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सार्वलौकिक पाप, विषेश पाप, और पाप के उपाय

( सातवा धर्मोपदेष यषायाह 53 से)
UNIVERSAL SIN, PARTICULAR SIN, AND THE CURE FOR SIN
(SERMON NUMBER 7 ON ISAIAH 53)
(Hindi)

डो. आर. एल. हायर्मस, जुनि. द्वारा
by Dr. R. L. Hymers, Jr.

इस संदेष का प्रचार लोस एंजलिस में बप्तीस टबरनेकल में
मार्च 24, 2013 की सुबह को किया गया था।
A sermon preached at the Baptist Tabernacle of Los Angeles
Lord’s Day Morning, March 24, 2013

‘‘हम तो सबके सब भेंडो के समान भटक गए थे; हम में से हर एक ने अपना अपना मार्ग लिया; और यहोवा ने हम सबों के अधर्म का बोझ उसी पर लाद दिया’’ (यषायाह 53:6)।


डॉ. रीचर्ड लेंड जो Southern Baptist Convention’s Ethics and Religious Liberty Commission के अध्यक्ष है। डॉ. लेंड जानते है कि हम ऐसी संस्कृति में जी रहे है, जहाँ अद्भूत रीति से इसाई की मूलभूत बातों को जानते नहीं है। उन्होने कहा,

अमेरिका में धर्म की घटी...के बारे में मैंने Time मासिक पत्र में लेख पढ़ा था। संदेष की समाप्ती के बाद एक जोडी (सेवक) से मिलने आयी और कहा, ‘‘हमारा युवा बेटा जानना चाहता है कि क्रूस पर लटकने वाला व्यक्ति कौन है’’। उन्हे नहीं पता था कि वह यीषु था और उन्हे क्रूस की जानकारी नहीं थी। (“The Man on the Plus Sign,” World Magazine, August 1, 2009, page 24).

यह आष्चर्य की बात है कि कई लोगों को यीषु के बारे में और उन्होने क्या किया इस के बारे में बहुत कम मालूम है। सबसे ज्यादा गलती हमारी कलेषियों में है जहाँ यीषु के बारे में बहुत ही कम बताया जाता है। किंतु आप हमारी कलेषिया में एक भी इतवार को नहीं जा सकते बिना जाने कि यीषु हमारें पापों के लिए क्रूस पर मरा! जब यीषु क्रूस पर मरा, उन्होने हमारे पाप ढोयें और उसे माफी दी। उन्होने हमारे पाप को धोने के लिए क्रूस पर लहू बहाया। र्स्पजीयॉन (Spurgeon) ने कहा है, ‘‘ऐसे कई प्रचारक है, जो यीषु के लहू के बारे में नहीं बोलते; मुझे उनके बारे में चिंतित होकर यही कहना है-नेवर गो टू हीअर ढेम! नेवर लीसन्न टू ढेम! (उन्हें कभी सुनने जाना नहीं) सेवीकाई जिसमें लहू नहीं हो वह निर्जीव है, ऐसी निर्जीव सेवीकाईे किसी के लिए भी अच्छी नहीं है’’। (C. H. Spurgeon, “Freedom Through Christ’s Blood,” August 2, 1874) यषायाह के 53 वे अध्याय में मसीह ने हमारे पापों को ढोया यह बात कई बार दोहराई गई है।

‘‘उसने हमारे रोगों को सह लिया और हमारे ही दुःखों को उठा लिया’’ (यषायाह 53:4)।

‘‘परन्तु वह हमारे ही अपराधों के कारण घायल किया गया, वह हमारे अधर्म के कामों के कारण कुचला गया’’ (यषायाह 53:5)।

