Print Sermon

इन संदेशों की पांडुलिपियां प्रति माह २१५ देशों के १,५००,००० कंम्प्यूटर्स पर इस वेबसाइट पते पर www.sermonsfortheworld.com जाती हैं। सैकड़ों लोग इन्हें यू टयूब विडियो पर देखते हैं। किंतु वे जल्द ही यू टयूब छोड़ देते हैं क्योंकि विडियों संदेश हमारी वेबसाईट पर पर पहुंचाता है। यू टयूब लोगों को हमारी वेबसाईट पर पहुंचाता है। प्रति माह ये संदेश ३५ भाषाओं में अनुवादित होकर १२०,००० प्रति माह हजारों लोगों के कंप्यूटर्स पर पहुंचते हैं। लिये उपलब्ध रहते हैं। पांडुलिपि संदेशों का कॉपीराईट नहीं है। आप उन्हें बिना अनुमति के भी उपयोग में ला सकते हैं। आप यहां क्लिक करके अपना मासिक दान हमें दे सकते हैं ताकि संपूर्ण संसार जिसमें मुस्लिम व हिंदु भी सम्मिलित है उनके मध्य सुसमाचार फैलाने के महान कार्य में सहायता मिल सके।

जब कभी आप डॉ हिमर्स को लिखें तो अवश्य बतायें कि आप किस देश में रहते हैं। अन्यथा वह आप को उत्तर नहीं दे पायेंगे। डॉ हिमर्स का ईमेल है rlhymersjr@sbcglobal.net.




यीषु के नाम

THE NAMES OF JESUS
(Hindi)

डो. आर. एल. हायर्मस, जुनि. द्वारा
by Dr. R. L. Hymers, Jr.

लोस एंजलिस के बप्तीस टबरनेकल में प्रभु के दिन की षाम, 16 दीसंबर, 2012 को दिया हुआ धार्मिक प्रवचन
A sermon preached at the Baptist Tabernacle of Los Angeles
Lord’s Day Evening, December 16, 2012

‘‘क्योंकि हमारे लिये एक बालक उत्पन्न हुआ, हमें एक पुत्र दिया गया है : और प्रभुता उसके काँधे पर होगी, और उसका नाम अद्भूत युक्ति करनेवाला, पराक्रमी परमेष्वर, अनन्तकाल का पिता और षान्ति का राजकुमार रखा जाएगा'' (यषायाह 9:6)।


डो. लुईस टी. टेलबोट (1889-1976) ओपन डोर (Open Dor) के बड़े कलीसिया के याजक थे, जब वो पब्लीक वाचनालय के करीब स्थित था, हमारे कलीसिया से आठ फर्लाग उतर की ओर यहाँ लोस एंजलिस के नागरिक केन्द्र में। डो. आर. ए. टोरेय उस कलीसिया के संस्थापक याजक थे, परंतु यह 5,000 सदस्यों से थोड़े सेकड़ो सदस्यों पर नीचे आ गया (कम हो गया) था जब डो. टेलबोट आए। उन्होंने कलीसिया को बड़े मानसिक तनाव के बीच भी चलाया और उन्होंने ऋण चुकाने में इमारत दे दी और संपति गिरवी रखनेवाले पत्र को जला दिया। उन्होंने थोड़े हजार नये सदस्य भी जोड़े। जब वे निवृत्त हुए डो. जे वेरनोन मेकगी याजक बने। मैंने उस कलीसिया इमारत में बहुत से महान् प्रचारको को सुना है, जैसे डो. एम. आर. डेहान्न, डो. वील्बर एम. स्मीथ, डो. आर. जी. ली., डो. जी. ब्यूचेम्प वीक्क, और डो. डीक हीलीस, चीन और ताइवान के प्रसिद्ध धर्म प्रचारक। परंतु डो. टेलबोट ऐसे इंसान थे जिन्होने कलीसिया इमारत को मानसिक तनाव से बचाया और इसकी हद को विस्तृत किया अक्षरषः सेकड़ो धर्म प्रचारक और देषवासी कार्यकर्ताओं भेजकर, उनके महान् कलीसिया की सहाय के द्वारा। डो. टेलबोट भी 1930 और 1940 के दषको के दौरान में रेडियो पर मषहूर प्रचारक थे। मैं उन्हें जानता था और उनकी पत्नी हमारे कलीसिया में बोली थी उनकी मृत्यु के कुछ समय बाद। यहाँ है जो डो. टेलबोट ने कहा,

