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नूह का जहाज

(संदेश # ८१ उत्पत्ति की पुस्तक पर आधारित)
NOAH’S ARK
(SERMON #81 ON THE BOOK OF GENESIS)
(Hindi)

द्वारा डॉ.आर.एल.हिमर्स
By Dr. R. L. Hymers, Jr.

रविवार की सुबह‚ १ जून‚ २०१४ को लॉस एंजीलिस के दि बैपटिस्ट टैबरनेकल में
प्रचार किया गया संदेश
A sermon preached at the Baptist Tabernacle of Los Angeles
Lord’s Day Morning, June 1, 2014

“इसलिये तू गोपेर वृक्ष की लकड़ी का एक जहाज बना ले उस में कोठरियां बनाना‚ और भीतर बाहर उस पर राल लगाना।” (उत्पत्ति ६:१४)


कुछ सप्ताह पूर्व हॉलीवुड ने एक बडी चलित फिल्म “नूह” जारी की। हजारों हजार जवान लोगों ने इसे देखा। मैंने एक लेख लिखा था जिसका शीर्षक था “फिल्म ‘नूह’ एक शैतानी फिल्म है!” इसे पढने के लिये (यहां क्लिक कीजिये) हां‚ इस फिल्म में कई शैतानी तत्व मौजूद थे‚ और इसलिये मैं इस फिल्म को किसी को देखने का सुझाव नहीं देता हूं। यद्यपि फिल्म के कुछ भाग सत्य भी थे। इसमें बाढ का वर्णन बहुत सजीव है‚ और इसमें जहाज का चित्रण भी बहुत विश्वसनीय है। अभी तक कई जवान लोगों को यही मालूम था कि नूह का जहाज एक छोटा जहाज होगा जिसमें सभी प्रसन्नचित्त जानवर भरे हुये थे‚ और उसमें हंसता हुआ नूह खिडकी से बाहर देख रहा था। उन्होंने संडे स्कूल की पुस्तक में यही काटूर्न देखा होगा। मेरे हिसाब से छोटे बच्चों की यह पुस्तकें भी उतनी ही शैतानी है जितनी कि यह फिल्म! वे नूह के जहाज व बाढ के बारे में बिल्कुल गलत मत जाहिर करती है। मेरा मानना है कि प्रचारकों को जवान लोगों को यह बताना चाहिये कि यह फिल्म शैतानी है। मैं तो यह भी मानता हूं‚ प्रचारकों‚ कि आपको आपके चर्च के संडे स्कूल के कमरों में जाकर नूह के जहाज वाले काटूर्न की पुस्तकों को भी बाहर फेंक देना चाहिये! बाहर फेंक दीजिये! वे काटूर्न की शक्ल में बाढ के पीछे छिपा हुआ गंभीर संदेश प्रगट नहीं करती हैं! यह भी शैतानी तत्व होने के बराबर है! जहाज व बाढ कोई मजाक बात नहीं थे! अभी‚ मैं नूह व उसके जहाज पर कई संदेश दे रहा हूं। आज संध्या मैं एक संदेश दूंगा जिसका शीर्षक है‚ “किंतु नूह के उपर अनुग्रह हुआ” इसे पढने के लिये (यहां क्लिक कीजिये) । आज की सुबह मैं स्वयं जहाज के उपर प्रचार करूंगा। इसमें कोई शक नहीं कि नूह का वर्णन पुराने नियम में ही‚ बडे रूप में प्रगट होता है परन्तु नये नियम में भी इसका उतना ही महत्व है। मत्ती २४:३७–३९ में मसीह ने कहा कि “वे दिन” जिसमें नूह रहा करता था वे मसीह के द्वितीय आगमन के अंतिम दिनों का चित्रण होगा। २ पतरस २:५ में नूह को एक धार्मिक प्रचारक प्रस्तुत किया गया है जो गलत शिक्षाओं व अराजकता के काल का प्रचारक है। १ पतरस ३:२०–२१ में जहाज को मसीह द्वारा दिये जाने वाला उद्धार के रूप में प्रगट किया गया है। इब्रानियों ११:७ में जहाज को पुन: उद्धार के रूप में बतलाया गया है। नूह के समय के लोग उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किये गये हैं। अंतिम दिनों के बिना उद्धार पाये लोग‚ नूह के दिनों के लोगों के समान ही होंगे। नूह का प्रचार अंतिम दिनों की फैली अराजकता में चेतावनी के समान कार्य करेगा। अंतिम दिनों के विश्वसनीय प्रचारक बडा उदाहरण होंगे‚ वे पुराने नियम में नूह को प्रगट करेंगे। जहाज एक उदाहरण है। मसीह का उद्धार नूह के जहाज के समान है‚ जो जहाज के उदाहरण को सजीव बनाता है। मैं मानता हूं मसीहत के प्रारंभिक दिनों में टाईप की गलतियों का बडा गलत उपयोग किया गया‚ जहां प्रचारकों ने लगभग हर चीज को पुराने नियम का ही प्रकार माना। किंतु मैं जानता हूं कि पुराने नियम में कई सच्चे उदाहरण है‚ जो एक प्रकार से समान ही घटित होते हैं‚ जब वे नये नियम में प्रगट होते हैं। उदाहरण के लिये‚ इब्रानियों की पुस्तक ऐसे कई उदाहरणों से भरपूर है। जब यीशु मरे हुओं में से जी उठे वह अपने अनुयायियों में से दो के साथ चले और उन्हे बतलाया‚