‘‘हमारी ही षान्ति के लिए उस पर ताड़ना पड़ी’’ (यषायाह 53:5)।

‘‘कि उसके कोडे़ खाने से हम लोग चँगे हो जाए’’ (यषायाह 53:5)।

‘‘यहोवा ने हम सबों के अधर्म का बोझ उसी पर लाद दिया’’ (यषायाह 53:6)।

‘‘मेरे ही अपराधों के कारण उस पर मार पड़ी’’ (यषायाह 53:8)।

‘‘जब वह अपना प्राण दोशबलि करे’’ (यषायाह 53:10)।

‘‘उनके अधर्म के कामों का बोझ आप उठा लेगा’’ (यषायाह 53:11)।

‘‘उसने बहुतों के पाप का बोझ उठा लिया’’ (यषायाह 53:12)।

यषायाह 53 अध्याय में बार बार कहा गया है कि मसीह ने हमारे पापों के लिए, सजा की भूगतान के रूप में अपने आप पर सारे अपराध और पीड़ा लाद ली।

किंतु अब, इस संदेष ने हमें नयी सोच दी है। यहाँ हमें कारण बताया गया है कि मसीह को पीडा क्यों भुगतनी पडी, मसीह क्यों, जब कि वह खुद निर्दाेश था, उसे मनुश्य के सारे अपराध ढोने पडे।

‘‘हम तो सब के सब भेड़ो के समान भटक गए थे; हम में से हर एक ने अपना अपना मार्ग किया; और यहोवा ने हम सबों के अधर्म का बोझ उसी पर लाद दिया’’ (यषायाह 53:6)।

संदेष को तीन मुद्धो में बाँटा गया है।

।. पहला, सारे मानवजाति के पाप की सामान्य कबूलात।

नभी ने कहा है,

‘‘हम तो सबके सब भेडो के समान भटक गए थे...’’ (यषायाह 53:6)।

मनुश्यजाति के सार्वलौकिक पाप के संदर्भ में हमें यहाँ स्पश्टीकरण मिलता है। ‘‘हम तो सब के सब भेडों के समान भटक गए थे।’’ पौलुस प्रेरित ने स्पश्ट (यह बात) की है, जब उसने कहा,

‘‘हम यहूदियों और यूनानियों दोनों पर यह दोश लगा चुके हैं कि वे सब के सब पाप के वष में हैं। जैसा लिखा है : कोई धर्म नहीं, एक भी नहीं। कोई समझदार नहीं; कोई परमेष्वर का खोजनेवाला नहीं।’’ (रोमियों 3:9-11)।

‘‘हम तो सब के सब भेडों के समान भटक गए थे,’’ हम सभी!

जिस तरह भेडों ने परमेष्वर के नियम की बाडा को तोडा है, और हम सब भटक गए थे, हम सभी परमेष्वर से बिखर गए। पौलुस प्रेरित ने कहा,

‘‘क्योंकि तुम पहले भटकी हुई भेडों के समान थे,’’ (1 पतरस 2:25)।

पतरस ने ग्रीस षब्द का प्रयोग किया है, इसका अर्थ है सुरक्षा और सत्य से भटक जाना, धोखा खाना (Strong)। यही मानवजाति के लिए सार्वभौकिक वर्णन पवित्र षास्त्र में किया गया हैं।

‘‘हम तो सब के सब भेडो के समान भटक गए थे’’ (यषायाह 53:6)।

मानव की तुलना पषु से की है क्योंकि पाप ने उसे नीचे गिराया है-और वह पषु-जैसे बना है। परन्तु हमारी तुलना किसी बुद्धिमान प्राणी से नहीं की है। नहीं, मनुश्य की तुलना सरल दिमागी भेडिए से की है।

आप षहर में रहते हो, तो षायद भेडिए की मूर्खता को नहीं जानते होगे। किंतु पवित्रषास्त्र के समय में लोग भेडिए की मुर्खता को बिलकुल अच्छी तरह से जानते थे। चरवाहा उन की बहुत ध्यान से निगरानी करते थे, नहीं तो वे भटक जाते थे।

