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मसीह के लहू में शुद्ध किये हुए!

WASHED IN CHRIST’S BLOOD!
(Hindi)

डॉ आर एल हायमर्स द्वारा लिखित संदेश
रेव्ह. जॉन सेम्यूएल कैगन द्वारा लॉस ऐंजीलिस
के बैपटिस्ट टैबरनेकल में रविवार प्रात: ३ जून‚
२०१८ को प्रचारित किया गया
A sermon written by Dr. R. L. Hymers, Jr.
and preached by Rev. John Samuel Cagan
at the Baptist Tabernacle of Los Angeles
Lord’s Day Morning, June 3, 2018

‘‘जो हम से प्रेम रखता है और जिस ने अपने लोहू के द्वारा हमें पापों से छुड़ाया है" (प्रकाशितवाक्य १:५)


इस पद के पहिले हिस्से में शिष्य यूहन्ना अभिवादन सात कलीसियाओं के सदस्यों को अभिवादन करते हैं। उनकी प्रार्थना है कि उन्हें यीशु मसीह की ओर से शांति और अनुग्रह मिलता रहे‚ ‘‘और यीशु मसीह की ओर से‚ जो विश्वासयोग्य साक्षी और मरे हुओं में से जी उठने वालों में पहिलौठे और पृथ्वी के राजाओं के हाकिम है‚ तुम्हें अनुग्रह और शान्ति मिलती रहे" मसीह के लिये यह कथन करने के पश्चात‚ यूहन्ना बोले‚

‘‘जो हम से प्रेम रखते हैं जिन्होंने अपने लोहू के द्वारा हमें पापों से छुड़ाया है" (प्रकाशितवाक्य १:५)

यह पद कहता है कि मसीह ने ‘‘हमसे प्रेम किया‚ अपने लहू से हमारे पापों को धो दिया"। अपनी विदवता की आड़ में बाइबल के आधुनिक आलोचकों ने ‘‘शुद्ध" कर दिया को ‘‘बंधनमुक्त" शब्द में बदल डाला। ऐसा उन्होंने नेस्ले एलैंड ग्रीक न्यू टेस्टामेंट के मूल यूनानी से लिये गये पाठ के पद जो रहस्यवादिता द्वारा दूषित कर दिये गये थे‚ उन पदों में एक यूनानी अक्षर को बदले जाने के आधार पर किया। ‘‘बंधनमुक्त" शब्द थोड़े निम्न माने जाने वाले ऐलेकजेंड्रियन पाठ से लिया गया है‚ यह भी रहस्यवाद के प्रभाव में दूषित किया गया। रहस्यवादी भौचक्के रह गये कि कैसे कोई भी लहू में ‘‘धोया जाता" होगा! इसलिये रहस्यवादी ऐलेकजेंड्रियन ने एक यूनानी अक्षर को हटा दिया — और ‘‘धोये गये" शब्द को ‘‘बंधनमुक्त" लिखा।

कैंब्रिज में न्यू टेस्टामेंट के प्रोफेसर, डॉ चार्ल्स जॉन एलीकॉट (१८२९—१९०३) एक अंग्रेज विदवान थे। कैंब्रिज में न्यू टेस्टामेंट के प्रोफेसर थे। साथ ही वे न्यू टेस्टामेंट के रिवाईज्ड संस्करण (आर वी) के अनुवाद कमेटी के अध्यक्ष थे। डॉ एलीकॉट एलीकाटस कमेंटरी ऑन दि व्होल बाइबल (जोंदरवन पब्लिशिंग हाउस) के संपादक थे। एलीकाटस कमेंटरी हमारे आज के पद के बारे में ऐसा कहती है‚

