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शुष्क अंतःकरण

THE SEARED CONSCIENCE
(Hindi)

डॉ आर एल हिमर्स
by Dr. R. L. Hymers, Jr.

रविवार की प्रातः, १६ अक्टोबर, २०१६ को लॉस ऐंजीलिस के दि बैपटिस्ट टैबरनेकल
में दिया गया संदेश
A sermon preached at the Baptist Tabernacle of Los Angeles
Lord’s Day Morning, October 16, 2016

‘‘परन्तु आत्मा स्पष्टता से कहता है, कि आने वाले समयों में कितने लोग भरमाने वाली आत्माओं, और दुष्टात्माओं की शिक्षाओं पर मन लगाकर विश्वास से बहक जाएंगे। यह उन झूठे मनुष्यों के कपट के कारण होगा, जिन का विवेक मानों जलते हुए लोहे से दागा गया है'' (१ तिमोथियुस ४:१−२)।


बाइबल कहती है कि अंत के दिनों में मनुष्य बुरे से बुरा होता जायेगा। प्रत्येक चिंन्ह जो दिखाई दे रहे हैं, वे इशारा कर रहे हैं कि हम अंत के दिनों में रह रहे हैं। बाइबल के एक आधुनिक अनुवाद से पढ़िये कि अंत के दिन कैसे होंगे। इतिहास के इन अंतिम दिनों में लोगों का व्यवहार कैसा होगा? यह अनुवाद कहता है,

‘‘पर यह जान रख, कि अन्तिम दिनों में कठिन समय आएंगे। क्योंकि मनुष्य अपस्वार्थी, लोभी, डींगमार, अभिमानी, निन्दक, माता पिता की आज्ञा टालने वाले, कृतघ्न, अपवित्र। दयारिहत, क्षमारिहत, दोष लगाने वाले, असंयमी, कठोर, भले के बैरी। विश्वासघाती, ढीठ, घमण्डी, और परमेश्वर के नहीं वरन सुखविलास ही के चाहने वाले होंगे'' (२ तिमोथियुस ३:१−४, १२−१३, एनआयवी)

अंत के दिनों में हम सब इन भयानक बातों का सामना कर रहे हैं। धर्म त्याग और पाप की दशा में भी इन सब बातों का सामना हम करते हैं। इसमें कोई संदेह नहीं जब बाइबल कहती है कि हम जोखिम और भयानक समय में रह रहे हैं। इसमें कोई आश्चर्य नहीं कि हम सैक्सुअल आचारभ्रष्टता के युग में रह रहे हैं। भयानक फिल्में, सैक्स की कामना से भरपूर, पिशाच और हत्यारों के उपर आधारित विषयों के उपर सिनेमा आधारित होता जा रहा है। लोगों को हैलावीन, शैतान और मौत पसद आ रही है। युवा बच्चे रैव पार्टी में जा रहे हैं और मेरीजुएना, एक्सटेसी जैसी नशीली दवायें लेते हैं। हर रविवार आप चर्च जाते हैं तो वे आप पर हंसते हैं। इसमें कोई आश्चर्य नहीं कि जब आप शुद्व जीवन जीने का प्रयास करते हो, प्रार्थना करते और बाइबल पढ़ते हों तो वे आप को अजीब समझते हो । इसीलिये बाइबल कहती है, ‘‘कि अन्तिम दिनों में कठिन समय आएंगे'' (२ तिमोथियुस ३:१) ।

पर इन सब पापों का, इतने भ्रम, व हत्या करने के पीछे कारण क्या है? हमारे राजनीतिज्ञ इतने दुष्ट क्यों हैं? क्यों गैंग गलियों में खड़ी होकर पुलिसवालों के उपर गोलियां बरसाती है और इमारतें जला डालती है? मुस्लिम आतंकवादी जो बम विस्फोट करते और इतने लोगों की हत्या कर देते हैं उसके पीछे क्या कारण है? हमारी पीढ़ी ने चर्च जाना क्यों छोड़ दिया कि स्वार्थपूर्ण और बुरे कर्मो को करने वाला जीवन जीने के लिये स्वतंत्र रहें।

‘‘परन्तु आत्मा स्पष्टता से कहता है, कि आने वाले समयों में (अंत के दिनों में) कितने लोग भरमाने वाली आत्माओं, और (दुष्टात्माओं) की शिक्षाओं पर मन लगाकर विश्वास से बहक जाएंगे। यह उन झूठे मनुष्यों के कपट के कारण होगा, जिन का विवेक मानों जलते हुए लोहे से दागा गया है'' (१ तिमोथियुस ४:१−२)

