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क्रीसमस विरोध

(उत्पति की किताब पर धार्मिक प्रवचन # 66)
THE CHRISTMAS CONFLICT
(SERMON #66 ON THE BOOK OF GENESIS)
(Hindi)

डो. आर. एल. हायर्मस, जुनि. द्वारा
by Dr. R. L. Hymers, Jr.

लोस एंजलिस के बप्तीस टबरनेकल में प्रभु के दिन की सुबह, 9 दीसंबर, 2012 को दिया हुआ धार्मिक प्रवचन
A sermon preached at the Baptist Tabernacle of Los Angeles
Lord’s Day Morning, December 9, 2012

‘‘तब यहोवा परमेष्वर ने सर्प से कहा, तुनेे जो यह किया है इसलिये तू सब घरेलू पषुओं और सब बनैले पषुओं से अधिक षापित है, तू पेट के बल चला करेगा, और जीवन भर मीट्टी चाटता रहेगा। और मैं तेरे और इस स्त्री के बीच में, और तेरे वंष और इसके वंष के बीच में बैर उत्पन्न करूँगा, वह तेरे सिर को कुचल डालेगा, और तू उसकी एड़ी को डसेगा’’ (उत्पति 3:14-15)।


मैं आषा करता हूँ कि आप कभी भी उत्पति में साँप को झूठी कथा या कल्पित कहानी नहीं सोचोगे। उत्पति की किताब इरादे से सच्चे इतिहास की तरह पढ़ी जाती है। वहाँ पर सच्चा सर्प था। हकीकत में गतसमनी की वाटिका थी। हकीकत में आदम और हव्वा थे, जिसने हकीकत में पाप किया था। परिणाम स्वरूप मानवजाति हकीकत में गिरी हुई, और मानवजाति हकीकत में पूरी तरह से दुश्ट है।

प्रकाषितवाक्य की किताब षुक्र तारा (Lucifer) को पुकारती है ‘‘वही पुराना साँप जो इबलीस और षैतान कहलाता है और सारे संसार का भरमानेवाला है’’ (प्रकाषितवाक्य 12:9)। षैतान इच्छित था हव्वा को लुभाने और मानवजाति को नश्ट करने। परन्तु वो उसके सामने आत्मा की तरह नहीं आ सका, क्योंकि आत्मा अदृष्य है। इसलिये उसे जीवित प्राणी के षरीर में ही प्रवेष करना होगा, जैसे वो और उसकी दुश्टात्मा ने प्रवेष किया सुअर के झुंड में, मसीह के दिनों में। और इसलिये निष्चित किया मनुश्यजाति को पाप में ले जाने, षैतान ने उस पेट से सरकनेवाले प्राणी में प्रवेष किया।

जब परमेष्वर सर्प के साथ व्यवहार करने आये, उन्होंने प्रष्न नहीं किया कि वो दोशी थे या नहीं। परमेष्वर को पहिले से ही सर्प के दोश की जानकारी थी। और इसलिये प्रभु ने निस्चित किया यह वाक्य उस पर,

‘‘तू ने जो यह किया है इसलिये तू सब घरेलू पषुओं, और सब बनैले पषुओं से अधिक षापित है, तू पेट के बल चला करेगा, और जीवन भर मिट्टी चाटता रहेगा’’ (उत्पति 3:14)।

इसने हमारे पहले माता पिता को प्रोत्साहित किया होगा! षैतान उनका बैरी था। उसने उनको पाप में ले जाकर नश्ट किया। वो परमेष्वर का भी बैरी था। और इसलिये प्रभु ने दुश्टात्मा से कहा कि वो भेजेगा ‘‘औरत का वंष’’, और उनके द्वारा षैतान का सिर विनाषी आघात प्राप्त करेगा, और मानवजाति को आषिर्वाद मिलेगा।

‘‘और मैं तेरे और इस स्त्री के बीच में, और तेरे वंष और इसके वंष के बीच में बैर उत्पन्न करूँगा, वह तेरे सिर को कुचल डालेगा, और तू उसकी एड़ी को डसेगा’’ (उत्पति 3:15)।