कुछ (हस्तलिपियों) में ‘‘धोऐ गए" शब्द के स्थान पर ‘‘बंधनमुक्त किये गए" प्रयुक्त किया गया है। यूनानी में इन दो शब्दों के बीच में केवल एक अक्षर का अंतर है। अगर सच्चे रूप में पाठ को पढ़ा जाए तो एक विचारधारा जो प्रवाह पैदा करती है‚ वह ‘‘धोए गए" शब्द को उपयुक्त समझती है। एक गंभीर अवसर पर, जो यूहन्ना को बखूबी स्मरण है, हमारे प्रभु ने कहा था, ‘‘यदि मैं तुझे न धोऊं‚ तो मेरे साथ तेरा कुछ भी साझा नहीं।" ‘‘शुद्ध करने वाले लहू" का विचार यूहन्ना के मन में और गहराता है, जब उन्होंने मसीह के छेदे गये बाजू से पानी और लहू (यूहन्ना १९:३४) दोनों को बहते हुए देखा, अक्सर उनके दिमाग में यह दृश्य कौंधने लगता था प्रकाशितवाक्य ७:१३‚ १४ ; १ यूहन्ना १:७; ५:५—८ (डॉ चार्ल्स जॉन एलीकॉट‚ एम ए, डी डी, एलीकाटस कमेंटरी ऑन दि व्होल बाइबल‚ जोंदरवन पब्लिशिंग हाउस‚ एन डी‚ वॉल्यूम ८‚ पेज ५३५; प्रकाशितवाक्य १:५ पर व्याख्या)

प्रकाशितवाक्य ७:१४ में आगे हमें बताया गया है‚

‘‘ये वे हैं‚ जो उस बड़े क्लेश में से निकल कर आए हैं; इन्होंने अपने अपने वस्त्र मेम्ने के लोहू में धो कर श्वेत किए हैं" (प्रकाशितवाक्य ७:१४)

इस पद में हमें सीधे सीधे बताया गया है कि जो स्वर्ग में हैं‚ उन्होंने अपने वस्त्र ‘‘धोकर" मेम्ने के लहू में श्वेत किये हैं। चूंकि प्रकाशितवाक्य ७:१४ में हमें इस पद का सीधा अर्थ मिलता है‚ इसलिए हमारे पद में भी ‘‘धोए गए" शब्द का अर्थ स्पष्ट हो जाता है।

‘‘जो हम से प्रेम रखते हैं जिन्होंने अपने लोहू के द्वारा हमें पापों से छुड़ाया है" (प्रकाशितवाक्य १:५)

इस पद में हमें सीधे सीधे बताया गया है कि जो स्वर्ग में हैं‚ उन्होंने अपने वस्त्र ‘‘धोकर" मेम्ने के लहू में श्वेत किये हैं। चूंकि प्रकाशितवाक्य ७:१४ में हमें इस पद का सीधा अर्थ मिलता है तो हमारे पद में भी धोए गए शब्द का अर्थ स्पष्ट हो जाता है। डॉ जॉन एफ वर्लवुड ने संकेत दिया था कि यूनानी शब्द ‘‘लुओ" (धोए हुए) में दूसरे ‘‘लो" शब्द के तुलना में एक अक्षर अधिक है। डॉ वर्लवुड का कहना था कि एलीकॉट लंबे शब्द को प्राथमिकता देते हैं (धोऐ हुए) क्योंकि ‘‘नकल करने वालों के लिए एक शब्द हटाना अधिक आसान होता था बजाय जोड़ने के" (जॉन एफ वर्लवुड‚ टीएचडी‚ दि रिवीलेशन ऑफ जीजस क्राईस्ट मूडी प्रेस‚ व्याख्या १ पेज ३८) यह किंग जेम्स के अनुवाद के लिए एक प्रबल अनुवाद है।

लूथर की टीका ‘‘एनालॉजी ऑफ स्क्रिप्चर" का धर्मोदेश आज भी सत्य है — पवित्रशास्त्र का एक भाग दूसरे को प्रकाशित करता है‚ अगर वह प्रसंग समान हो। विशेषकर उसी पुस्तक में! इसलिये जो इन आधुनिक पंडितों ने उस पवित्र‚ ईश्वर प्रेरित यूनानी शब्द ‘‘धोए गए" का गलत अनुवाद किया‚ हम अपनी आंखे उस शब्द से हटा लेते हैं। परमेश्वर का अत्यंत धन्यवाद हो कि हर सच्चे मसीही जन यीशु के लिए ‘‘महिमा" के उच्च स्वर उठा सकते हैं‚ ‘‘जिन्होंने हम से प्रेम किया और अपने लहू से हमारे पापों को धो दिया!"