पवित्र आत्मा ‘‘जान-बूझकर'' इसको कहता है। अर्थात परमेश्वर इस विषय में बड़ी स्पष्टता से कहता है। वह चाहता है कि आप इस महत्वपूर्ण सत्य को जानें। परमेश्वर सीधे सीधे और स्पष्ट आप से कह देना चाहता है कि आप जान लें कि वास्तव में दुष्टात्मा होती हैं। परमेश्वर कहता है वे आप को बहकाने वाली धोखा देने वाली आत्मायें होती हैं। वे दुष्टात्मा जो आप को दुष्टात्मा के सिद्वांत वाली झूठी शिक्षाओं की ओर ले चलती हैं। ये झूठी शिक्षायें पाखंडी शिक्षकों से निकल कर आती है। वे आप के स्कूल या कालेज के शिक्षक भी हो सकते हैं। वे आप को विकासवाद का विज्ञान पढ़ाते हैं। वे आप को बताते है कि आप और कुछ नहीं परंतु एक जानवर हो। वे आप को सिखाते हैं कि कोई परमेश्वर नहीं है। वे आप से कहते हैं कि कुछ सही गलत नहीं होता। का वे आप से कहेंगे कि बाइबल त्रुटियों से भरी हुई है। यहां तक कि आप में से कईयों के माता पिता भी ये झूठ सिखायेंगे! कोई आश्चर्य की बात नहीं कि हमारे शहर अपराध से भरे हुए हों। आश्चर्य नहीं कि आप को लगता हो कि किस बात पर विश्वास करें।

ये दुष्टात्मापूर्ण लोग ऐसा इसलिये करते हैं क्योंकि उनका अंतःकरण ‘‘जलते हुए लोहे से दागा'' गया है। उनका अंतकरण फूंका जाकर क्षतिग्रस्त हो गया है। उनका विवेक दुष्टात्मा द्वारा तब तक दागा गया कि उनका अंतःकरण् बिल्कुल भावनाशून्य हो जाये। अंतःकरण् दागा गया और शुष्क बनाया गया तब तक कि जब तक वे सही गलत के बीच अंतर न बता सके। दुष्टात्माओं ने पूर्ण रूप से कितने ही लोगों के हृदयों और दिमागों को अपने नियंत्रण में ले लिया है।

इन दुष्टात्माओं का उददेश्य विवेक को नियंत्रण में लेकर भ्रष्ट करने का भी है। वे आप का संचालन करना चाहते हैं। वे आप के विवेक को शुष्क बना कर अपने काबू में रखना चाहते हैं।

जब परमेश्वर ने मनुष्य को बनाया था तो उसे विवेक दिया था। उसने मनुष्य के भीतर ‘‘जीवन का श्वांस'' फूंका था। इब्रानी में इसके लिये एक शब्द है नेशमाह। नेशमाह ने मनुष्य को दो चीजें सौंपी हैं जो किसी जानवर के पास नहीं है − पहली तो, परमेश्वर को जानने की योग्यता और दूसरी सही गलत को जानने की योग्यता रखना।

क्या आप ने डिज्नी मूवी ‘‘पिनोकिया'' देखी है? पिनोकिया लकड़ी की एक कठपुतली था। परंतु वह सचमुच का लड़का बनना चाहता था। कठपुतली के रूप में उसके पास विवेक नहीं था। विवेक नहीं था पर उसके पास एक छोटा क्रिकेट था जो उसे क्या गलत है और क्या सही बताता था। वह बहुत परेशानी में पड़ गया था जब क्रिकेट उसके साथ नहीं था। जब वह सचमुच का लड़का बन गया तो उसे मार्गदर्शन के लिये क्रिकेट की जरूरत नहीं हुई। जब वह सचमुच का लड़का बन गया तो उसमें विवेक आ गया कि उसे सही और गलत का फर्क बता सके।

