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वर्तमान मे स्वधर्म के त्याग का प्रचलन !

THE BIBLE AND TODAY’S APOSTASY!
(Hindi)

डॉ आर एल हायमर्स
by Dr. R. L. Hymers, Jr.

रविवार की संध्या लॉस ऐंजीलिस के बैपटिस्ट टैबरनेकल में
१७ जून‚ २०१८ को प्रचार किया गया संदेश
A sermon preached at the Baptist Tabernacle of Los Angeles
Lord's Day Evening, June 17, 2018


कृपया अपनी बाइबल में २ तिमोथियुस के अध्याय तीन को खोल लीजिए‚ यह स्कोफील्ड बाइबल के पेज १२८० पर मिलता है। अब हम इस पाठ पर ध्यान करेंगे। इस अध्याय पर अपनी बाइबल खुली रख दीजिए।

वर्तमान के समय में मैं बाइबल के २ तिमोथियुस के अध्याय तीन और चार हमारे लिए बेहद महत्वपूर्ण मानता हूं। २ तिमोथियुस बाइबल का आखिरी अध्याय है‚ जो पौलुस ने बाइबल के लिए लिखा। यह लगभग ६७ ए.डी. में लिखा गया था। पौलुस को सम्राट नीरो ने मसीही शिक्षक होने के कारण बंदी बना लिया था। उनको कोलेजियम से थोड़ी दूरी पर मेमरटाइन जेल में जंजीरों में जकड़ा गया था। मेरी पत्नी और मैं उस गहरी अंधेरी जेल को देखने गये थे। यह वही स्थान था जहां से पौलुस ने इस पत्री को लिखा था। लिखने के कुछ महिने पश्चात पौलुस का सिर काट डाला गया। हमें यह पत्री यह प्रकट करने के लिए लिखी गयी कि इस विधर्म के समय में हम कैसे रह सकते हैं — यह समय जब कि अविश्वास व्याप्त है और लोग मसीहत को अस्वीकार कर रहे हैं। जिस समय में हम रह रहे हैं‚ विशेषकर यह इसी समय के लिये लिखा गया है! संसार के इतिहास का सबसे अधिक परमेश्वरविहीन युग २० वीं और २१ वीं शताब्दी का रहा है। आइये इस पुस्तक के अध्याय तीन के पद १ पर मनन करते हैं।

‘‘पर यह जान रख कि अन्तिम दिनों में कठिन समय आएंगे" (२ तिमोथियुस ३:१)

ध्यान से सुनिए। कुछ लेखकों का कहना है कि इस पद में बताये गये समय से तात्पर्य‚ मसीह के स्वर्गारोहण से लेकर अभी तक के समूचे काल के बारे में लिखा गया है। डॉ जे वर्नान मैगी ने जो लिखा‚ मैं उसे नहीं मानता हूं। उनका कथन था ‘‘मेरा मानना है, हम अंतिम दिनों की ओर बढ़ रहे हैं........मेरा मानना है कि हम अभी उन्हीं ‘कठिन दिनों’ में (रह रहे) है। मैं नहीं जानता यह समय कितना लंबा चलेगा। परन्तु यह समय और बुरा होता चला जायेगा। (मैगी‚ थ्रू दि बाइबल; २ तिमोथियुस ३:१ पर व्याख्या)। अगले कुछ पद उस समय का सजीव चित्रण करते हैं, जिसमें हम अभी रह रहे हैं। पद २—७ को देखिये।

क्योंकि मनुष्य अपस्वार्थी‚ लोभी‚ डींगमार‚ अभिमानी‚ निन्दक‚ माता—पिता की आज्ञा टालने वाले‚ कृतघ्न‚ अपवित्र। दयारिहत‚ क्षमारिहत‚ दोष लगाने वाले‚ असंयमी‚ कठोर‚ भले के बैरी। विश्वासघाती‚ ढीठ‚ घमण्डी और परमेश्वर के नहीं वरन सुखविलास ही के चाहने वाले होंगे। वे भक्ति का भेष तो धरेंगे‚ पर उस की शक्ति को न मानेंगे; ऐसों से परे रहना। इन्हीं में से वे लोग हैं‚ जो घरों में दबे पांव घुस आते हैं और छिछौरी स्त्रियों को वश में कर लेते हैं‚ जो पापों से दबी और हर प्रकार की अभिलाषाओं के वश में हैं। और सदा सीखती तो रहती हैं पर सत्य की पहिचान तक कभी नहीं पहुंचतीं (२ तिमोथियुस ३:२—७)

