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पापीयों के लिये मरने को जन्‍मे - क्रिसमस का धार्मिक प्रवचन

BORN TO DIE FOR SINNERS – A CHRISTMAS SERMON

डॉ. आर. एल. हायर्मस, जुनि.
by Dr. R. L. Hymers, Jr.

लोस एंजलिस के बप्‍तीस टबरनेकल में प्रभु के दिन की सुबह,
5 दिसंबर, 2010 को दिया हुआ धार्मिक प्रवचन
A sermon preached at the Baptist Tabernacle of Los Angeles
Lord’s Day Morning, December 5, 2010

‘‘तू अपनी पत्नी मरियम को अपने यहाँ ले आने से मत डर - क्योंकि जो उसके गर्भ में है वह पवित्र आत्मा की ओर से है। और वह पुत्र जनेगी और तू उसका नाम यीशु रखना : क्योंकि वह अपने लोगों का उनके पापों से उध्धार करेगा।'' (मती 1:20-21)।


मैं यह धार्मिक प्रवचन प्रारंभ कर सकता हूँ आपको मसीह के पवित्र जन्‍म के बारे में कहते हुए। मैं आपको कह सकता हूँ कि कैसे प्रभु की आत्‍माने पवित्र बाल यीशु को मरियम की गर्भ में रखा। वो, बेशक, आपका ध्‍यान बांधे रखेगा। परंतु आज इस सुबह मेरा मतलब यीशु के पवित्र जन्‍म पर प्रभाव देना नहीं है। पवित्र जन्‍म एक महत्‍वपूर्ण शिक्षा है, हकीकत में सबसे ज्‍यादा महत्‍वपूर्ण क्‍योंकि यीशु के बारे में ओर कुछ भी इस पर ही निर्भर करता है। परंतु ये वो नहीं है जिस पर आज सुबह मुझे प्रभाव डालना है। मुद्दा जिस पर मुझे आज प्रभाव डालना है वो विचार है प्रभु का अपने पुत्र को संसार में भेजना - ‘‘तू उसका नाम यीशु रखना : क्‍योंकि वह अपने लोगों का उनके पापों से उध्‍धार करेगा'' (मती 1:21) चलीये समझते है पहले नाम, फिर मुक्‍ति जो वे लाते है, और आखरी जिसे वो बचाते है।

I. पहला, उनका नाम।

‘‘तू उसका नाम यीशु रखना।'' यह एकदम सामान्‍य नाम था। ‘‘यीशु'' ग्रीक अनुवाद है इब्रानियों यहोशु और होशे का, ग्रीक में जेसोउस और येहोशुयाह इब्रानियों में (स्‍ट्रोंग रु 3091)। उनके नाम के अर्थ दोनों इब्रानियों और ग्रीक में है ‘‘यहोशु बचाता है'', यहोशु प्रभु का नाम है, इब्रानियों में।

जब से नाम यहोशु के समान ही था, माता पिताने बहुत सरलता से ये नाम अपने पुत्रों को दिया। इसका अर्थ ये नहीं कि कोई लडका यीशु नाम का हो वो बचा सकता है। नाम सिर्फ एक सरल कथन था हकीकत का कि ‘‘यहोशु बचाता है''। परंतु यीशु के साथ नाम का संदर्भ सीधे उनके साथ है। इस लीये देवदूत प्रभाव डालते है यीशु स्‍वयं के नाम के इस्‍तेमाल पर, ‘‘तू उसका नाम यीशु रखना : क्‍योंकि यह अपने लोगों का उध्‍धार करेगा...'' (मत्ती 1:21)।

यहूदी उन दीनों में देख रहे थे मसीह बेन दाऊद (मसीह, दाऊद का पुत्र) को रोम के बंधन से छोडने को। उन्‍होंने इस हकीकत को अनदेखा कीया कि वहाँ पर दो विरूद्धता भरे चित्र दिखते है। मसीह के पूराने नियमावली की भविष्‍यवाणी में। डो. चक मीसलरने कहाँ