भेडियों में एक मात्र अच्छी बात है-भटक जाना! अगर बाडा में एक भी छेद हो तो, भेडियो ढूंढ लेगा और भटक जाएगा। यह भेडिया, एक बार बाहर निकल गया तो वह वापसी का प्रयत्न भी नहीं करेगा। भेडियो सुरक्षित स्थान से दूर और दूर चला जाएगा। और मनुश्य भी ऐसा ही है। वह बुराई करने में होषीयार है, और अच्छाई करनेमें मूर्ख है। जैसे ग्रीक की पौराणिक कथाओं का आरगस (Argus), मनुश्य को पाप ढूँढने के लिए सौ आँखें है; किंतु बारटीमस (Bartimaeus) की तरह परमेष्वर को ढूँढने में अंधा है! पौलुस प्रेरित ने सार्वभौमिक पाप के रोग के बारे में कहा है,

‘‘तुम लोग उस समय मसीह से अलग, और इस्त्राएल की प्रजा के पद से अलग किए हुए और प्रतिज्ञा की वाचाओं के भागी न थे, और आषाहीन और जगत में ईष्वररहित थे’’ (इफिसियों 2:12)।

‘‘क्योंकि उनकी बुद्धि अन्धेरी हो गई है, और उस अज्ञानता के कारण जो उनमें है और उनके मनकी कठोरता के कारण, वे परमेष्वर के जीवन से अलग किए हुए है’’ (इफिसियों 4:18)।

ये वचन बताते है कि मनुश्य परमेष्वर से भटक गया है।

‘‘हम तो सब के सब भेंडो के समान भटक गए थे...’’ (यषायाह 53:6)।

फिर हमारे, संदेष में मानवजाति के पाप का सामान्य बयान दिया है। इससे पता चलता है कि मानवजाति परमेष्वर से दूर जाकर हजारों झूठे धर्म और झूठी सीख, मूर्तियों की पूजा, झूठे परमेष्वरों का और झूठे मसीहों में गई है। ‘‘क्योंकि उनकी बुद्धि अन्धेरी हो गई है, और उस अज्ञानता के कारण जो उनमें है और उनके मनकी कठोरता के कारण वे परमेष्वर के जीवन से अलग किए हुए है’’ (इफिसियों 4:18)।

॥. दूसरा, प्रत्येक मनुश्य का विषेश पाप का व्यक्तिगत बयान।

संदेश कहता है,

‘‘हम तो सब के सब भेंडो के समान भटक गए थे; हम में से हरएक ने अपना अपना मार्ग लिया...’’ (यषायाह 53:6)।

मनुष्य जाति के सामान्य पाप का बयान, प्रत्येक मनुश्य के विषेश पाप के व्यक्तिगत बयान से पीछे हट गया। ‘‘हममें से हरएक ने अपना अपना मार्ग लिया।’’ कोई भी अपने चुनाव से परमेष्वर की और नहीं मोढा। हर बातों में मनुश्य ने ‘‘अपने मार्ग’’ का चुनाव किया। इसी में ही पाप छिपा है - अपने आपसे मार्ग चुनना, परमेष्वर की इच्छा के विरूद्ध जाकर। हम हमारे जीवन पर काबू पाना चाहते थे। हमें हमारी योजनाओं से चलना था। हम परमेष्वर के आधीन नहीं जाना चाहते थे। हम मसीह पर भरोसा नहीं करना चाहते थे और उसे परमेष्वर मानकर आधीन होना नहीं चाहते थे।

संदेष यह बताता है कि हरएक का विषेश पाप है, ‘‘अपने अपने मार्ग’’। हर पुरूश और स्त्री का मुख्य पाप है जो एक दूसरों से कुछ अलग है। दो बच्चें, जिन्हें एक ही माता पिता ने बड़ा किया हो, वे अलग होते है, उनके पाप अलग है। एक अपने हिसाब से पाप करेगा तो दूसरा अपनी रीति से। ‘‘हम में से हरएक ने अपना अपना मार्ग लिया।’’ एक दाहिनी ओर मुडता है, तो दूसरा बायीं ओर। परंतु दोनों भी परमेष्वर के मार्ग का अस्वीकार करते है।