यह उन लोगों की सूची लगती है जिन्होंने हमारे चर्च का विभाजन किया जब मि ऑलिवाज चर्च छोड़कर गये थे। हम अंतिम दिनों में हैं! पद १२ और १३ को देखिये!

‘‘पर जितने मसीह यीशु में भक्ति के साथ जीवन बिताना चाहते हैं वे सब सताए जाएंगे। और दुष्ट और बहकाने वाले धोखा देते हुए और धोखा खाते हुए‚ बिगड़ते चले जाएंगे" (२ तिमोथियुस ३:१२—१३)

अब देखिये।

ये पद एक विधर्मी संसार की तस्वीर प्रस्तुत करता है। एक ऐसा संसार जिसने परमेश्वर यहोवा को और बाइबल को त्याग दिया है। एक दुष्ट और परपीड़क संसार जहां कई लोग जाहिलों के समान क्रिया कलाप कर रहे हैं। एक ऐसा संसार जहां ‘‘जितने मसीह यीशु में भक्ति के साथ जीवन बिताना चाहते हैं वे सब सताए जाएंगे।" (मसीही जीवनों) पर किसी न किसी रूप में अत्याचार किया जाएगा। संसार में अच्छे मसीहियों को तुच्छ समझा जाएगा पद (३)। नास्तिक जन उन मसीहियों को धमका रहे हैं जो ‘‘यौन क्रांति" का विरोध करते हैं। इसने कई चर्च के सदस्यों को धमका रखा है। लगभग २००‚००० सदर्न बैपटिस्ट पिछले वर्ष चर्च को छोड़ चुके हैं। इस वर्ष भी कई जन अपने जीवन बचाने के लिये भय के कारण भाग रहे हैं — इस ‘‘कठिन", खतरनाक और शैतानी समय में। मुस्लिम प्रबल हो रहे हैं। बम विस्फोट बढ़ रहे हैं। नशा चरम सीमा पर है। क्रूस तोड़े जा रहे हैं। बच्चों को कहा जा रहा है कि वे स्कूल में प्रार्थना नहीं कर सकते हैं। हरेक जन यह समझ रहा है कि इस देश में और विश्व में कुछ भयानक बातें होने जा रही हैं।

आप और मैं कठिन समय में रह रहे हैं। ब्रिटिश इवेंजलिस्ट लेनार्ड रैवनहिल ने कहा था ‘‘ये अंतिम समय हैं!" मेरे इस वाक्य को लिखने के कुछ सेकंड के बाद मैंने सुना कि मुस्लिम आतंकवादियों ने पेरिस में कई स्थानों पर हमला कर दिया। मुस्लिम ने १२० लोगों से अधिक को निर्दयता से मार डाला। केवल २४ घंटे पहिले ओबामा ने कहा था, ‘‘आयसिस नियंत्रण में है!" कितनी हंसी की बात है! जिमी कार्टर के बाद ओबामा कमजोर राष्ट्रपति साबित हुए!