बिल्कुल इसके विपरीत आदम के साथ हुआ। जब आदम ने पाप किया वह वास्तविक आदमी से हटकर शैतान के हाथ की कठपुतली बन गया। अब शैतान उसके अंतःकरण को बर्बाद कर रहा था और आदम उसके हाथों की कठपुतली बन गया था। जब आदम ने पाप किया उसका विवेक शुष्क हो गया और सही काम करना बंद कर दिया। जब परमेश्वर ने पाप के कारण आदम से पूछताछ की तो उसने बहाने बनाना आरंभ कर दिया। उसे पाप का बोध नहीं हुआ और न उसने परमेश्वर के सामने अपने पाप को स्वीकार किया। उसके पहले पुत्र कैन ने अपने पिता का भ्रष्ट दिमाग पाया। यहां तक कि उसने जब अपने भाई का खून किया, उसे पाप का कोई अहसास नहीं हुआ। पाप को मानने के बजाय वह बहाने बनाता रहा। पाप को स्वीकारने के स्थान पर वह बद से बदतर होता चला गया। तब कैन यहोवा के सम्मुख से निकल गया, उनकी उपस्थिति से दूर चला गया। वह जाकर नोद नामक जगह पर रहने लगा जिसका अर्थ होता है ‘‘भटकने'' का स्थान। उसके पाप क्षमा किये जाये उसने ऐसी कोई आवश्यकता महसूस नहीं की। वह परमेश्वर से गुस्सा था। वह खानाबदोश जैसा जीवन बिताने लगा, जीवन के अंतिम समय तक इधर से उधर भटकता फिरा, उसका विवेक जलते हुए लोहे से दागा गया − अब उसका बचाया जाना बहुत मुश्किल था। जब शैतान आपके विवेक को इतना दाग देता है कि तब तक बहुत देर हो चुकी होती है एवं आप को बचाये जाने की उम्मीद समाप्त हो जाती है। ऐसा आप में से प्रत्येक के साथ होगा जो आज सुबह यहां मौजूद हैं, और जिनका विवेक शैतान द्वारा दाग दिया गया हो, जो बुरे कर्म किये ही चले जा रहे हों जिनको अपने बुरे कर्म की अनुभूति ही नहीं होती हो। ऐसे सभी लोगों को यह अहसास जागना बहुत जरूरी है कि वे जो कर रहे है, वह अंत्यंत बुरा कर्म है। जब तक कि आप मसीह के पास नहीं आयेंगे जिसने अपना लहू क्रूस पर आप के लिये बहा दिया, छुटकारा नहीं मिलेगा। जिस व्यक्ति को अपने बुरे कर्मो के लिये दोषी होने का अहसास नहीं पैदा होता, उसको पापों से छुटकारा मिलना नितांत असंभव है। परमेश्वर उसे त्याग देता है। उसने क्षमा न किये जाने योग्य पाप किया है। वह कैन के समान शैतान का गुलाम बन गया है।

मैं आप को चेतावनी देता हूं कि आप का विवेक शैतान द्वारा शुष्क नहीं बना दिया जाये। इसके पहले कि आप के विवेक से सारी चेतना शून्य हो जाये, बुरे कर्मो से मुंह मोड़ लीजिये।

आप ने यह विवेक आदम से पाया है, जैसे कैन को ऐसा विवेक आदम से मिला था। जन्म से ही आप के विवेक को शैतान ने भ्रष्ट कर दिया था। जब जब आप अपने माता पिता से झूठ बोलते है आप का विवेक और दाग दिया जाता है। जब जब आप कुछ चुराते हैं, विवेक संज्ञाशून्य बनता जाता है। हर बार जब आप स्कूल में किसी के साथ बेईमानी करते हैं, आप का अंतःकरण शुष्क बनाया जाता है। हर बार जब आप पोर्नोग्राफी देखते है और स्वयं को सैक्स के विचारों से उत्तेजित कर लेते है, आप का विवेक मानों दाग दिया जाता है। अंत में आप जानबूझ कर ये चीजें करते जाते हैं, अपने विवेक को बुरे से बुरे कर्मो के द्वारा दागना जारी रहता हैं। आप के बुरे कर्म जिनके बारे में कोई नहीं जानता हो। वे पाप जिनके बारे में आप की माता को शर्मिंदगी लगती हो। बुरे कर्म करने के आदि हो जाने पर, ऐसा समय आता है कि आप की संवेदनायें मर जाती है और अंततः ऐसे पाप कर बैठते हैं जिसके बारे में आप ने सोचा भी नहीं हो। पर फिर आप को उसमें आनंद आने लगता है − और आप अब उनकी परवाह नहीं करते हैं। आप के द्वारा किये बुरे कर्मो को आप जानते हैं। मैं उनका वर्णन यहां नहीं करूंगा। अब आप को उसकी फिक्र भी नहीं होती। वास्तव में, पापी कहलाना आप को अच्छा लगता है।