     क्रीसमस समूहगान में से एक सबसे सुन्दर जो हमें सुनना चाहिए ... जब हम हमारे परमेष्वर के जन्म के स्मरणार्थ उत्सव मनाएँगे वो हेन्डेल के (Handel’s) मसीह (Messiah) से होगा, अधिकार के साथ, ‘‘क्योंकि हमारे लिये एक बालक उत्पन्न हुआ है''। अगर हम इसके बारे में सोचते भी है, हमारे कानो में संगीत गूंजता है :

‘‘क्योंकि हमारे लिये एक बालक उत्पन्न हुआ, हमें एक पुत्र दिया गया है : और प्रभुता उसके काँधे पर होगी, और उसका नाम अद्भूत युक्ति करनेवाला, पराक्रमी परमेष्वर, अनन्तकाल का पिता और षान्ति का राजकुमार रखा जाएगा'' (यषायाह 9:6)।

     ‘‘क्योंकि हमारे लिये एक बालक उत्पन्न हुआ है'' वो अपने आप के प्रकार में इतना सुन्दर है जैसे तीव्र उत्तेजक ‘‘हल्लिलूय्याह कोरस''-प्रभावषाली, पूजनीय, उत्कृश्ट! हेन्डेल (Handel) मसीही समर्पित होगा और बाइबल का करीबी विद्यार्थी, नही ंतो उन्होंने कभी भी सबसे सुन्दर अलंकार युक्त वाख्यान ‘‘ध मसीह'' की रचना नहीं की होती ... इसके पृश्ठ़ पढीये और आपको मिलेगा आनेवाले उद्धारक और राजा की पुरानी नियमावली की भविश्यवाणी का अद्वितीय संग्रह : उनके तड़प, मृत्यु, पुनरूत्थान और स्वर्गारोहण की कथा; और उनके फिरसे सामर्थ्य और महान् महिमा में आने की भविश्यवाणीयाँ ... हेन्डेल के ‘‘ध मसीह'' की जतनपूर्वक पढ़ाई दिखाईगी की संगीतकार सिर्फ अपनी कला के पारंगत ही नहीं थे, परंतु उन्होंने प्रेम भी किया जिनको उन्होंने लिखा, स्मरण करते हुए कि ‘‘उनका नाम अद्भूत युक्ति करनेवाला, पराक्रमी परमेष्वर, अनन्तकाल का पिता, और “षान्ति का राजकुमार'' रखा जाएगा (लुईस टी. टेलबोट, डी.डी., ‘‘हमारे परमेष्वर के नाम'', ध नेम्स् अॉफ अवर लोर्ड)।

बाइबल में जो नाम यीषु को दिये गये है वो परम् अर्थपूर्ण है। और बाइबल उनके बहुत से नामों की सूचि देता है : उद्धारक, मसीह, मेम्ने का प्रभु, इम्मानुएल, प्रभु के पुत्र, आदमी के पुत्र, वचन, पवित्र, मुक्त करनेवाला, षीलो, षान्ति स्थापक, अच्छा चरवाहा, नासरत, बढ़ई, जेहोवा का दास, षारोन का गुलाब, दर्रा का सोसन फुल (लीली), दस हजारो में मुख्य और इत्यादि। परन्तु उनके कोई भी नाम अधिक ज्यादा अर्थपूर्ण नहीं है एक जो भविश्यवक्ता यषायाह द्वारा दिया था - अद्भूत, मन्त्री, पराक्रमी परमेष्वर, अनंतकाल का पिता, षान्ति का राजकुमार। चलिये इन नामो को आज रात कुछ मीनट के लिये सोचे।

1. पहला, उनका नाम पुकारा जाना चाहिए अद्भूत।

स्पर्जन ने कहा भूतकाल में यीषु अद्भूत थे। उनके अनन्त अस्तित्व को ध्यान करो, सारे संसार को बनाने से पहले के पिता के एकलौते पुत्र। पिता के समान सत्व का। एकलौता, रचा हुआ नहीं - एक समान, समान अनन्त, ‘‘सच्चे प्रभु का सच्चा प्रभु''। यीषु का दिव्य स्वभाव यर्थाथ में अद्भूत है। इंसानी माँस में ढँका हुआ, हम उन्हें देखते है बैतलहम के चरनी में, एक अद्भूत बालक, परमेष्वर हमारे साथ है, हमारे इम्मानुएल! वे उनकी धरती पर के संपूर्ण छोटे जीवन में अद्भूत थे। नासरत के यीषु स्वर्ग के राजा थे। और फिर भी वे गरीब, तिरस्कृत, पीड़ित, और कलंकित बने। मैं वो नहीं समझ सकता, परंतु मैं उनको प्रेम करता हूँ। मैं उनकी सराहना करूँगा जब तक मुझ में साँस है, उनकी तड़प, उनकी परिपोशकता, कृपा मुझ जैसे पापी को बचाने को। परंतु इसे कभी भी समझ न सकूँगा। उनके पूरे जीवन दरम्यान उनका नाम अद्भूत ही पुकारा जाना चाहिए!

