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प्रायष्‍चित!
(यषायाह 53 से ग्‍यारहवा संदेष)

PROPITIATION!
(SERMON NUMBER 11 ON ISAIAH 53)
(Hindi)

डो. आर. एल. हायर्मस, जुनि. द्वारा
by Dr. R. L. Hymers, Jr.

इस संदेष का प्रचार लोस एंजलिस में बप्‍तीस टबरनेकल में
षनिवार की षाम अेप्रिल 13, 2013 को किया गया था।
A sermon preached at the Baptist Tabernacle of Los Angeles
Saturday Evening, April 13, 2013

‘‘तौ भी यहोवा को यही भाया कि उसे कुचले; उसीने उसको रोगी कर दिया : जब वह अपना प्राण दोशाबलि करे'' (यषायाह 53:10)।


आज रात मैं परमेष्‍वर के बारे में बताने जा रहा हूँ षायद अच्‍छा न लगे, यहाँ तक की नफरत करें, कई लोग जो उसे सुनेंगे। आज लोगों को परमेष्‍वर के बारे में गलत सोचविचार है। जब कोई पवित्रषास्‍त्र के परमेष्‍वा के बारे में कुछ कहता है तो उनमें नकारात्‍मक प्रतिक्रिया होती है, खास करके कुछ वर्ग के प्रचारक।

कई वर्शो पहले मुझे बुझुर्ग पाराबान ने धर्मप्रचार संबंधी संदेष करीब सौ युवा लोगों को बताने को कहा। मैं ने वहाँ कईबार प्रचार किया था, इस लिए मैं ने सोचा कलेषिया क्‍या चाहती है मैं जानता था। किन्‍तु इस बार दो युवा पाषबान प्रभारी थे। मैं ने उद्धार का संदेष प्रचार किया, खास तौर से परमेष्‍वर के निर्णय को लेते हुए और अंत में मसीह के सुसमाचार का स्‍पश्‍टीकरण प्रस्‍तुत किया। सत्‍ताईस युवाने आमंत्रण को स्‍वीकारा। ये सभी पहली बार के व्‍यवसायी थे, जो कोलेज विद्यार्थी एक चतुर्थांष से थोडे बढ़कर उमर में हाजिर थे।

कोई एक सोचेगा कि ये दो युवा पासबान इतनी बडी संख्‍या में उत्तर देखकर खुष हुए होंगे। किन्‍तु संदेष के बाद उनके चेहरे पर क्रोध के भाव दिखाई दिए। उन्‍होंने मुझे धन्‍यवाद का पत्र नहीं लिखा, न तो कभी मानदेस नहीं भेजा जो इस कलेषिया की प्रथा थी। मैं इनके रूखेपन से बहुत आष्‍चर्यचकित हुआ। बाद में मुझे पता चला कि वे सोचे कि मैं बहुत ही नकारात्‍मक था, कि मैंने उन युवा लोगों को परमेष्‍वर पाप के निर्णय लेता है यह बाताको बताये बिना आमंत्रित करना था। तब से मैंने यह ढूँढ निकाला कि कई आधुनिक पासबान अपने दृश्‍टिकोण आपस में बाँटे। ‘‘मात्र उनको सुसमाचार दो। मात्र परमेष्‍वर के प्रेम के बारे में बोलो। लोगों की उत्त्ोजित मत करो और उन्‍हे बेचैन मेहसूस मत होने दो।'' मैंने कई बार देखा है कि आज के प्रचारक इस तरह मेहसूस करते है। लेकिन मेरा यह दावा (मानना) है इस तरह की सोचमें भयानक रीत से कुछ कमी है, कुछ तो अपर्याप्‍त है और इस प्रकार के सुसमाचार के धर्मोपदेष के दृश्‍टिकोण में कुछ कमी है।