अब मैं कहता हूं कि क्या कारण है कि क्यों मैं इस बात के पीछे पड़ा हुआ हूं। यह बहुत अधिक जरूरी है कि आप अपने पापों से ‘‘धोये जाये" न कि सिर्फ ‘‘बंधन मुक्त" हो जायें। आप यहोवा परमेश्वर से आमने सामने मिलने जा रहे हैं। अगर आप के लेखे में पाप दर्ज रहा और इसी लेखे के साथ आप उनके समक्ष उपस्थित होते हैं, तो आप सचमुच में बहुत मुसीबत में पड़ चुके होंगे! अंतिम न्याय के समय आप के पास आप का एक स्वच्छ लेखा होना चाहिये। अन्यथा यहोवा परमेश्वर आप को नर्क की अनंत काल की ज्वालाओं में समर्पित कर देंगे (प्रकाशितवाक्य २०:११—१५) । जब परमेश्वर आप के लेखे को देखें तो अच्छा हो कि उन्हें उसमें कोई पाप न मिले। अंतिम न्याय के दिन पापों का ‘‘बंधनमुक्त" होना पर्याप्त नहीं होगा। नर्क की दुखदाई यातना से छुटकारा पाने के लिये आप को ‘‘मेम्ने के लहू में धुलकर श्वेत (किए गए) होने की" आवश्यकता है‚ (प्रकाशितवाक्य ७:१४) मेम्ना अर्थात यीशु मसीह। प्रकाशितवाक्य पुस्तक अध्याय ७ कहता है कि जो स्वर्ग में हैं उन्होंने‚ ‘‘अपने अपने वस्त्र मेम्ने के लोहू में धो कर श्वेत किए हैं।" इस पद से हमें ज्ञात होता है कि अगर हम नर्क की ज्वालाओं से बचना चाहते हैं और स्वर्ग में सुरक्षित होना चाहते हैं तो हममें से हरेक को मसीह के लहू में धुलकर साफ हो जाना चाहिए। इसलिये मैं इस बिंदु पर बहुत जोर दे रहा हूं‚ आप को मसीह के लहू में धुलना आवश्यक है अन्यथा आप अनंत काल के लिये नर्क में जा रहे होंगे। ये उदारवादी और नये सुसमाचार प्रचारक ‘‘बाइबल शिक्षक" बंधनमुक्त कहना अच्छा समझते हैं, बजाय ‘‘धोये गये" कहने के। मेरा कार्य आप जैसे पापियों को प्रचार करना है। आप के लेखे में अभी पाप दर्ज हैं! उनका धुलकर शुद्ध होना आवश्यक है अन्यथा यहोवा परमेश्वर आप को नर्क में भेज देंगे। कौन आप के पाप धो सकता है? और कोई नहीं केवल यीशु का लहू!

‘‘जो हम से प्रेम रखते हैं जिन्होंने अपने लोहू के द्वारा हमें पापों से छुड़ाया है" (प्रकाशितवाक्य १:५)

तो मैं आप को बताता हूं‚ बिल्कुल अभी बता दे रहा हूं कि मसीह का लहू कितना ज्यादा महत्वपूर्ण है! आप अपना अनंत काल कहां बिताना चाहते हैं‚ यह मसीह के लहू पर निर्भर करता है! क्या आप एक सफल मसीही जीवन जीते हैं‚ यह मसीह के लहू पर निर्भर करता है। उनके लहू को लेकर कुछ महत्वपूर्ण बिंदु इस प्रकार हैं।