परंतु उन्हें क्रूस पर मरते हुए देखो। उन्हें आपके पाप उनकी अपनी देह पर उठाते देखो। उनके हाथो और पैरो में कील ठोकते देखो। उनका देह देखो, कोड़ो से मारी हुई पीठ और काँटो का ताज पहनाया हुआ कपाल। कैसे स्वर्ग की महिमा छोडकर और ऐसे अंत के लिये आना यह मुझे विस्मययुक्त करता है। आपका नाम अद्भूत यर्थाथ है! यीषु, आपके जैसा दुःख कभी भी था? आपके जैसा प्रेम कभी भी था? यहाँ अद्वितीय प्रेम है - अद्वितीय प्रेम उनको तड़पाने, अद्वितीय सामर्थ्य उनको उनके पिता के क्रोध का सारा वजन सहने। और यहाँ है अद्वितीय दया कि वे तड़पने चाहिए ताकि हम पापी आदमीयों को अधोलोक से बचा सके जिसके हम लायक है। ‘‘उनका नाम पुकारा जाना चाहिए अद्भूत!''

परंतु उनको मृत्यु से उठते देखो। परमेष्वर ने उनकी आत्मा को अधोलोक में नहीं छोड़ा, ना वे तड़पे उनके पवित्र एक मात्र को भश्ट्राचार देखने। वे मृत्यु से उठते है। उन्होंने रूमाल को घड़ी किया जो उनके मुँह पर था और उसे जतन से कब्र पर रख दिया। पत्थर - पीछे हटता है, और यीषु उस कब्र से बाहर निकलते है सुबह के सूरज में। ‘‘उनका नाम पुकारा, जाना चाहिए अद्भूत''।

अब वो अपने पीता के पास फीर से उपर जाते है। वे अपनी गरदन उठाते है उनको उठते हुए देखने। आखिर कार स्वर्गदूत कहते है कि वे लौटकर आयेंगे - लौटकर बादलो के बीच से जिसमें से उन्होंने उनको उठते देखा। ‘‘उनका नाम पुकारा जाना चाहिए अद्भूत''।

2. दूसरा, उनका नाम होना चाहिए बुद्धि सहायक मन्त्री।

जब वे इस धरती पर थे थोड़े लोगों ने उनको उपदेष देते सुना था। और उनका उपदेष आज भी अविष्वासु संसार द्वारा अस्वीकार किया जाता है। हम में से जो उनसे प्रेम करते है वे सारे भी कई बार उनको देखने में निश्फल होते है उनके उपदेष और मार्गदर्षन के लिये। हम स्व-इच्छित, अधीर और भूलनेवाले है हमारे उन पर अन्तिम आधार को जिसने ‘‘सारी चीजे चंगी की।''

परन्तु जब वे फिर से आते है, तब ऐसा नहीं होगा। फिर सारे आदमी उनको कहेंगे ‘‘बुद्धि सहायक मंत्री''। जब वे दाउद के सिंहासन पर बैठेंगे, फिर सब आदमी हर जगह उनको ढूँढेगे और उनके उपदेष मानेंगे। मसीह धर्मी न्यायकर्ता और राजाओं के राजा होंगे उस यषस्वी दिन। और वे पूरे संसार के बुद्धि सहायक मन्त्री होने चाहिए। जैसे डो. वोट्स ने इतनी सुन्दरता से कहा,

जहाँ कही भी सूरज है, यीषु वहाँ षासन करेंगे,
   उनकी परम्परागत सफर चलाये;
उनका साम्राराज्य एक से दूसरे किनारे तक फैलना चाहिए
   जब तक चाँद मोम बने और अब ज्यादा न घटे।
(‘‘यीषु षासन करने चाहिए'' डो. इसाक वोट्स द्वारा, 1674-1748)।

