तो परमेश्वर भी आप के पिता के रूप में नहीं हो सकते हैं!'' उन्हें जाकर कह दीजिये कि तीसरी शताब्दी में साइप्रियन ने ऐसा कहा था! (ए डी २००−२५८) उनसे कहिये कि मैं भी साइप्रियन से सहमत हूं! महान धर्मसुधारक कैल्विन ने भी यही बात कही थी! अगर कोई स्थानीय चर्च आपकी माता के रूप में नहीं है तो परमेश्वर भी आप के पिता के रूप में नहीं हो सकते हैं!

साइप्रियन बहुत समय बाद अपने जीवन में परिवर्तित हुये थे। वह अफ्रीका में, कार्थेज शहर में एक बहुत बड़े चर्च के पास्टर चुने गये थे। रोम के बिशप के साथ उनका टकराहट हुई, क्योंकि वे सभी प्रमुख् पास्टर्स के लिये बराबरी का अधिकार चाहते थे। स्टीफन, जो रोम के बिशप थे, उन्होंने चर्च अनुशासन पर साइप्रियन के कड़े रूख के कारण उन्हें निकाल देने की धमकी दी। अत्यधिक रोमन सताव के समय बहुत से लोगों ने चर्च छोड़ दिया था। साइप्रियन ने बहस की कि जिन लोगों ने चर्च छोड़ा है उन्हें तब तक वापस प्रवेश नहीं दिया जाये जब तक कि वे कठोर प्रायश्चित नहीं करते हैं। पोप स्टीफन का कहना था कि उन्होंने सताव के कारण चर्च छोड़ा है इसलिये उन्हें आसानी से प्रवेश दे दिया जावे। साइप्रियन अपनी बात पर अडिग रहे। रोम के बिशप ने उन्हें निकाल देने की धमकी दी, तब उनका निष्कासन तो नहीं हुआ लेकिन उन्हें बुतपरस्तों द्वारा मार डाला गया, और वे शहीद कहलाये। वह चर्च अनुशासन पर अपने कड़े रवैये के लिये जाने जाते हैं। साइप्रियन स्थानीय चर्च को बहुत महत्व देते थे उन्होंने इसे एक ''स्पष्ट दिखाई पड़ने वाला'' चर्च माना था। उन्होंने यह महसूस किया कि जिन लोगों ने सताव आने पर इस प्रगट चर्च को त्याग दिया था अब अगर वे दुबारा इस चर्च में प्रवेश चाहते हैं तो उन्हें परीक्षण व प्रायश्चित के पश्चात ही चर्च में प्रवेश दिया जाना चाहिये। देखा जाये तो, इस मुददे पर साइप्रियन का नजरिया पूर्वी प्रोटेस्टैंट लोगों के समान था। अगर पोप स्टीफन ने उनकी बात मानी होती तो कैथोलिक चर्च भले ही छोटा होता परंतु बहुत मजबूत होता।

मैं इस बात पर सहमत हूं कि हमें बैपटिस्ट प्रचारकों की एक ऐसी पीढ़ी चाहिये जो चर्च अनुशासन के मामले में उतनी ही सख्त हों जैसा यह पूर्वी पास्टर था। मैं भी साइप्रियन और जॉन कैल्विन के शब्दों में यह कहता हूं ''अगर कोई स्थानीय चर्च आपकी माता के रूप में नहीं है तो परमेश्वर भी आप के पिता के रूप में नहीं हो सकते हैं'' (जे डी डगलस, हूज हू इन क्रिस्चिन हिस्ट्री, टिंडेल हाउस, १९९२, पेज १८६−१८७) आप सभी लोगों को बता सकते हैं कि मैं साइप्रियन की बात से सहमत हूं। वह विश्वास के कारण शहीद हुये। मैं उनकी इस बात से पूर्णत: सहमत हूं कि आप को स्थानीय चर्च के प्रति विश्वसनीय बने रहना चाहिये। मैं साइप्रियन और जॉन कैल्विन धर्मसुधारक से, पूर्णत: सहमत हूं। जो लोग आप को कहते हैं कि आप को आपका चर्च छोड़ देना चाहिये तो ऐसे लोग झूठे होते हैं। लोग जो ऐसा कहते हैं कि वे बिना चर्च सदस्यता के ही मसीही हैं तो ऐसे लोग झूठे हैं। स्थानीय चर्च से जुडाव के बिना ''मसीहत'' अंतिम दिनों का सूचक है। यह शैतान की ओर से एक झूठ है!

