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केवल मसीह में!

IN CHRIST ALONE!
(Hindi)

डॉ आर एल हायमर्स जूनि
by Dr. R. L. Hymers, Jr.

लॉस ऐंजीलिस टेबरनेकल कैलीफोर्निया में रविवार संध्या
अप्रैल २२‚ २०१८ को दिया गया संदेश
A sermon preached at the Baptist Tabernacle of Los Angeles
Lord’s Day Evening, April 22, 2018

‘‘चलो‚ हम यहोवा की ओर फिरें; क्योंकि उन्हीं ने फाड़ा और वही चंगा भी करेंगे; उन्हीं ने मारा और वे ही हमारे घावों पर पट्टी बांधेगें। दो दिन के बाद वह हम को जिलाएंगे और तीसरे दिन वह हम को उठा कर खड़ा करेंगे; तब हम उनके सम्मुख जीवित रहेंगे" (होशे ६:१‚२)


इन पदों का अर्थ स्पष्ट है। परमेश्वर यहोवा ने इजरायल को अंतिम बुलावा दिया है। इसके बाद असीरिया उन पर कब्जा कर लेगा‚ तत्पश्चात बेबीलोन उन्हें दासता में जकड़ लेगा। जब वे मुसीबतों से आक्रांत हो उठेंगे और बिल्कुल कुचले जाकर उनकी दुर्दशा होगी‚ वे कह उठेंगे‚ ‘‘आओं हम यहोवा परम प्रधान की ओर लौट चलें।"

हां‚ ये भविष्यवाणी पूर्ण हुई और इजरायल वासी बेबीलोन की दासता में चले गये। भविष्यवाणी ने भविष्य के गर्भ में क्या है‚ ये दर्शा दिया था। किंतु दासता में पड़ी मार को यहोवा भविष्य में अच्छा भी करेंगे। ‘‘वही चंगा भी करेंगे; तब हम उनके सम्मुख जीवित रहेंगे।" यह परम प्रधान का वायदा है कि वे उनको वापस उस दासता से मुक्त करवा कर उन्हें उनके देश में ले आयेंगे। उनकी हिफाजत करेंगे। हमारे समय में प्रभु ने इस भविष्यवाणी को पूर्ण करना आरंभ किया। सन १९४८ में इजरायल एक राष्ट्र घोषित हुआ था। उस समय से यहूदियों का यहोवा परमेश्वर द्वारा प्रदत्त उनकी जन्मभूमि को लौटना जारी है। जल्द ही वे यहोवा की दृष्टि में रहेंगे‚ ‘‘और इस रीति से सारा इस्त्राएल उद्धार पाएगा" (रोमियों ११:२६) इन पदों का अर्थ यह निकाला गया है।

किंतु इससे बढ़कर कुछ और अर्थ भी निहित है। किसी ने कहा है कि‚ ‘‘अर्थ एक है पर उसको कई तरह से अमल में लाया गया है।" मैं यहां इन पदों को दो तरह से अमल में लिये जाने का वर्णन कर रहा हूं।

१॰ पहिला‚ ये पद मसीहियों पर लागू होता है।

अमल किये जाने की दृष्टि से यह मसीहियों पर लागू होता है। कुछेक ही मसीही जन हैं जो बिना व्यवधान के यहोवा के पीछे चलते हैं। वे उनके मसीही जीवन में स्थिर होते हैं। परंतु हम से अधिकतर मसीही जन समय समय पर अपनी उष्णता खो देते हैं। इसलिये प्रभु यहोवा हम पर दुख और परेशानी भेजते हैं। वह मुसीबतों के द्वारा हमें छलनी कर देने की अनुमति देते हैं। परम प्रधान हमारी शांति का हरण कर लेते हैं। वे हमें हताश और भारी हृदय होने जैसा महसूस करवाते हैं। भले ही आज रात आप यहां इस चर्च में बैठे हैं तौभी यहोवा आप के साथ ऐसा क्यों होने दे रहे है? हो सकता है कि उनके पास आप के लिये कुछ नया करने को हो। हो सकता है कि परमेश्वर आप को तैयार कर रहे हों कि आप अगले वर्ष मुझे नया चर्च स्थापित करने में सहायता करें। या वह आप को तैयार कर रहे हो कि आप इस चर्च में नयी जिम्मेदारियों का वहन करें। मनुष्य होने के नाते हम बदलना नहीं चाहते हैं। इसलिये परम प्रधान हमें छीलते और दुख देते हैं कि हम अलग अलग जिम्मेदारियों का दायित्व निभाने के लिये तैयार रहें। हमारे मन में जिस भी चीज के प्रति घोर आसक्ति है‚ वे उस प्रतिमा को तोड़ देते हैं। ताकि यहोवा के राज्य में और उपयोगी पात्र बनें। डॉ टोजर का कथन था‚ ‘‘निसंदेह जब तक एक व्यक्ति को यहोवा परमेश्वर हृदय की गहनतम घनघोर पीड़ा से नहीं भर देते हैं वे उसे आशीषित नहीं करते हैं।" अगर आप हृदय परिवर्तन करते हैं तो यहोवा आप को नष्ट नहीं करेंगे। वे आप को भीतर से झकझोर रहे हैं। शायद वे आप को आत्मिक जाग्रति के लिये प्रयुक्त करने वाले हैं!