ये कठिन समय है। चर्चेस में धर्म त्याग का समय चल रहा है। हमारे चर्च खोए हुए लोगों से भरे हुए हैं। कई पास्टर्स इस डर से सुसमाचार भी प्रचार नहीं करते हैं कि कई लोग चर्च छोड़कर चले जायेंगे — कि कोई खोए हुए जन नाराज न हो जाए! हमारे कालेज नशे के आदी प्रोफेसर्स से भरे हुए हैं जो आप को यह बतायेंगे कि बाइबल झूठ से भरी हुई है। आप जानते हैं कि वे ऐसा करते हैं! आप जानते हैं कि मैं सही हूं! तो उत्तर क्या है? हमें क्या करना चाहिये? प्रेरित पद १४ में इसका उत्तर देते हैं‚

‘‘पर तू इन बातों पर जो तू ने सीखीं हैं और प्रतीति की थी‚ यह जानकर दृढ़ बना रह; कि तू ने उन्हें किन लोगों से सीखा था" (२ तिमोथियुस ३:१४)

‘‘यह जानकर दृढ़ बना रह कि तू ने उन्हें किन लोगों से सीखा था।" चाहे जो भी हो चर्च आते हैं तो चर्च आते रहिये! ‘‘यह जानकर दृढ़ बना रह कि तू ने उन्हें किन लोगों से सीखा था।" डॉ ली राबरसन (१९०९—२००७) एक महान बैपटिस्ट संरक्षक थे। चाहे जो भी हो चर्च आते रहिये! उनका नीति वाक्य था कि ‘‘बढ़ने के तीन तरीके हैं" — ये नीति वाक्य मैं साठ सालों से अधिक समय से प्रचार कर रहा हूं! - ‘‘आराधना में विश्वासयोग्य बने रहें — रविवार सुबह, रविवार संध्या, बुधवार संध्या।" (ली राबरसन, डी.डी ‘‘थ्री टू थ्राइव स्टेटमेंट‚" दि मेन इन सेल नंबर १, सोर्ड ऑफ दि लार्ड पब्लिशर्स १९९३‚ बैक कवर)

इसमें गलत क्या है? कुछ गलत नहीं है। अविश्वासियों के साथ किसी पार्टी में जाने के बजाय यहां चर्च में आइये! लॉस वेगस जाने या सैन फ्रांसिस्कों के किसी बुरे शहर में जाने के बजाय यहां चर्च में आइये! रविवार सुबह, रविवार रात्रि‚ बुधवार रात्रि यहां आइये! चाहे जो भी हो! जैसे जैसे स्वधर्म का त्याग गहराता जाता है‚ ‘‘यह जानकर दृढ़ बना रह; कि तू ने उन्हें किन लोगों से सीखा था।" ऐसा ही हो! अब पद १५ को देखिये।

‘‘और बालकपन से पवित्र शास्त्र तेरा जाना हुआ है‚ जो तुझे मसीह पर विश्वास करने से उद्धार प्राप्त करने के लिये बुद्धिमान बना सकता है" (२ तिमोथियुस ३:१५)

अब देखिये। डॉ मैगी को देखिये‚

संसार में स्वधर्म त्याग की एकमात्र विषनाशक दवा‚ परमेश्वर का वचन (बाइबल) है। परमेश्वर की संतान के लिऐ एकमात्र केवल एकमात्र संसाधन परमेश्वर का वचन है।

अगर आप प्रतिदिन बाइबल नहीं पढ़ते हैं‚ तो आज के स्वधर्म त्याग से आप व्याकुल और भौचक्के हो जाएंगे। अब पद को देखिए‚

‘‘और बालकपन से पवित्र शास्त्र तेरा जाना हुआ है‚ जो तुझे मसीह पर विश्वास करने से उद्धार प्राप्त करने के लिये बुद्धिमान बना सकता है" (२ तिमोथियुस ३:१५)

डॉ मैगी ने कहा था‚

पवित्रशास्त्र न केवल हमें उद्धार पाने का (मार्ग) बताते हैं......परन्तु यह हमें वर्तमान संसार में बुराई से भी बचाते हैं..... यह मेरा तर्क है कि परमेश्वर के वचन का निरंतर अध्ययन ही (उत्तर) है। यह हमें ‘‘मसीह पर विश्वास करने से उद्धार प्राप्त करने के लिये बुद्धिमान बना सकता है।" और ..... यह हमें बुद्धिमान बनाते है कि हम इस संसार में किस प्रकार रहें (इस दुष्ट संसार में) ।