''तुम समयों के चिन्हों का भेद नहीं बता सकते?'' (मत्ती १६:३)

२. अंत का दूसरा चिंन्ह नशे के कारण मानसिक भ्रांति होना, घंटों टी वी देखना, घंटों विडियो गेम्स खेलना, ''नेट चलाना'' और पोर्नोग्राफी देखना।

बाइबल कहती है कि लोग अंत के दिनों में अपने पापों के कारण जानवर से भी निम्न अवस्था में आ जायेंगे। बाइबल में लिखा है,

''पर यह जान रख, कि अन्तिम दिनों में कठिन समय आएंगे। क्योंकि मनुष्य........असंयमी, कठोर, भले के बैरी होंगे'' (२ तीमुथियुस ३:१−३)

नये नियम में यूनानी शब्द का अनुवाद ''पेरीलस'' किया गया है, वह केवल एक बार आया है जहां गदरानियों के दुष्टात्मा से पीडित व्यक्ति का वर्णन है। हमें बताया गया है कि वह ''अत्यधिक खतरनाक'' था (मत्ती ८:२८) यूनानी शब्द के अनुवाद में २ तीमुथियुस ३:१ में ''खतरनाक'' शब्द प्रयुक्त हुआ है वैसे ही ''खूँखार'' भी एक अनुवाद है। वह यूनानी शब्द ''खलिपास,'' है जिसका अर्थ ''खतरनाक, उग्र, खूँखार'' (स्ट्रॉंग) प्रयुक्त हुआ है । आजकल ऐसे लोगों की संख्या बढ़ रही है जो − ''खतरनाक, उग्र और खूँखार'' हैं। हम प्रतिदिन समाचार में इसे पढ़ते हैं।

क्या आपको फोर्टवर्थ टेक्सास में घटी महिला की एक घटना याद है? वह एक नर्स की सहायक थी। वह ''एक्सटैसी'' नशीली दवा ले रही थी। उसकी कार ने एक व्यक्ति को टक्कर मार दी और महिला कार के वातरोधी शीशे में सिर से फंसे उस व्यक्ति को सीधे अपने घर तक ले गई। वह कार को गैरेज में ले गई और फिर कार वहां खड़ी कर गैरेज बंद कर दिया। वह व्यक्ति उसी तरह वातरोधी शीशे में फंसा रहा और धीरे धीरे रक्त के बह जाने के कारण मर गया। महिला दिन में कई बार यह देखने गयी कि वह व्यक्ति मरा कि नहीं। अंतत: तीन दिन बाद जब वह मर गया, तो उस महिला ने उसे गाड़ी की डिक्की में डाल कर एक पार्क में फेंक दिया। टेरेंट काउंटी टेक्सास के प्रासिक्यूटर ने यह घोषित किया, ''इस कृत्य को क्रूरता कहना भी पर्याप्त नहीं है। निर्मम कहें? या अमानुषिक कहें? शायद हमें अमानुषिकता को भी फिर से परिभाषित करने की आवश्यकता है?'' (लॉस ऐंजीलिस डेली न्यूज, मार्च ८, २००२, पेज १) हमें यह स्मरण रखना होगा कि यह महिला नर्स की सहायक थी। यह भी ध्यान देने योग्य बात है कि यह महिला स्वयं को मसीही मानती है। अब हमारे यहां हत्यारे भी है जो स्वयं को मसीही कहते हैं! क्या आप इस पर विश्वास नहीं करेंगे! सच्चे मसीही कभी ऐसी घटना नहीं करते हैं!

