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गिद्धो को बलिदान से दूर हटाना

(उत्पति की किताब पर # 68 वाँ धार्मिक प्रवचन)
DRIVING THE VULTURES AWAY FROM THE SACRIFICE
(SERMON #68 ON THE BOOK OF GENESIS)
(Hindi)

डो. आर. एल. हायर्मस, जुनि. द्वारा
by Dr. R. L. Hymers, Jr.

लोस एंजलिस के बप्तीस टबरनेकल में प्रभु के दिन की षाम, 20 जनवरी, 2013 को दिया हुआ धार्मिक प्रवचन
A sermon preached at the Baptist Tabernacle of Los Angeles
Lord’s Day Evening, January 20, 2013


जब मैं युवा आदमी था, मैं मेरे याजक, डॉ. तीमोथी लीन के साथ, सधर्न बेपटीस्ट कन्वेन्षन (Southern Baptist Convention) में गया जो उस वर्श सान फ्रान्सीस्को में रखा गया था। वहाँ बड़ा वादानुवाद था उस दिन उदार सधर्न बेपटीस्ट पाठ की किताब पर जिसने उत्पति की किताब पर आक्रमण किया था। डो. लीन ‘‘जमीन पर से'' बोलने गए उस किताब के विरूद्ध जो उन्होने किया। मैं सिर्फ 22 वर्श का था, परंतु मैंने निर्णय किया कि एकदिन मैं उत्पति के बचाव में एक किताब लिखूँगा। मैं अब देख रहा हूँ कि यह किताब किसी दिन इस धार्मिक प्रवचन की रचना होगी। यह उस क्रमानुसार अडसठ वे (68th) क्रमांक पर है। मेहरबानी करके खड़े रहो और मेरे साथ उत्पति 15:11 पर फिरो।

‘‘और जब मांसाहारी पक्षी लोथों पर झपटे, तब अब्रामने उन्हें उड़ा दिया'' (उत्पति 15:11)।

आप बैठ सकते हो।

अब्राम वृद्ध आदमी था, और उसे बच्चें नहीं थे। प्रभु उसे दिखाई दिए और उसको कहा उसकी सन्तान क्रमांको में स्वर्ग के सितारों के समान होगी। ‘‘अब्राहम ने परमेष्वर पर विष्वास किया, और यह उसके लिये धार्मिकता गिना गया'' (रोमियों 4:3)। ‘‘उसने यहोवा पर विष्वास किया; और यहोवा ने इस बात को उसके लेखे में धर्म गिना'' (उत्पति 15:6)। इस प्रकार अब्राहम बचाया गया परमेष्वर पर विष्वास करने के द्वारा और न कि अच्छा काम करने के द्वारा। परंतु अब्राहम ने परमेष्वर से उसका विष्वास मंजूर करने को कहा, प्रभु ने निष्चय किया उसकी मुलाकात करने और उसके साथ सहमत होने, उसे और उसकी सन्तानों को कनान की भूमि देते हुए। अब्राहम को कहा गया एक कलोर, एक बकरी, एक मेंढ़ा, एक पिण्डुक और एक कबूतर लाने और उन्हें बीच से दो टूकड़ो में बांटने। उसने ‘‘वाचा काटी'', जो प्राणियों को बीच से आधा काटने का प्राचीन रिवाज था, ताकि याचना करनेवालो की दोनों टोली वाचा में बीच में चल सके, सहमत होते हुए कि उनका अपना जीवन अंत होना चाहिए अगर वे वाचा के उस हिस्से का सन्मान करने में निश्फल होते है (सीएफ यिर्मयाह 34:18-21)। बलिदान मसीह के महान बलिदान का प्रकार है, जिसने पुरानी नियमावली के सारे बलिदानों को परिपूर्ण किया था।

अब्राहम ने परमेष्वर की आज्ञा मानी और बलिदान के टूकडे़ बाहर भूमि पर रखे। फिर, उसने इन्तज़ार किया प्रभु स्वयं के प्रकट होने का। परंतु फिर गिद्ध आए। बाहर एरिझोना के रेगिस्तान पर, मैंने देखा है गिद्ध इतने अचानक दिखाई पड़ते है कि ये किसी जादू की तरह लगता है। अगर कोई प्राणी बड़े रास्ते पर मारा गया हो, तुरंत आसमान लगभग भर जाता है इन पंक्षीयों से, लाश का चक्कर लगाते हुए। मैं नहीं जानता ये इतने जल्दी कैसे आते है, परंतु वे आते है। विज्ञान ने षायद ये रहस्य बहुत पहले स्पश्ट किया होगा, परंतु मुझे परिणाम (जवाब) नहीं पता। यीषु ने कहा, ‘‘जहाँ लोथ हो, वहीं (गिद्ध) इकट्ठे होंगे'' (मती 24:28)।