“तब उस ने मूसा से और सब भविष्यद्वक्ताओं से आरम्भ करके सारे पवित्र शास्त्रों में से, अपने विषय में की बातों का अर्थ, उन्हें समझा दिया।” (लूका २४:२७)

मुझे इसमें कोई संशय नहीं कि मसीह ने उन्हें नूह के जहाज की एक तस्वीर समझाते हुये यह स्पष्ट कर दिया होगा कि यह जहाज स्वयं संसार को बचाने वाला मसीहा है। जैसे जहाज ने परमेश्वर के लोगों को बाढ से बचाया‚ वैसे ही मसीह परमेश्वर के लोगों को दंड व नरक से बचाता है। जहाज संकेत है‚ मसीह उस संकेत की पूर्णता है‚ वह इस संकेत को पूर्ण करता है! केवल बाईबल से इंकार करने वाला उदारवादी हेरी हिमर्सन फॉस्डक इस बात को अस्वीकार कर सकता है! केवल फुलर थियॉलाजीकल सेमीनरी या शिकागो डिवीनिटी स्कूल का आधुनिक छात्र इस सत्य को अस्वीकार कर सकता है! बाईबल ने इस प्रकार के लोगों का वर्णन इस प्रकार किया है‚ “और यह पहिले जान लो, कि अन्तिम दिनों में हंसी ठट्ठा करने वाले आएंगे, जो अपनी ही अभिलाषाओं के अनुसार चलेंगे“ (२ पतरस ३:३)। प्रेरित यहूदा ने भी इस प्रकार कहा‚

“पर हे प्रियों‚ तुम उन बातों को स्मरण रखो; जो हमारे प्रभु यीशु मसीह के प्रेरित पहिले कह चुके हैं। वे तुम से कहा करते थे‚ कि पिछले दिनों में ऐसे ठट्ठा करने वाले होंगे‚ जो अपनी अभक्ति के अभिलाषाओं के अनुसार चलेंगे। ये तो वे हैं‚ जो फूट डालते हैं; ये शारीरिक लोग हैं‚ जिन में आत्मा नहीं।” (यहूदा १७–१९)

मैंने बहुत समय पहले ही ऐसे अविश्वासियों की शिक्षा को अस्वीकार करना शुरू कर दिया था!

तो‚ अब हम उत्पत्ति की पुस्तक से हमारे पाठ की ओर मुडते हैं‚ अध्याय ६ पद १४‚ जिसमें जहाज का वर्णन है – और किस प्रकार यह हमारे मसीहा प्रभु मसीह यीशु को प्रकट करता है। परमेश्वर ने नूह से कहा‚

“इसलिये तू गोपेर वृक्ष की लकड़ी का एक जहाज बना ले‚ उस में कोठरियां बनाना‚ और भीतर बाहर उस पर राल लगाना।” (उत्पत्ति ६:१४)