क्यों हमें बाइबल पढ़ना चाहिए और इसका पालन करना चाहिए? इसका कारण है कि बाइबल अन्य पुस्तकों के समान नहीं है। पद १६ को देखिये।

‘‘ हर एक पवित्रशास्त्र परमेश्वर की प्रेरणा से रचा गया है और उपदेश और समझाने और सुधारने और धर्म की शिक्षा के लिये लाभदायक है" (२ तिमोथियुस ३:१६)

डॉ डब्ल्यू ए क्रिसवेल (१९०९—२००२) बाइबल के महान चैंपियन थे। उनका कहना था‚

पौलुस के अर्थ को इस तरह स्पष्ट रूप से अनुवादित किया जा सकता है: ‘‘समस्त बाइबल‚ क्योंकि यह परमेश्वर के द्वारा कही गयी है‚ यह लाभप्रद है‚ पवित्रशास्त्र का उदगम इस तरह प्रकट हैः यह परमेश्वर की वाणी है (थियोनुस्टॉस‚ यूनानी) अर्थात पवित्रशास्त्र के शब्द स्वयं परमेश्वर से प्राप्त किये गये हैं। बाइबल के द्वारा यह शिक्षा कायम रखी गयी कि ये शब्द ‘‘परमेश्वर के द्वारा कहे गये" हैं..... दूसरा पतरस १:२१ यह उदाहरण प्रस्तुत करता है कि पवित्र आत्मा ने बाइबल लेखकों को हूबहू वही (शब्द) दिये जैसा परमेश्वर यहोचा उनको कहना चाहते थे" (डब्ल्यू ए क्रिसवेल‚ पीएचडी‚ दि क्रिसवेल स्टडी बाइबल‚ २ तिमोथियुस ३:१६ पर व्याख्या)

२ पतरस १:२१ कहता है कि ‘‘भक्त जन पवित्र आत्मा के द्वारा उभारे जाकर परमेश्वर की ओर से बोलते थे।" ‘‘उभारे जाना" यूनानी शब्द फेरो से लिया गया है। इसका अर्थ है ‘‘किसी काम के लिये निर्णय लेना।" बाइबल अचूक है क्योंकि पवित्र आत्मा ने लेखकों को ‘‘प्रेरित किया या उनको उभारा" जिसके कारण वे बोलते थे और बाइबल के शब्दों को लिखते थे। पवित्र आत्मा ने मानवीय लेखकों को त्रुटिरहित शब्द दर्ज करने के लिए दिए। इसलिए इब्रानी और यूनानी बाइबल के जो शब्द मनुष्य के लिए लिखे गये हैं, वे परमेश्वर यहोवा के द्वारा बोले गये शब्द हैं। डॉ हैनरी एम मोरिस का कथन था, ‘‘संपूर्ण पवित्रशास्त्र, अर्थात इसमें प्रत्येक ‘पुस्तक’ सम्मिलित है......न केवल विचार हैं, परन्तु वास्तविक लेखन हैं, जो शब्द (प्रेरित किये गये), वही लिखे गये हैं ......इसलिए सच्ची शिक्षा‚ पवित्रशास्त्र लिखने में मिली मौखिक प्रेरणा है" (हैनरी एम मोरिस‚ पीएचडी‚ दि डिफेंडर्स स्टडी बाइबल‚ २ तिमोथियुस ३:१६ पर व्याख्या)

‘‘परिपूर्ण" अर्थात ‘‘संपूर्ण।" ‘‘मौखिक" अर्थात ‘‘शब्द" ‘‘प्रेरणा" अर्थात ‘‘परमेश्वर यहोवा द्वारा कहे गये शब्द।" बाइबल के सारे शब्द प्रेरणा से लिखे गये हैं। यह संपूर्ण मौखिक प्रेरणा है‚ पुरातन मसीहत की सच्ची शिक्षा है (डॉ आर एल हायमर्स‚ जूनि)