इसलिये आप में से बहुतों को चर्च आना अच्छा नहीं लगता है। आप को चिढ़ होती है, जब हम आप के बुरे कर्मो की ओर इशारा करते हैं। आप को मेरे उपदेश अच्छे नहीं लगते हैं जब मैं आप के बुरे कर्मो के उपर बोलना आरंभ करता हूं। जब आप सुनते हैं कि मैं बीमार हो गया हूं और उपदेश देने में परेशानी है, तब आप खुश होते हैं। आप बहुत खुश हुए, जब जोन कैगन और नोहा सैंग ने मेरे स्थान पर उपदेश देना आरंभ कर दिया। आप ने सोचा कि वे आसान और कानों को अच्छी लगने वाली बात कहेंगे। पर आप देखते हैं कि पाप करने के उपर उनके उपदेश मुझसे बढ़कर कठोर थे। अब आप में से कुछ लोग सोचते है कि आप इस प्रचार को सुनने से तभी बच सकते हैं जब आप चर्च आना छोड़ दें! मैं जानता हूं कि आप कौन है। आप अपने संपूर्ण मन से मुझसे चिढ़ते हैं। आप चाहते हैं मैं चला जाउं। आप चाहते हैं कि जोन और नोहा भी चले जायें। आप का विवेक इस तरह दाग दिया गया है कि आप चर्च छोड़कर चले जाने का विचार करने लगे। आखिरकार शैतान ने आप को अपनी मजबूत पकड़ में ले ही लिया। उसने जलते हुए लोहे से आप के विवेक को जला डाला। एक समय था जब आप को बचने की आशा में यीशु के पास आना था। पर आप में से कुछ तो यीशु से भी चिढ़ने लगे हैं! आप यीशु का नाम लेने से चिढ़ने लगे हैं !

आप कैसे उन्हें इतना अधिक नापसंद कर सकते हैं? कोई आप को इतना प्रेम नहीं करता जितना यीशु आप से हमेशा हमेशा प्रेम करते हैं! उन्होंने स्वर्ग की शान और शौकत छोड़ी और आप को बुरे कर्मो से छुटकारा मिले, उसका दंड न मिले, इसलिये स्वयं धरती पर आप के बदले दंड सहन करने चले आये। गैतसेमनी नामक बाग मे घोर मानसिक वेदना सहते हुए उनके लहू की बड़ी बड़ी बूंदे गिरी। उन्हें जब पीटा गया, वे खामोश खड़े रहे। उनके बाल नोचे गये और मुंह पर थूका गया, उन्होंने उस अपमान के लिये भी मुंह नहीं खोला। यह सब उन्होनें सहन किया कि आप को बुरे कर्मो के दोष से मुक्ति मिल जाये। कोई आप से इतना प्रेम नहीं करेगा कि आप को नया जीवन देने और रोगों से चंगा करने के बदले में इतना सब कुछ सहन करें। यीशु आप से प्रेम करते हैं। वह आप को बचायेंगे। वह आप के डरों को शांत करेंगे और आप की आत्मा में किसी भी प्रकार की बैचेनी को दूर करके, अपनी शांति से भर देंगे। वह आप के दीन और कुचले हुए अंतःकरण को फिर से नया बना देंगे। इसलिये क्रूस पर वह आप के लिये मरे। रोमी सिपाहियों ने उनके हाथों और पैरो में कीलें ठोंक दी थी। उन्हें कड़ी धूप में क्रूस पर लटका दिया था, वे प्यास से विह्वल हुए जा रहे थे, उनकी जिह्वा तालू से लग गयी थी।

यीशु आप को नापसंद नहीं करते हैं। वह कैसे आप से नफरत कर सकते हैं? वह संसार में आये ही इसलिये क्योंकि वह आप से प्रेम करते हैं। उन्होने क्रूस पर कंपकंपी पैदा करने वाली ऐसी भयावह मौत सहन की जो वर्णन से बाहर है, सिर्फ इसलिये कि वे आप से प्रेम रखते हैं। वह सदैव आप से प्रेम रखते आये हैं। इस समय भी उनका प्रेम आप के लिये छलक रहा है।