१॰ पहिला‚ लहू का बलिदान आदि काल से होता आया।

विश्व के सभी प्राचीन लोग लहू के बलिदान में विश्वास करते थे। कोई भी ऐसी प्राचीन सभ्यता नहीं हैं जिसमें लहू का बलिदान नहीं पाया जाता था। उदाहरण के लिये प्राचीन मैक्सिकों के ऐजटेक इंडियंस उनके मूर्ति की वेदियों पर २०‚००० मनुष्यों की बलि चढ़ा देते थे कि उनके झूठे देवी देवताओं को खुश करें। माया सभ्यता ने भी यही किया। प्राचीन समय में पैसीफिक टापुओं की जनजातियां लहू का बलिदान चढ़ातीं थीं। बिल्कुल ऐसे ही तो अफ्रीका की जनजातियां किया करती थीं। मसीह के जन्म लेने के २००० साल पहले प्राचीन चीनी लोग अपने एकेश्वर परमेश्वर‚ शैंग ताय को लहू का बलिदान चढ़ाया करते थे। चीनी एक ईश्वर को मानते थे। इतिहास के आरंभ से, आदिकाल से वे लहू के बलिदान चढ़ाना आवश्यक जानते थे। अति प्राचीन चीनियों ने ईश्वर को लहू का बलिदान चढ़ाने के विषय में लिखा है। हडडी के टुकड़े और कछुओं की खोल पर लहू अर्पित किया जाता था। अभी अभी खुदाई में ये वस्तुएं प्राप्त हुई हैं। ये शिल्पकृतियां चार हजार साल पूर्व की हैं। तो ये विचार कहां से हस्तांरित हुआ? ये एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में आता चला गया। जब आदम और उसके वंशजों ने पहिला बलिदान चढ़ाया।

इतिहास के आरंभ के आसपास मूसा ने पुस्तक लिखी थी। उन्होंने लिखा था कि हमारे प्रथम माता पिता ने जब पाप किये तब उसकी क्षतिपूर्ति करने के लिये जानवरों का बलिदान चढ़ाया जाता था। उनके पुत्र हाबिल ने परमेश्वर यहोवा को प्रसन्न करने के लिये जानवर की बलि चढ़ायी। उसका भाई फसल में से लेकर अर्पित करता है‚ वह बलि अस्वीकृत हो जाती है। नूह लहू का बलिदान चढ़ाया करते थे। ऐसा ही अब्राहम भी करते थे। यहूदियों को जब परमेश्वर के लिये जानवरों का बलिदान चढ़ाने का कहा गया‚ उसके बहुत पहिले लंबे समय से ये बलिदान चढ़ाये जा रहे थे। जब वे मिस्र में गुलाम थे तब उन्हें मेम्ने का बलिदान करके उसके लहू को दरवाजे की चौखट पर लगाने के लिये कहा। यहोवा परमेश्वर ने कहा था कि जब वे उस लहू को लगा देखेंगे‚ वे वहां से गुजर जायेंगे और उन्हें उनके पापों के बदले दंड नहीं मिलेगा। हमारे एक गीत के बोल भी इसी प्रकार के हैं‚

जब मैं लहू देखता हूं‚ जब मैं लहू देखता हूं‚
जब मैं लहू देखता हूं‚ मैं वहां से गुजर जाउंगा‚
मैं वहां से गुजर जाउंगा"
(‘‘जब मैं लहू देखता हूं" जॉन फूट द्वारा रचित‚ १९ वीं सदी)

ऐसा परमेश्वर यहोवा ने मिस्र की गुलामी में समय काट रहे यहूदियों से फसह के पहले पर्व के समय कहा था। परमेश्वर ने उस रात यहूदियों से कहा था‚

‘‘मैं उस लोहू को देखकर तुम को छोड़ जाऊंगा और जब मैं मिस्र देश के लोगों को मारूंगा तब वह विपत्ति तुम पर न पड़ेगी और तुम नाश न होगे" (निर्गमन १२:१३)

यहूदी लोगों ने तब से लेकर आज तक फसह के पर्व के समय सांकेतिक रूप में लहू का बलिदान चढ़ाने की प्रथा को कायम रखा है। क्रूस पर चढ़ाये जाने की रात्रि के पूर्व‚ मसीह ने फसह के पर्व का अर्थ ही बदल दिया‚ जब उन्होंने फसह के भोज को प्रभु भोज में बदल दिया। कुछ चर्च इसे पवित्र भोज कहते हैं। कैथोलिक और ईस्टर्न आर्थोडॉक्स इसे मास कहकर पुकारते हैं। परन्तु हर त्रिएकत्व चर्च इसे व्यवहार में लाता है। बाइबल कहती है‚

‘‘उस ने उस से कहा‚ तू कह चुका: जब वे खा रहे थे‚ तो यीशु ने रोटी ली‚ और आशीष मांग कर तोड़ी और चेलों को देकर कहा‚ लो‚ खाओ; यह मेरी देह है। फिर उस ने कटोरा लेकर‚ धन्यवाद किया और उन्हें देकर कहा‚ तुम सब इस में से पीओ। क्योंकि यह वाचा का मेरा वह लोहू है‚ जो बहुतों के लिये पापों की क्षमा के निमित्त बहाया जाता है" (मत्ती २६:२६—२८)