संपूर्ण बाइबल के इब्रानी और यूनानी शब्द ‘‘थियोनुस्टॉस" — ‘‘परमेश्वर की ओर से बोले गये हैं" — परमेश्वर यहोवा की प्रेरणा से दिये गये हैं। भविष्यवक्ताओं और प्रेरितों ने जैसे जैसे उनके विचार पवित्र आत्मा द्वारा ‘‘प्रेरित किये गये", उन्होंने इब्रानी और यूनानी शब्दों को लिखा। यह प्रेरणा किसी अनुवाद के लिये नहीं मिली, जैसे कि केजेवी अनुवाद के लिये भी नहीं, केवल इब्रानी और यूनानी शब्द‚ भविष्यवक्ताओं और प्रेरितों द्वारा लिखे गये। टेक्टस रिसेप्टस ग्रीक मूल‚ यूनानी नये नियम का बहुत विश्वसनीय हस्तांतरण हैं। जब आप किंग जेम्स बाइबल खोलते हैं तब आप परमेश्वर द्वारा कहे गये शब्दों में, इब्रानी और यूनानी भाषा की बाइबल के अनुवाद को जो बेहद विश्वसनीय है, को पढ़ रहे होते हैं।

यह इतना अधिक महत्वपूर्ण क्यों है? डॉ बी बी मैकिने कई सालों तक सदर्न बैपटिस्ट स्कूल की बेलर यूनिवर्सिटी के संगीत विभाग के प्रमुख थे। १९२० के पहिले ही से, बेलर व सदर्न बैपटिस्ट स्कूल के उदारवादी शिक्षक यह शिक्षा दे रहे थे कि बाइबल में त्रुटियां हैं। इसलिए डॉ मैकिने ने यह गीत लिखा ‘‘मैं जानता हूं कि बाइबल सत्य है।" डॉ मैकिने डॉ जॉन आर. राइस के मित्र थे और वे पवित्रशास्त्र के त्रुटिरहित होने में विश्वास करते थे। इसीलिए डॉ मैकिने का गीत यह कहता है,

मैं जानता हूं कि बाइबल परमेश्वर की ओर से भेजी गयी‚
   पुरानी और वैसे ही नयी दोनों;
प्रेरित‚ पवित्र और जीवित शब्द‚
   मैं जानता हूं कि बाइबल सत्य है।

हांलाकि विरोधी कड़ा विरोध करते है‚
   संदेश इसका पुराना तौभी नया है‚
हर बार सुनाये जाने पर यह सत्य उतना ही मधुर है‚
   मैं जानता हूं कि बाइबल सत्य है।
मैं जानता हूं‚ मैं जानता हूं‚ मैं जानता हूं कि बाइबल सत्य है;
   स्वर्गिक रूप से संपूर्ण बाइबल प्रेरित है‚
मैं जानता हूं कि बाइबल सत्य है।
(‘‘मैं जानता हूं कि बाइबल सत्य है " डॉ बी बी मैकिने‚ १८८६—१९५२)

मैंने बाइबल को लंबे समय से मेरे पास्टर रहे डॉ तिमोथी लिन से सीखा‚ जो बाइबल के प्रभावशाली विद्वान थे। वे बॉब जोंस यूनिवर्सिटी के स्नातक विभाग में पढ़ाया करते थे। फिर वे‚ चीनी इवेंजलीकल सेमनरी तायपे‚ ताईवान में अध्यक्ष बने। वे जेम्स हडसन टेलर तृतीय के पश्चात अध्यक्ष बने थे‚ जिनसे मैं कई बार मिल चुका हूं। मेरे दूसरे शिक्षक डॉ जे वर्नान मैगी थे‚ जिन्हें मैं हर दिन रेडियों पर दस से भी अधिक सालों से सुन रहा हूं। मैंने इन सभी विद्वानों से सुना है कि बाइबल शब्दश: सही है।