कृपया यहां अपनी बाईबल खुली रखिये। आमीन।

आर्थर डब्ल्यू पिंक ने कहा था‚ “जहाज....जिसमें (नूह) और उसका परिवार....परमेश्वर के क्रोध के कारण उठाये गये तूफान से बचकर आश्रय पाये हुआ था‚ वह एक बेहद स्पष्ट और प्रकार का संकेत है जो सभी धर्मशास्त्रों में मिलता है कि यह जहाज अर्थात मसीहा है जो विश्वासी को उद्धार देकर उसे परमेश्वर के दंड से बचाता है” (आर्थर डब्ल्यू.पिंक‚ ग्लीनिंग्स इन जेनेसिस‚ मूडी प्रेस‚ १९८१ संस्करण‚ पेज १०३) । मैंने ध्यान दिया कि डॉ. जॉन गिल‚ जो अठारहवीं शताब्दी के महान‚ बाईबल बैपटिस्ट व्याख्याकार हुये‚ बार बार जहाज को मसीह का रूप कहते थे (जॉन गिल, डी.डी.‚ एन एक्सपोजीशन आँफ दि ओल्ड टेस्टामेंट‚ दि बैपटिस्ट स्टैंडर्ड बीयरर‚ १९८९ पुन: मुदित‚ वॉल्यूम १‚ पेज ५०–५१)

“इसलिये तू गोपेर वृक्ष की लकड़ी का एक जहाज बना ले‚ उस में कोठरियां बनाना‚ और भीतर बाहर उस पर राल लगाना।” (उत्पत्ति ६:१४)

१. प्रथम, यह जहाज बनाने की योजना परमेश्वर की थी

प्रथम, यह जहाज बनाने की योजना परमेश्वर की थी नूह को कुछ जानकारी थी कि न्याय समीप है। किंतु नूह ने कभी जहाज बनाने का नहीं सोचा था जब तक कि परमेश्वर ने उस पर जहाज बनाने की योजना प्रगट नहीं की।

किंतु परमेश्वर जानता था कि वह क्या करने जा रहा था। आप जानते हैं‚ कि नूह और उसके साथ के लोग संसार के रचे जाने के पूर्व परमेश्वर द्वारा चुने हुये थे। प्रेरित पौलुस ने कहा था‚ “जैसा उस ने हमें जगत की उत्पति से पहिले उस में चुन लिया‚ कि हम उसके निकट प्रेम में पवित्र और निर्दोष हों” (इफिसियों १:४)। परमेश्वर ने न केवल उन लोगों को चुन रखा था जो जहाज में बचाये जायेंगे‚ साथ ही परमेश्वर ने यह भी योजना बना रखी थी कि मसीहा हमें पापों से छुटकारा देगा‚ संसार की रचना के पूर्व से ही यह तय था‚ क्योंकि बाईबल मसीहा के विषय में कहती है‚ और पृथ्वी के वे सब रहने वाले जिन के नाम उस मेम्ने की जीवन की पुस्तक में लिखे नहीं गए‚ जो जगत की उत्पत्ति के समय से घात हुआ है‚ उस पशु की पूजा करेंगे (प्रकाशितवाक्य १३:८)।

जैसे परमेश्वर ने, यीशु मसीह, को हमें बचाने के लिये, भेजने की योजना बना रखी थी, उसी प्रकार संकेत स्वरूप उन्होंने जहाज, को भी बनाने की योजना बनाई। परमेश्वर ने सबसे पहले नूह को बचाने की योजना बनाई।

आप में से प्रत्येक जो मसीही हैं आपको आनंद मनाना चाहिये कि परमेश्वर ने इस जगत को बनाये जाने के पूर्व मसीह में आपको बचाये जाने के लिये चुन लिया था - जैसे उसने इस ईश्वर विहीन लोगों के संसार को प्रलय से नष्ट करने के पहले नूह को जहाज में बचाये जाने का विचार बहुत पहले ही कर लिया था! अगर आप मसीह यीशु में हैं, तो आप न्याय के दंड से सुरक्षित हैं!