‘‘दो दिन के बाद वह हम को जिलाएंगे और तीसरे दिन वह हम को उठा कर खड़ा करेंगे; तब हम उनके सम्मुख जीवित रहेंगे"

मेरा मानना है कि नया चर्च आरंभ करना आप में से कईयों को मजबूत मसीही जन बनायेगा। जब बच्चे किशोरावस्था में पहुंचते हैं‚ वे अपने पैरों और हाथों में दर्द महसूस करते हैं। वे कहते हैं कि ‘‘दर्द बढ़ रहा है।" चौंकिये मत। आप की आत्मिक अवस्था में भी यही होता है। दो दिनों के बाद वे आप को जिलाऐंगे और आप को और अधिक विश्वास व जीवन प्रदान करेंगे! जितना अधिक वे घाव देते हैं‚ उतना अधिक‚ मसीह अपने पुत्र के द्वारा उन घावों को भर देते हैं! जॉन न्यूटन ने ‘‘अमेजिंग ग्रेस" नामक कविता लिखी। उनकी एक और कविता है।

मैने प्रभु से कहा मैं बढ़ जाउं
विश्वास‚ प्रेम और हर प्रकार के अनुग्रह में;
उनके दिये उद्धार के विषय में कुछ और समझ सकूं
उतनी तत्परता से उनके मुख के दर्शन को खोजूं।

इस तरह उन्होंने मुझे प्रार्थना करना सिखाया‚
मैं यह मानता हूं उन्हीं ने मुझे उत्तर दिया है!
पर ये कुछ इस तरह से हुआ‚
उसके पहिले इसने लगभग मुझे भय में धकेल ही दिया था।

मेरी आशा है कि इष्ट क्षणों में‚
एकाएक उन्होंने मेरी प्रार्थना का दे दिया उत्तर;
उनके प्रेम की ताकत से ओत प्रोत सामर्थ‚
मेरे पापों को वश में कर लेती व मुझे देती विश्राम।

इसके बदले उन्होंने मुझे अहसास करवाया
मेरे हृदय की छिपी बुराईयों से;
नर्क की क्रोधित शक्तियां
मेरी आत्मा के हर हिस्से पर प्रहार करती हैं।

तब वे बताते हैं कि परम प्रधान क्या कहते हैं‚

इन अंदरूनी परेशानियों का प्रयोग मैं‚
तुम्हें अहं‚ घमंड से मुक्त करने के लिये करता हूं;
तुम्हारे इस संसारी आनंद के चक्र को तोड़ने के लिये‚
कि तुम मुझमें सब ढूंढ सकों
(‘‘आय आक्ड दि लार्ड दैट आय मैं ग्रो" जॉन न्यूटन‚ १७२५—१८०७)

२॰ दूसरा, यह पद हृदय परिवर्तन नहीं करने वालों पर भी लागू होता है।

आज संध्या मेरा उददेश्य आप को इस पद के दूसरे स्थान पर अमल करने के बारे में समझाउं। अगर आप का हृदय परिवर्तन नहीं होता है तो यह पद आप से क्या कहता है। यहोवा परमेश्वर आप से कह रहे हैं‚

‘‘चलो‚ हम यहोवा की ओर फिरें; क्योंकि उन्हीं ने फाड़ा और वही चंगा भी करेंगे; उन्हीं ने मारा और वे ही हमारे घावों पर पट्टी बांधेगें। दो दिन के बाद वह हम को जिलाएंगे और तीसरे दिन वह हम को उठा कर खड़ा करेंगे; तब हम उनके सम्मुख जीवित रहेंगे" (होशे ६:१‚२)