यह वाक्यखण्ड बात करता है अब्राहम संबंधी वाचा की। यह उत्पति 12:1-3 में अब्राहम को पहिले से दिये हुए वाचा के वचन का प्रमाणीकरण था, जिसमें प्रभु ने उसे वचन दिया था की उसका वंष कनान देष की भूमि के वारिष होंगे। परंतु आज रात हमारा उद्देष्य उस वाचा का अभ्यास नहीं है, परंतु इसे सबक की तरह देखना है, जो आज हमें लागू होता है। ऐसा करने के लिये हम हमारे विशय पर रोषनी डालेंगे,

‘‘और जब मांसाहारी पक्षी लोथों पर झपटे, तब अब्रामने उन्हें उड़ा दिया'' (उत्पति 15:11)।

इस धार्मिक प्रवचन में, हम रोषनी डालेंगे षवों के बलिदान, और मांसाहारी पक्षी जो नीचे आए उन पर।

1. पहला, लोथों (Carcases) का बलिदान।

पुरानी नियमावली में हरएक बलिदान निर्देष करता है मसीह के क्रूस पर के बलिदान को। और यह अलग नहीं है।

‘‘(अब्राम) ने कहा, हे प्रभु यहोवा, मैं कैसे जानूँ कि मैं इसका अधिकारी हूँगा? यहोवा ने उससे कहा, मेरे लिये तीन वर्श की एक कलोर, और तीन वर्श की एक बकरी और तीन वर्श का एक मेढ़ा, और एक पिण्डुक और कबूतर का एक बच्चा ले। इन सभों को लेकर उसने बीच से दो टूकड़े कर दिया और टुकड़ा को आमने सामने रखा; पर चिड़ियों के उसने टूकड़े नहीं किए'' (उत्पति 15:8-10)।

जब अब्रामने पूछा उसे कैसे जानकारी होगी कि वह उसे भूमि का अधिकारी होगा, आर्थर डब्ल्यु पींक ने कहा, ‘‘प्रभु जवाब देते है मसीह को, चिन्ह में, उसके सामने रखने के द्वारा''। फिर पींकने कहा, ‘‘लाक्षणिक चित्र अद्भूतता से पूर्ण होता है ... हर (प्राणी) पहले से सूचित किया गया है मसीह के विषिश्ट गुण और काम के विष्‍ोश रूप के बारे में। तीन वर्श का कलोर लगता है निर्देष करते हुए उनके प्रभाव की ताजगी को; बकरी ने दिया पाप-देनेवाला रूप; मेंढ़ा प्राणी है जो व्यवस्थाविवरण संबंधी (levitical) भेंट खांस करके जोड़ा गया था पवित्रीकरण संस्कार के साथ। पंछी कहे गए थे स्वर्ग से आनेवाले। ‘तीन वर्श', तीन बार दोहराया गया, सूचित करता है हमारें प्रभु के बलिदान का समय, ‘तीन वर्ष' की सेवा के बाद दिया गया! ध्यान दिजीयें मृत्यु उन सभी पर से पसार हुई, क्योंकि बिना लहू बहाये पष्चाताप नहीं और जहाँ पष्चाताप नहीं है वहाँ पैतृक अधिकार नहीं हो सकता'' (आर्थर डब्ल्यु. पींक, ग्लीनींग्स इन जेनेसीस, उत्पति में बटोरना, मुडी प्रेस, 1981 की प्रत, पृपृश्ठ 168, 169)।

कोई भी जो पुरानी नियमावली पढ़ता है वह जानने योग्य है प्राणीयों का बलिदान कैसे महत्वपूर्ण था। और, जब हम नयी नियमावली पढ़ते है, हम देखते है कैसे ये सारे बलिदान निर्देष करते है यीषु की तड़प और मृत्यु का हमे हमारे पाप से बचाने। इब्रानियों की किताब कहती है,