मुझे छुपा ले मेरे मसीहा‚ छुपा ले‚ जिंदगी का तूफां जब तक न गुजर जाये;
आपकी स्वर्गिक बांहों में महफूज हूं: मेरी आत्मा को ग्रहण कर ले!
   (“यीशु मेरी आत्मा का प्यारा” चाल्र्स वेस्ली‚१७०७–१७८८)

२. दूसरा, जहाज केवल इसमें बैठने वालों के लिये बनवाया गया था।

यह एक जहाज नहीं था। बिल्कुल भी नहीं! इब्रानी शब्द “जहाज” का अनुवाद है “टेबो” जिसका अर्थ है “एक संदूक” (मजबूत) यह वही इब्रानी शब्द है जो छोटे संदूक के लिये काम में लिया गया था जिसमें बालक मूसा को लिटाकर नील नदी में छोड दिया गया था। यही इब्रानी शब्द “शव पेटी” के रूप में उत्पत्ति ५०:२६ में अनुवादित हुआ है। इसके उपर पतवार नहीं होता था। इसके उपर पाल नहीं होती थी। मुझे निश्चय है कि इसका चपटा तल इसे बहुत अधिक जगह देता है। यह केवल एक संदूक था। परमेश्वर ने कहा था‚ “मेरे लिये एक ‘संदूक’ बना और भीतर बाहर उस पर राल लगा।” “राल” शब्द का अनुवाद “कोफेर” से लिया गया है − जो “कफार” शब्द का किया रूप है। यही वह समान शब्द है जो “प्रायश्चित” शब्द के रूप में पुराने नियम में लगभग ७० बार प्रयुक्त हुआ है। इसी तरह यह लैव्यवस्था १७:११‚ में भी अनुवादित हुआ है‚ “क्योंकि प्राण के कारण लोहू ही से प्रायश्चित होता है” । चूंकि दोनों ही समान इब्री शब्द से हैं‚ हम उत्पत्ति ६:१४ को इस तरह संदर्भित कर सकते हैं‚ “गोफर लकडी का एक जहाज बना और उसे भीतर बाहर छुटकारे से ढंक दे‚” जो लोहू में है! तो‚ आपके पास यह विशाल संदूक है‚ जो गहरे काले राल से ढंका है। डॉ.हेनरी एम.मोरिस ने कहा था “कोफेर....बार बार ‘छुटकारे’ के रूप में अनुवादित किया गया है। जो पानी के द्वारा न्याय दंड दिये जाने से बचाये जाने वाला कवच बनकर कार्य करता है‚ इस तरह यह बडे सुंदर रूप में मसीहा का चित्रण प्रस्तुत करता है।” (दि न्यू डिफेंडर्स स्टडी बाईबल द्वारा हेनरी एम मोरिस‚पी.एच.डी.‚ वल्र्ड पब्लिशिंग‚ २००६ पेज ३४; उत्पत्ति ६:१४ पर व्याख्या देखिये)

तो‚ अब हमारे पास जहाज है। यह लकडी का बना एक विशाल संदूक है, जो भीतर बाहर काले रंग की राल से पुता है, इस तरह महाप्रलय से इसने छुटकारा व बचाव प्रदान करने का कार्य पूर्ण किया है। डॉ. एम. आर. देहान ने कहा,

यह जहाज....शवपेटिका के समान दिखाई देता था। वास्तव में‚ उत्पत्ति ५०:२६ में “जहाज” का अनुवाद “शवपेटिका” के रूप में ही हुआ है जहाज मसीह की मौत का प्रतीक था।
           हम आसानी से यह कल्पना कर सकते है कि नूह के दिनों में कैसे लोग उसकी मेहनत को तिरस्कार से देखते होंगे। कितनी हॅसी वे उडाते होंगे, जब नूह को एक काली पेटिका बनाते देखते होंगे, जो लोगो को आने वाले प्रलय के बारे में चेताता है, जबकि धरती पर अभी बारिश का कोई नामोनिशान भी नहीं था (एम.आर.देहान एम.डी.‚ दि डेज आँफ नूह; जोंडरवन पब्लिशिंग हाउस‚ १९७१ संस्करण, पेज १७३)

आज कई लोग हॅसते है और बाईबल का मखौल बनाते हैं। लोग तो प्रलय के इस वर्णन को भी “हास्यपद” कहते है। किन्तु जब ईश्वर का न्याय उन पर पड़ेगा तो वे क्या करेंगे? अगर आप मसीह में सुरक्षित नहीं हैं तो आप क्या करेंगें?

मुझे छुपा ले‚ मेरे मसीहा‚ छुपा ले‚
जिंदगी का तूफान गुजरने तक;
आपकी स्वर्गिक बांहों में महफूज हूं: मेरी आत्मा को ग्रहण कर ले!