डॉ. अे. डबल्‍यू. टोझर ने कहा था, ‘‘कोई भी व्‍यक्‍ति परमेष्‍वर के भय को जाने बिना परमेष्‍वर के सच्‍चे अनुग्रह को नहीं पहचान पाएगा'' (The Root of Righteousness, Christian Publications, 1955, p. 38). मैं मानता हूँ कि वे पूरी तरह से सही थे, ‘‘कोई भी व्‍यक्‍ति परमेष्‍वर के भय को जाने बिना परमेष्‍वर के सच्‍चे अनुग्रह को नहीं पहचान पाएगा।'' इस बात पर डॉ. मारटीन लोईड-जोनस्‌ का मानना बिलकुल उसी तरह डॉ. टोझर के जैसा था। Iain H. Murray ने कहा, ‘‘डॉ. लोईड-जोनस्‌ के लिए मनुश्‍य के दोशी की खतरनाक बात परमेष्‍वर के सामने क्‍या मायने रखती है इस बात का प्रचार निष्‍चित रूप से दैविक क्रोध...नरक में पाप की सजा...इसकी चेतावनी यह पवित्रषास्‍त्र के प्रचार का जरूरी हिस्‍सा बनना हैै। नर्क एक परिकल्‍पना नहीं है...'' (Rev. Iain H. Murray, The Life of Martyn Lloyd-Jones, The Banner of Truth Trust, 2013, p. 317).

फिर से, डॉ. लोईड-जोनस्‌ ने कहा,‘‘परमेष्‍वर के बारे में गलत सोच जिसका प्राकृतिक मनुश्‍य भयंकर रीति से दोशी है, ये सबसे खतरनाक पाप है'' (ibid., p. 316). फिर से, मुझे जानकारी वर्घक मालूम पड़ता है कि जानेमाने बप्‍तीस प्रचारक डॉ. जॉन. आर. राईस, ने लगभग वही बात कही जो डॉ. टोझर और डॉ. लोईड-जोनस्‌ ने कही। डॉ. राईस ने कहा,

पवित्रषास्‍त्र का परमेष्‍वर भयानक और विकट परमेष्‍वर है, बदला लेनेवाला परमेष्‍वर है, साथ साथ में वह कृपालु परमेष्‍वर है। (John R. Rice, D.D., The Great and Terrible God, Sword of the Lord Publishers, 1977, p. 12).

डॉ. राईस ने कहा,

आजकल के आधुनिक प्रचार में बिना नियम का अनुग्रह, बिना प्रायष्‍चित की अस्‍था, बिना परमेष्‍वर के क्रोध की परमेष्‍वर की कृपा, नर्क को बताए बिना स्‍वर्ग का प्रचार...इससे परमेष्‍वर को गलत रीत से पेष किया है। परमेष्‍वर के संदेष कसे अप्रामाणिकता से दर्षाया गया है। परमेष्‍वर भयंकर परमेष्‍वर है, भयानक परमेष्‍वर है, पाप के विरूद्ध में क्रोधित होनेवाला परमेष्‍वर है, ऐसा परमेष्‍वर जो बदला लेता है, परमेष्‍वर जिसका भय रखा जाता है, परमेष्‍वर जिसके सामने पापी कांप उठना चाहिए। (ibid., pp. 13, 14).

आमीन! कई सालों से उनके संदेष को पढ कर जानता हूँ, कि डॉ. टोझर और डॉ. लोईड-जोनस्‌, जॉन. आर. राईस से इस बात पर पूरी तरह से सहमत हुए है। परमेष्‍वर जो ‘‘पाप के विरोध में क्रोधित परमेष्‍वर है।''

जब हम इस तरह से परमेष्‍वर को देखते है, जैसे पवित्रषास्‍त्र में उसे बताया है, हमें यषायाह 53:10 के संदेष के लिए कोई दिक्‍कत न होगी। संदेष पिता परमेष्‍वर और परमेष्‍वर ने यीषु के साथ उद्धार के लिए क्‍या किया, इस पर केन्‍द्रीत है,