      जब कोई पूराने नियमावली की अनगिनत भविष्‍यवाणी इस्‍त्राएल के ख्रिस्‍त की मौजूदगी को परखते है, हमे दो (दीखनेवाली) विरूद्धात्‍मक प्रस्‍तावना मीलती हैं। बहुत से पद्य तडपते सेवक को चित्रण करते है : दूसरे स्‍पष्‍टता से शासनकर्ता राजा पर प्रभाव डालते है। यह (जुदा) पद्य का परिणाम पहले से विचार करनेवाले दो ख्रिस्‍त के मंतव्‍य में आया : ख्रिस्‍त बेन यूसुफ, तडपते सेवक; और ख्रिस्‍त बेन दाऊद, शासनकर्ता राजा, क्रमश।       जब यीशु ने उनका देखाव दिया, ख्रिस्‍त बेन दाऊद का अधिभावी उम्‍मीद - शासनकर्ता राजा जो इस्‍त्राएल को संसार के दुष्‍ट शासन से छुडानेवाला था - वो इतना प्रचलित था ि कवे उसे पहचान नहीं सके। एक ख्रिस्‍त की दो अलग - अलग ‘‘आने में'' की पहचान में अब स्‍पष्‍ट स्‍वीकारी गई निरंतर बुध्धिशालीयों, में (चक मीसलर, पीएच.डी. साम्राज्‍य, ताकत, और भव्‍यता, द कीगंज हायवे मीनीस्‍ट्रीस, 2007, पृष्ठ 317)।       सबसे ज्‍यादा ऊँचे आदरणीय धर्मनिष्‍ठ रब्‍बी, रब्‍बी इटझाक कदूरी, (जब वे 2006 में मरे तब चिठ्ठी) छोडी थी यह घोषित करते हुए की ‘‘दो ख्रिस्‍त एक ही है'' और उनका नाम है येहोशाह ... उनकी चिठ्ठी ... इस्‍त्राएल में धर्मनिष्‍ठ समाज में भय का विशेष कारण बनी (मीसलर, पइपकए इस्‍त्राएल आज से लिया हुआ, 6 अप्रैल 2007)।

मुझे ऐसा लगता है कि रब्‍बी कदूरी खानगी तौर से यीशु में माननेवाले थे, क्‍योंकि उसने ये चिठ्ठी एल साल पहले बंद करके रखी थी ताकि वो धर्मनिष्‍ठ यहुदी कायदे के तले नष्‍ट न की जाये। उन्‍होंने ये सूचना रखी थी कि यह उनके मरने के एक साल बाद लोगो के सामने रखी जाये। वो ऐसा लगता था कि वो दर्शाता है कि वे यीशु में माननेवाले थे ओर उनके मरने के बाद तक यह विश्‍वास खोलने के लिये राह देखी। जब से वे यरूशलेम में आदरणीय धर्मनिष्‍ठ रब्‍बी थे, इसने बहुत से लोगो के यीशु के बारे में सोचने का कारण बना होगा।

जब से यहुदी राजनितिज्ञ ख्रिस्‍त के लिये देखते थे, प्रभु चाहते थे कि वे जाने कि यीशु तडपनेवाले सेवक थे, ख्रिस्‍त जो उन्‍हे बचायेगा, रोम के बंधन से नहीं, परंतु पापो से।

‘‘तू उसका नाम यीशु रखना : क्‍योंकि वह अपने लोगो का उनके पापो से उध्‍धार करेगा'' (मत्ती 1:21)।

इस लिये प्रेरितो पतरस ने कहा,

‘‘स्‍वर्ग के नीचे मनुष्‍यों में और कोई दूसरा नाम नहीं दिया गया, जिसके द्वारा हम उध्‍धार पा सकें'' (प्रेरितों 4:12)।