''एक्सटैसी'' या ऐसी कोई नशीली दवा एक बार भी ले ले तो इस बात की पूरी संभावना है कि वह शैतानी हरकत करेगा। जो इस तरह दुष्टात्मा से ग्रसित हो जाता है तो ऐसे दुष्टात्मा ग्रसित लोग खतरनाक, खूंखार और अनियंत्रित हो जाते है। आज जगत दुष्टात्मा ग्रस्त लोगों से भरा पड़ा है। अधिकतर पिक्चर्स पिशाच, जोंबीज, हत्या, प्रताडना रक्तपात और दुस्साहस से भरी हुई हैं। हर साल ऐसी बातें बढ़ती ही जाती हैं! प्राचीन रोमियों के समान अमेरिका वासी भी रक्तपिपासु हो गये हैं − ऐसे रोमी जो मसीहियों को शेरों के सामने फेंक दिया करते थे − और कोलेजियम में बैठे ये लोग मसीहियों के टुकडे टुकडे होते देख प्रसन्न होते थे! अब तो जैसे पूरी पीढ़ी ही दुष्टात्मा ग्रसित हो गयी है। और ऐसे दुष्टात्मा ग्रसित लोग आप को स्थानीय चर्च से अलग करने के लिये सारा प्रयास करने को तैयार रहेंगे। कई लोग जो हमारे चर्च को बीस साल पहले छोड़ गये थे उन्होंने हम पर इंटरनेट पर प्रहार किये और ऐसा व्यवहार किया जैसे सचमुच दुष्टात्मा से ग्रसित हो। मैं तो इस बात से सहमत हूं कि उनमें से कुछ तो सीधे शैतान के नियंत्रण में ही दिख रहे थे। उनके इन प्रहारों को रोकने के लिये हमें उन्हें एफबीआई की ओर मोड़ देना पड़ा! उन लोगों को ईश्वर का कोई भय नहीं था। पर एफबीआई ने उन्हें रोक दिया! परमेश्वर का धन्यवाद हो! बाइबल कहती है,

''अपने आप को इस टेढ़ी पथभ्रष्ट (जिद्दी,कुटिल,विकृत जाति,स्ट्रॉंग) से बचाओ'' (प्रेरितों २:४० )

कई लोगों द्वारा मानसिक अस्थरता और दुष्टतापूर्ण भयानकता का प्रदर्शन करना अंत का चिंन्ह दिखाई देता है।

''तुम समयों के चिन्हों का भेद नहीं बता सकते?'' (मत्ती १६:३)

३. अंत का तीसरा चिंन्ह संपूर्ण संसार में आतंकवाद का उदय होना।

टाईम पत्रिका कहती है:

एक १० किलोटन का (न्यूक्लियर) हथियार न्यूयार्क शहर में फटने वाला है? ऐसा हुआ नहीं। पर हो सकता है।

११ सितंबर के छ माह के बाद भी अमेरिका ऐसे निराशाजन्य हालात में (था) कि दूसरे हमले के हालात में सारे बिखरे तंत्र को संभाल पाने में असमर्थ था। जबकि हमारे जासूस अपने नेटवर्क को और चुस्त बनाने में लगे हैं तो इस समय टाईम के जांचकर्ताओं का प्रश्न है कि क्या हम दूसरा हमला होने से रोक पायेंगे? (मार्च ११, २००२, पेज २४−२५)

टाईम आश्वस्त नहीं था कि हम स्वयं को बचा पायेंगे। यह लेख उन शब्दों के साथ समाप्त हुआ, ''अब हम आक्रमक तो हो चुके है पर बड़ा प्रश्न उठता है कि क्या हमने यह समय पर किया?'' (उक्त संदर्भित, पेज ३७) टाइम मैगजीन तो हमें यहां तक बताती है,

विशेषज्ञ कहते हैं कि आतंकवादी अमेरिका को बड़ी क्षति पहुंचाने के प्रयास में लगे हुये हैं और अमेरिका इस प्रयास को विफल करने में ठीक से कोशिश नहीं कर रहा है। (आतंकवादी) अब यूरेनियम से भरपूर यंत्र बना रहे हैं जो दूर दूर तक के क्षेत्र में विध्वंस फैला सकते हैं (उक्त संदर्भित, पेज २६−२७) ।