सो, जब मैं केल स्टेट, लॉस ऐंजीलिस अपनी स्नातक डिग्री लेने के लिये गया, तो वहां पढ़ाने वाले, बाइबल का इंकार करने वाले उन उदारवादी शिक्षकों के पढ़ाने से मैं व्याकुल नहीं हुआ था। मैं जानता हूं कि वे गलत थे और बाइबल सही थी। फिर मैंने सैन फ्रांसिस्को, गोल्डन गेट बैपटिस्ट थियोलाजिकल सेमनरी से मास्टर ऑफ डिवनिटी से डिग्री हासिल की। यथार्थ में, वहां हर प्राध्यापक बाइबल का इंकार करने वाला उदारवादी था। मुझे वहां जाना पसंद नहीं था। बहुत ही शुष्क, निर्जीव और निस्तेज वातावरण था। मुझे उन प्राध्यापक द्वारा पढ़ाया गया जो ‘‘अपने अपराधों और पापों के कारण मरे हुए थे।" (इफिसियों २:१) — वे ऐसे प्रोफेसर्स थे जो ‘‘उस अज्ञानता के कारण जो उन में है (थी) और उनके मन (मनों) की कठोरता के कारण वे परमेश्वर के जीवन से अलग किए हुए हैं" इफिसियों ४:१८।

मैंने उन झूठे सबक को याद किया और परीक्षा में जैसा उत्तर वे चाहते थे, वैसा लिखा। परन्तु जो उदारवादी व्यर्थ बातें उन्होंने मुझे सिखाई, उस में से मैने एक भी बात को नहीं माना। ११९ भजन के तीन पदों ने मुझे उस विधर्मी यूर्निवसिटी में तीन साल का घोर खराब समय निकालने में सहायता की।

‘‘अहा! मैं तेरी व्यवस्था में कैसी प्रीति रखता हूं! दिन भर मेरा ध्यान उसी पर लगा रहता है। तू अपनी आज्ञाओं के द्वारा मुझे अपने शत्रुओं से अधिक बुद्धिमान करता है क्योंकि वे सदा मेरे मन में रहती हैं। मैं अपने सब शिक्षकों से भी अधिक समझ रखता हूं क्योंकि मेरा ध्यान तेरी चितौनियों पर लगा है" (भजन ११९:९७—९९)

उस उदारवादी शैतानी और ध्यान हटाने वाले उस अध्ययन की अवधि के अंत में मैं विल्कुल निष्प्राण महसूस करने लगा। एक चीज जिसने मुझे चलते रहने दिया‚ वह बाइबल थी। बहुत सी ठंडी और सुनसान रातों में मैं अपनी डामेर्टी में भजन संहिता ११९ मेरे सीने पर खुला रखकर सोया। मैं पूरी रीति से डॉ मैगी से सहमत हूं जब उन्होंने कहा‚ इस स्वधर्म त्याग के युग में केवल एक ही विषनाशक दवा है और वह है परमेश्वर यहोवा का वचन‚ बाइबल। परमेश्वर यहोवा की संतान के लिए केवल एक और एकमात्र संसाधन है‚ परमेश्वर का वचन......और यह पर्याप्त रूप में हमारी आवश्यकताओं को पूरी करता है......संपूर्ण पवित्रशास्त्र परमेश्वर यहोवा की प्रेरणा से लिखा गया है — यह परमेश्वर की वाणी है। यह वह कहता है जो परमेश्वर यहोवा कहना चाहते हैं और इसमें सब कुछ कह दिया गया‚ जो परमेश्वर पिता कहना चाहते हैं। इसी कारण से बाइबल मनुष्य के हदय की आवश्यकताओं को पूर्ण करती है" (मैगी‚ उक्त संदर्भित‚ २ तिमोथियुस ३:१४—१७ पर व्याख्या)।

मैं चाहता हूं आप यहोवा परमेश्वर के धन्य पदों को याद कर लेवें। नीतिवचन की पुस्तक से अध्याय ३:५—७ निकाल लीजिए। यह स्कोफील्ड स्टडी बाइबल की पेज संख्या ६७३ पर मिलता है।