II. दूसरा, मुक्‍ति जो वे लाते है।

‘‘तू उसका नाम यीशु रखना : क्‍योंकि वह अपने लोगो का उनके पापो से उध्‍धार करेगा'' (मत्ती 1:21)।

यीशु के दिन के यहूदी देख रहे थे दाऊद के पुत्र के लिये, जो उन्‍हे रोम की गुलामी से छुडायेगा, जो उनके लिये शांति और समृद्धि लायेगा। हमे उन्‍हें बहुत ज्‍यादा दोषी नहीं ठहराना चाहिये। ज्‍यादातर सुसमाचार मसीही आज इतनी अच्‍छी नहीं है। उन्‍हें चाहिये कि यीशु उनको समृध्‍ध बनाये, मन की शांति दे, और उनके ‘‘जीवन के शीक्षक'' बने, जैसे डो. मायकल होर्टनने उनकी किताब क्राइस्‍टलेस क्रीस्‍टानीटी (बेकर बुक्‍स, 2008) में बताया। डो. हार्टनने कहा कि, इस्‍टर के हफते के दौरान भी कुछ सुसमाचार कलीसिया बाते करते है, तडपते हुए यीशु इन सबसे गुजरे हमें पापो से बचाने के बारे में। डो. हार्टन कहते है कि इस्‍टर के रविवार को वहाँ पर आमतौर पर यीशु मृत्‍यु से जिलाये हमें पराजय से उपर लाने में मदद करने, या (बूरा) हमें द्रष्‍टांत देने को की कैसे अपनी समस्‍याओं से उठते है। इस कारण नहीं यीशु मरे और मृत्‍यु से जिलाये गये। बाइबल में कुछ भी प्रकट नहीं किया जा सकता,

‘‘यीशुहमारे पापो के लिये मर गया'' (1 कुरिन्‍थियों 15:3)।

‘‘इसलिये कि मसीह ने भी अर्थात अधर्मियों के लिये धर्मी ने पापों के कारण एक बार दुःख उठाया, ताकि हमें परमेश्‍वर के पास पहुँचाए'' (1 पतरस 3:18)।

हमारे पापो का बोझ यीशु पर डाला गया गतसमनी के बगीचे में। वहाँ, बगीचे के अंधेरे में, यीशु हमारे पापो का वाहक बना, उनके क्रूस पर कीलसे ठोकने के एक रात पहले।

‘‘तब यीशु अपने चेलों के साथ गतसमनी नामक एक स्‍थान में आया, और अपने चेलो से कहने लगा, यही बैठे रहना, जब तक मैं वहाँ जाकर प्रार्थना करूँ। वह पतरस और जब्‌दी के दोनो पुत्रो को साथ ले गया, और उदास और व्‍याकुल होने लगा। तब उसने उनसे कहा, मेरा जी बहुत उदास है, यहाँ तक कि मेरा प्राण निकला जा रहा है : तुम यहीं ठहरो और मेरे साथ जागते रहो'' (मत्ती 26:36-38)।

‘‘फिर वे गतसमनी नामक एक जगह में आएः और उसने अपने चेलों से कहाँ, यहाँ बैठे रहो, जब तक मैं प्रार्थना करूँ। और वह पतरस और याकूब और यूहन्‍ना को अपने साथ ले गया ओर बहुत ही अधीर और व्‍याकुल होने लगा, और उनसे कहाँ मेरा मन बहुत उदास है; यहाँ तक कि मैं मरने पर हूँ : तुम यहाँ ठहरो और जागते रहो'' (मरकुस 14:32-34)।