मसीह के समय में, कई अधिकारी थे जो परमेष्वर के नियम के सखत विरूद्ध में थे। ऐसे पापी थे जिन्होने परमेष्वर को अपने जीवन से अलग कर दिया था और षारिरीक पापों के आधीन हो गए थे। कई फरीसियों थे, जो घमंडी और स्वधर्मी थे, दूसरों से अघिक अच्छा सोचते थे। कई सदूकियों थे, जो स्वर्गदूतों और षैतान में मानते नहीं थे। जिन्होने कोई षारिरीक पाप नहीं किये थे। वे अन्य अधिकारीयों की तरह पाप से भरा जीवन नहीं जीते थे, न तो फरीसियों की तरह अपने आपको ऊँचा मानते थे, परन्तु वे अपनी रीति से परमेष्वर की सच्चाई के विरोध में थे। हरएक के लिए कह सकते है,

‘‘हम में से हरएक ने अपना अपना मार्ग लिया’’ (यषायाह 53:6)।

आप में से कई लोग ईसाई घरोमें बडे हुए होंगे, फिर भी सुसमाचार की ज्योती का अस्वीकार करके पाप किया होगा। यही है ‘‘अपना अपना मार्ग।’’ दूसरे लोग कोई विषेश पापके बारे में सोचते होंगे। जब आप को याद आता है, तब बुरी तरह परेषान होते है। फिर भी आपमें से कई लोग उस निरंतर अपराध के साथ जीना चाहते है न कि मसीह में विष्वास रखकर क्षमापन और षांति। कई लोग मसीह में विष्वास करने के बार बार मना करते है। ‘‘हम में से हरएक ने अपना अपना मार्ग लिया।’’

षायद कोई व्यक्ति कहे, ‘‘मैंने हृदय को कठोर किया है। मैं दृढ विष्वास मेहसूस करता था कि मुझे मसीह की जरूरत है, किंतु अब नहीं। अब मुझे ड़र है कि प्रभु ने कसम खायी है कि उनके क्रोध के कारण मैं उसकी षांति नहीं पाऊँगा। मुझे ड़र है कि परमेष्वर ने मुझे छोड़ दिया है।’’ किंतु आप सभी षेश संदेष को ध्यानपूर्वक सुने, क्योंकि यहाँ पर तीसरा भाग है, जो बताता है कि अब भी आषा है!

॥।. तीसरा, स्थानापन्न, मसीह की विजयी मौत अपने लोगों के पापों के लिए।

कृपया खडे हो जाएँ और पूरा वचन पढ़े, खास तौर पर आखरी भाग पर ध्यान दे, ‘‘और यहोवा ने हम सबों के अधर्म का बोझ उसी पर लाद दिया।’’

‘‘हम तो सब के सब भेंडो के समान भटक गए थे; हम में से हर एक ने अपना अपना मार्ग लिया; और यहोवा ने हम सबों के अधर्म का बोझ उसी पर लाद दिया’’ (यषायाह 53:6)।

आप बैठ सकते है। डॉ एडवर्ड जे. यंग ने कहा,

पहला आधा वचन सेवक की पीडा के कारण बताता है, और षेश भाग बताता है कि परमेष्वर ने खुद हम सबों के अधर्म का बोझ उसी (पर) लाद दिया। क्रिया (लाद दिया) का मतलब हिंसक रीति से मारना या फटकारना। अधर्म के कार्य जिसके अपराध हमें वापसी में फटकारते नहीं है जिस तरह हम अपेक्षा करते है, परंतु (मसीह) ने फटकार हमारे (स्थान) पर ली। प्रभु (परमेष्वर) ने अपराध का फटकार उस पर लादा...अपराध जो हमारा था परमेष्वर ने उसे फटकारा (ना की) हमारे पापों के अपराधों की षिक्षा अपने आप पर ली...चरवाहें ने अपने भेडों के लिए अपनी जान दे दी। (Edward J. Young, Ph.D., The Book of Isaiah, Eerdmans, 1972, volume 3, pp. 349-350).