‘‘तौ भी यहोवा को यही भाया कि उसे कुचले; उसीने उसको रोगी कर दियाः जब वह अपना प्राण दोशाबलि करे'' (यषायाह 53:10)।

‘‘उसे परमेष्‍वर ने उसके लहू के कारण एक ऐसा प्रायष्‍चित ठहराया'' (रोमियों 3:25)।

डॉ. डबल्‍यू. ए. क्रीसवेल ने कहा कि ‘‘प्रायष्‍चित मसीह का क्रूस पर का ऐसा कार्य है जिस में उसने परमेष्‍वर की धार्मिकता की माँगे पाप के विरोध में, दोनों जरूरते पूरी की परमेष्‍वर का न्‍याय और मनुश्‍य के पाप का दोश नश्‍ट की'' (W. A. Criswell, Ph.D., The Criswell Study Bible, Thomas Nelson Publishers, 1979, p. 1327, note on Romans 3:25).

‘‘उसे परमेष्‍वर ने उसके लहू के कारण एक ऐसा प्रायष्‍चित ठहराया'' (रोमियों 3:25)।

The Reformation Study Bible इस वचन के बारे में कहता है, ‘‘दोशबलि के रूप में मसीह मरा, जिससे पापियों के विरोध में परमेष्‍वर दिव्‍य निर्णय, क्षमापन और न्‍याय इनको पूरा कर सके। परंतु पौलुस पूरी सावधानी से दर्षाया है कि बलिदान (परमेष्‍वर के पुत्र का) पिता परमेष्‍वर हमसे प्रेम करने का कारण नहीं है। इसका उलट सही है - परमेष्‍वर के प्रेम के कारण उसने अपने बेटे को दे दिया'' (The Reformation Study Bible, Ligonier Ministries, 2005, p. 1618, note on Romans 3:25).

‘‘जिसने अपने निज पुत्र को भी न रख छोडा, परन्‍तु उसे हम सबके लिए दे दिया'' (रोमियों 8:32)।

जैसे अपना संदेष कहता है,

‘‘तौ भी यहोवा को यही भाया कि उसे कुचले; उसीने उसको रोगी कर दिया : जब वह अपना प्राण दोशाबलि करे'' (यषायाह 53:10)।

इस संदेष में हम देखते है कि परमेष्‍वर ही मसीह की पीड़ा का सच्‍चा लेखक है। मसीह ने पीडा सहन किया और मृत्‍यु पाया ‘‘जो परमेष्‍वर की ठहराई हुई (ध सेट पर्पस) योजना और पूर्व ज्ञान के अनुसार पकडवाया गया'' (प्रेरितों 2:23)। महान और भयंकर परमेष्‍वर का वचन मसीह की पीडा और मृत्‍यु का सच्‍चा कारण था। यूहन्‍ना 3:16 कहता है, ‘‘अपना एकलौता पुत्र दे दिया'' (यूहन्‍ना 3:16)। रोमियों 8:32 कहता है, ‘‘उसने...सेड नोट निज पुत्र को न छोडा, परन्‍तु उसे हम सबके लिए दे दिया'' (रोमियों 8:32)। पाप के विरोध में परमेष्‍वर का क्रोध का प्रायष्‍चित हुआ क्‍यों कि यह उसके पुत्र यीषु पर जा गिरा। जैसे अपना संदेष कहता है,

‘‘यहोवा को यही भाया कि उसे कुचले; उसीने उसको रोगी कर दियाः जब वह अपना प्राण दोशाबलि करे'' (यषायाह 53:10)।

यहाँ यषायाह हमें ‘‘दष्‍य के पीछे'' ले जाता है यही बताने के लिए कि पिता परमेष्‍वर ने अपने पुत्र के द्वारा अपने जुनून का आतंक और क्रूस वध जिससे परमेष्‍वर ने प्रायष्‍चित किया, और उसका क्रोध पापियों के बजाय यीषु पर पड़ा। अपने संदेष में देखते है कि (1) परमेष्‍वर ने उसे घायल किया; (2) परमेष्‍वर ने उसे पीड़ित किया; (3) परमेष्‍वर ने उसके प्राण की बलि चढा दी।