३. तीसरा‚ जहाज परमेश्वर के दंड से बचाव का साधन था।

जहाज सुरक्षित स्थान था। वास्तव में, यही एकमात्र सुरक्षित स्थान था। परमेश्वर के दंड से बचाव की यही एक सुरक्षित जगह शेष थी।

इस संसार के लोगों के अनुसार परमेश्वर से शांति प्राप्त करने के “कई रास्ते” हैं। परन्तु लोग ऐसा गलत सोचते हैं। परमेश्वर ने नूह के समय उसके क्रोध से बचने का केवल एक ही साधन दिया था − और दंड से बच निकलने का केवल यही रास्ता था कि जहाज में प्रवेश कर जाये। आज परमेश्वर ने हमें केवल एक ही रास्ता उसके क्रोध से बचने के लिये दिया है और वह है प्रभु यीशु मसीह। बाईबल कहती है‚

“और किसी दूसरे के द्वारा उद्धार नहीं; क्योंकि स्वर्ग के नीचे मनुष्यों में और कोई दूसरा नाम नहीं दिया गया’ जिस के द्वारा हम उद्धार पा सकें।” (प्रेरितों के कार्य ४:१२)

लोग कहते हैं‚ “यह ठीक नहीं है!” मैं कभी समझा नहीं वे ऐसा कैसे कहते हैं! मुझे तो यह बिल्कुल सही लगता है! मनुष्य ने बगीचे में पाप किया। मनुष्य ने पुन: पाप किया‚ प्रलय के आने के पूर्व‚ घोर पाप की दशा में मनुष्य जी रहा था। परमेश्वर ने उन्हें उनके पापों से बचाने के लिये मार्ग सुझाया था। परन्तु उन्होंने इस मार्ग को अपनाने से इंकार कर दिया। इसलिये‚ वे सब प्रलय में नष्ट किये गये। तो इसमें गलत क्या है? मैं तो इसमें कुछ गलत नहीं पाता। न कभी इसे गलत सोचा है और न कभी सोचूंगा! नूह के दिनों में एनोक ने प्रचार किया था (यहूदा १४:१५) नये नियम में पतरस लिखता है कि उन्हें नूह ने प्रचार किया (२ पतरस २:५) उन्हे पवित्र आत्मा सिखा रहा था (उत्पत्ति ६:४) इसलिये वे लोग बहाना नहीं बना सकते थे। मैं आपसे आज सुबह पूछता हूं‚ “अगर आप बिना यीशु से उद्धार पाये मर गये तो आप क्या बहाना बनायेंगे?” यह तो एक बडा अच्छा प्रश्न है। आपका बहाना क्या होगा अगर आप परमेश्वर के न्याय वाले दिन मसीह में सुरक्षित नहीं पाये गये?

छुपा ले मुझे‚ मेरे मसीहा‚ इस संसार का तूफान जब तक न गुजर जाये:
आपकी स्वर्गिक बांहों में महफूज; मेरी आत्मा को अंत में ग्रहण कर ले!

४. चौथा‚ जहाज में सबके लिये स्थान था।

इब्री बोलचाल में छोटा नाप १७.५ इंच होता है‚ व लंबा नाप २०.४ इंच होता है। जहाज का नाप बाईबल में उत्पत्ति ६:१५ में दिया हुआ है। अगर छोटे से छोटा नाप भी इस्तेमान किया जाता तो जहाज‚ के तीनों तल के साथ‚ निचले तल में ९५‚७९० स्क्वेयर फीट जगह होती‚ जो लगभग २–२ एकड के बराबर थी। अगर लंबा नाप प्रयुक्त किया जाता‚ तो जहाज के तीनों तलों पर ४३‚३५० स्क्वेयर फीट स्थान था। तीनों तल मिलाकर १३०‚०५० स्क्वेयर फीट‚ जो तीन एकड के बराबर है इतना स्थान होता। कुल उंचाई ५१ फीट थी‚ जो पांच मंजिल घर से थोडी कम थी। यह लगभग २‚२१०‚८५० क्यूबिक फीट होगा‚ जो दो मिलियन क्यूबिक फीट से अधिक होगा! इतना स्थान १२५‚००० भेड के आकार के जानवरों के लिये पर्याप्त था। प्राणी शास्त्री अनुमान लगाते हैं कि उस समय चौपायों की १०० से कम मूल प्रजाति थी‚ और पक्षियों की १७० से कम मूल प्रजाति थी। जितने प्राणी इसमें सवार हुये उसके कई गुना इस जहाज के १३०‚००० स्क्वेयर फीट जगह में समा सकते थे। डॉ.हेनरी हम.मोरिस ने कहा था‚