3. तीसरा, उनका नाम होना चाहिए पराक्रमी परमेष्वर।

आदमी आज उनको उस प्रषंसा किए हुए नाम से नहीं बुलाते। आपके महाविद्यालय के प्राध्यापक उनको कहते है मार्गभ्रश्ट मूर्ख। हिन्दू उनको ‘‘अवतार'' कहते है। मुसलमान उनको सिर्फ भविश्यवक्ता कहते है। जेहोवा की गवाही उन्हें सर्जन किया हुआ अस्तित्व (प्राणी) कहते हैं। परंतु पवित्र बाइबल उन्हें कहता है ‘‘पराक्रमी परमेष्वर''। हल्लिलूय्याह!!! वे सर्वषक्तिमान प्रभु है, पवित्र त्रिदेव का दूसरा व्यक्ति। स्वर्ग और धरती की सारी चीज़े उनके द्वारा बनी है। ‘‘पराक्रमी परमेष्वर''। यीषु का कैसा नाम!

‘‘पराक्रमी'' कैसा षब्द! वे सारी षक्ति, सारे वैभव और षक्ति के उद्गमस्थान है! मसीह के सामर्थ्य ने संसार को अस्तित्व में लाया। उनकी आवाज ने उपद्रव से व्यवस्था, अंधेरे से प्रकाष, अनन्त दण्ड और मृत्यु से जीवन बाहर लाए है! मसीह के सामर्थ्य द्वारा सारी प्रकृति अपना मकसद परिपूर्ण करती है। हरएक फुल, हरएक पंछी, हरएक पेड़, हरएक पहाड़, हरएक दर्रा, तूफान की हरएक ताली और बिजली की रोषनी मसीह के सामर्थ्य के बारे में बोलते है! उनका नाम होना चाहिए अद्भूत, बुद्धि सहायक मन्त्री और पराक्रमी परमेष्वर!

4. चौथा, उनका नाम पुकारा जाना चाहिए अनन्तकाल के पिता।

वह नाम मेरे लिये स्पश्ट करना बहुत ऊँचा है। इसलिये मैं प्रणाम करता हूँ स्पर्जन प्रचारकों के राजकुमार को। स्पर्जन ने कहा, ‘‘हमारे परमेष्वर का सही नाम, जहाँ तक ईष्वरत्व का संबंध है, पिता नहीं है, परंतु पुत्र है। चलिए व्याकुलता से सावधान रहे। पुत्र पिता नहीं है, नाही पिता पुत्र है; (यह) जतनपूर्वक माना और देखा जाता है ... पिता पुत्र नहीं, और पुत्र पिता नहीं है। हमारा पाठ तीन व्यक्ति के पद और नाम पर, उनके आपस में संबंध पर अभिप्राय नहीं है; ये ईष्वर स्वयं का रिष्ता सूचित नहीं करता है, परंतु (बजाय) यीषु मसीह का रिष्ता हमारे साथ। हमारे लिये वे ‘‘अनन्तकाल के पिता'' है (सी. एच. स्पर्जन, ‘‘उनका नाम - अनन्तकाल के पिता'')।

वे अनन्त है, ‘‘कल, और आज, और युगानुयुग एक सा'' (इब्रानियो 13:8)। वे हमेषा थे। वे सर्वदा एक समान है। वे ‘‘पिता'' कहे जाते है। किस अर्थ में यीषु पिता है? वे संयुक्तता से पिता है, सारे मुक्त करनेवालो के मुख्य, आखरी आदम की तरह। षाप हम पर आता है क्योंकि पहला आदम हमारी जाति का संयुक्त नेता था। आदम, हमारे पिता थे। परंतु अब हम मसीह में है, वे हमारे संयुक्त नेता है। वे अपने लोगों के पिता है। आदम हमारे ‘‘अनन्त काल के पिता'' नहीं है, परंतु यीषु है, हमारी नयी वाचा के मुख्य। वे पिता है सब मसीहीयों के मसीहीता के पिता, सारी पद्धति के पिता जिसके अधीन हम अनुग्रह द्वारा बचाये जाते है। अगर आप खोए हुए हो, आदम अभी भी आपका पिता है। परंतु अगर आप उनके द्वारा बचाये हुए हो, तो यीषु अब आपके ‘‘अनन्त काल के पिता'' है, और आपकी आत्मा के उद्धारक।

