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‘‘नूतन” नया बैपटिस्ट टैबरनेकल!

THE “NEW” NEW BAPTIST TABERNACLE!
(Hindi)

डॉ आर एल हिमर्स
by Dr. R. L. Hymers, Jr.

लॉस ऐंजीलिस के दि बैपटिस्ट टैबरनेकल चर्च में‚ २ जुलाई‚ २०१७
रविवार सुबह दिया गया संदेश
A sermon preached at the Baptist Tabernacle of Los Angeles
Lord's Day Morning, July 2, 2017

‘‘भला हो कि तू आकाश को फाड़कर उतर आए और पहाड़ तेरे साम्हने कांप उठे" (यशायाह ६४:१)


जब परमेश्वर नीचे उतर आते हैं तो पहाड़ (उनकी) उपस्थिति से कांप उठते हैं। अविश्वास के पहाड़ उनकी उपस्थिति से पिघल जाते हैं। संदेह के पहाड़ उनकी उपस्थिति से पिघल जाते हैं। भय के पहाड़ उनकी उपस्थिति से पिघल जाते हैं। घमंड के पहाड़ उनकी उपस्थिति से पिघल जाते हैं। निराशा के पहाड़ उनकी उपस्थिति से पिघल जाते हैं। स्वार्थीपन के पहाड़ उनकी उपस्थिति से पिघल जाते हैं। शैतान ग्रस्तता के पहाड़ उनकी उपस्थिति से पिघल जाते हैं सारे पहाड़ जो मसीह के विरूद्ध उठ खड़े होते हैं वे परमेश्वर के नीचे उतर आने पर ढह जाते हैं! ‘‘परमेश्वर की उपस्थिति से सारे पहाड़ (ज्वालामुखी से पिघले लावा) जैसे बह निकले!"

आत्मिक जाग्रति के लिये की गयी सच्ची प्रार्थना परमेश्वर को पकड़े रहती है और − जाने नहीं देती है। जैसे याकूब ने सारी रात प्रार्थना में मसीह से युद्ध किया − और कहा‚ ‘‘जब तक तू मुझे आशीर्वाद न दे, तब तक मैं तुझे जाने न दूंगा" (उत्पत्ति ३२:२६) । डॉ ल्योड जोंस ने कहा‚ ‘‘आत्मिक जाग्रति की प्रार्थना परमेश्वर को पकड़े रहती है और जाने नहीं देती है, आत्मिक जाग्रति की प्रार्थना उनसे मनुहार करना है और मैं कहता हूं व्यक्ति परमेश्वर से मनुहार करना तब आरंभ कर देता है‚ जब वह सच्चे रूप में प्रार्थना करना आरंभ कर देता है। आत्मिक जाग्रति की प्रार्थना!" (ल्योड जोंस‚ आत्मिक जाग्रति‚ पेज ३०५)

परंतु आत्मिक जाग्रति की प्रार्थना यशायाह के समान होनी चाहिये‚ ऐसे व्यक्ति चाहिये जो इस भविष्यवक्ता के समान कह सकें, ‘‘मैं यहां हूं! मुझे भेज" (यशायाह ६:८) − ऐसे पुरूष जो परमेश्वर और उसके मसीह की सेवा में जीवन अर्पित करने के लिये तैयार रहें! डॉ ए डब्ल्यू टोजर ने कहा था,

‘‘अगर क्रिश्चियनिटी को फिर से जीवित होना है, तो उसके पास ऐसे पुरूष होने चाहिये सही प्रकार के पुरूष। उसे कमजोर प्रकार के पुरूष जो बोलने का साहस नहीं करते हैं, उन्हें त्याग देना चाहिये.......उसे नबी प्रकार के लोग ओैर जो शहीद होने का जज्बा रखें, ऐसे पुरूष चाहिये......ये परमेश्वर के लोग होंगे और साहसी होंगे.....उनकी प्रार्थना और मेहनत से (परमेश्वर) बहुत समय से रूकी आत्मिक जाग्रति को भेजेंगे" (डॉ ए डब्ल्यू टोजर‚ वी नीड मेन ऑफ गॉड अगेन)