तो क्या मुस्लिम उग्रवादी लॉस ऐंजीलिस या न्यूयार्क में थमोंन्यूक्लियर बम विस्फोट कर सकते है? टाइम मैगजीन सोचती है शायद वे करेंगे। रायटर्स, जो बिटिश न्यूज ऐंजेंसी है उसकी एक भयभीत करने वाली रिपोर्ट का शीर्षक था, ''डाटा ये प्रदर्शित करते हैं कि संसार चुरायी गयी न्यूक्लियर साम्रगी में जलप्लावित हो जायेगा'' (मार्च ६, २००२, www.reuters.com)

स्टेनफोर्ड यूनिवर्सटी की डॉ लौदमिला जेत्सेवा का कथन था कि, ''सचमुच यह डराने वाली बात है।'' अंतरराष्ट्रीय अनुसंधानकर्त्ताओं ने संसार भर की खोयी हुई, चुरायी हुई और इधर उधर हो गयी न्यूक्लियर साम्रगी का डाटा बेस तैयार किया है − जो यह भयावह तस्वीर पेश करती है कि यह संसार यूरेनियम और प्लूटोनियम के हथियारों के ढेर में दब जायेगा जिसका किसी को अंदाजा ही नहीं है। रायटर्स न्यूज सर्विस का कहना है कि ''यह तथ्य रोंगटे खड़े कर देने वाले हैं'' (उक्त संदर्भित) वर्तमान में ईरान अमेरिका और इजरायल पर हमला करने के लिये न्यूक्लियर हथियार बना रहा है। उन पर कौन प्रतिबंध लगायेगा? न ही ओबामा न हिलेरी क्लिन्टन! उन्होंने तो ईरान से समझौता कर रखा है कि वे परमाणु हथियार बनाते रहे! सचमुच परमेश्वर ही हमारी सहायता करे! सच में ऐसे नेतृत्व के कारण तो हम संकट की स्थिति में आ चुके हैं!

तो क्या यह संसार परमाणु हथियारों के दावानल में नष्ट हो जायेगा? बाइबल कहती है:

''और चौथे ने अपना कटोरा सूर्य पर उंडेल दिया, और उसे मनुष्यों को आग से झुलसा देने का अधिकार दिया गया। और मनुष्य बड़ी तपन से झुलस गए, और परमेश्वर के नाम की जिसे इन विपत्तियों पर अधिकार है, निन्दा की और उस की महिमा करने के लिये मन न फिराया......'' (प्रकाशितवाक्य १६:८−९)

क्या हो अगर परमेश्वर ईरान को इन परमाणु हथियारों के प्रयोग करने की छूट दे दे? क्या हो अगर लॉस ऐंजीलिस खतरनाक परमाणु हथियारों के प्रलय में भस्म हो जाये तो आप का क्या हश्र होगा? जब जगत इस दावानल में जल रहा होगा तब आप की स्थिति क्या होगी? जब हम पर परमाणु हथियारों का हमला होगा तब आप कहां छिपेगे?

प्रगट होने वाले आग के न्याय के विषय में जवान बिली ग्राहम ने यह कथन किये थे:

''जब भविष्यवक्ता इस जगत का न्याय आग से होने के विषय में भविष्यवाणी करते है और जब पतरस ने इस युग के अंत में प्रगट होने वाली आग का उल्लेख किया तो वहां आग से उनका तात्पर्य केवल जलने वाली आग से ही नहीं था यह नाभिकीय उर्जा से उत्पन्न होने वाली अणुओं के विखंडन से उत्पन्न होने वाली आग भी हो सकती है निश्चित ही इस ढुष्ट संसार का न्याय आग से ही होगा'' (बिली ग्राहम, वर्ल्ड अफ्लैम, डबलडे, १९६५, पेज २४६−२४७)

जब परमेश्वर के क्रोध की आग लॉस ऐंजीलिस पर पड़ेगी तब आप बच निकलने के लिये क्या करेंगे? जब मुस्लिम उग्रवादी हमारे शहरो में ''कुत्सित'' बम विस्फोट करके नारकीय गडडे उत्पन्न कर देते हैं तब आप कहां छिपेंगे?