‘‘तू अपनी समझ का सहारा न लेना‚ वरन सम्पूर्ण मन से यहोवा पर भरोसा रखना। उसी को स्मरण करके सब काम करना‚ तब वह तेरे लिये सीधा मार्ग निकालेगा। अपनी दृष्टि में बुद्धिमान न होना‚ यहोवा का भय मानना और बुराई से अलग रहना" (नीतिवचन ३:५—७)

इन पदों को याद कीजिए। अपने आप में दोहराव कीजिए। ‘‘तेरी बातों के खुलने से प्रकाश होता है‚ उससे भोले लोग समझ प्राप्त करते हैं" (भजन संहिता ११९:१३०) । अगला अंश मैं चाहता हूं कि आप भजन संहिता ११९:९७—९९ से याद करें। यह स्कोफील्ड बाइबल की पेज संख्या ६६० पर है।

आइये अपने स्थान पर खड़े होकर इसे जोर से पढ़ते हैं।

‘‘अहा! मैं तेरी व्यवस्था में कैसी प्रीति रखता हूं! दिन भर मेरा ध्यान उसी पर लगा रहता है। तू अपनी आज्ञाओं के द्वारा मुझे अपने शत्रुओं से अधिक बुद्धिमान करता है क्योंकि वे सदा मेरे मन में रहती हैं। मैं अपने सब शिक्षकों से भी अधिक समझ रखता हूं क्योंकि मेरा ध्यान तेरी चितौनियों पर लगा है" (भजन ११९:९७—९९)

अब आप बैठ सकते हैं।

मैं कितनी प्रार्थना करता हूं कि वचन के ये शब्द‚ जो स्वयं परमेश्वर ने दिये हैं‚ बिना आप के नास्तिक प्रोफेसर्स के भटकाये‚ आप सांसारिक ज्ञान प्राप्त करने में सहायता करेगा। ये शब्द आप की रक्षा करेंगे‚ जब आप परमेश्वर यहोवा का इंकार करने वाली पुस्तकों से‚ अपने स्नातक होने की शिक्षा एक सांसारिक कालेज से प्राप्त करेंगे।

इन स्वधर्म त्याग के बुरे दिनों में मैं प्रार्थना करता हूं कि आप प्रतिदिन बाइबल पढ़े। आप इससे प्रेम करने लगेंगे। अकेलेपन और जीवन के कुछ दिल तोड़ देने वाले समयों में यह आप का सबसे प्रिय मित्र हो जाएगा। मेरे परामर्शदाता अब्राहम लिंकन ने कहा था‚ ‘‘बाइबल वह सर्वोत्तम उपहार है जो परमेश्वर यहोवा ने मनुष्य को दिया है। इस पुस्तक में लिखी सब बातों पर आप जितना चाहे तर्क कर सकते है और उसे विश्वास से संतुलित कीजिए। तब आप एक अच्छे और बेहतर व्यक्ति के रूप में जिएंगे और मरेंगे।"

एक और पद यहां याद रखने योग्य है। इब्रानियों १३:१७ को याद कीजिए। यह स्कोफील्ड बाइबल की पेज संख्या १३०४ पर है। आइये अपने स्थान पर खड़े होकर इसे जोर से पढ़ते हैं।

‘‘अपने अगुवों की मानो और उनके आधीन रहो‚ क्योंकि वे उन की नाईं तुम्हारे प्राणों के लिये जागते रहते‚ जिन्हें लेखा देना पड़ेगा‚ कि वे यह काम आनन्द से करें‚ न कि ठंडी सांस ले लेकर‚ क्योंकि इस दशा में तुम्हें कुछ लाभ नहीं" (इब्रानियों १३:१७)

अब आप बैठ सकते हैं। ‘‘अपने अगुवों की मानो" क्योंकि वे आप के चर्च के पास्टर हैं। प्रेरितों २०:२८ में प्रेरित पौलुस ने पास्टर्स और अगुवों को लिखा है‚ ‘‘तुम परमेश्वर की कलीसिया की रखवाली करो‚ जिसे उस ने अपने लोहू से मोल लिया है।" जैसे चरवाहा अपनी भेड़ों को लेकर चलता है वैसे ही पास्टर्स और अगुवे आप की अगुवाई और मार्ग दर्शन करने के लिये रखे गये हैं।