इस समय हमारे चर्च को इसकी आवश्यकता है − परमेश्वर के लोग − ‘‘परमेश्वर के लोग और साहसी लोग। हम को ऐसे लोग चाहिये जिन्होंने इस संसार की व्यर्थता देखी हो, ऐसे लोग चाहिये जो अपनी सुरक्षा के बदले त्याग करना चाहते हों। ऐसे पुरूष और स्त्री जो भय से मुक्त हों और जो यशायाह भविष्यवक्ता के समान कह सकें कि, ‘‘मैं यहां हूं, मुझे भेज (यशायाह ६:८)‚ ऐसे युवा पुरूष और स्त्रियां जो दिल की गहराइयों से प्रार्थना करती हों,

‘‘भला हो कि तू आकाश को फाड़कर उतर आए और पहाड़ तेरे साम्हने कांप उठे। जैसे आग झाड़−झंखाड़ को जला देती वा जल को उबालती है, उसी रीति से तू अपने शत्रुओं पर अपना नाम ऐसा प्रगट कर कि जाति जाति के लोग तेरे प्रताप से कांप उठें!" (यशायाह ६४:१−२)

युवा लोग उठें‚ और अपने होंठों को बड़ी उमंग और सामर्थ के साथ परमेश्वर से प्रार्थना करने के लिये खोलें। युवा लोग उठें और अपनी शांति‚ अपनी समृद्धि और अपने सर्वस्व का त्याग परमेश्वर के पुत्र यीशु मसीह के लिये कर देंवें! प्रार्थना में अपनी पूरी सामर्थ के साथ शैतान और उसकी सेना को हरा दें। परमेश्वर की महिमा एक शक्तिशाली आत्मिक जाग्रति के समान चर्च में उतर आयें! युवा लोग उठें और अपनी शांति‚ अपनी और अपने सर्वस्व का त्याग परमेश्वर के पुत्र यीशु मसीह के लिये कर देंवें! और प्रार्थना में अपनी पूरी सामर्थ के साथ शैतान और उसकी सेना को हरा दें। परमेश्वर की महिमा एक शक्तिशाली आत्मिक जाग्रति के समान चर्च में उतर आयें! ‘‘आगे बढ़ों मसीही सैनिकों।" गीत की पुस्तक में यह १ संख्या अंकित है। इस गीत को गायें! आइये अपने स्थानों पर खड़े होंवे!

आगे बढ़ों‚ मसीही सैनिकों‚ युद्ध के लिये आगे बढ़ों‚
यीशु का क्रूस आगे ले चलता है:
मसीह जो राजसी स्वामी है शत्रु से सामना करता है;
आगे कूच करें देंखें उसकी पताका फहरा रही है।
आगे बढ़ों मसीही सैनिकों युद्ध के लिये आगे बढ़ों
यीशु का क्रूस आगे ले चलता है
   (आगे बढ़ों‚ मसीही सैनिकों‚ सैबिन बैरिंग गोल्ड‚ १८३४−१९२४)