‘‘क्योंकि जब बकरों और बैलों का लहू और कलोर की राख का अपवित्र लोगों पर छिड़का जाना षरीर की षुद्धता के लिये उन्हें पवित्र करता है, तो मसीह का लहू जिसने अपने आप को सनातन आत्मा के द्वारा परमेष्वर के सामने निर्दोश चढ़ाया, तुम्हारे विवेक को मरे हुए कामों से क्यों न षुद्ध करेगा ताकि तुम जीवते परमेष्वर की सेवा करो?'' (इब्रानियों 9:13-14)।

उन प्राणीयों और पक्षियों के लोथे (षव), बाहर परमेष्वर के सामने अब्राम द्वारा रखे गए, स्पश्टता से और निष्चिंतरूप से निर्देष करता है यीषु के बलिदान का।

मैं स्पर्जन के धार्मिक प्रवचन करीबन हररोज पढ़ता हूँ। मैं आनन्दित हूँ जैसे मैं पढ़ता हूँ उनके निरन्तर संदर्भ, यीषु की तड़प को। वे बार बार हमें ले जाते है गतसमनी की वाटिका के अन्धकार में। हमें यीषु की वेदना के बारे में कहा गया था जैसे संसार के पाप वहाँ उन पर डाले गए थे। हम उन्हें हमारे पापों में कुचला हुआ देखते है जैसे ही वे प्रार्थना करते है और उनका पसीने ‘‘मानों लहू की बड़ी बड़ी बूंदो के समान'' ने, उद्धारक के लंबे पड़े हुए देह के नीचे धरती को भीगो दिया।

फिर महान् प्रचारक हमें ले जाते है प्रधान याजक के पास, जहाँ यीषु चिल्लाती हुई भीड़ द्वारा खींचे गये। हम देखते है उद्धारक को मारा हुआ और हम देखते है उनको उनके मुँह पर थूंकते हुए, और उनकी दाढ़ी नोचते हुए। फिर स्पर्जन हमें पिलातुस के महाकक्ष तक ले जाते है, और वे हमें कहते है यीषु के पीठ़ का भयानकरूप से नोचना और उनके सिर पर क्रूर काँटों के ताज़ का दबाना। अगला, वे हमें मार्गदर्षन देते है डोलोरोझा (Dolorosa) षोक के रास्ते से, जैसे ही उद्धारक बार बार गिरते है उनके क्रूस के बोज के अधीन। आखिरकार वे हमें यीषु के लिये कहते है, उनके हाथ और पैर किल से बेधे गये थे, हमारी जगह मरते हुए, हमारे पापों का प्रायष्चित करने, षापित पेड़ (क्रूस) पर।

परंतु स्पर्जन कभी कदाचित् ही यहाँ रूकते है। फिर वे हमें कब्र पर ले जाते है, जहाँ यीषु का खण्डित देह रखा गया था और हमें वहाँ अन्धकार में छोड़ा गया, बड़े गोल पत्थर के सामने जो उद्धारक के कब्र को मुहर करता है। फिर महान् प्रचारक हमें ले जाते है सुबह के धुँधलेपन सें, औरतों के साथ। हम उनके साथ श्रद्धायुक्त भय में खड़े रहते है जैसे हम सवर्गदूत को कहते सुनते है,

‘‘मत डरो : में जानता हूँ कि तुम यीषु को जो क्रूस पर चढ़ाया गया था ढूँढती हो। वह यहाँ नहीं है : परंतु अपने वचन के अनुसार जी उठा है'' (मती 28:5-6)।

हल्लिलूय्याह! हल्लिलूय्याह! हल्लिलूय्याह!
मृत्यु के सामर्थ्य ने उसका बुरा कर दिया है,
   परंतु मसीह उनके सैन्य फैल गए है :
चलो पवित्र आनन्द के विस्फोट को चिल्लाए, हल्लिलूय्याह!

तीन उदास दिन जल्दी बित गये;
   वे मृत्यु से यषस्वी उठते है :
सारी महिमा हमारे उठे हुए व्यक्ति को, हल्लिलूय्याह!

उन्होंने अधोलोक के चौड़े मन्द द्वार को बन्द किया;
   स्वर्ग के ऊँचे द्वार से न्याय गिरे :
चलिये सराहना का भक्तिगीत उनकी विजयी बात करें, हल्लिलूय्याह!