‘‘तब वह बाहर निकलकर, अपनी रीति के अनुसार, जैतून के पहाड पर गया; और चेले उसके पीछे हो लिए। उस जगह पहुँचकर, उसने उनसे कहाँ, प्रार्थना करो कि तुम परीक्षा में न पडो। और वह आप उनसे अलग एक ठेला फेंकने, की दूरी भर गया, और घुटने टेककर प्रार्थना करने लगा, हे पिता, यदि तू चाहे तो इस कटोरे को मेरे पास से हटा ले; तो भी मेरी नहीं परंतु तेरी ही इच्‍छा पूरी हो। तब स्‍वर्ग से एक दूत उसको दिखाई दिया, जो उसे सामर्थ्‍य देता था। वह अत्‍यंत संकट में व्‍याकुल होकर और भी हार्दिक वेदना से प्रार्थना करने लगा : और उसका पसीना, मानो लहू की बडी बडी बूंदो के समान भूमि पर गिर रहा था।” (लूका 22:39-44)।

याद रखीये, यीशु अब तक पकडे नहीं गये थे। वे भयानक तरीके से तडप रहे थे, थक के चूर होने की हद तक भी, जब तक शरीर का पसीना उनकी चमडी के हर छिद्र से बहने न लगे।

गतसमनी में यीशु इतनी बडी तडप से क्‍युं तडपे? भविष्‍यवेता यशायाह ने कहाँ,

‘‘तो भी यहोवा को यही भाया कि उसे कुचले : उसी ने उसको रोगी कर दिया : जब वह अपना प्राण दोषबलि करे'' (यशायाह 53:10)।

डो. गीलने कहाँ

अब वो कुचला गया है, और उनके पिता द्वारा रोगी किया गया है ... (उन का दुःख) बहुत उदास थे, और हकीकत में सबसे ज्‍यादा उदास लगता था ... बहुत उदास; उनके लोगो के पापो के बोझ से और (प्रभू के) क्रोध के समझसे और कुचले हुए थे ... मृत्‍यु और नर्क के दुःख ने उन्‍हें हर तरफ से घेर लिया ... उनका मन तूटने के लिये तैयार था; वे लाये गये, जैसे वो था, मृत्‍यु की धूल को (जोन गील, डी.डी., एन अेक्‍सपोझीसन ओफ ध न्‍यू टेस्‍टामेंट, ध बप्‍तीस स्‍टानडर्ड बेरर, 1989 में फिर से छपा हुआ, भाग 1, पृष्‍ठ 334; मती 26:37 पर टिप्‍पणी)।

वहाँ बगीचे में यीशु अकेले क्‍यो तडपे? मैं मानता हूँ कि हमारे पाप उस रात उन पर रखे गये होंगे। दूसरी सुबह उन्‍होंने हमारे पापो को क्रूस पर बांधा।

‘‘वह आप ही हमारे पापो को अपनी देह पर लिये हुए क्रूस पर चढ गया, जिससे हम, पापो के लिये मरकर, धार्मिकता के लिये जीवन बिताएःँ उसी के मार खाने से तुम चंगे हुए'' (1 पतरस 2:24)।

आखिरकार, उस गहरी रात में, मंदिर के पहरेदार आये और उन्‍हे जुठे आरोप में पकड लिया। वे उन्‍हे बडे याजक के सामने खीचकर ले गये। वे उनके मुँह पर थूंके। उन्‍होंने उनकी दाढत्रष्‍ष्‍ हाअ्रनेत्रष्‍ष्‍ जोसेुत्रष्‍ष्‍ गइ्रंत्रष्‍ष्‍ नत्रष्‍ष्‍ ीारत्रष्‍ष्‍ सेत्रष्‍ष्‍ लहूत्रष्‍ष्‍ पीइत्रष्‍ष्‍ उनकीत्रष्‍ष्‍ तकत्रष्‍ष्‍ जबत्रष्‍ष्‍ मारात्रष्‍ष्‍ करत्रष्‍ष्‍ ात्रष्‍ष्‍ बांत्रष्‍ष्‍ सािात्रष्‍ष्‍ केत्रष्‍ष्‍ खींोत्रष्‍ष्‍ मारनेत्रष्‍ष्‍ कोउेत्रष्‍ष्‍ उसेत्रष्‍ष्‍ उनहोंनेत्रष्‍ष्‍ मारांत्रष्‍ष्‍ परत्रष्‍ष्‍ मुँहत्रष्‍ष्‍ उनकोत्रष्‍ष्‍ खींचांत्रष्‍ष्‍ कोत्रष्‍ष्झ