आप बैठ सकते हैं।

युवा लोगों से कहना चाहता हूं‚ मैं भी कभी युवा था। परंतु मैं अब बूढ़ा हो गया हूं। ऐसे ही हमारे अगुवे हैं। हमने इस चर्च को लंबे समय तक थकाने वाले वर्षो में इसके विभाजन के उपरांत भी चलाया। हमने हमारा समय‚ हमारा पैसा‚ हमारे जवानी के साल इस चर्च को जितना अच्छा बन सके‚ उतना अच्छा बनाने में लगाये। हमारा चर्च निसंदेह बहुत अच्छा है। हमने कीमत चुकाई। परंतु अब हमारें भीतर वह इतना युवापन शेष नहीं रहा। अब हमारे पास इतनी ताकत और सहनशक्ति नहीं रही कि चर्च को अगले स्तर तक ले जाये अब हमारे भीतर वह जोश‚ प्राण शक्ति‚ संकल्प शेष नहीं रहा कि हम चर्च की अगले स्तर तक सेवकाई कर सकें। परंतु अब हमारे भीतर ‘‘नूतन" नया बैपटिस्ट टैबरनेकल चर्च बनाने की ताकत नहीं रही। आप युवा लोगों को इस चर्च को आगे बनाना चाहिये, नहीं तो यह नहीं हो पायेगा। इसे करिये! इसे करिये! इसे करिये!

मैं एक समय उग्र युवा पास्टर था। ऐसी रोमांचकारी ताकत मेरे भीतर थी कि मैं रविवार को तीन बार प्रचार कर सकता था। मैं मंडली में १००० लोगों का ध्यान केंद्रित कर सकता था, जिनमें से एक तिहाई नये आगंतुक होते थे। परंतु अब मैं छियहत्तर साल का कैंसर से बचा हुआ व्यक्ति हूं। पहले जैसा कार्य करने के लिये अब मेरा शरीर इजाजत नहीं देता। पहले जैसा कार्य करने के लिये अब मेरा शरीर इजाजत नहीं देता। बहुत लंबे समय तक चिंतन और प्रार्थना के द्वारा मैंने जाना है कि हम अब और इंतजार नहीं कर सकते। मै कहता हूं कि हमें युवाओं को हमारा स्थानांतरित करना आरंभ करना होगा - क्योंकि अभी भी फिर भी समय है कि हम उन्हें प्रशिक्षित कर सकते हैं। मार्गदर्शन दे सकते हैं। अगले बसंत में सेवकाई में मुझे सत्तर साल हो जायेंगे। कुछ पास्टर्स साठ साल की सेवकाई कें बाद अभी भी सेवा में हैं। मैं यह निश्चित महसूस करता हूं कि अब पुल्पिट से नीचे उतर आने का समय है और मैं एक अगुवा बने रहने के बजाय मार्ग दर्शक बनूं। इसलिये मैं प्रस्ताव रखता हूं कि हमें जॉन सैम्यूएल कैगन को पास्टर के लिये अभिषिक्त कर देना चाहिये।

इसलिये मैं प्रस्ताव रखता हूं कि हमारे चर्च को जॉन सैम्यूएल कैगन को सेवकाई के लिये अभिषिक्त कर देना चाहिये। और उसे हमारे चर्च का पास्टर हो जाना चाहिये! परंतु उस समय मैं पुल्पिट से निवृत्ति ले लूंगा और मेरा मेरा पदनाम पास्टर एमेरीटस का होगा। इससे आगे मै प्रस्तावित करता हूं कि नोहा सोंग को सेवकाई का लायसेंस दिया जाये। और ऐरोन यांसी, जैक नॉन, ऐबेल प्रुद्योमे और क्यू डोंग ली को चर्च के डीकंस पद के लिये अभिषिक्त किया जाये। जिनमें ऐरोन यांसी को सारे ‘‘डीकंस कें अध्यक्ष" की स्थाई पदवी दी जाये। हम एक नयी व्यवस्था लागू करेंगे कि इन कुछ अति उत्तम ‘‘सक्रिय डीकंस" को चर्च की पारी में बारी बारी से रखेंगे। समय है कि हम इन क्षणों को थाम लें और अब मशाल युवाओं के हाथ में दे देवें। उनको वास्तव में ‘‘नूतन" नवीन बैपटिस्ट टैबरनेकल चर्च की अगुवाई करना आवश्यक है। आगे बढ़ों‚ मसीही सैनिकों!