         चूंकि‚ हम देख चुके हैं‚ जहाज लगभग बारह हजार पांच सौ भेडों को ले जाने की क्षमता रखता था‚ चूंकि स्थल के प्राणियों का औसत आकार भेड के बराबर ही होता है‚ तो यह तो स्पष्ट है कि जहाज में ६० प्रतिशत से कम स्थान जानवरों के लिये काम में लाया गया....इस प्रकार‚ जहाज का विशेष आकार जानवरों को ले जाने के लिये बिल्कुल उपयुक्त था....उसमें जानवरों के भेजन संग्रह का भी स्थान था‚ नूह व उसके परिवार के लिये रहने के कमरे थे‚ वे अन्य आवश्यक उपयोग का भी स्थान शेष था (हेनरी हम.मोरिस‚पी.एच.डी.‚ दि जेनेसिस रिकार्ड‚ बेकर बुक हाउस‚१९८६ संस्करण‚ पेज १८५)

छुपा ले मुझे‚ मेरे मसीहा‚ इस संसार का तूफान जब तक न गुजर जाये:
आपकी स्वर्गिक बांहों में महफूज; मेरी आत्मा को अंत में ग्रहण कर ले!

यद्यपि ''नूह'' फिल्म में संपूर्ण कहानी बहुत ही शैतानी विचारधारा का प्रतीक है, फिर भी बाईबल में बताये अनुसार जहाज का चित्रण बिल्कुल सजीव है। जैसा डॉ. मोरिस ने वर्णन किया जानवर और चिडिया जहाज में लगभग उसी रूप में चले आये। वे अपनी इच्छा से चले आये और अपने अपने स्थानों में सुरक्षित हो गये। फिल्म का यह भाग बहुत खूबसूरत एवं बाईबल की बातों का सही चित्रण दर्शाया गया था। फिर भी, कहता हूं इस फिल्म को मत देखिये। इसका शैतानी संदेश आपको हानि पहुंचे सकता है और विचारों में खलबली पैदा कर सकता है। निश्चित ही, यह तय है, कि जहाज का वर्णन हमारी कल्पना को प्रेरित करने वाला है। विशाल काले जहाज के बारे में सोचकर, जो तीन मंजिल उंचा था, लहरों में डगमगा रहा था, जिसे परमेश्वर ने बडे कौशल के साथ बनवाया था।

प्रत्येक ग्रीष्मकाल में कुछ समय तक जैसे संभव हो पाता है आर्मीनिया के अरारात पर्वत पर गहन खोज चलती है। शायद किसी गर्मी में उन्हें जहाज के फोसिल अवशेष मिल जायें। शायद अंतिम न्याय के पहले तक इस युग में उन्हें मिल भी सकते हैं। चाहे पुरातत्व शास्त्रियों को वे मिले या न मिलें किंतु‚ मेरे पुराने आर्मीनियन मित्र जो मुझे जिम में मिलते है वे यही कहते हैं कि जहाज के अवशेष फोसिल रूप में वही पर्वत पर हैं। एक बूढे मित्र ने कहा कि उसके दादाजी ने इसका एक टुकडा बर्फ में दबा हुआ देखा था। उसने बताया था कि‚ “यह बहुत गहरे काले रंग का था। उसने कभी सोचा भी नहीं था कि वह इतना काला होगा।”