आप पायेंगे कि मूर्ति पूजकों द्वारा जितने भी लहू के बलिदान हुए वे सब मनुष्य की क्षीण याददाश्त में परमेश्वर को बलिदान अर्पित करने की आवश्यकता से उपजे हैं। पुराने नियम के फसह पर्व ने मसीहा के बलिदान की ओर संकेत दिया, जो वे क्रूस पर देने वाले थे। आज प्रभु भोज इस बलिदान का स्मरण दिलाता है जो मसीहा ने हमें बचाने के लिये क्रूस पर दिया। क्रूस पर मसीह की म्रत्यु, वहां उनका लहू बहाया जाना, संसार के संपूर्ण इतिहास की क्रेंद्रीय धार्मिक घटना है!

‘‘जो हम से प्रेम रखते हैं जिन्होंने अपने लोहू के द्वारा हमें पापों से छुड़ाया है" (प्रकाशितवाक्य १:५)

मैं आप को बताने जा रहा हूं कि क्यों मसीह का क्रूस पर हमारे बदले प्राण देना इतना महत्वपूर्ण है। किन्तु इसके पूर्व मुझे दूसरे बिंदु को बताना आवश्यक है।

२॰ दूसरा‚ मसीह के लहू से शैतान बहुत ज्यादा नफरत करता है।

प्रकाशितवाक्य की पुस्तक में हम पढ़ते हैं‚

‘‘(शैतान)‚ हमारे भाइयों पर दोष लगाने वाला‚ जो रात दिन हमारे परमेश्वर के साम्हने उन पर दोष लगाया करता था‚ गिरा दिया गया। और वे मेम्ने के लोहू के कारण उस पर जयवन्त हुए....... ’’ (प्रकाशितवाक्य १२:१०—११)

शैतान यह जानता है कि उस पर जयवंत होने का एक ही मार्ग मेम्ने का लहू है — अर्थात मसीह का लहू‚ जो परमेश्वर का मेम्ना है। बाइबल कहती है कि शैतान हत्यारा है। वह प्रत्येक को नष्ट करना चाहता है। यही कारण है कि मसीह के लहू से उसको नफरत होती है। पापी मसीह के लहू के द्वारा शैतान पर विजय प्राप्त करते हैं। शैतान ऐसा होने नहीं देना चाहता है। इसलिये मसीह के लहू को बदनाम करने और लज्जित करने के लिये वह पूरा प्रयास करता है।

उन्नीसवीं सदी के अंत में और बीसवीं सदी के प्रारंभ में शैतान ने बहुत से अग्रणी धर्मविज्ञानी उदारवादियों को प्रेरित किया कि वे मसीह के लहू पर प्रहार करें। जैसे कि डॉ हैरी इमरसन फोसडिक और डॉ नेल्स फैरे। डॉ फैरे का कथन था, ‘‘मसीह के लहू में मुर्गी के लहू से बढ़कर सामर्थ नहीं है।’’ डॉ फोसडिक हमारे बदले मसीह के लहू बहाने के लिये कहते थे, ‘‘एक बूचड़खाने वाला धर्म।’’

इस प्रकार के व्यक्ति इतने क्रोधावेश में मसीह के लहू के बारे में विचार व्यक्त करते हैं — क्योंकि शैतान उन्हें ऐसा करने के लिये प्रेरित करता है। किंतु बीसवीं सदी के उत्तरार्ध में शैतान दूसरे तरीके से मसीह के लहू पर आक्रमण करने लगा। वह पुरातनपंथी सुसमाचार प्रचारकों को उकसाने लगा कि वे मसीह के लहू को बदनाम करें। डॉ वर्नान मैगी और अमेरिका के सबसे अधिक प्रिय और सर्वाधिक सुने जाने वाले बाइबल प्रचारक ने इस शैतानी प्रचलन पर ध्यान दिया। हमारे आज के संदेश के लिये जो पद है प्रकाशितवाक्य १:५ उस पर उन्होंने व्याख्या लिखी‚

मसीह के लहू की महत्ता को तुच्छ ठहराने के प्रति मेरा रूझान नहीं है। जैसा कुछ लोग आज कर रहे हैं। मुझे आज भी इस गीत के शब्द पसंद हैं‚