खड़े होकर इसका अंतरा और कोरस गाइये।

जयवंत का चिंन्ह देखकर शैतान भाग निकलेगा;
तब मसीही सैनिकों‚ जीत को हासिल करो!
महिमा के स्वर सुनकर नर्क की नींव कांप उठती है;
भाइयों स्वर उंचे उठाओं‚ अपने गीतों के स्वर बढ़ाओं!
आगे बढ़ों‚ मसीही सैनिकों‚ युद्ध के लिये आगे बढ़ों‚
यीशु का क्रूस हमारे आगे चलता है।

यद्यपि मैं अपने साठ सालों के अनुभव से जानता हूं कि अकेले युवा इतना सब पूर्ण नहीं कर सकते हैं। परमेश्वर की आत्मा की सामर्थ हम पर उड़ेली जानी आवश्यक होगी अन्यथा आप नहीं कर सकते हैं।

डॉ तिमोथी लिन २४ सालों तक चायनीज बैपटिस्ट चर्च में मेरे पास्टर रहे। डॉ लिन प्रार्थना में लौलीन रहते थे। डॉ लिन ने कहा था‚ ‘‘प्रार्थना का उददेश्य परमेश्वर की उपस्थिति बने रहना है। उनका कथन था, ‘‘अंत के समय में अगर चर्च बढ़ना चाहता है तो चर्च में परमेश्वर की उपस्थिति अवश्य होना चाहिये।" बिना परमेश्वर की उपस्थिति के सारे प्रयास विफल हो जायेंगे" और असफल रहेंगे। शैतान जानता है कि बिना परमेश्वर की सामर्थ के के हम प्रगति नहीं कर सकते हैं। डॉ लिन कहते थे हम मसीह के दूसरे आगमन के नजदीक आ रहे हैं, ‘‘शैतान उतना अधिक प्रार्थना का विरोध करेगा।" (सारे उद्धरण डॉ लिन की पुस्तक ‘‘दि सीक्रेट ऑफ चर्च ग्रोथ) से लिये गये हैं। प्रेरित पौलुस ने कहा था, ‘‘क्योंकि हमारा यह मल्लयुद्ध लोहू से नहीं" ......परन्तु दुष्टता की आत्मिक सेनाओं से है (इफिसियों ६:१२)। हम कैसे अंधकार की ताकतों के विरूद्ध लड़ सकते हैं? पौलुस का उत्तर था। ‘‘हर समय और हर प्रकार से आत्मा में प्रार्थना, और बिनती करते रहो" (इफिसियों ६:१८)। जब कोई प्रार्थना कर रहा होता है, अपने दिमाग को हर एक विनती के साथ सहमत होने के लिये बाध्य करो। हर विनती के अंत में आमीन कहो। इस तरह अगुवे की वह प्रार्थना आप की अपनी प्रार्थना हो जाती है! यह हमारी प्रार्थना को शैतान के विरूद्ध ताकतवर प्रार्थना बनाती है! खड़े होकर दूसरा अंतरा पुनः गाइये!

जयवंत का चिंन्ह देखकर शैतान भाग निकलेगा;
तब मसीही सैनिकों‚ जीत को हासिल करो!
महिमा के स्वर सुनकर नर्क की नींव कांप उठती है;
भाइयों स्वर उंचे उठाओं, अपने गीतों के स्वर बढ़ाओं!
आगे बढ़ों‚ मसीही सैनिकों‚ युद्ध के लिये आगे बढ़ों‚
यीशु का क्रूस हमारे आगे चलता है।

हमारी मुख्य प्रार्थना होनी चाहिये कि परमेश्वर हमारे हर कार्य में उतर आये − बड़ी आत्मिक जाग्रति के लिये परमेश्वर नीचे उतर आयें!