हृदय से बदलाव लाना तकलीफदायक होता है। आप बदलना नहीं चाहते हैं‚ इसलिये यह तकलीफदायक होता है। आप कह सकते हैं कि आप तो बदलना चाहते हैं — परंतु यह सत्य नहीं है। आप विचार कर सकते हैं कि आप बदलना चाहते हैं — किंतु यह भी सत्य नहीं है! बाइबल के वचन हैं‚ ‘‘कोई परमेश्वर का खोजने वाला नहीं" (रोमियों ३:११) । तौभी, क्यों कुछ लोग मसीह को खोजना आरंभ कर देते हैं। यूहन्ना १६:८ में हम को उसका उत्तर मिलता है, जहां लिखा है कि ‘‘पवित्र आत्मा संसार को पाप के विषय में निरूत्तर करेगा।" ‘‘निरूत्तर" शब्द यूनानी भाषा के शब्द ‘‘ऐलेनखो" से लिया गया है — जिसका अर्थ है ‘‘पाप का बोध करवाना‚" ‘‘दोष बताना‚" ‘‘झिड़कना‚" ‘‘मनवाना" आदि।

किसी को अच्छा नहीं लगेगा‚ अगर उसे कहा जाये कि वह एक भटका हुआ पापी इंसान हैं। किंतु एक सुसमाचार प्रचार सभा में ऐसा कहना आवश्यक हो जाता है। आप बदलते नहीं हैं क्योंकि अपने पाप को महसूस करना अच्छा नहीं लगता है। इसलिये प्रार्थना करना अत्यंत आवश्यक है कि यहोवा परमेश्वर से विनती करें कि वे अपना पवित्र आत्मा भेजें ताकि खोये हुए लोगों का हृदय विदीर्ण हो सके‚ उनको सर्वशक्तिमान् परमेश्वर के विरूद्ध उनके स्वार्थीपन व विद्रोह के लिये यकीन दिलाया जाये‚ झिड़का जाये। अपने में इतना पाप और विद्रोह भरकर अंतिम न्याय के समय आप कैसे यहोवा के समक्ष खड़े हो सकते हैं? इस प्रकार का संदेश सुनने के बाद आप कैसे फैलोशिप हॉल में उपर भोजन करने जा सकते हैं और अपने मित्रों के संग हंस सकते हैं? प्रत्येक दिन संदेश विडियोज में से एक विडियों देखे बिना और संदेश पढ़े बिना पूरा सप्ताह बिता सकते हैं? आप को परमेश्वर पिता का डर होना चाहिये‚ सच्चे परमेश्वर का भय‚ वह परमेश्वर जो आप के ठंडे विचारों और कठोर अंर्तमन पर क्रोधित होते हैं!!! यह गंभीर बात है! पूरे संसार में इससे बढ़कर गंभीर बात कुछ नहीं है। नर्क की ज्वाला आप की राह देख रही हैं‚ संदेश सुनने के बाद आप अपने मित्रों के साथ हंसते हैं! अगर आप ऐसे ही बने रहेंगे तो आप के लिये कोई आशा नहीं!

जॉन कैगन से सुनिये‚ ‘‘जब तक मेरे हृदय का बदलाव नहीं हुआ था‚ मैं मरने जैसा हो गया था। मैं सो नहीं पाता था। मैं मुस्कुराता नहीं पाता था। मुझे किसी भी रूप में शांति नहीं मिल पा रही थी.......भीतऱ से प्रताड़ित महसूस कर रहा था। पूरी रीति से क्लांत हो चला था। मेरी हताशा ने मुझे थका दिया था। स्वयं से नफरत होने लगी‚ मेरे पाप और उसके स्मरण से नफरत होने लगी........तौभी मैं गर्त में जाता चला जा रहा था। फिर ये पापों का बोझ सहन नहीं हो पाया। यह तो मैं जानता था कि यहोवा परम प्रधान धर्मी है और वे मुझे अवश्य नर्क का दंड ही देंगे। संघर्ष करते करते थक गया था। हर बात से थक गया था.......तौभी मेरे पास यीशु प्रभु नहीं थे......मैं अपने स्तर पर उद्धार प्राप्त करने के लिये ‘प्रयासरत था। मैं मसीह पर विश्वास लाने के लिये ‘प्रयास’ कर रहा था‚ पर विश्वास लाने में असफल हो रहा था। मैं मसीह पर विश्वास रखने का निर्णय नहीं कर सका। इससे मुझे और हताशा पैदा हो गयी।"

इसके बदले उन्होंने मुझे अहसास करवाया
मेरे हृदय की छिपी बुराईयों से;
नर्क की क्रोधित शक्तियां
मेरी आत्मा के हर हिस्से पर प्रहार करती हैं।

मैं तो यह महसूस कर रहा था कि मेरे पाप मुझे नर्क में ढकेल रहे हैं। जानते समझते हुए भी‚ मैं अपने आंसुओं को रोकने में हठी बना रहा......जबकि मुझे अपने भीतर सब कुछ मर जाने देना था!"