प्रभु, कोड़ो की मार जिसने आपको जख्मी किया
   मृत्यु की भयंकर ड़ोर से आपके सेवक आज़ाद हुए,
ताकि हम जिये और आपके लिये गाये, हल्लिलूय्याह!
हल्लिलूय्याह! हल्लिलूय्याह! हल्लिलूय्याह!
(‘‘विरोध खत्म हुआ'' फ्रान्सीस पोट्ट द्वारा अनुवादित, 1832-1909)।

‘‘पवित्रषास्त्र के वचन के अनुसार यीषु मसीह हमारे पापों के लिये मर गया, और गाड़ा गया, और पवित्रषास्त्र के अनुसार तीसरे दिन जी भी उठा'' (1 कुरिन्थियों 15:3-4)।

वह हे सुसमाचार! वह है हमारा संदेष! वही है हमारा गीत, और वही है हमारी आषा! और वही है जिसने अब्राम के बलिदान के निर्देष किया और चिन्हात्मक किया! आमीन और आमीन!

‘‘और जब मांसाहारी पक्षी लोथों पर झपटे, तब अब्रामने उन्हें उड़ा दिया'' (उत्पति 15:11)।

2. दूसरा, मांसाहारी पक्षी जो नीचे आए।

इब्रानियों इसे अक्षरषः कहते है, ‘‘गिद्ध''। यह अतिलोलुप मेहतर किसके लिये बात कर सकता है? यह क्या है जो वे संकेत करना चाहते है? मुझे कोई संदेह नहीं है कि वे द्रश्टांत देते है ष्‍ौतान और उसके अषुद्ध आत्माओं का। अब हम हमारे कलीसिया में दुश्टात्माओं के बारे में कितना कम सुनते है। ऐसे पल में जब हमारा राश्ट्र बुराई में बहाया जाता है, और हर रोज हम राक्षसी पाप के बारे में सुनते है हमें कभी भी जानकारी नहीं थी जब मैं युवा था - इस अंधेरे समय में - हम करीबन कुछ नहीं सुनते ष्‍ौतान और उसके दानवों के बारे में हमारे तख्त में। हमें सिर्फ आनंदित धार्मिक प्रवचन देते हुए, बहुत से प्रचारक निश्फल हुए हमारे साथ हाथ मिलाने ‘‘मल्लयुद्ध करने प्रधानों से और अधिकारियों से, और इस संसार के अन्धकार के हाकिमों से और उस दुश्टता की आत्मिक सेनाओं से जो आकाष में है'' (इफिसियों 6:12)। परंतु भूतविद्या की उपेक्षा द्वारा, उन्होंने हमारे लोगों को ष्‍ौतान के आसान षिकार में छोड़ दिया जो ‘‘इस खोज में रहता है कि किस को फाड़ खाए'' (1 पतरस 5:8)।

प्रभु यीषु ने बात की ‘‘हवाँ से आने वाले मांसाहारी पक्षीयों'' की जो सुसमाचार के बहुमूल्य वंष को नश्ट करने आते है (लूका 8:5)। और यीषु ने हमें वे मांसाहारी पक्षी कौन है उस संदेह में नहीं रखा, क्योंकि उन्होंने कहा, ‘‘तब ष्‍ौतान आकर उनके मन में से वचन उठा ले जाता है कि कहीं ऐसा न हो कि वे विष्वास करके उद्धार पाएँ'' (लूका 8:12)।

‘‘और जब मांसाहारी पक्षी लोथों पर झपटे, तब अब्रामने उन्हें उड़ा दिया'' (उत्पति 15:11)।

हम संदेह नहीं कर सकते कि ये मांसाहारी पक्षी ष्‍ौतान द्वारा भेजे गए थे उस वाचा के बलिदान को खाने। और, अवष्य, ष्‍ौतान आता है अन्दर हर एक मौके पर पापियों के मन में से सुसमाचार उठा लेने - और इसे हमारे कलीसिया से भी उठा लेने!