इम्मानुएल के लहू से
   एक सोता बहता है;
और उसमें डूबते पापी लोग‚
   रंग पाप का छूटता है।

(जे वर्नान मैगी‚ टी एच डी‚ थ्रू दि बाइबल‚ थॉमस नेल्सन पब्लिशर्स‚ १९८३‚ वॉल्यूम ५‚ पेज ८९०‚ ८९१; प्रकाशितवाक्य पर व्याख्या १:५—६)

यह जाहिर है कि डॉ मैगी उन लोगों के लिये कह रहे हैं जो मसीह के लहू को तुच्छ ठहराने में लगे हुए हैं‚ जैसे आर. बी. थाइम, जॉन मैकआर्थर और चार्ल्स सी. रायरी भी, जिन्होंने कैन की बलि के लिये कहा था, वह लहूविहीन बलि पूर्ण रूप से उचित बलि थी (चार्ल्स सी. रायरी‚ टी एच डी, दि रायरी स्टडी बाइबल‚ मूडी प्रेस, १९७८; उत्पत्ति ४:३ पर व्याख्या) मुझे तो मेरी आंखो पर भरोसा नहीं हुआ जब मैंने डॉ रायरी की उस व्याख्या को बढ़ा। मुझे यह उतना ही अजीब लगा कि वारेन वियर्सबी ने रायरी को ऐसा लिखने के कारण ‘‘बधाई’’ दी! (वारेन डब्ल्यू वियर्सबी‚ ५० पीपल एवरी क्रिश्चयन शुड नो, बेकर बुक्स, २००९, पेज २०७) । ये सब मुझे उदारवादिता की तरफ दूसरे प्रकार का सुविधाजनक झुकाव लगा। हमें उदारवादी विद्वानों — के काल में दिये गये अनुमोदन की ओर ताकना बंद करने की आवश्यकता है!

हमें ऐसे व्यक्तियों से बिल्कुल आशा नहीं है कि वे मसीह के लहू के जबर्दस्त प्रभाव को महसूस करेंगे! कईयों ने इन प्रचारकों का अनुकरण किया और कोई भी यीशु के लहू की सराहना नहीं करता। मेरे विचार से तो यह अंत समय का गंभीर छलावा है। मि इस छलावे के शिकार नहीं होंगे अगर हम इस सत्य को थामे रहते हैं कि शैतान मसीह के लहू से नफरत करता है, वह झूठा है और धोखेबाज है! आमीन। सभी पास्टर्स को मसीह के बहुमूल्य लहू के उपर प्रचार करने की आवश्यकता है! आखिरकार, बाइबल यह वही बात है, जिसके लिये बाइबल कहती है,

‘‘....... मसीह का बहुमूल्य लहू’’ (१ पतरस १:१९)

३॰ तीसरा‚ मसीह का लहू हमें छुटकारा देता है।

१ पतरस में पूरा पाठयांश ऐसा कहता है‚

‘‘क्योंकि तुम जानते हो कि तुम्हारा निकम्मा चाल—चलन जो बाप दादों से चला आता है उस से तुम्हारा छुटकारा चान्दी सोने अर्थात नाशमान वस्तुओं के द्वारा नहीं हुआ। पर निर्दोष और निष्कलंक मेम्ने अर्थात मसीह के बहुमूल्य लोहू के द्वारा हुआ’’ (१ पतरस १:१८—१९)

सोने से आप का छुटकारा नहीं हुआ है। परमेश्वर चांदी के मूल्य से आप को छुटकारा नहीं देते हैं। चर्च में आप के दान की राशि देखकर‚ यहोवा आप को उद्धार नहीं देते। हमारा छुटकारा ‘‘मसीह के बहुमूल्य लहू के द्वारा’’ हुआ है।