।. पहला, यीषु केा घायल किया।

‘‘यहोवा को यही भाया कि उसे कुचले'' (यषायाह 53:10)।

‘‘घायल'' इस षब्‍द का भाशांतर है ‘‘कुचलना''। ‘‘यहोवा को यही भाशा कि उसे कुचले ।'' डॉ. एडवर्ड जे. यंग ने कहा, ‘‘(मसीह की) निर्दोशता के बावजूद भी, परमेष्‍वर को यही भाया कि उसे घायज करे (कूचले) उसकी मृत्‍यु दुश्‍ट लोगों के हाथ में नहीं थी परन्‍तु परमेष्‍वर के हाथ में थी। इससे जिन्‍हो ने उसे मारा, वे जिम्‍मेदारी से बरी नहीं होते, किन्‍तु वे परिस्‍थिति के काबू में नहीं थे। वे मात्र उतना ही कर रहे थे जितना परमेष्‍वर उनसे करवाना चाहता था'' (Edward J. Young, The Book of Isaiah, William B. Eerdmans Publishing Company, 1972, volume 3, pp. 353-354).

जैसे मैंने कहा, यह बहुत स्‍पश्‍ट रीति से रोमियों 3:25 में मसीह के बारे में बताया है,

‘‘उसे परमेष्‍वर ने उसके लहू के कारण एक ऐसा प्रायष्‍चित ठहराया'' (रोमियों 3:25),

और यूहन्‍ना 3:16 में कहा है,

‘‘क्‍योंकि परमेष्‍वर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा कि उसने अपना एकलौता पुत्र दे दिया'' (यूहन्‍ना 3:16)

उसके पाप के विरूद्ध क्रोध का प्रायष्‍चित के रूप में, और पापी मनुश्‍य का उद्धार संभवित करने के लिए।

‘‘तौ भी यहोवा को यही भाया कि उसे कुचले (घायल करे)'' (यषायाह 53:10)।

षुरूआतमें गतसमनी की बाग में, पिता परमेष्‍वर ने अपने पुत्र को घायल किया और कुचला। मती पे हमसे कहा है, गतसमनी के बाग में, परमेष्‍वर ने कहा, ‘‘मैं चरवाहे को मारूँगा'' (मती 26:31)। मरकूस का सुसमाचार भी हमें कहता है कि गतसमनी की बाग में, ‘‘मैं रखवाले को मारूँगा'' (मरकूस 14:27)। इस तरह परमेष्‍वर ने यीषु को मारा, घायल किया, और प्रायष्‍चित के स्‍थानापन्‍न के रूप में उसे कुचला, हमारे अंधकार के पाप के लिए गतसमनी में। स्‍परजीयन ने इस बारे में कहा,

अब यह है कि प्रभु की पिता परमेष्‍वर के हाथों से कुछ प्‍याला लेना था। यहूदीयों से नहीं, गद्‌दार यहूदा से नहीं, सोनेवाले चेलों से नहीं, परीक्षा लेनेवाले ष्‍ौतान (गतसमनी में) से नहीं, अब, मात्र उसके पिता...जिन्‍हे वह जानता था उसने प्‍याला भरा था...प्‍याला (पीछे) जिसने उसके प्राण को अचंभे में डाला और अंतकरण को दुःखी किया। वह उससे सिकुड गया, इसलिए यह निष्‍चित जानो कि यह प्रारूप तैयार (प्‍याला) करनेवाला षारिरिक पीड़ा से ज्‍यादा पीड़ित था, किंतु वह उससे सिंकुडा नहीं...यह कुछ समठन के बाहर भयानक, भय की आष्‍चर्यजनक से भरा, जो पिता परमेष्‍वर की ओर से (उसे) मिला था। इससे हमारी सारी षंकाए वो क्‍या है, इस बारे में दूर हो जाती है, ‘‘यहोवा को यही भाया कि उसे कुचले...'' प्रभु ने हमारी सभी असमानता को अपने पर ले ली (रेस्‍त) उसने हमारे लिए पापी ठहराया जो पाप जानता तक नहीं था। यही, फिर कारण है कि तारणहार को असाधारण अवसाद...उसे पापी के (स्‍थान) पर भुगतना था। यही तो उसके दर्द की गुप्‍त बात है (गतसमनी में) जो मेरे लिए (पूरी तरह) बताना संभव नहीं है, यही सच है कि-