पास्टर्स सिद्ध नहीं हो सकते हैं। मैंने पाया कि भले ही मेरे पास्टर सिद्ध नहीं थे परन्तु वह एक ऐसे मनुष्य थे जो प्रेम रखते थे और परमेश्वर यहोवा की सेवा करते थे। अगर मैंने उनसे विद्रोह किया होता तो मैं आज एक पास्टर नहीं होता।

एक और पद यहां याद करने योग्य है। इब्रानियों १०:२४‚ २५ को निकाल लीजिए। यह स्कोफील्ड बाइबल की पेज संख्या १३०० पर है। आइये अपने स्थान पर खड़े होकर इसे पढ़ते हैं।

‘‘और प्रेम और भले कामों में उक्साने के लिये एक दूसरे की चिन्ता किया करें। और एक दूसरे के साथ इकट्ठा होना ने छोड़ें‚ जैसे कि कितनों की रीति है‚ पर एक दूसरे को समझाते रहें और ज्यों ज्यों उस दिन को निकट आते देखो‚ त्यों त्यों और भी अधिक यह किया करो" (इब्रानियों १०:२४‚ २५)

अब आप बैठ सकते हैं। अपने आप को आत्मिक रूप से अच्छे स्थान में रखने के लिए इन पदों को पढ़ना अच्छा है। एक और सबसे अच्छा तरीका है कि जिन लोगों पर आप का भरोसा है, ऐसे थोड़े लोगों का एक प्रार्थना समूह बना लीजिए। मैं हमारे चर्च के कुछ थोड़े लोगों के सतत संपर्क में रहता हूं। मेरे प्रार्थना समूह में डॉ कैगन और कुछ जवान लोग नहीं होते तो मैं कई बार साहस छोड़ चुका होता।

‘‘बुद्धिमानों की संगति कर‚ तब तू भी बुद्धिमान हो जाएगा‚ परन्तु मूर्खों का साथी नाश हो जाएगा" (नीतिवचन १३:२०)

और एक और बात। बाइबल जैसा कहती है वैसा करिये। और आप मन फिरा लेंगे। बाइबल कहती है‚ ‘‘प्रभु यीशु मसीह पर विश्वास कर तो तू और तेरा घराना उद्धार पाएगा" (प्रेरितों के काम १६:३१) । जब आप यीशु पर विश्वास करते हैं, जब आप संपूर्ण हृदय से यीशु पर भरोसा रखते हैं, तो आप उद्धार पायेंगे। वह क्रूस पर मरे, आप के बदले क्रूस पर कीलों से ठोके गये कि आप के पापों का दंड चुका सकें। उनकी देह में पांच घावों से लहू की धारा बह निकली। वह लहू बहाया गया कि आप के सारे पाप उसमें धुलकर शुद्ध हो जाये। आइये और यीशु पर भरोसा रखिये और आप सनातन काल तक के लिये उद्धार पा जायेंगे। बाइबल ऐसा कहती है — और बाइबल झूठ नहीं बोलती है, क्योंकि यह जीवित परमेश्वर का वचन है!

सच्चे मित्र आप को सदैव मैंने जाना है‚
आप की नियमितता को मैंने सच्चा पाया है;
जब सब झूठे निकले‚ मैंने आप को सच्चा पाया है‚
आप मेरे सलाहकार और अगुवा हैं।

धरती की खदानें नहीं उड़ेल सकती वह खजाना‚
जो खरीद सके उस तादाद में वह सीखें‚
जो सिखाती हैं मुझे जिंदा रहना और‚
सिखाया है कैसे मुझे मरना!

वह अनमोल, कभी न बदलने वाले मसीहा पवित्र पुस्तक में प्रकट हुए हैं! आमीन!


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(संदेश का अंत)
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संदेश के पूर्व मि नोहा द्वारा एकल गान:
‘‘मैं जानता हूं कि बाइबल सत्य है " (डॉ बी बी मैकिने‚ १८८६—१९५२)