जॉन के साथ ये सब कैसे हुआ? उसने कोई गिने चुने शब्द नहीं दोहराये! सचमुच प्रभु बचाये‚ बिल्कुल भी नहीं! ऐसे निर्णय के वाक्य दोहराने से उसे कुछ लाभ नहीं होता! उद्धार पाने की ‘‘भावना" पैदा नहीं हुई। सच प्रभु‚ बिल्कुल भी नहीं! क्योंकि भावना उसकी मदद नहीं कर सकती थी।

प्रभु ने ‘‘उसे अंतर्मन से कुचला था। उसे भीतर तक विदीर्ण कर दिया था!" उसके हृदय को तोड़ डाला था! उन्होंने जॉन को बिल्कुल हताशा के गहन अंधकार में फेंक दिया था!

सच्चे हृदय परिवर्तन में दर्द से होकर गुजरना होता है! आप यहोवा परमेश्वर से लड़ रहे होते हैं! आप भुलावे में रहकर अपना रास्ता नहीं निकाल सकते। किसी अलग मार्ग की बात नहीं कर सकते हैं! आप किसी अन्य मार्ग के बारें में नहीं जान सकते हैं!!!

इन अंदरूनी परेशानियों का प्रयोग मैं‚
तुम्हें अहं‚ घमंड से मुक्त करने के लिये करता हूं;
तुम्हारे इस संसारी आनंद के चक्र को तोड़ने के लिये‚
कि तुम मुझमें सब ढूंढ सको।

‘‘पुत्र को चूमो ऐसा न हो कि वह क्रोध करे और तुम मार्ग ही में नाश हो जाओ; क्योंकि क्षण भर में उसका क्रोध भड़कने को है। धन्य हैं वे जिनका भरोसा उस पर है (भजन २:१२)

एमी जबाल्गा की गवाही सुनिये‚ ‘‘अपने पाप को लेकर आत्म हीनता में मैं भीतर तक धंस गयी थी......मैं पूरी रीति से बयान नहीं कर सकती कि अपने ही हृदय की कालिमा व कुरूपता को देखना क्या होता है। जो यहोवा परम प्रधान ने देखा होगा‚ यह जानकर मैं विरूचित और शर्मिंदा थी। मैं यहोवा एल — रोई के समक्ष एक घृणित प्राणी थी। चर्च में मैंने जो भी व्यवहार किया था, उसकी जड़ स्वार्थ में बसी हुई थी। मुझे ऐसा लगता था कि सच्चे व साफ मसीही विश्वासियों के बीच मेरी स्थिति अशुद्ध कोढ़ी के समान थी। इसके उपरांत भी मैं मसीह के उपर विश्वास नहीं ला रही थी। यीशु मेरे लिये एक सुना हुआ शब्द थे......ऐसा कोई जो बहुत दूर बसा हो......मैं राह देख रही थी कि मुक्ति प्रदान करने वाली कोई अच्छी सी भावना जन्म लेगी......कुछ ऐसा अनुभव घटेगा जो सिद्ध करेगा कि मैंने उद्धार प्राप्त कर लिया है......डॉ हायमर्स ने अपने एक संदेश में भटके हुए पापियों को झिड़का था कि यहोवा प्रतापी परमेश्वर से मत खेलो। सुनकर मैं अपने स्थान पर संभल कर बैठ गयी। डर से कांपते हुए। मैं जान गयी, मेरे लिये कहा गया है। डॉ हायमर्स ने तब वचन को पढ़ा‚

‘चलो‚ हम यहोवा की ओर फिरें; क्योंकि उन्हीं ने फाड़ा और वही चंगा भी करेंगे; उन्हीं ने मारा और वे ही हमारे घावों पर पट्टी बांधेगें ...... वह हम को जिलाएंगे तब हम उनके सम्मुख जीवित रहेंगे’ (होशे ६१‚२)।"

एमी ने कहा‚ मेरे पाप का फैलाव अथाह समुद्र की नाई था। असहनीय हो गये थे। अब यीशु की अत्यंत आवश्यकता थी। अब मुझे उनके लहू की अत्यंत आवश्यकता थी जो मेरे पापों को शुद्ध कर देवे!"