     ‘टीस टू गोड, अेंड गोड अलोन,
     धेट हीस ग्रीफ्‍स आर फुल्‍ली क्‍नोन।'

(C. H. Spurgeon, “The Agony in Gethsemane,” The Metropolitan Tabernacle Pulpit, Pilgrim Publications, 1971 reprint, volume XX, pp. 592-593).

‘‘तौ भी यहोवा को यही भाया कि उसे कुचले'' (यषायाह 53:10)।

मनुष्‍य के पाप के बोझ के नीचे, गतसमनी में उस पर डाला गया, मसीह को कुचला गया, उसे हमारे पाप के बोझ तले घायल किया गया, ताकि

‘‘वह अत्‍यन्‍त संकट में व्‍याकुल होकर और भी हार्दिक वेदना से प्रार्थना करने लगा : और उसका पसीना मानो लहू की बड़ी बड़ी बूँदो के समान भूमि पर गिर रहा था'' (लूका 22:44)।

कोई भी मनुश्‍य के हाथ ने उसे छुआ नहीं था। उसे अभी गिरफ्‍तार नहीं किया था, न तो उसको मार पडी थी, न तो कोडे लगे थे, न तो क्रूस पर चढ़ाया था। नहीं, यह तो पिता परमेष्‍वर जिसने उसे गतसमनी में घायल किया था और कुचला था। यह तो पिता परमेष्‍वर जिसने कहा था, ‘‘मैं चरवाहे को मारूँगा'' (मती 26:31)। यही तो परमेष्‍वर ने यषायाह के द्वारा भविश्‍यवाणी की,

‘‘तौ भी यहोवा को यही भाया कि उसे कुचले'' (यषायाह 53:10)।

नो टंग केन टेल ध रोथ ही बोर,
   ध रोथ सो डयु टु मी :
सीनस्‌ जस्‍ट डीर्झट; ही बोर इट ओल,
   टू सेट ध सीनर फ्री!
(“The Cup of Wrath” by Albert Midlane, 1825-1909;
      to the tune of “O Set Ye Open Unto Me”).

॥. दूसरा, परमेष्‍वर ने यीषु की दुःखी किया।

‘‘तौ भी यहोवा को यही भाया कि उसे कुचले; उसीने उसको रोगी कर दिया...'' (यषायाह 53:10)।

फिरसे, परमेष्‍वर ने ही अपने एकलौते पुत्र को दुःख में डाल कर जुनून और मृत्‍यु का अनुभव करवाया। डॉ. जॉन गील ने कहा,

उसने उसे दुःखी किया (उसे पीड़ित किया)...जब उसे नहीं छोडा, किन्‍तु दुश्‍ट लोगों के हाथों में छोडा और फिर मृत्‍यु के लिए : बगीचे में उसे पीड़ित किया गया, जब उसके प्राण अति दुःखी हो गए; और क्रूस पर जब उसे किलों से ठोका गया, (और) उसके लोगों के पापों का बोझ उस पर डाला गया था, ऐंड हिस फाधर्सस राथ, ओन हीम; और जब उसने उससे मुँह फेर दिया था, जिससे वह रो पड़ा, मेरा परमेष्‍वर, मेरा परमेष्‍वर, मुझे क्‍यों छोड दिया?...(की अनुमति से) उसको दर्द में डाला, दोनों षरीर और मनसे (John Gill, D.D., An Exposition of the Old Testament, The Baptist Standard Bearer, 1989 reprint, vol. V, page 315).