‘‘भला हो कि तू आकाश को फाड़कर उतर आए और पहाड़ तेरे साम्हने कांप उठे" (यशायाह ६४:१)

जब परमेश्वर नीचे उतर आते हैं तो ‘‘पहाड़ (उनकी) उपस्थिति से कांप उठते हैं।" अविश्वास के पहाड़ उनकी उपस्थिति से पिघल जाते हैं! संदेह के पहाड़ उनकी उपस्थिति से पिघल जाते हैं! ईर्ष्या के पहाड़ उनकी उपस्थिति से पिघल जाते हैं! पहाड़ जो हमें अलग करते हैं उनकी उपस्थिति से पिघल जाते हैं! गहरा प्रेम उसकी उपस्थिति में एक दूसरे के प्रति उमड़ पड़ता है! सारे पहाड़ जो मसीह के विरूद्ध उठ खड़े होते हैं वे परमेश्वर के नीचे उतर आने पर ज्वालामुखी से पिघले लावा जैसे बह जाते हैं, हम तक अग्नि के मानिंद पहुंचते हैं, आत्मिक जाग्रति फैल जाती है! मैं आप को आवेशित करता हूं कि आप लौलीन होकर प्रार्थना करें कि परमेश्वर की उपस्थिति नीचे उतर आये और बड़ी सामर्थशाली आत्मिक जाग्रति फैले। आत्मिक जाग्रति के लिये की गयी सच्ची प्रार्थना याकूब के समान परमेश्वर को पकड़े रहती व कहती है, ‘‘जब तक तू मुझे आशीर्वाद न दे तब तक मैं तुझे जाने न दूंगा" डॉ ल्योड जोंस ने कहा‚ ‘‘आत्मिक जाग्रति की प्रार्थना परमेश्वर को पकड़े रहती है और जाने नहीं देती है, आत्मिक जाग्रति की प्रार्थना उनसे मनुहार करना है और मैं कहता हूं व्यक्ति परमेश्वर से मनुहार करना......तब आरंभ कर देता है जब मसीही जन (सच्चे रूप में आत्मिक जाग्रति के लिये प्रार्थना करना आरंभ कर देता है)’’ आत्मिक जाग्रति‚ पेज ३०५

आप में से कुछ जाग्रति के लिये पुनः प्रार्थना करना नहीं चाहते! आप सोच सकते हैं कि पिछले साल ‘‘जाग्रति का जो स्पर्श" हमें मिला था, उससे कोई अधिक फायदा नहीं हुआ! परंतु आप गलत हैं! पिछले साल हमें जो ‘‘स्पर्श" मिला उसके परिणाम देखिये जॉन कैगन ने विरोध करना बंद कर दिया और प्रचार के लिये समर्पण किया! हमारे पास एक नया पास्टर है − जो उस आत्मिक जाग्रति के ‘‘स्पर्श" से निकल कर आया है! पिछले साल हमें जो ‘‘स्पर्श" मिला उसके परिणाम स्वरूप हमें ऐरोन यांसी‚ नोहा सोंग‚ जैक नैन मिले! अगली ठंड तक पहले से कहीं बढ़कर‚ हमें तीन गुने अधिक लोग बपतिस्में के लिये मिलेंगे!

इतने मन फिराए लोग कहां से निकल कर आयें? ये वही लोग हैं जो पिछली गर्मी में केवल आत्मिक जाग्रति के स्पर्श मात्र से मन फिराये हुए थे! खड़े होकर दूसरा अंतरा पुनः गाइये! खड़े होइये और इसे गाइये!

जयवंत का चिंन्ह देखकर शैतान भाग निकलेगा;
तब मसीही सैनिकों‚ जीत को हासिल करो!
महिमा के स्वर सुनकर नर्क की नींव कांप उठती है;
भाइयों स्वर उंचे उठाओं, अपने गीतों के स्वर बढ़ाओं!
आगे बढ़ों‚ मसीही सैनिकों‚ युद्ध के लिये आगे बढ़ों‚
यीशु का क्रूस हमारे आगे चलता है।