मेरा परिवार और मैं कई साल पहले इंग्लैंड गये थे। जहां मेरे दादाजी पैदा हुये थे‚ और मैंने खूब बचपन का आनंद उठाया था। हम डोवर के किले में गये। शायद आपने “डोवर की सफेद नुकीली चटटानों” के बारे में सुना होगा। सदियों से उन चटटानों से टकरा के कई जहाज चकनाचूर हो गये। जब हम वहां पहुंचे तो मैंने किले पर इतना ध्यान नहीं दिया। अगर आपने एक किला देखा हो तो‚ आपने सभी किले देखे होंगे! मैंने कुछ दूरी पर ऐसी वस्तु देखी जिसने मेरा ध्यान आकर्षित किया। यह बहुत विशाल वस्तु थी। आप कह सकते थे कि वह प्राचीनतम वस्तु थी। मैं दौड कर उसके पास गया ताकि नजदीक से देखूं। मैं उस पर से अपनी आंख नहीं हटा सका। वहां‚ एक अस्सी फुट उंचा लाईट हाउस बना हुआ था‚ लोग कहते थे‚ यह पहली शताब्दी में बना था! यह एक लंबी‚ काली कुप्पी के आकार का था जो आकाश की ओर बढा चला जा रहा था। मैंने इसके भीतर देखा तो इसकी भीतरी दीवारों पर मुझे सदियों पुरानी कालिख दिखाई दी। रोमियों ने इसका निर्माण करवाया था। उस समय प्रेरित यूहन्ना पतमुस टापू पर जीवित था! वे इसके अंदर पेड़ जलाते थे ताकि आने वाले जहाजों को आगाह कर सके कि वे डोवर किले की चटटानों से सावधान रहें। मेरे रोंगटे खडे हो गये इतने पुराने लाईट हाउस को देखकर‚ उसकी विशालता को देखकर‚ मैं सोचता हूं‚ जहाज को भी जब खडा तैयार देखा होगा तो कई हंसी ठटटा करने वाले लडकों ने रात के अंधेरे में इसमें प्रवेश करके‚ पत्थर मार के देखा होगा‚ उस पत्थर के धम से गिरने की आवाज सुनकर मक्कारी से हंसे होंगे और भाग गये होंगे — शायद उसी रात आने के पहले जब प्रलय शुरू हुआ और सबको बहा ले गया! तब लोग रोने लगे होंगे‚ चींख रहे होंगे‚ उखडते पेडों के तने से चिपके होंगे‚ चटटानों व पहाडियों पर चढ गये होंगे कि बच जायें‚ तभी प्रलय का मंथन भीमकाय रूप में उठा होगा‚ और पागल मदमस्त तूफान ने जैसे नरसिंगा फूंक दिया हो — और परमेश्वर ने आकाश के गहरे फव्वारों को खोल दिया‚ व स्वर्ग की खिडकियां भी खोल दी गयी हो।

“और क्या मनुष्य‚ क्या पशु‚ क्या रेंगने वाले जन्तु‚ क्या आकाश के
पक्षी‚ जो जो भूमि पर थे‚ सो सब पृथ्वी पर से मिट गए; केवल
नूह‚ और जितने उसके संग जहाज में थे‚ वे ही बच गए।”
(उत्पत्ति ७:२३)

छुपा ले मुझे‚ मेरे मसीहा‚ इस संसार का तूफान जब तक न गुजर जाये:
आपकी स्वर्गिक बांहों में महफूज; मेरी आत्मा को अंत में ग्रहण कर ले!

और क्या मनुष्य‚ क्या पशु‚ क्या रेंगने वाले जन्तु‚ क्या आकाश के पक्षी‚ जो जो भूमि पर थे‚ सो सब पृथ्वी पर से मिट गए; केवल नूह‚ और जितने उसके संग जहाज में थे‚ वे ही बच गए। “उत्पत्ति ७:२३”— यह जहाज मसीह की तस्वीर थी! अगर आप मसीह में हैं‚ तो आप आने वाले न्याय से सुरक्षित हैं। अगर आप मसीह में नहीं है तो आप आग की झील में डूबो दिये जाओगे‚ व मौत नहीं मिलेगी! कितना दुखद होगा — बार बार उस जलती झील से बाहर निकाला जाना और फिर उसमें डूबो दिया जाना‚ यह अनगिनत बार होगा‚ वह आग की झील जो कभी ठंडी नहीं होती है‚ जो हमेशा हमेशा व हमेशा जलती ही रहती है।

आप इससे कैसे बच — ¬¬¬¬¬सकते हैं? जहाज में आइये! जहाज मसीह को दर्शाता है। इसमें प्रयुक्त काले रंग का राल जैसे मसीह का लहू हो! इसमें भीतर आइये! जहाज के अंदर आइये! मसीह में आइये जब तक कि बहुत देर न हो जाये।