देखिये, कितने धैर्य से यीशु खडे रहते है,
   गंदी जगह पर अपमानित किये हुए!
पापीयों ने सर्व शक्‍तिमान के हाथ बांध दिये है,
   और उनके रचयीता के मुँह पर थूंके।
कांटो से उनके सिर को घायल किया,
   हर जगह लहू की धार बहायी;
उनकी पीठ भारी कोडो से जख्‍मी कीया,
   परंतु नुकीले कोडो से उनका हाथ छेदा।
लकडे के टुकडे के साथ कील से ठोका,
   धरती और उपर आसमान के सामने खुल्‍ला,
जख्‍म और लहू का तमाशा दुः
   �खी दिखावा जख्‍मी प्‍यार का।
दुःख को पकडे रहे, वह कमजोर चेहरा,
   �वो झूका हुआ सिर, वो वेदना भरी आखें!
दुःख और अपमान में पकडे हुए हमारे तडपते
   उध्‍धारक लटकते है और मरते है।
(‘‘उनका जुनुन'' जोसेफ हार्ट द्वारा, 1712 - 1768)।

मसीह तडपे, खून बहा और भयानक मृत्‍यु मरे, इसलिये आप शायद बचाये जाओ आपके पापो की सजा से। वे मरे आपकी जगह, आपके पापो का दंड चूकाने!

‘‘तू उसका नाम यीशु रखना : क्‍योंकि वह अपने लोगो का उनके पापो से उध्‍धार करेगा'' (मत्ती 1:21)।

III. तीसरा, जिसे वो बचाता है।

‘‘तू उसका नाम यीशु रखना : क्‍योंकि वह अपने लोगो का उनके पापो से उध्‍धार करेगा'' (मत्ती 1:21)।

मैं मानता हूँ, लूथर के साथ कि यीशु पूरी मानवजाति के लिये मरे। परंतु पूरी मानवजाति बचायी नहीं जायेगी। काल्‍वीन स्‍वयं (सब जो बाद में आये वे नहीं फिर भी) कहाँ की मसीह की मृत्‍यु ‘‘सब मनुष्‍यों के लिये पर्याप्त, परंतु काबेल (असरकारक) सिर्फ चूने हुओ के लीये''। मैं सहमत हूँ इस किान से। ‘‘उन्‍हें उनके लोगो को उनके पापो से बचाना चाहिये।'' जो अपरिवर्तित रहे गये है वे बचाये नहीं जायेंगे मसीह की क्रूस पर की मृत्‍यु के द्वारा। डो. गीलने कहा कि, ‘‘उनके लोग'' का अर्थ है ... सब जिसे प्रभु चूनते है, यहूदी या अन्‍यजाति का, जो उन्‍हें उनके पिता द्वारा दिये गये हो ... जो उनके साम्राज्‍यवाले दिन में उन पर देने के इच्‍छुक बनाये थे, उनके द्वारा उनके तरीके से बचाये जाये। ओर ये वो बचाते है उनके पापो से, पूरे पापों से, असलगत और सच्‍चे; खानगी ओर खुल्‍ले पापो से; मनके पापो से, होठ और जीवन ... दोष से, सजा और (पाप) की शापिक शक्‍ति, उनकी तडप और मृत्‍यु द्वारा (डो. जोन गील, पइपक, पृष्‍ठ 8, मती 1:21 पर टिप्‍पणी)।