आप बैठ सकते हैं।

जब हमने आत्मिक जाग्रति की सभाओं का समापन किया था मैंने घोषित किया था कि इस साल तो हमें आत्मा का ‘‘स्पर्श" मिला है परंतु अगले साल हमारे यहां उस जाग्रति की भरपूर बरसात होगी। मैं अपने साठ सालों के अनुभव से जानता हूं कि ऐसा होगा। पहले हमें जाग्रति का ‘‘स्पर्श" मिलता है उसके बाद जाग्रति की भरपूर वर्षा का अनुभव होगा! असल में ऐसा चायनीज चर्च में भी हुआ था। जाग्रति इसी रीति से आयी थी। पहले − स्पर्श। फिर − भारी बर्षा! मैंने अपने जीवन में तीन बड़ी सामर्थशाली आत्मिक जाग्रति को देखा है! मैं जानता हूं कि परमेश्वर इस चर्च में भी ऐसा ही करेंगे! मैं जानता हूं कि इन नये युवाओं को सेवकाई में उपयोग में लाने से न केवल चर्च मजबूत होगा‚ न केवल नूतन नवीन बैपटिस्ट टैबरेनेकल चर्च देखने को मिलेगा परंतु प्रार्थना के द्वारा हम अपने यहां सामर्थकारी आत्मा का अनुभव करेंगे!

‘‘भला हो कि तू आकाश को फाड़कर उतर आए और पहाड़ तेरे साम्हने कांप उठे" (यशायाह ६४:१−२)

खड़े होकर गीत संख्या 3 गायें। ‘‘ओल्ड टाईम पॉवर" जो पॉल राडर १८७९−१९३८ द्वारा रचित है।

तुझसे आशीष पाने के लिये हम खड़े होते हैं‚ हम परमेश्वर की बाट जोहेंगे;
हम उस पर भरोसा करते जिसने हमसे प्रेम किया, अपने लहू से शुद्ध कर दिया।
हे आत्मा हमारे मनों को अब पिघला दीजिये अपने प्रेम से‚
पुराने समय की सामर्थ के समान हम पर श्वांस फूंक दीजिये।

हम तेरी सामर्थ में महिमा करते हैं‚ हम तेरे अदभुत अनुग्रह के गीत गायेंगे;
हमारे मध्य में जैसा तूने वायदा किया है, आ प्रगट हो अपना स्थान ले।
हे आत्मा हमारे मनों को अब पिघला दीजिये अपने प्रेम से‚
पुराने समय की सामर्थ के समान हम पर श्वांस फूंक दीजिये।

तेरे सामने प्रार्थना में झुक जावें‚ विश्वास से आत्मा को उत्साहित होने दे‚
मांगे विश्वास से तेरी प्रतिज्ञायें, वह आग और पवित्र आत्मा से भरें।
हे आत्मा‚ हमारे मनों को अब पिघला दीजिये अपने प्रेम से‚
पुराने समय की सामर्थ के समान हम पर श्वांस फूंक दीजिये।
   (‘‘ओल्ड टाईम पॉवर" पॉल राडर १८७९−१९३८)

मेरे मित्रों‚ यीशु मसीह आप के पापों का दंड भरने के लिये क्रूस पर चढ़े। उन्होंने अपना कीमती लहू आप के पापों को धोने के लिये क्रूस पर बहाया। यीशु मसीह मरकर पुनः जीवित हुए। वह स्वर्ग में हैं। वह आप के लिये पिता से विनती करते हैं। केवल उन पर विश्वास लाइये। केवल उन पर विश्वास लाइये। केवल उन पर अभी विश्वास लाइये। वह आप को बचायेंगे। वह आप को बचायेंगे। वह आप को अभी बचायेंगे!