प्रभु ‘‘ने मारा। वे ही हमारे घावों पर पट्टी बांधेगें!" प्रभु ने एमी के हृदय को विदीर्ण कर दिया! उसको परास्त कर दिया!

सच्चे हृदय परिवर्तन में दर्द से होकर गुजरना होता है! आप यहोवा परमेश्वर से लड़ रहे होते हैं! आप भुलावे में रहकर अपना रास्ता नहीं निकाल सकते! किसी अलग मार्ग की बात नहीं कर सकते हैं! आप स्वयं हल नहीं खोज सकते हैं!!!

अपने पाप युक्त कार्यो से आप का उब नहीं आती? डर नहीं लगता? क्या कोरे धर्म को लेकर अत्यंत उब नहीं आ जाती? ओह यहोवा प्रभु‚ उन्हें इन नर्क की ज्वालाओं से बचा लीजिये!

‘‘पुत्र को चूमो ऐसा न हो कि वह क्रोध करे और तुम मार्ग ही में नाश हो जाओ; क्योंकि क्षण भर में उसका क्रोध भड़कने को है। धन्य हैं वे जिनका भरोसा उस पर है" (भजन २:१२)

क्या प्रभु यहोवा ने आप को विदीर्ण किया है? क्या आप उनके हाथों से घायल हुए हैं? क्या आप को महसूस हुआ कि आप के दुख व दर्द इस बात का संकेत थे कि प्रभु आप से प्रेम नहीं करते थे? क्या आप ने उस दर्द का महसूस किया जो आप किसी को बता नहीं सकते थे? क्या आप ने स्वयं को बिल्कुल अकेला व परमेश्वर का त्यागा हुआ पाया‚ जैसे मसीह ने गैतसेमनी के बाग में स्वयं को पाया था? क्या आप ने भी कभी स्वयं से कहा — ‘‘हे परमेश्वर आप ने मुझे क्यों छोड़ दिया?" शैतान फुसफुसाता है कि‚ ‘‘क्यों आगे बढ़ना? कोई तुम्हारी परवाह नहीं करता। कोई तुमसे प्रेम नहीं करता है। आप से मेरी विनती है‚ ‘‘शैतान की मत सुनिये!"

मैं सही व्यक्ति हूं मेरी सुनिये। मैं अपने जीवन में ऐसे अंर्तद्धंद से छ: बार होकर गुजरा हूं। जब मेरा हृदय परिवर्तन हुआ था‚ ये तब की बात है और उसके अतिरिक्त पांच बार।

‘‘चलो‚ हम यहोवा की ओर फिरें; क्योंकि उन्हीं ने फाड़ा और वही चंगा भी करेंगे; उन्हीं ने मारा और वे ही हमारे घावों पर पट्टी बांधेगें। दो दिन के बाद वह हम को जिलाएंगे और तीसरे दिन वह हम को उठा कर खड़ा करेंगे; तब हम उनके सम्मुख जीवित रहेंगे" (होशे ६:१‚२)

हर बार जब मैं ऐसी बैचेनी से होकर गुजरा‚ इसने मुझे और तैयार किया कि मैं यहोवा के लिये कुछ करूं। हर बार दर्द हद से गुजर गया और मुझे लगा कि अब यह कभी नहीं जाने वाला। तब यीशु मुझसे कहते हैं‚

इन अंदरूनी परेशानियों का प्रयोग मैं‚
तुम्हें अहं‚ घमंड से मुक्त करने के लिये करता हूं;
तुम्हारे इस संसारी आनंद के चक्र को तोड़ने के लिये‚
कि तुम मुझमें सब ढूंढ सको।