यीषु स्‍वेच्‍छा से पीड़ित हुआ, और दर्द से कुचला गया, षारिरीक पीड़ा और क्रूस पर वध, हमारे पापों के लिए स्‍वेच्‍छा से पीड़ित हुआ, क्‍यों कि उसने कहा,

‘‘क्‍योंकि मैं अपनी इच्‍छा नहीं वरन्‌ अपने भेजनेवाले की इच्‍छा पूरी करने के लिये स्‍वर्ग से उतरा हूँ'' (यूहन्‍ना 6:38)।

‘‘उसी यीषु को, जो परमेष्‍वर की ठहराई हुई योजना और पूर्व ज्ञान के अनुसार पकड़वाया गया'' (प्रेरितों 2:23)।

‘‘जो हमारे लिए षापित बना'' (गलातियों 3:13)।

‘‘और वही हमारे पापों का प्रायष्‍चित है'' (1 यूहन्‍ना 2:2)।

‘‘उसे परमेष्‍वर ने उसके लहू के कारण एक ऐसा प्रायष्‍चित ठहराया, जो विष्‍वास करने से कार्यकारी होता है'' (रोमियों 3:25)।

नो टंग केन टेल ध रोथ ही बोर,
   ध रोथ सो डयु टु मी :
सीनस्‌ जस्‍ट डीर्झट; ही बोर इट ओल,
   टू सेट ध सीनर फ्री!
(“The Cup of Wrath” by Albert Midlane, 1825-1909).

‘‘तौ भी यहोवा को यही भाया कि उसे कुचले; उसीने उसको रोगी कर दिया...'' (यषायाह 53:10)।

॥।. तिसरा, परमेष्‍वर ने यीषु का प्राण पाप के लिए भेंट कर दिया।

कृपया आप सभी खडे होकर पढे और अंत में ‘‘पाप के लिए भेंट कर दिया'' जोर से।

‘‘तौ भी यहोवा को यही भाया कि उसे कुचले; उसीने उसको रोगी कर दिया : जब वह अपना प्राण दोशाबलि करे'' (यषायाह 53:10)।

आप बैठ सकते है।

संदेष के षुरू में षब्‍द ‘‘तौ भी'' पर ध्‍यान दें। यह नौवें वचन को बताता है, ‘‘उसने किसी प्रेार का उपद्रव न किया था, और उसके मुँह से कभी छल की बात नहीं निकली थी। तौ भी...'' (यषायाह 53:9-10अ)। यद्यपि यीषु ने कभी पाप नहीं किया था, ‘‘तौ भी यहोवा को यही भाया कि उसे कुचले; उसीने उसको रोगी कर दिया...'' डॉ. गैबलीयंस टीप्‍पणी कहती है, ‘‘वचन 10अ में (मसीह) की व्‍यक्‍तिगत धार्मिकता के लिए, मनमाने ढंगसे उपेक्षा की अपनी स्‍पश्‍ट प्रस्‍तुति चौंकानेवाली है लेकिन पाठक याद करते है दूसरों के लिए काम करने का स्‍वभाव ही है इनकी पीड़ित होने का...फिर एक बार कठोर नहीं किन्‍तु अचरज देनेवाला अनुग्रही बल'' (Frank E. Gaebelein, D.D., General Editor, The Expositor’s Bible Commentary, Zondervan, 1986, volume 6, p. 304).