शिमौन फरीसी के घर पर एक पापिणी स्त्री यीशु के पास आयी । बाइबल में वृत्तांत है,

‘ ‘और देखो‚ उस नगर की एक पापिनी स्त्री यह जानकर कि वह फरीसी के घर में भोजन करने बैठा है‚ संगमरमर के पात्र में इत्र लाई। और उसके पांवों के पास‚ पीछे खड़ी होकर‚ रोती हुई‚ उसके पांवों को आंसुओं से भिगाने और अपने सिर के बालों से पोंछने लगी और उसके पांव बारबार चूमकर उन पर इत्र मला" (लूका ७:३७−३८)

पूरे शहर में यह जानी पहचानी पापिणी स्त्री थी। लोग जानते थे कि वह पापी है। उसकी प्रतिष्ठा गिरी हुई थी। जब यीशु भोजन कर रहे थे, वह सरक कर यीशु के पैरों के पास पहुंची और उन पर इत्र मला और उन्हें चूमा। वह यीशु के पास पहुंची।

‘‘और उस ने स्त्री से कहा‚ तेरे पाप क्षमा हुए। तब जो लोग उसके साथ भोजन करने बैठे थे‚ वे अपने अपने मन में सोचने लगे‚ यह कौन है जो पापों को भी क्षमा करता है? पर उस ने स्त्री से कहा‚ तेरे विश्वास ने तुझे बचा लिया है‚ कुशल से चली जा" (लूका ७:४८−५०)

कितनी अधिक पाप से भरी स्त्री थी वह। परंतु वह किसी तरह यीशु के पासपहुंचीं । वह सरक कर यीशु के पैरों के पास पहुंची और उन पर इत्र मला और उन्हें चूमा। यीशु ने स्त्री से कहा‚ ‘‘तेरे पाप क्षमा हुए।" वह सिर्फ यीशु के पास पहुंच गयी। बस इतना ही काफी था पाप क्षमा हो गये! और उसने पापों से उद्धार प्राप्त कर लिया!

आप को भी बिल्कुल वैसा ही करना है। वह केवल यीशु के पास आने मात्र से बचायी गयी। यीशु आप से कहते हैं,

‘‘मेरे पास आओ...... मैं तुम्हें विश्राम दूंगा" (मत्ती ११:२८)

आज सुबह अगर इसी समय आप यीशु के पास आते हैं जो वह आप के सारे पापों को माफ करेगें। जैसे उन्होंने बाइबल में अनेकों लोगों के पापों को क्षमा किया है। अगर आप उनके पास आयेंगे वह आप को बचायेंगे। जो लहू उन्होंने क्रूस पर बहाया, उससे वह आप के पापों को धो देंगे। अपनी धार्मिकता वह आप को ओढ़ा देंगे। वह आप को बचायेंगे। आप को सिर्फ यीशु के पास आना है। वह जीवित हैं‚ अपने पिता परमेश्वर के साथ उनके दाहिने हाथ विराजमान हैं। क्या आप उनके पास आयेगे? एक प्राचीन गीत इस प्रकार है‚

मेरे बंधनों सें‚ दुख और काली रात से निकलकर‚
   मैं तेरे पास आता हूं यीशु;
तेरी आजादी‚ खुशी और जीवन भरपूर में‚
   मैं तेरे पास आता हूं यीशु−

मैं मुझमें से निकलकर तेरे प्रेम में बने रहने को‚
   दुख से निकल कर बादलों में उठा लिये जाने को‚
सर्वदा उपर कबूतर के पंखों की तरह उड़ता रहूं
   मैं तेरे पास आता हूं यीशु।
(‘‘मैं तेरे पास आता हूं यीशु" विलियमटी स्लीपर‚ १८१९−१९०४)


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(संदेश का अंत)
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संदेश के पूर्व नोहा सोंग द्वारा संदेश पढ़ा गया: यशायाह ६४:१−४
संदेश के पूर्व बैंजमिन किंकेड ग्रिफिथ ने एकल गान गाया
‘‘रिवाईव दाय वर्क ओ लार्ड अल्बर्ट मिडलैंड ’’(अल्बर्ट मिडलैंड, १८२५−१९०९)