छुटकारा अर्थात किसी को गुलामी के वश से मूल्य देकर छुड़ाना। यीशु कहते थे वे इसलिये आये कि‚ ‘‘बहुतों की छुडौती के लिये अपने प्राण दे’’ (मत्ती २०:२८) उन्हें इस बात को समझाने की आवश्यकता नहीं हुई क्योंकि उस समय विश्व के दो तिहाई लोग गुलामी में थे। प्रत्येंक जाति से लोग गुलाम थे, प्राचीन ब्रिटेन, स्पेन, अफ्रीका से - हर कहीं से। संसार में प्रत्येक नस्लीय जाति कभी न कभी गुलाम रही है। जैसा मैंने कहा कुछ क्षण पहिले कहा था कि यहूदी लोग मिस्र में ४०० साल तक गुलामी का जीवन बिताते रहे।

शिष्य पतरस कहते हैं कि यीशु ने अपने लहू से मूल्य चुकाकर तुम्हें गुलामी में से फिर से खरीदा है। किस की गुलामी से वापस खरीदा है? पाप की गुलामी से। लॉस ऐंजीलिस में लाखों लोग पाप के गुलाम हैं। वे सिगरेट के अंकुश में हैं और उसे छोड़ेंगे नहीं। वे पोर्नोंग्राफी की जकड़ में हैं, किन्तु उसे देखना बंद नहीं करेंगे। आप उस पाप के गुलाम हैं! परंतु बाइबल कहती है कि मसीह आप को छुटकारा दे सकते हैं। वह आप के खुद के विद्रोही, अविश्वासी हदय के पाप से छुटकारा दे सकते हैं। मेरे विचार से यह सबसे कठिन बात है। मसीह आप को आप के अविश्वास भरे दुष्ट हदय से छुटकारा दे सकते हैं! और भी बहुत कुछ कहना है, किंतु मेरा समय अब पूरा हो रहा है! आप का संपूर्ण छुटकारा मसीह के लहू पर निर्भर है! मसीह का लहू आप को आप के सारे पापों से छुड़ा सकता है! विलियम कूपर को सुनिये‚

विश्वास से हमेशा‚ मैने एक सोता देखा है
   उनके रक्त रंजित घावों से‚
छुड़ाने वाला प्रेम बहता है‚ इसी पर‚
   मरते दम तक मेरा भरोसा रहेगा।

इम्मानुएल के लहू से
    (मसीह की शिराओं से) एक सोता बहता है;
और उसमें डूबते पापी लोग‚
   रंग पाप का छूटता है।
(‘‘देअर इज ए फाउंटेन’’ विलियम कूपर द्वारा रचित‚ १७३१—१८००;
   अमेजिंग ग्रेस की धुन पर संयोजन)

और फैनी क्रासबी ने कहा था‚

छुटकारा पाए हुए‚ छुटकारा पाए हुए‚
   मसीह के लहू के द्वारा छुटकारा पाए हुए;
छुटकारा पाए हुए‚ छुटकारा पाए हुए‚
   उनकी संतान में हूं‚ और सदा रहूंगा!
(‘‘छुटकारा पाए हुए’’ फैनी क्रासबी‚ १८२०—१९१५)

४॰ चौथा‚ मसीह का लहू आप को हर पाप से शुद्व कर सकता है।

यह मत भूलिये कि यीशु कौन हैं! वह साधारण नहीं हैं! आप के हर जानने वाले के पास वह लहू नहीं है जो आप को पाप से शुद्व कर सकता है। यीशु राह चलते कोई आम आदमी नहीं। बिल्कुल भी नहीं! यीशु परमेश्वर के शाश्वत पुत्र हैं‚ पवित्र त्रिएकत्व के दूसरे व्यक्तित्व‚ ‘‘परमेश्वर यहोवा से निकले परमेश्वर।’’

‘‘सब कुछ उसी के द्वारा उत्पन्न हुआ और जो कुछ उत्पन्न हुआ है‚ उस में से कोई भी वस्तु उसके बिना उत्पन्न न हुई’’ (यूहन्ना १:३)

स्वर्ग से उनके आगमन के पूर्व प्रभु यीशु मसीह ने संपूर्ण की रचना की। वही वह परमेश्वर हैं जिनका लहू आप के पापों को धो सकता है — और आप को शुद्ध करके स्वर्ग में प्रवेश दे सकता है! शिष्य यूहन्ना ने कहा था‚

‘‘और उनके पुत्र यीशु का लोहू हमें सब पापों से शुद्ध करता है’’ (१ यूहन्ना १:७)