उन लडकों ने झाडियों में से छिपकर जहाज को खडा हुआ देखा होगा और प्रलय आने की रात तक हंसते होंगे। वे ही लडके जब पानी आकाश से बरसकर बढने लगा होगा तब जहाज की किनारों को पकड कर उसमें चढना चाह रहे होंगे! वे ही लडके चीखे होंगे‚ “ओह परमेश्वर‚ हमें अंदर जाने दीजिये! हमें डूबने मत दीजिये!” वे ही लडके आग की झील में सनातन काल तक के लिये चीख रहे होंगे! वे ही लडके आपसे यह कहेंगे‚ अगर वे कह सकते तो कि‚“परमेश्वर के क्रोध से भागो! परमेश्वर के गुस्से से बचो! पीछे मत देखो! यह मत सोचो कि कैसे प्रवेश करेंगे! इसमें जैसे भी हो जाओ!“ अपने आप को जैसे भी जिस भी दशा में हो उसके कदमों में दे दो”— पूर्ण रूप से अपने आप को प्रभु को दे दो‚ “कोई तुम्हे भरमाने न पाये।” जहाज के दरवाजे पर अपने आप को लेकर आओ — “पूर्ण रूप से परास्त होकर‚ मसीह के कदमों पर आ जाओ”— केवल मसीह उस आने वाले क्रोध से आपको बचा सकता है‚ आपके पापों को उसके पवित्र व शाश्वत लहू से पाक कर सकता है!” आमीन!

निवेदन है अपने गीतों की पेज संख्या ७ पर अंकित‚ “आओ‚पापियों” गीत खडे होकर गायें

आओ‚ हे पापियों‚ दबे व परास्त‚ कमजोर व घायल‚ बीमार व ग्रसित‚
      यीशु तैयार तुम्हे बचाने को‚ तरस से भरा‚ ताकत व प्रेम से भरा;
वह योग्य है‚ वह योग्य है‚ वह चाहता है‚ उस पर संशय न करो अब!
     वह योग्य है‚ वह योग्य है‚ वह चाहता है‚ उस पर संशय न करो!
(“आओ‚ हे पापियों” जोसेफ हार्ट द्वारा रचित‚१७१२–१७६८)

अगर आप अपने बचाये जाने के बारे में और सच्चे मसीही बनने के विषय में बात करना चाहते हैं, तो अपना स्थान छोडकर आँडिटोरियम के पिछले हिस्से में आ जाईये। डॉ.कैगन आपको दूसरे कमरे में ले जायेंगे जहां हम दुआ कर सकते हैं डॉ.चॉन, आपसे निवेदन है कि आप दुआ करें कि कोई आज सुबह यीशु पर ईमान लाये। आमीन।

(संदेश का अंत)
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संदेश के पूर्व धर्मशास्त्र पढा गया मि.ऐबेल प्रुद्योमें: उत्पत्ति ६:१२–१७
संदेश के पूर्व एकल गाना गाया गया। मि.बैंजामिन किन्केड गिफिथ:
(“यीशु मेरी आत्मा का प्यारा” चाल्र्स वेस्ली‚१७०७–१७८८)


रूपरेखा

नूह का जहाज

(संदेश # ८१ उत्पत्ति की पुस्तक पर आधारित)

द्वारा डॉ.आर.एल.हिमर्स

“इसलिये तू गोपेर वृक्ष की लकड़ी का एक जहाज बना ले‚ उस में कोठरियां बनाना‚ और भीतर बाहर उस पर राल लगाना।” (उत्पत्ति ६:१४)

(मत्ती २४:३७–३९; २ पतरस २:५ ; १ पतरस ३:२०–०१; इब्रानियों ११:७;
लूका २४:२७; २ पतरस ३:३ ; यहूदा १७–१९)

१. प्रथम, यह जहाज बनाने की योजना परमेश्वर की थी‚ इफिसियों १:४;प्रकाशित १३:८

२. दूसरा, जहाज केवल इसमें बैठने वालों के लिये बनवाया गया था‚
उत्पत्ति ५०:२६; लैव्यवस्था १७:११

३. तीसरा‚ जहाज परमेश्वर के दंड से बचाव का साधन था‚ प्रेरितों के कार्य ४:१२; यहूदा १४:१५ २ पतरस २:५ ; उत्पत्ति ६:३

४. चौथा‚ जहाज में सबके लिये स्थान था‚ उत्पत्ति ७:२३