मैं उस पाठ में से तीन मुद्दे वर्णन करूँगा।

1. पहला, औरत का वंष मसीह को दर्षाता है।

‘‘औरत का वंष’’ हव्वा के इंसानी वंषज को सिर्फ संदर्भ कर सकते है जिसे इंसानी पिता नहीं होगा। संपूर्ण बाइबल में ‘‘वंष’’ संदर्भ करता है सिर्फ आदमीयों के सन्तति का, ‘‘वंष’’ जो औरत के अंडे को फलित करता है। इसलिये ‘‘औरत का वंष’’ चमत्कारिक रूप से औरत की कोख (गर्भ) में ही रखा जाना चाहिए। इसलिये यह भविश्यवाणी स्पश्टता से निर्देष करती है भविश्य में मसीह के कुवाँरे जन्म को। कुँवारी मरियम के गर्भ में रखने के द्वारा, मसीह पाप की प्रकृति वारसे में नहीं लेंगे जो आदम के हर पुत्र को अयोग्य बनाती है पाप से उद्धार करनेवाला बनने से। जैसे स्वर्गदूत जिब्राईल ने मरीयम से कहा,

‘‘पवित्र आत्मा तुझ पर उतरेगा, और परमप्रधान की सामर्थ्य तुझ पर छाया करेगी; इसलिये यह पवित्र जो उत्पन्न होनेवाला है, परमेष्वर का पुत्र कहलाएगा’’ (लूका 1:35)।

‘‘और मैं तेरे और इस स्त्री के बीच में, और तेरे वंष और इसके वंष के बीच में बैर उत्पन्न करूँगा, वह तेरे सिर को कुचल डालेगा, और तू उसकी एड़ी को डसेगा’’ (उत्पति 3:15)।

2. दूसरा, वहाँ पर खत्म न होनेवाला युद्ध होगा औरत के वंष और सर्प के वंष के बीच।

परमेष्वर ने कहा,

‘‘मैं तेरे और इस स्त्री के बीच में, और तेरे वंष और इसके वंष के बीच में बैर उत्पन्न करूँगा ...’’ (उत्पति 3:15)।

दुष्मनी, षत्रुता, तिरस्कार - सदा के लिये, औरत के वंष और सर्प के वंष के दरम्यान। डो. जोन गील (1697-1771) ने कहा, ‘‘और यह भी सच है षैतान और हर युगो में प्रभु की कलीसिया के लिये, जिनके बीच में असंगत नफरत और सनातन युद्ध ः और तेरे वंष और उसके वंष के बीच ... दुश्ट दूत और दुश्ट आदमी (जो मसीह) ने कहा सर्प; और साँपो की पीढ़ी एक ओर, और प्रभु के लोग दूसरी ओर, कलीसिया का वंषः जिसका अगले, पिछला द्वारा तिरस्कृत और बाधित किया गया था और इसलिये यह घटना हुई तब से है’’ (जोन गील, डी.डी, एन एक्सपोझीषन ओफ ध ओल्ड टेस्टामेन्ट, (पुरानी नियमावली का स्पश्टीकरण), ध बेपटीस्ट स्टान्डर्ड बेरर, 1989 में फिर से छपा हुआ, भाग ।, पृश्ठ 27; उत्पति 3:15 पर आलोचना)।

यहाँ हम देखते है सनातन, खत्म न होनेवाला युद्ध षैतान की ताकत और मसीह की ताकत के बीच। प्रभु यीषु मसीह सरलता से उनके बारे में बोले जिनके पास षैतान है उनके पिता की तरह, और इस प्रकार उसका वंष। उन्होंने उनसे कहा,

‘‘तुम अपने पिता षैतान से हो और अपने पिता की लालसाओं को पूरा करना चाहते ...’’ (यूहन्ना 8:44)।

और यूहन्ना के पहले पत्र में हमने पढ़़ा,

‘‘इसी से परमेष्वर की सन्तान और षैतान की सन्तान जाने जाते है; जो कोई धर्म के काम नहीं करता वह परमेष्वर से नहीं, और न वह जो अपने भाई से प्रेम नहीं रखता’’ (1 यूहन्ना 3:10)।

सर्प के वंष ‘‘षैतान की सन्तान’’ है, स्त्री का वंष ‘‘परमेष्वर की सन्तान’’ है। वह कथन है 1 यूहन्ना 3:10 का। विभाजन बहुत ही पहले स्पश्ट हो चुका था, जब कैन ने उसके भाई हाबिल का कत्ल किया। कैन सर्प का वंष था। हाबिल स्त्री का वंष था, जो मसीह है। बाइबल कहता है,

‘‘कैन, जो उस दुश्ट से था, और जिसने अपने भाई को घात किया। और उसे किस कारण घात किया? इस कारण कि उसके काम बुरे थे, और उसके भाई के काम धर्म के थे’’ (1 यूहन्ना 3:12)।