हमारा पद भी तो यही बात कहता है‚

‘‘जो हम से प्रेम रखते हैं जिन्होंने अपने लोहू के द्वारा हमें पापों से छुड़ाया है’’ (प्रकाशितवाक्य १:५)

क्या आप चाहते हैं कि आप के साथ भी ऐसा हो? क्या आप शैतान के बंधन से छुटना चाहते हैं? मसीह का लहू यह कर सकता है! क्या आप पाप से छुटकारा पाना चाहते हैं? मसीह का लहू यह कर सकता है! क्या आप आप के सारे पापों से शुद्ध होना चाहते हैं‚ ताकि आप स्वर्ग जा सकें और हमारे साथ वहां आनंद मना सकें? मसीह का लहू यह कर सकता है!

परन्तु ऐसा कुछ भी है जो आप को करना आवश्यक है। इसके पहिले कि मसीह का लहू आप के लिये ये सारी बातों को संभव करे‚ आप को आप के पापों से मुंह मोड़ना होगा। ये पहिली बात है। पापों से विच्छेद करना होगा। तब‚ दूसरी बात‚ आप को यीशु पर विश्वास रखना आवश्यक होगा। उनके पास विश्वास से आइये और उन पर भरोसा रखिये। कोई कहेगा‚ बस यही करना है? तो हां! यही करना है! तो उनका लहू आप के सारे पापों से आप को शुद्व कर देगा। आप को परमेश्वर यहोवा की आनंदमय संगति में ले आयेगा! क्या आप पाप से मुख मोड़ेगें और यीशु पर भरोसा रखेंगे? मि ग्रिफिथ जो उनके एकल गान का अंतरा गाते हैं‚ उन्हें सुनिये। ज्यादा जल्दी इस गीत को मत गाइये‚

न चांदी न सोने से मैंने पाया होता छुटकारा पापों से‚
   दुनिया की दौलत मिलकर नहीं बचा सकती मेरी आत्मा;
यीशु का लहू ही मेरी एकमात्र नींव है‚
   मेरे मसीहा का मरण मुझे संपूर्ण बनाता है।
मेरा छुटकारा हुआ है‚ परंतु चांदी से नहीं‚
   मैं खरीदा गया हू परंतु सोने से नहीं;
खरीदा गया एक मूल्य चुकाकर‚ यीशु के लहू का मूल्य
उस प्रेम का बहुमूल्य कीमत अनकही।
(‘‘नॉर सिल्वर‚ नॉर गोल्ड’’ डॉ जेम्स एम ग्रे‚ १८५१—१९३५)

अगर यीशु पर विश्वास लाने के संबंध में आप हमसे कुछ कहना चाहते हैं‚ तो जब दूसरे लोग भोजन ग्रहण करने उपर जाते हैं‚ आप आगे आकर दो पंक्तियों में बैठ सकते हैं‚ आमीन।


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(संदेश का अंत)
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संदेश के पूर्व मि बैंजामिन किंकेड ग्रिफिथ द्वारा एकल गान:
       ‘‘नॉर सिल्वर‚ नॉर गोल्ड’’ (डॉ जेम्स एम ग्रे‚ १८५१—१९३५)


रूपरेखा

मसीह के लहू में शुद्ध किये हुए!

WASHED IN CHRIST’S BLOOD!

संदेश लिखा गया डॉ आर एल हायमर्स द्वारा
प्रचार किया गया रेव्ह जॉन सैम्यूएल कैगन द्वारा

‘‘जो हम से प्रेम रखते हैं जिन्होंने अपने लोहू के द्वारा हमें पापों से छुड़ाया है’’ (प्रकाशितवाक्य १:५)

(प्रकाशितवाक्य ७:१४)

१॰ पहिला‚ लहू का बलिदान आदि काल से होता आया‚
निर्गमन १२:१३; मत्ती २६:२६—२८

२॰ दूसरा‚ मसीह के लहू से शैतान बहुत ज्यादा नफरत करता है‚
प्रकाशितवाक्य १२:१०—११; १ पतरस १:१९

३॰ तीसरा‚ मसीह का लहू हमें छुटकारा देता है‚ १ पतरस १:१८‚ १९;
मत्ती २०:२८

४॰ चौथा‚ मसीह का लहू आप को हर पाप से शुद्व कर सकता है‚
यूहन्ना १:३; १ यूहन्ना १:७