पीछे 20 वी सदी की षुरूआत में मसीह की क्रूस पर की दूसरे के बदली की मौत के विरूद्ध आक्रमण आये। यह ष्‍ौतानी हमला था, स्पर्जन ने सामने प्रचार किया इतनी मजबूती से और अच्छी तरह। हमारे समय में आक्रमण ज्यादा सूक्ष्म है। प्रचारक मसीह की दूसरे के बदली के बलिदान को होठ़ों से सेवा देते है - परंतु वे कदाचित ही इस पर प्रचार करते है! सिद्धांतवादी कलीसिया में भी हम मुष्किल से सुनते है पूरा धार्मिक प्रवचन मसीह की तड़प और मृत्यु को समर्पित किया हुआ। डो. मिष्‍ोल एस. हार्टन निर्देष करते है कि मुष्किल से कोई भी पूरा धार्मिक प्रवचन मसीह के किसी रूप पर प्रचार करते है। उनकी किताब कही जाती है क्राइस्टलेस क्रीस्टीयानीटी, मसीह बिना की मसीहीता (बेकर, 2008)। मैं आषा करता हूँ अमरिका में हर एक प्रचारक इसे पढ़े - और फिर अपने आप से पूछे, ‘‘मैंने आखरी बार कब धार्मिक प्रवचन प्रचार किया था जो पूरी तरह से मसीह केन्द्रित हो?'' मैं सोचता हूँ उन में से बहुत से चक्ति होंगे अगर वे वह प्रष्न प्रमाणिकता से अपने आप से पूछे!

आज ज्यादातर धार्मिक प्रवचन रोषनी डालते है आदमी, आदमी की आवष्यकताएँ, आदमी की भावनाएँ, आदमी की परेषानीयाँ, आदमी के आनंद पर, परंतु मसीह पर नहीं! डॉ. डेवीड एफ. वेल्स ने भी ध्यान दिया इस झुकाव पर। उन्होंने कहा, ‘‘इतना सारा सुसमाचार संबंधी प्रचार ... प्रचार करना ... हकीकत में स्व-प्रकाषित है, ना कि प्रभु केन्द्रित। यह हम क्या करते है, हमें क्या मिलता है, के बारे में है, ना कि प्रभु ने क्या किया उसके बारे में, या वे हमें मसीह में क्या देते है उसके बारे में नहीं ... प्रभु ने हमें मसीह की हमारी जगह मृत्यु में क्या दिया है उसके बारे में भी नहीं'' (डेवीड एफ. वेल्स, पीएच.डी., ध करेज टु बी प्रोटेस्टन्ट, प्रोटेस्टन्ट होने का साहस, एरडमान्स, 2008, पृपृश्ठ 182, 183)।

क्या आप सोचते हो वे बहुत कठोर बने थे? अपने आप से पूछो, आपने आखिरीबार कब पूरा धार्मिक प्रवचन मसीह को क्रूस पर चढ़ाने के बारे, उनके पुनरूत्थान के बारे में, उनके दोबारा आने के बारे में भी (हमारा आनन्द नहीं, परंतु उनका दोबारा आना) सुना है? बाइबल में माननेवाले कलीसियाओं में भी, ज्यादातर धार्मिक प्रवचन हमारी आवष्यकता और भावनाओं पर आधारित है - मसीह स्वयं पर नहीं!

‘‘और जब मांसाहारी पक्षी लोथों पर झपटे, तब अब्रामने उन्हें उड़ा दिया'' (उत्पति 15:11)।

कहीं, कैसे भी, किसी को खड़े रहने और मसीह के बलिदान से गिद्ध को हटाने की आवष्यकता है! कहीं, कैसे भी, किसी को खड़े रहने और प्रेरितो पौलुस के साथ कहने की आवष्यकता है,

‘‘मैंने यह ठान लिया था कि तुम्हारे बीच यीषु मसीह वरन् क्रूस पर चढ़ाए हुए मसीह को छोड़ और किसी बात को न जानूँ'' (1 कुरिन्थियों 2:2)।

कोई कहता है, ‘‘वो हमारी आवष्यकताओं को पूरी नहीं करेगा''। मैं कहता हूँ, यह हमारी आवष्यकताओं को पूरी करेगा - अधिक बेहतर तरीके से कोई चेतावनी दिया जाता है : प्रस्तावित - मानसषास्त्र, ओप्राह विनफ्रे, रीडर्स डायजेस्ट, या जोएल ओस्टीन द्वारा! प्रेरितो ने कहा,