‘‘तौ भी यहोवा को यही भाया कि उसे कुचले; उसीने उसको रोगी कर दिया : जब वह अपना प्राण दोशाबलि करे'' (यषायाह 53:10)।

‘‘जिसने...अपने निज पुत्र को भी न रख छोड़ा, परंतु दो हम सबके लिये दे दिया'' (रोमियों 8:32)।

‘‘वह आप ही हमारे पापों को अपनी देह पर लिये हुए क्रूस पर चढ़ गया...उसी के मार खाने से तुम चंगे हुए'' (1 पतरस 2:24)।

‘‘जो पाप से अज्ञात था, उसी को उसने हमारे लिए पाप ठहराया कि हम उसमें होकर परमेष्‍वर की धार्मिकता बन जाएँ'' (2 कुरिन्‍थियों 5:21)।

‘‘जब वह अपना प्राण दोशाबलि करे'' (यषायाह 53:10)।

नो टंग केन टेल ध रोथ ही बोर,
   ा रोथ सो डयु टु मी :
सीनस्‌ जस्‍ट डीर्झट; ही बोर इट ओल,
   टू सेट ध सीनर फ्री!
(“The Cup of Wrath” by Albert Midlane, 1825-1909).

‘‘तौ भी यहोवा को यही भाया कि उसे कुचले; उसीने उसको रोगी कर दिया : जब वह अपना प्राण दोशाबलि करे'' (यषायाह 53:10)।

मसीह पाप के लिए परमेष्‍वर की भेंट थी। तुम्‍हारे स्‍थान पर मसीह मरा, तुम्‍हारी जगह। मसीह तुम्‍हारा प्रतिनिधिरूप बनकर पीड़ित हुआ, पष्‍चाताप के रूप में, हमारे पाप का जुर्माना भरने के लिए ताकि परमेष्‍वर का क्रोध हमसे दूर हो जाए, जिसे उसने अपने पर ले लिया। जब आप उसके हाथ और पैर में किलों से ठोके जाने के बारे में सोचते हो, तो ये उसने आपके लिए किया। न्‍यायी, अन्‍याय के लिए मरा, ताकि तुम्‍हें परमेष्‍वर के पास धार्मिकता की और क्षमादान कर स्‍थिति में ला सके। स्‍परज्‍यन ने कहा है,

मनुश्‍य पाप के लिउत्रए अनंत काल की ज्‍वाला का दोशी था; जब परमेष्‍वर ने मसीह की तुम्‍हारी जगह पर लिया जो सच है, उसने मसीह को अनंतकालकी ज्‍वाला में नहीं भेजा, किन्‍तु उस पर दुःख डाला, इतना व्‍याकुल कि उसका जुर्माना अनंत काल की ज्‍वाला के लिए मान्‍य था...उस समय मसीह ने हमारे सारे पाप ढ़ोये, कल के, आज के, और आनेवाले और उस सभी के लिए तब दण्‍डित होना न पडे़ क्‍योंकि वह हमारे (स्‍थान) पर पीड़ित हुआ। आप देख सकते है परमेष्‍वर ने उसे कैसे कुचला? अगर ऐसे न होता तो मसीह का दर्द (डीर्झवद) हमारे दर्द के लिए न होता (नरक में) (C. H. Spurgeon, “The Death of Christ,” The New Park Street Pulpit, Pilgrim Publications, 1981 reprint, volume IV, pp. 69-70).

तो भी मसीह की मृत्‍यु सभी लोगों को नर्क से नहीं बचाती। केवल जो मसीह पर भरोसा करते हैं वे बचाये वो पापियों के लिए मरा, जो अपने आपको पापी मेहसूस करते है उनके लिए मरा और मसीह की क्षमापन के लिए ढुंढते है।

तुम्‍हारे पाप की समझ और मसीह की जरूरत यह दोनों लक्षण बताते है कि उसकी मृत्‍यु आपके पापसे चंगाई के लिए थी। जो एक पल के लिए रूककर उसकी मृत्‍यु के बारे में सोचते है। और फिर उसके बारे में भूल जाते है, उन्‍हें अनंतकाल की सजा उनके बारे में लिए मिलती रहेगी क्‍योंकि उन्‍हों ने मसीह की क्रूस पर की भुगतान का अस्‍वीकार किया है।