षैतान की सन्तान, सर्प का वंष, होती है स्वाभाविक षत्रुता, तिरस्कार और दुष्मनी मसीह की सन्तान, स्त्री के वंष की ओर। यीषु ने कहा ‘‘सर्प का वंष’’ को ‘‘संसार’’। षैतान के षासन के अधीन, यह वर्तमान संसार सच्चे मसीहीयों का बैरी है। यीषु ने कहा,

‘‘यदि संसार तुम से बैर रखता है, तो तुम जानते हो कि उसने तुम से पहले मुझ से बैर रखा। यदि तुम संसार के होते, तो संसार अपनों से प्रेम रखता; परन्तु इस कारण कि तुम संसार के नहीं, वरन् मैं ने तुम्हें संसार में से चुन लिया है, इसी लिये संसार तुम से बैर रखता है’’ (यूहन्ना 15:18-19)।

‘‘यदि तुम संसार के होते, तो संसार अपनों से प्रेम रखता; परन्तु इस कारण कि तुम संसार के नहीं, वरन् मैं ने तुम्हें संसार में से चुन लिया है, इसी लिये संसार तुम से बैर रखता है’’। ‘‘संसार’’ सर्प का वषं है। वे स्त्री के वंष से नफरत करते है, जो मसीह का वंष है। इसी लिये मसीही आज तिरस्कृत और बाधा किये जाते है।

आपको ये संतान को समझाने की आवष्यकता नहीं है। अगर उन में से एक भी सच्चा मसीही बनता है, दूसरे तुरंत ही उसके आसपास जमा हो जाएँगे और उसका मजाक करेंगे। वे इस प्रकार की बाते कहेंगे, ‘‘आप सोचते हो आप इतने अच्छे हो!’’ बहुत पहले के युग से, साँप् के सन्तान को मसीह की सन्तान से दुष्मनी और तिरस्कार है। ‘‘मैं तेरे और इस स्त्री के बीच में, और तेरे वंष और इसके वंष के बीच में बैर उत्पन्न करूँगा’’ (उत्पति 3:15)। ऐसा युवा कलीसिया में भी होता है। जब खोए हुए तरूण कलीसिया में देखते है, कि उनका एक मित्र गंभीरता से मसीही बना है, वे उससे फिर जाएगे, उसके पीछे उसकी बाते करेंगे, उसे बदनाम करेंगे, और जानबूझकर उसमें क्षति देखेंगे, ताकि वे उसके लिये बुरा बोल सके। हर एक याजक का बालक वैसे मानसिक पीड़ा से गुजरते है। वर्शो पहले, जब कुछ दुश्ट लोग हमारी रविवार षाला के कार्यकर्ता थे, मेरे लड़को को निरन्तर एक कोने में बिठाया जाता था, और छोटी से छोटी चीज के लिये दण्ड दिया जाता था। और कई बार बिना कुछ कारण। यह किया गया, अवष्य, उनकी याजक के तरफ की दुष्मनी के कारण, और आखिरकार, प्रभु की ओर। हर बालक जो किसी कलीसिया द्वारा आता था उसे इस परीक्षा से गुजरना पड़ता था, या वे सच्चे मसीही नहीं हो सकते! एक बच्चो का गीत यह सब स्पश्ट करता है,

प्रभु की बाजू कौन है? कौन राजा की सेवा करेगा?
   उनका मददगार कौन होगा, दूसरे लोगों को लाने के लिये?
कौन संसार की बाजू छोडेंगा? कौन षत्रु का सामना करेगा?
   प्रभु की बाजू कौन है? कौन उनके लिये जाएगा?
(‘‘प्रभु की बाजू कौन है?’’ फ्रान्सीस आर. हावर्गल, 1836-1879)।

कलीसिया में ज्यादातर युवा प्रत्यक्ष नहीं करते कि रविवार षाला, या बच्चों का जुथ, हमेषा तीव्र युद्धभूमि रही है साँप के वंष और मसीह के वंष के बीच।

अवष्य, वो हर युवा के लिये भी सच है। प्रचारक कई बार उनके समुदाय में अपरिवर्तित लोगो से त्रस्त और ड़राये जाते है। आमतौर पर, आज, याजक नहीं समझ पाते क्यों, कुछ निष्चित लोग उनकी कलीसिया में उनके विरूद्ध है। मैं मानता हूँ कि ईष्वरीय याजक जो बड़ी परेषानी का सामना करते है वो है उनके कलीसिया में सदस्य से जो साँप का वंष है उनके द्वारा किया गया उत्पात, बजाय मसीह के वंष के। खोए हुए कलीसिया सदस्य निरन्तर उनके समुदाय में परेषानी करते रहते है।