‘‘मसीह यीषु, जो परमेष्वर की ओर से हमारे लिये ज्ञान ठहरा, अर्थात् धर्म, और पवित्रता, और छुटकारा : ताकि जैसा लिखा है वैसा ही हो, जो घमण्ड करे वह प्रभु में घमण्ड करें'' (1 कुरिन्थियों 1:30-31)।

‘‘क्योंकि यहूदी तो चिन्ह चाहते है, और युनानी ज्ञान की खोज में है, परन्तु हम तो उस क्रूस पर चढ़ाए हुए मसीह का प्रचार करते है, जो यहूदियों के लिये ठोकर का कारण और अन्य जातियों के लिये मूर्खता है। परन्तु जो बुलाए हुए है, क्या यहूदी क्या यूनानी, उनके निकट मसीह परमेष्वर की सामर्थ्य और परमेष्वर का ज्ञान है'' (1 कुरिन्थियों 1:22-24)।

मसीह - परमेष्वर का सामर्थ्य! मसीह - परमेष्वर का ज्ञान! मसीह सबकुछ है जिसकी मुझे आवष्यकता है! और मसीह सबकुछ है जिसकी आपको आवष्यकता है! वे जो उद्धारक को जानते है, वे पौलुस के साथ कह सकते है,

‘‘जो मुझे सामर्थ्य देता है उसमें मैं सब कुछ कर सकता हूँ'' (फिलिप्पियों 4:13)।

चलिये हरएक जो यह धार्मिक प्रवचन सुन रहा है ठान ले यीषु के नाम की प्रषंसा करना, और उनका क्रूस पर हमारे लिये मृतप्राय प्रेम! चलिये हम में से हरएक अपनी जिंदगी पुराने सुसमाचार को समर्पित करे, इसका विष्वास करे, इसका प्रचार करे, और जो खोए हुए है उन्हें गवाही दे! उन्हें जो आवष्यकता है वो प्रस्तावित मानसषास्त्र या स्व-सहाय बाते नहीं है! उन्हें आवष्यकता है मसीह के लहू से भिगे सुसमाचार की!

मुझे कहानी कहना पसंद है, ऊपर किसी अनदेखी चीजों की,
   यीषु और उनकी महिमा की, यीषु और उनके प्रेम की।
मुझे कहानी कहना पसंद है, क्योंकि मैं जानता हूँ यह सच है;
   यह मेरी उत्कंठा को संतुश्ठ करता है, जो कुछ और नहीं कर सकता।

मुझे कहानी कहना पसंद है, यह ज्यादा अद्भूत लगती है
   हमारे सारे सुनहरे सपनों की सारी सुनहरी कल्पनाओं से अधिक।
मुझे कहानी कहना पसंद है, इसने मेरे लिये बहुत कुछ किया है;
   और सिर्फ वही कारण है मैं आपको यह अभी कहता हूँ।

मुझे कहानी कहना पसंद है, उनके लिये जो इसे सबसे बेहतर जानते है
   दूसरों की तरह इसे सुनने भूखे और प्यासे लगते है।
और जब, महिमा के दृष्य में, मैं नया, नया गीत गाता हूँ,
   वह पुरानी पुरानी कहानी होगी जिसे मैंने इतने लंबे समय से प्रेम किया।
मुझे कहानी कहना पसंद है, वह महिमा में मेरा विशय होगा
   यीषु और उनके प्रेम की पुरानी, पुरानी कहानी कहना।
(‘‘मुझे कहानी कहना पसंद है'' वही ए केथेरीन हेन्की द्वारा, 1834-1911)।

दया ने मेरा जीवन फिर से लिखा,
   दया ने मेरा जीवन फिर से लिखा।
मैं पाप में खोया था,
   परंतु यीषु ने मेरा जीवन फिर से लिखा।
(‘‘दया ने मेरा जीवन फिर से लिखा'' माइक मरडॉक द्वारा, 1946-,
      याजक द्वारा ठीक किया हुआ।)

मैं उनकी प्रषंसा करूँगा! मैं उनकी प्रषंसा करूँगा!
   मेम्ने की प्रषंसा करो पापियों के वध के लिये;
उनको महिमा दो, आप सब लोग,
   क्योंकि उनका लहू हरएक दाग को धो सकता है!
(‘‘मैं उनकी प्रषंसा करूँगा'' मार्गरेट जे. हेरीस द्वारा, 1865- 1919)।