मेरी गवाही जोन कैगन की गवाही से बिल्कुल विपरीत है। तौभी आधारभूत समानता है। बुरे कर्म करने के बाद जोन अहंकार से भर जाता था और लोगों को कष्ट देने में उसको आनंद आता था। मुझे बुरे कर्मो को करने में कोई घमंड की बात नहीं लगती थी और मैंने लोगों को दुख देने का विचार नहीं किया। जोन की संगति उन लोगों के साथ थी जो परमेश्वर से दूर भागते थे − अर्थात चर्च के भटके हुए बच्चे। मैं चर्च के बच्चों को नापसंद करता था और जितना हो सके उनसे दूरी बनाये रखता था। जोन को अपने पापों का बोध कुछ सप्ताह तक बना रहा। मैं पाप के इस बोध तले सात वर्षो तक दबे रहा। जोन बुरा लड़का बनना चाहता था। मैं अच्छा लड़का बनना चाहता था। तो इन बिंदुओं पर हमारी गवाही बिल्कुल अलग थी।

परंतु दो बातों मे हम बिल्कुल समान थे। हम दोनो ही अपने प्रयासों से पापों से मुक्ति पाने की चेष्टा कर रहे थे, परंतु यह हमारे वश में नहीं था। जोन ने कहा, ‘‘मै यीशु के सामने समर्पण नहीं करना चाह रहा था। मैं समर्पण करके मसीही नहीं बनना चाहता था। इस कश्मकश ने मुझे हताशा से भर दिया।'' ऐसा ही मुझे लगता रहता था। जोन को अपने पापों का बोध कुछ सप्ताह तक बना रहा। मैं पाप के इस बोध तले सात वर्षो तक दबे रहा। जोन का कथन था परमेश्वर ने उसे यीशु के समीप खींचा, ‘‘अन्यथा स्वयं के प्रयासों से तो मै कभी यीशु के पास नहीं आ सकता था।'' बिल्कुल ऐसा मेरे साथ हुआ। जोन बुरे से बुरा बनना चाह रहा था। मैं अच्छे से अच्छा बनना चाह रहा था। हम दोनों अपने उपर विश्वास रख रहे थे परंतु हम में से कोई मसीह के उपर विश्वास नहीं रख रहा था।

मैंने भला लड़का बनने का प्रयास किया। परमेश्वर जानता था कि मैंने कितनी मेहनत अच्छा लड़का बनने के लिये की। मैंने धूम्रपान छोड़ दिया। मैं प्रति रविवार सुबह चर्च जाया करता था। मैं प्रति रात्रि रविवार चर्च जाया करता था। मैंने पास्टर बननें के लिये आसान जीवन को छोड़ दिया। जब १७ साल का था, प्रचारक बन गया। १९ साल की उम्र में बैपटिस्ट प्रचारक बनने के लिये लायसेंस मिला। कुछ महिने बाद ही चायनीज चर्च में मिशनरी बनने के लिये चला गया। हर कोई इस प्रभाव में था कि मैं बहुत अच्छा लड़का था। परंतु कोई यह नहीं जानता था कि मेरा हृदय बहुत खराब था। वे नहीं जानते थे कि मैं फरीसी के समान था जिसके बारे में यीशु ने लूका की पुस्तक १८ वे अध्याय में बताया था − जो अच्छा बनने के द्वारा स्वयं को अपने प्रयासों से मुक्ति दिलाने का प्रयास कर रहा था। मैं एक चायनीज बच्चे के समान था। परंतु मैं अपने विवेक को स्वयं को यह बताने से नहीं रोक पा रहा था कि मैं हृदय से पापी प्रवृत्ति का था। एक कुत्सित पापी जो यीशु से बिल्कुल प्रेम नही करता था। मैं अपने इन विचारों में चढ़ता उतराता रहा जब तक कि एक सुबह यीशु मेरे पास आये और मैंने जाना कि वह मुझसे प्रेम करते हैं। मैंने इसके पहले कभी नहीं जाना था। मैं सोचता था कि मैं चर्च के अन्य बच्चों से अच्छा हूं − परंतु मैं तो उनसे बहुत बुरा था। मेरे पास धर्म का बाहरी स्वरूप तो था परंतु मैं यीशु को बिल्कुल नहीं जानता था। यीशु मेरे पास आये मैं स्वयं से उनके पास नहीं आ सकता था। मैं सोचता था कि मैं काफी अच्छा लड़का था लेकिन मेरा विवेक मुझे बताता रहता था कि जो कुछ मैं सोच रहा हूं, वह गलत है। तब यीशु मेरे पास आये। मैंने उनसे मुझे शुद्व करने के लिये नहीं कहा। परंतु उन्होंने मुझे शुद्व किया। वे मेरे पास आये, मुझे स्वयं उन्होनें अपने पास खींचा। उन्होने अपने लहू से मुझे धो दिया और मेरे पापों से मुझे मुक्ति मिल गयी।