जिन्होंने नया जन्म नहीं पाया है वे लोग इस जगत के अंत में परमेश्वर द्वारा भेजे जाने वाली आग का सामना करने के लिये तैयार नहीं रहेंगे। तैयार रहने का एक ही रास्ता है कि बाइबल पर विश्वास रखने वाले चर्च में आया कीजिये और इसकी प्रत्येक आराधना में भाग लिया कीजिये। इन संदेशों को सुना कीजिये क्योंकि आप का जीवन इन पर निर्भर है। तब यह निश्चित कीजिये, बिल्कुल सुनिश्चित कीजिये कि आप का जीवन परिवर्तित हो − ऐसा न हो कि आप जीवन भर चर्च आते रहें लेकिन आप का उद्वार ही न हो।

इसलिये आप को सीधे यीशु मसीह के पास आने की आवश्यकता है जो एक पवित्र परमेश्वर और पापी मनुष्य के मध्य में मध्यस्थ हैं । मसीह ने आप के पापों का दंड चुकाने के लिये क्रूस पर अत्यंत भयानक मृत्यु सही। उन्होंने क्रूस पर अपना रक्त बहाया ताकि आप के पापों को शुद् कर सके। फिर वह शारीरिक मृत्यु मरकर पुन: जीवित हुये और उनका स्वर्गारोहण हुआ, जहां अब वह पिता परमेश्वर के दाहिने हाथ विराजमान हैं। आप को मसीह के पास ही आना चाहिये ताकि आप पापों से मुक्ति पा सकें। आप को यीशु पर ही विश्वास लाना चाहिये ताकि आप के जीवन का उद्वार हो सके। तब आप को नये नियम के समान स्थापित इस चर्च की संगति में आना चाहिये और बपतिस्मा लेना चाहिये। जब आप नया जन्म प्राप्त करेंगे तभी इस दुष्ट शहर पर आने वाले आग रूपी न्याय के समय सुरक्षित रह सकेंगे। मसीह पर विश्वास कीजिये। अभी विश्वास लाइये − जब समय शेष है! आमीन।


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(संदेश का अंत)
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संदेश के पूर्व ऐबेल प्रुद्योमे द्वारा धर्मशास्त्र पढ़ा गया: मत्ती १६:१−४
संदेश के पूर्व बैंजामिन किन्केड गिफिथ ने एकल गान गाया गया:
''इन टाइम्स लाइक दीज'' (रूथ काये १९०२−१९७२)


रूपरेखा

इस युग के चिंन्ह

SIGNS OF THE TIMES

डॉ आर एल हिमर्स
by Dr. R. L. Hymers, Jr.

''तुम आकाश का लक्षण देखकर भेद बता सकते हो पर समयों के चिन्हों का भेद नहीं बता सकते?'' (मत्ती १६:३)

१. पहला चिंन्ह जब अंत निकट है − बुतपरस्ती का उदय और वर्तमान में
चाहे पश्चिमी जगत या ओर कहीं, लोगो का मसीह से विमुख होना‚
इब्रा १०:२५; रोमियों १:२५‚२२; मत्ती २४:१२

२. अंत का दूसरा चिंन्ह नशे के कारण मानसिक भ्रांति होना, घंटों टी वी देखना,
घंटों विडियो गेम्स खेलना, ''नेट चलाना'' और पोर्नोग्राफी देखना‚
२ तिमोथी ३:१‚ ३; मत्ती ८:२८; प्रेरितों २:४०

३. तीसरा चिंन्ह जब अंत निकट है − संपूर्ण संसार में आतंकवाद का उदय
होना‚ प्रकाशितवाक्य १६:८−९