‘‘और जब मांसाहारी पक्षी लोथों पर झपटे, तब अब्रामने उन्हें उड़ा दिया'' (उत्पति 15:11)।

अब ध्यान से सुनो, खोए पापियों! मसीह यीषु क्रूस पर आपके बदली मरे, आपके पापों को चुकाने। जब वे क्रूस के पास गए, उनके मन में आप थे। उनके मन में आप थे जैसे ही वे वहाँ खुन भरे और तड़पते हुए लटके, आपके पापों के लिये चुकाने। उनके मन में आप थे जब उन्होंने पुकारा ‘‘यह खत्म हुआ'' और आपकी जगह मरे, आपके पापो का प्रायष्चित करने। और यीषु आज स्वर्ग से नीचे देखते है आपको। वे आपके लिये प्रार्थना कर रहे है। उनके मन में आप हो। वे आपको बुलाते है, ‘‘... मेरे पास आओ - मैं तुम्हें विश्राम दूँगा'' (मती 11:28)। क्या आप उनके पास आओगे? क्या आजरात आप उनका भरोसा करोगे? ष्‍ौतान आएगा और आपको धीरे से कहेगा, ‘‘यह नहीं होगा। आप बचाए नहीं जाओगे''। ष्‍ौतान को दूर हटा दो - जैसे अब्राहम ने उस गिद्धों को हटाया। उन अषुद्ध दुश्ट मनुश्यों का नहीं सुनना! उसके विचारों का अस्वीकार करो। उन्हें दूर हटा दो बलिदान से! आओ और आपके मन से यीषु पर भरोसा करो। वे आपको माफ कर देंगे। वे आपको न्याय देंगे। वे आपको बचाएंगे - अभी! हम गाने जा रहे है वो छोटा सा समूहगान - ‘‘दया ने मेरा जीवन फिर से लिखा'' और ‘‘मैं उनकी प्रषंसा करूँगा''। अगर आपको बचाये जाने और सच्चे मसीही बनने के बारे में बात करनी हो, मेहरबानी करके पिछले कक्ष मे ंजाओ जब हम गाते है। डो. केगन आपको षान्त कमरे में ले जायेंगे जहाँ हम बाते और प्रार्थना कर सकते है। अभी जाओ जब हम गाते है।

दया ने मेरा जीवन फिर से लिखा,
   दया ने मेरा जीवन फिर से लिखा।
मैं पाप में खोया था,
   परंतु यीषु ने मेरा जीवन फिर से लिखा।

मैं उनकी प्रषंसा करूँगा! मैं उनकी प्रषंसा करूँगा!
   मेम्ने की प्रषंसा करो पापियों के वध के लिये;
उनको महिमा दो, आप सब लोग,
   क्योंकि उनका लहू हरएक दाग को धो सकता है!

डो. चान, मेहरबानी करके हमें हमें प्रार्थना में ले जाओ।

(संदेश का अंत)
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धार्मिक प्रवचन से पहले श्रीमान क्यु. डोन्ग ली द्वारा पढ़ा हुआ पवित्रषास्त्र : उत्पति 15:1-18।
धार्मिक प्रवचन से पहले श्रीमान बेन्जामिन किनकेड ग्रीफिथ द्वारा गाया हुआ गीत :
‘‘काँटो का ताज'' (ईरा एफ. स्टान्फील द्वारा, 1914-1993)।


रूपरेखा

गिद्धो को बलिदान से दूर हटाना

(उत्पति की किताब पर # 68 वाँ धार्मिक प्रवचन)

डो. आर. एल. हायर्मस, जुनि. द्वारा

‘‘और जब मांसाहारी पक्षी लोथों पर झपटे, तब अब्रामने उन्हें उड़ा दिया'' (उत्पति 15:11)।

(रोमियों 4:3; उत्पति 15:6; सीएफ यिर्मयाह 34:18-21; मती 24:28)

1. पहला, लोथों का बलिदान, उत्पति 15:8-10; इब्रानियों 9:13-14;
मती 28:5-6; 1 कुरिन्थियों 15:3-4।

2. दूसरा, मांसाहारी पक्षी जो नीचे आए, इफिसियों 6:12; 1 पतरस 5:8;
लूका 8:5,12; 1 कुरिन्थियों 2:2, 1:30-31, 22-24; फिलिप्पियों 4:13; मती 11:28।