5. पांचवा, उनका नाम होना चाहिए षान्ति का राजकुमार।

जब यीषु बैतलहम में जन्मे तब स्वर्गदूत कुछ चरवाहे को दिखे और उन्होंने कहा,

‘‘आकाष में परमेष्वर की महिमा और पृथ्वी पर उन मनुश्यों में जिनसे वह प्रसन्न है, षान्ति हो'' (लूका 2:14)।

यीषु हमें षान्ति देने आये। उनके द्वारा हमें प्रभु के साथ षान्ति मिलती है। बाइबल कहता है, ‘‘अपने प्रभु यीषु मसीह के द्वारा परमेष्वर के साथ मेल रखे'' (रोमियों 5:1)। इसीलिये वे क्रूस पर मरे, हमारे पापो को चुकाने, और हमें प्रभु से फिर से मिलाने। उन्होंने ‘‘उस के क्रूस पर बहे हुए लहू के द्वारा मेल मिलाप किया'' (कुलुस्सियों 1:20)।

परंतु जब वे फिर से आते है, स्वर्ग के बादलो के बीच से, ‘‘षान्ति का राजकुमार'' धरती पर षान्ति स्थापित करेंगे। उस दिन में वह ‘‘जाति जाति का न्याय करेगा, और देष देष के लोगों के झगड़ो को मिटाएगा; और वे अपनी तलवारें पीटकर हल के फाल और अपने भालों को हँसिया बनाएँगे; तब एक जाति दूसरी जाति के विरूद्ध फिर तलवार न चलाएगी, न लोग भविश्य में युद्ध की विद्या सीखेंगे'' (यषायाह 2:4)।

‘‘क्योंकि हमारे लिये एक बालक उत्पन्न हुआ, हमें एक पुत्र दिया गया है : और प्रभुता उसके काँधे पर होगी, और उसका नाम अद्भूत युक्ति करनेवाला, पराक्रमी परमेष्वर, अनन्तकाल का पिता और षान्ति का राजकुमार रखा जाएगा'' (यषायाह 9:6)।

मैं प्रार्थना करता हूँ कि आज रात आप यीषु का भरोसा करेंगे। यह सारे सुन्दर नाम दिखाते है कि वे आपके लिये क्या कर सकते है। वे आपकी आत्मा को बचा सकते है, और आपको महिमा में घर ले जा सकते है। उनका लहू सबसे दुश्ट को भी पवित्र कर सकता है। उनका लहू मेरे लिये उपकारी है! आमीन। जैसे बपतिस्मा देनेवाले यूहन्ना ने कहा, ‘‘देखो, यह परमेष्वर का मेम्ना है जो जगत का पाप उठा ले जाता है'' (यूहन्ना 1:29)।

अगर आपको डो. केगन और मेरे साथ बात करनी है आपके पापो से यीषु द्वारा बचाये जाने के बारे में, मेहरबानी करके आपकी बैठक से उठे अभी और सभागृह के पीछे जाइये। डो. चान, मेहरबानी करके हमें प्रार्थना में ले जाओ।

(संदेश का अंत)
आप डॉ0हिमर्स के संदेश प्रत्येक सप्ताह इंटरनेट पर पढ़ सकते हैं क्लिक करें
www.realconversion.com अथवा www.rlhsermons.com
क्लिक करें ‘‘हस्तलिखित संदेश पर।

आप डॉ0हिमर्स को अंग्रेजी में ई-मेल भी भेज सकते हैं - rlhymersjr@sbcglobal.net
अथवा आप उन्हें इस पते पर पत्र डाल सकते हैं पी. ओ.बॉक्स 15308,लॉस ऐंजेल्स,केलीफोर्निया 90015
या उन्हें दूरभाष कर सकते हैं (818)352-0452

ये संदेश कॉपी राईट नहीं है। आप उन्हें िबना डॉ0हिमर्स की अनुमति के भी उपयोग में ला सकते
 हैं। यद्यपि, डॉ0हिमर्स के समस्त वीडियो संदेश कॉपीराइट हैं एवं केवल अनुमति लेकर
ही उपयोग में लाये जा सकते हैं।

धार्मिक प्रवचन से पहले श्रीमान क्यु डोन्ग ली द्वारा पढ़ा हुआ पवित्रषास्त्र : मती 1:18-25।
धार्मिक प्रवचन से पहले श्रीमान बेन्जामिन किनकेड ग्रीफिथ द्वारा गाया हुआ गीत :
‘‘कैसा बालक है यह?'' (वीलीयम सी. डीक्स द्वारा, 1837-1898)।