इसके बारे में गंभीरता से लम्‍बा सोचे। आज के गीत का षब्‍द ‘‘प्रायष्‍चित'' के बारे में लम्‍बा सोचो।

फोर मी वोझ गीवन स्‍पोटलेस लेम्‍ब
   हीस फाधरर्स रोथ टु बेर;
आई सी हीस ब्‍लडी वुण्‍डस्‌ एन्‍ड क्‍नो
   माय नेम इस रीटन धेर।

फोर्थ फ्रोम ध लोर्ड ही गषींग ब्‍लड,
   इन परपल करन्‍टस्‌ रेन;
एन्‍ड एवरी वुन्‍ड प्रोक्‍लेइमड्‌ अलाउड
   हीस वन्‍डरस्‌ लव टु मेन।

फोर मी, सेवियर्स ब्‍लड अवेइलस्‌,
   अॉलमाईटी टु अटोन;
ध हेन्‍डस्‌ ही गेव टु पीयरसींग नेइलस्‌
   ष्‍ोल लीड मी टु हीस थ्रोन।
(“Propitation” by Augustus Toplady, 1740-1778;
   to the tune of “At the Cross”).

तो, अभी, तक आपने यीषु पर विष्‍वास क्‍यों नहीं किया है? ऐसा क्‍या है जो आपको उस पर विष्‍वास करने पर रोकता है? कौन सा ऐसा गुप्‍त पाप है जो आपको उस पर विष्‍वास करने से रोकता है? कौन सी गलत और मूर्खता भरी इच्‍छा है जो आपको तारणहार से दूर रखती है? कौन सी ऐसी महत्‍वपूर्ण बात जिसे गुमाने के डर से रूक गए हो? कौन सा गुप्‍त कारण है जो आपको मसीह पर विष्‍वास करने से रोकता है जिसने हमें परमेष्‍वर के बहुत क्रोध से बचाने के लिए सहा? उन सभी विचारों को फेंक दी-और विष्‍वास करो ‘‘परमेष्‍वर, का मेम्‍ना जो जगत का पाप उठा ले जाता है'' (यूहन्‍ना 1:29)। वह आपकी राह देख रहा है। और विलंब मत कीजिए। अभी उसी पर विष्‍वास करें, आज की रातको। जांच कमरा खुला है जो उसे जानजा चाहते है, और उस पर भरोसा करो, आप उससे बच जाओगे।

(संदेश का अंत)
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संदेश के पहले श्री. बेंजामीन कीनकेइड ग्रीफिथ ने अकेले गाना गाया :
     “Propitiation” (by Augustus Toplady, 1740-1778; to the tune of “At the Cross”).


रूपरेखा

प्रायष्‍चित!
(यषायाह 53 से ग्‍यारहवा संदेष)

डो. आर. एल. हायर्मस, जुनि. द्वारा

‘‘तौ भी यहोवा को यही भाया कि उसे कुचले; उसीने उसको रोगी कर दिया : जब वह अपना प्राण दोशाबलि करे'' (यषायाह 53:10)।

(लूका 16:23; रोमियों 3:25; 8:32; प्रेरितों 2:23; यूहन्‍ना 3:16)

।. पहला, यीषु केा घायल किया, यषायाह 53:10अ; मती 26:31;
मरकूस 14:27; लूका 22:44।

॥. दूसरा, परमेष्‍वर ने यीषु की दुःखी किया, यषायाह 53:10ब;
यूहन्‍ना 6:38।

॥।. तिसरा, परमेष्‍वर ने यीषु का प्राण पाप के लिए आहुति दि,
यषायाह 53:10क; यषायाह 53:9-10अ, रोमियों 8:32; 1 पतरस 2:24; 2 कुरिन्‍थियों 5:21; यूहन्‍ना 1:29।