‘‘हम तो सब के सब भेंडो के समान भटक गए थे; हम में से हर एक ने अपना अपना मार्ग लिया; और यहोवा ने हम सबों के अधर्म का बोझ उसी पर लाद दिया’’ (यषायाह 53:6)।

एक संदेष का षिर्शक ‘‘यीषु पर लादे गए व्यक्तिगत पाप,’’ Spurgeon ने कहा है,

ये है लूत के पाप, निंधानीय पाप। मैं उसे नहीं बता सकता, उसके पाप दाऊद के पापों से अलग थे। काले पाप, लाल पाप ये दाऊद के पाप थे, परन्तु दाऊद के पाप मनष्षे समान नहीं थे; मनष्षे के पाप पतरस के पाप के समान न थे-पतरस ने कुछ अलग (तरीके) से पाप किए थे और वह स्त्री जो पापीन थी, पतरस से भी वह आपको अच्छी नहीं लगेगी, न तो उसके चरित्र को देखकर लुदिया के साथ बराबरी करोगे यह भी नहिं कि लुदिया के बारे में सोचते हुए फिलिपियन दारोगा का उसे देख सको (दोनों में फर्क जानते हुए)। वे सभी समान है, सभी भटक गए है, किंतु वे सभी अलग है, वे सभी अपने अपने मार्ग पर भटक गए है; परन्तु...प्रभु ने (‘‘अधर्मो का बोझ उसी पर लाद दिया’’)..जब आप महान सुसमाचार की दवाई के पास आओ, यीषु के अमूल्य लहू के पास, आप को वहाँ है...जो प्राचीन डॉक्टर कहते थे केथोलिकॉन, सर्वभौमिक दवाई जो हर काम आती है...सभी पापों के अपराधों को दूर कर देती है मानो की वह उसी पाप के लिए बनी हो, सिर्फ उसी पाप के लिए मात्र (C. H. Spurgeon, “Individual Sin Laid on Jesus,” The Metropolitan Tabernacle Pulpit, Pilgrim Publications, 1977 reprint, volume XVI, pp. 213-214).

मसीह पर भरोसा रखो। मसीह के आधीन हो। उसपर भरोसा करो, आपको षर्मिंदा नहीं होना पडेगा, क्योंकि ‘‘परमेष्वर ने उसपर सारें अपराधों का बोझ लाद दिया।’’

गिल्टी, वाइल अेंड हेल्पलेस, वी;
   स्पोटलेस लेंब अॉफ गॉड वोज़ ही;
‘‘फुल अटोनमेंट,’’ केन इट बी?
   हाल्लेलुयाह! वॉट ए सेवियर!
(‘‘हाल्लेलुयाह! वॉट ए सेवियर!’’ by Philip P. Bliss, 1838-1876)।

क्या आप यीषु पर भरोसा करोगे? क्या आप उसे आधीन होकर, आत्मसमर्पण करोगे और विष्वास करोगे? उसके लहू से आपके पाप से षुद्ध हो जाओगे, और क्रूस पर किये गए बलिदान से न्याय से उद्धार पाओगे? पिता परमेष्वर आपको सिर्फ मसीह पर अवलंबित होने की अवस्था दे, और आप आत्मसमर्पण होकर उद्धार पाएँ!

सब मिलकर खडे हो जाएँ। यीषु मसीह से विष्वास के बारे में आप हमसे बात करना चाहते हो, तो आप अपनी कुर्सी तुरंत छोडकर के दाहिने से सभागृह के पिछवाडे की ओर जाईए। Dr. Cagan आपको अेकांत कमरे की ओर ले जाएँगे जहाँ हम मसीह को आत्मसमर्पण और उसके पवित्र लहू से तुम्हारे पापो को षुद्ध करने के बारे में बता सके! Mr. Lee कृपया आकर जवाब देनेवालों के लिए प्रार्थना करें। आमीन।

(संदेश का अंत)
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संदेश से पहले पढ़ा हुआ वचन Dr. Kreighton L. Chan द्वारा : यषायाह 52:13-53:6।
संदेश के पहले श्री. बेंजामीन कीनकेइड ग्रीफिथ ने अकेले गाना गाया : “Yes, I Know!” (by Mrs. Anna W. Waterman, 1920).


रूपरेखा

तीसरा, स्थानापन्न, मसीह की विजयी मौत अपने लोगों के पापों के लिए