किसी ने मुझसे पूछा, ‘‘पास्टर, आप पूरे समय मसीह के लहू की बात क्यों करते हों?'' तो मैं कहता हूं बहुत सरल सी बात है। मसीह के लहू ने वह कुछ मेरे लिये किया जो मैं स्वयं अपने लिये नहीं कर सकता था। उन्होनें मुझसे इतना प्रेम किया कि मेरी पापी आत्मा को स्वयं के बेशकीमती लहू से धो दिया।

यीशु आप से भी प्रेम करते हैं। वह आप के पास आयेंगे। यीशु पर विश्वास रखिये तो आप के बुरे कर्म, आप का विवेक, आप के संदेह और परीक्षायें, उलझनें, बीमारी सब कुछ यीशु के कीमती लहू में धुलकर बर्फ जैसी उजली हो जायेंगी − क्योंकि यीशु आपसे प्रेम ही इतना करते हैं!

कोई मुझसे इतना प्रेम करें मैने कभी नहीं महसूस किया। मैं तो जैसे परित्यक्त था। मैं दो साल का था, तब मेरे पिता मुझे छोड़ कर चले गये थे। जब बारह साल का था, तब मां के साथ नहीं रह पाया। उन लोगो के साथ रहता था, जो मुझे बिल्कुल नहीं चाहते थे। ऐसे व्यवहार ने मुझे रूखे फरीसी में बदल कर रख दिया। मैं उन सब से अपने आप को अच्छा समझने लगा! मैं अपने आप को मसीही बना सकता था!

पर मैं ऐसा नहीं कर पाया! मैं कोशिश करता रहा! पर मैं ऐसा नहीं कर पाया। मैं भटका हुआ था − धर्म के बाहरी दिखावें में मैं भटका हुआ था! अगर वह मेरे जैसे पाखंडी को बचा सकते हैं, तो आज सुबह जो भी यहां उपस्थित हैं, वे उन्हें भी बचा सकते हैं। वह आप के पास आयेंगे । वह अपने पवित्र लहू से आप के − बुरे कर्मो को धो देंगे, आप को कहीं जाने की आवश्यकता नहीं है। यीशु आप के पास आयेंगे। आप को उन पर विश्वास रखना है। कि आप के बुरे कर्मो से मुक्ति दिलाने के लिये वे क्रूस पर मरें। इतना विश्वास कर लेना ही आप का परिवर्तन कहलायेगा। मन का परिवर्तन हो जायेगा और पापों से मुक्ति एक साथ मिल जायेगी। आमीन।

मैं मसीहा को यह कहते हुए सुनता हूं, ‘‘तेरी ताकत सचमुच कम है;
   हे निर्बल बालक, देख व प्रार्थना करते रह, सब कुछ मेरे भीतर मिल जायेगा''
यीशु ने मेरा सारा दंड चुका दिया, मेरे उपर जो पाप का बोझ था;
   पाप ने छोड़ा था एक लाल धब्बा, उसे सफेद बना डाला।

यीशु, सचमुच मुझे आप की सामर्थ और केवल आप चाहिये,
   आप ही कोढ़ी के धब्बे मिटा सकते हैं पत्थर का हृदय पिघला सकते हैं।
यीशु ने मेरा सारा दंड चुका दिया, पाप का जो कर्ज था;
   पाप ने छोड़ा था एक लाल धब्बा, उसने उसे सफेद बना डाला।

मुझमें ऐसी कोई अच्छाई नही कि मैं उसके अनुग्रह को मांगने का दावा कर सकूं,
   कलवरी के मेम्ने के लहू में मेरे पाप रूपी वस्त्र धुल जायेंगे।
यीशु ने मेरा सारा दंड चुका दिया, पाप का जो कर्ज था;
   पाप ने छोड़ा था एक लाल धब्बा, उसने उसे सफेद बना डाला।
(‘‘यीशु ने मेरा सारा दंड चुकाया'' एल्वीना एम हॉल, १८२०−१८८९)


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(संदेश का अंत)
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संदेश के पूर्व ऐरोन यांसी द्वारा धर्मशास्त्र पढ़ा गया: २ तिमोथियुस ३:१−८
संदेश के पूर्व नोहा सांग ने एकल गान गाया गया:
''यीशु ने मेरा सारा दंड चुकाया'' (एल्वीना एम हॉल, १८२०−१८८९)