यह पहली बार की बात है‚ जब मेरा नया जन्म हुआ था। और अभी ताजा बात उस समय की है‚ जब मैं कैंसर ग्रस्त हो गया था। उन्होंने कहा‚ ‘‘आप को कैंसर है।" उन्होंने मुझे इंजेक्शन दिये। मुझे लगा कि मैं मूसा के समान निर्जन में अकेला हूं। मैं बीच रात में उठकर फूट फूट कर रोता था! मैंने सोचा अब जीवन खत्म है। मैं पूरी तरह से कुचला गया हूं। मैं जानता हूं कि आप को कैसा लगता होगा। हर बार जब मैं आत्मा की उस गहन काली रात से होकर गुजरा हूं‚ यहोवा मुझे किसी नयी चीज के लिये तैयार कर रहे थे। इस समय उन्होंने मुझे एक नया चर्च आरंभ करने के लिये तैयार किया।

प्रिय मित्रों‚ प्रभु परमेश्वर ने आप को त्यागा नहीं है। हां‚ उन्होंने आप को विदीर्ण बना डाला — किंतु वह आप को अच्छा करेंगे! उन्होंने आप को घायल किया है — किंतु वे आप के घाव को बांधेगे! उन्होंने किसी उददेश्य के लिये आप पर प्रहार किया है‚ आप की शांति भंग की है — ताकि आप को यह महसूस करवा दें कि मसीह एकमात्र ही आप की आशा हैं! आप यह जान सकें कि एकमात्र मसीह ही में आप को शांति मिलेगी! ताकि आप को ज्ञात होवे कि एकमात्र मसीह में ही शाश्वत आनंद की प्राप्ति है! ताकि आप को ज्ञात होवे कि मसीह ने आप के पापों का दंड सहने के लिये अपने प्राण दिये! ताकि आप को ज्ञात होवे कि वे मरकर जीवित हुए कि आप को नया जीवन प्रदान करें!

मेरी आशा एकमात्र मसीह हैं‚ वे मेरे जीवन का प्रकाश‚ मेरी ताकत‚ मेरा गीत
   वे सिरे का पत्थर‚ ठोस भूमि हैं‚ तूफान में भी जो अविचल बनी रहे।
क्या उंचाई हैं प्यार की‚ कैसी गहरी शांति‚ डर थम जाते‚ प्रयास कम होते!
   मुझे तसल्ली देने वाला‚ मेरे सब कुछ मसीह हैं — मसीह के प्रेम में यहां मैं उठ खड़ा होता हूं।

मसीह एकमात्र जिन्होंने देह धारण की‚ संपूर्ण ईश्वरत्व असहाय शिशु बना!
   प्रेम‚ धर्मीपन का उपहार‚ जिन्हें बचाने आये थे उन्होंने ही उपहास किया।
जब क्रूस पर यीशु मरे‚ यहोवा का क्रोध संतुष्ट तब हुआ;
   हर पाप ही तो उन पर लाद दिया गया था — यहां अब मसीह के मरने में मैं जिंदा हो जाता हूं

उनका शव भूमि में था‚ जगत के प्रकाश को अंधकार ने मार डाला था
   तब महिमा दायक दिन प्रकट हुआ, कब्र से वे उठ खड़े हुए!
जब वे जयवंत हो उठे‚ पाप का श्राप मुझ पर से अपनी पकड़ ढीली कर देता है;
   क्योंकि मैं उनका हूं‚ वे मेरे हैं — मसीह के कीमती लहू से खरीदा हुआ।
(‘‘इन क्राईस्ट अलोन" कैथ गैटी व स्टूअर्ट टाउनैंड‚ २००१)


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(संदेश का अंत)
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संदेश के पूर्व मि बैंजामिन किंकेड ग्रिफिथ द्वारा गान:
‘‘इन क्राईस्ट अलोन" (कैथ गैटी व स्टूअर्ट टाउनैंड द्वारा रचित‚ २००१)


रूपरेखा

रूपरेखा

केवल मसीह में!
IN CHRIST ALONE!

डॉ आर एल हायमर्स जूनि
by Dr. R. L. Hymers, Jr.

‘‘चलो‚ हम यहोवा की ओर फिरें; क्योंकि उन्हीं ने फाड़ा और वही चंगा भी करेंगे; उन्हीं ने मारा और वे ही हमारे घावों पर पट्टी बांधेगें। दो दिन के बाद वह हम को जिलाएंगे और तीसरे दिन वह हम को उठा कर खड़ा करेंगे; तब हम उनके सम्मुख जीवित रहेंगे" (होशे ६:१‚२)

(रोमियों ११:२६)

१॰ पहिला‚ ये पद मसीहियों पर लागू होता है।

२॰ दूसरा,यह पद हृदय परिवर्तन नहीं करने वालों पर भी लागू होता है‚
रोमियों ३:११; यूहन्ना १६:८; भजन २:१२