कौन फिर बचाये जायेंगे उनके पापो से यीशु द्वारा घ्‍ वे ‘‘जैसा उसने हमें जगत की उत्‍पति से पहले उसमें चून लिया ...'' (इफिसियों 1:4)।

‘‘तू उसका नाम यीशु रखना : क्‍योंकि वह अपने लोगो का उनके पापो से उध्‍धार करेगा'' (मत्ती 1:21)।

क्‍या आप चूने हुओं में से एक हो? क्‍या आप उनके लोग में से एक हो, प्रभु द्वारा चूना हुआ संसार की रचना से पहले। आप सिर्फ ‘‘उनके लोगो'' में से एक हो सकते हो अगर प्रभु आपको पापो के अपराधभाव में लाते है, ऐसे मुद्दे पर जहाँ आप अपने पाप के अपराधभाव से गहराई से संदर्भ में हो। वे जो निर्बलमन ओर लापरवाह है सच्‍चा परिवर्तन का अनुभव नहीं करेंगे। सिर्फ वो ही जो अपने आप से परेशान है और अपने पापो से लदे हुए है, अपनी यीशु की जरूरीयात को देख सकेेंगे। वे अकेले ही यीशु के पास आयेंगे। सिर्फ वे ही जो यीशु के पास ले जाये जाते है वे उनके लोग गिने जायेंगे।

‘‘तू उसका नाम यीशु रखना : क्‍योंकि वह अपने लोगो का उनके पापो से उध्‍धार करेगा'' (मत्ती 1:21)।

अपने खूबसूरत क्रीसमस गीत में डो. जोन आर. राइसने कहाँ कि यीशु ‘‘पापीयों के लिये मरने को जन्‍मे,''

यीशु, बाल यीशु, प्रभु के पुत्र और मनुष्‍य के पुत्र
   उत्‍सुक, गरीब और तडपना,
कोई नहीं जानता जैसे वे जान सकते है!
    पवित्र, सच्‍चे, निष्‍कलंक, पूरी तरह समर्पित।
उनके लहू द्वारा प्रायश्‍चित, प्रभु और
   पापीयों को उनमें मिलने।
यीशु, बाल यीशु, जहाँ क्रूस है राह पर।
   पापीयों को लिये मरने को जन्‍मे,
क्रूस पर च
    (‘‘यीशु, बाल यीशु'' डो. जोन. आर. राइस द्वारा, 1895 - 1980)

(संदेश का अंत)
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धार्मिक प्रवचन के पहले डो. क्रेगटन एल. चान द्वारा पढा हुआ पवित्रशास्‍त्र : मती 1:18-21।
धार्मिक प्रवचन के पहले श्रीमान बेन्‍जामिन किनकेड ग्रीफिथ द्वारा गाया हुआ गीत :
‘‘यीशु, बाल यीशु'' (डो. जोन. आर. राइस द्वारा, 1895 - 1980)।


रूपरेखा

पापीयों के लिये मरने को जन्‍मे - क्रिसमस का धार्मिक प्रवचन

डो. आर. एल. हायर्मस, जुनि. द्वारा

‘‘तू अपनी पत्‍नी मरियम को अपने यहाँ ले आने से मत डर - क्‍योंकि जो उसके गर्भ में है वह पवित्र आत्‍मा की ओर से है। और वह पुत्र जनेगी और तू उसका नाम यीशु रखना : क्‍योंकि वह अपने लोगों का उनके पापों से उध्‍धार करेगा।'' (मती 1:20-21)।

I.    पहला,  उनका नाम, प्रेरितो 4:12।

II.   दूसरा,  ��मुक्‍ति जो वे लाते है, 1 कुरिन्‍थियो 15:3; 1 पतरस 3:18;
मती 26:36-38; मरकुस 14:32-34; लूका 22:39-44; यशायाह 53:10;
1 पतरस 2:28।

III.   तीसरा,   जिसे वो बचाता है, इफिसियों 1:4।