यह संघर्श काम करने की जगह पर भी होता है। काम की जगह पर मसीही कई बार अकेला छोड़ दिया जाता है और बहुत छोटी सी बात के लिये आरोप लगाया या टीका किया जाता है। अगर आप काम करनेवाले हो, तो आप जानोगे मेरे कहने का अर्थ। और मैं आपको यह कहता हूँ ताकि आप न सोचो आप के साथ कुछ गलत हो रहा है। यह क्रूस है जो हर सच्चे मसीही को सहना (उठ़ाना) है।

क्रीसमस के बारे में क्या? अंत में, इस धार्मिक प्रवचन का षीर्शक है, ‘‘क्रीसमस विरोध’’। और यह अच्छा षीर्शक है, क्योंकि आज क्रीसमस पर बहुत से विरोध चल रहे है। समाचार प्रचारक बील ओ’रेईली (Bill O’Reilly) इसे कहते है ‘‘क्रीसमस पर युद्ध’’ (The war on Christmas)। इर्स्टन राज्य के प्रधान स्टेट वृक्ष को ‘‘क्रीसमस वृक्ष’’ कहने का अस्वीकार करते है। वे इसे ‘‘छुट्टियों का वृक्ष’’ कहते है। उसके बारे बहुत बातें है।

ब्रीली ग्रेहाम का वर्तमान सामायिक डीसीझन (Decision) (डीसंबर 2012) में एक लेख है जिसका षीर्शक है ‘‘फिर से लड़ते है जब समाज मसीह का गुण-दोश निहारती है’’ (Fighting Back When Society Censors Christ)। लेख बात करता है एक माँ के बारे में जिसने देखा है बहुत सी माताओं को स्थानीय षाला आते और विभिन्न छुट्टियों, धर्म, और संस्कृति के बारे में बाते करते। जब उसने पूछा अगर वो ऐसा ही क्रीसमस के लिये कर सके, उसे कहा गया ‘‘हाँ’’। ‘‘दूसरी माँ की तरह, उसने षुरूआत की छुट्टियों के मूल को समझाते हुए किताब से पढ़कर। उसकी किताब, कैसे भी, बाइबल थी। जब उसने उसे बाहर निकाला, आपने सोचा होगा उसने बम जलाया। षिक्षक ने तुरंत कहा, ‘ओह, नहीं! आपको वो दूर रखना पड़ेगा।’ यह षर्मनाक था। जब कि दूसरी किताबे, धार्मिक या नहीं, मान्य थी, बाइबल नहीं। यह सब हुआ बच्चों के सामने’’ (डीसीझन - Decision, 12, 2012, पृश्ठ 4)।

फ्लोरिडा के विन्टर पार्क में हाल ही में वरिश्ठ नागरिकों को पाबंदी थी कराया उनके अपने घरो में क्रीसमस के गीत गाने। न्युयोर्क षहर में, एनवायसी एन्वायरनलमेन्टल प्रोटेक्षन एजन्सी (NYC Environmental Protection Agency) ने उनके कार्यकर्ताओं को हनुक्काह (Hanukkah) झण्डा लगाने की परवानगी दी और भारतीय त्यौहार दिवाली मनाने की, परन्तु क्रीसमस के झण्डे, लाल और हरी साजसजावट, और क्रीसमस वृक्ष ना मंजूर किए। टेक्सास के प्लानो (Plano) में षाला के अधिकारीयों ने बच्चों को ‘‘यीषु ऋतु के लिये कारण है’’ छपी हुई पेन्सिलें बांटने पर प्रतिबंध लगाया। षाला के अधिकारीयों ने बच्चों को ‘‘मेरी क्रीसमस’’ लिखने पर भी रोक लगाई जो वे ईराक में सैनिको के लिये पत्र भेजने में लिखनेवाले थे। न्युयोर्क षहर में, एक मातापिताने षाला की छुट्टियां प्रदर्षित करने में बाधा उठाई, जिसमें समावेष था मेनोराह (Menorahs) और मुसलमान सितारे और क्रेसन्ट (Crescent) -परंतु ईसा मसीह के जन्म के चित्रण पर रोक लगाई। दोनो राज्य की जिला अदालत और अरजी अदालत ने कहा कि ईसा मसीह के जन्म का चित्रण (दृष्य) रोका रहना चाहिए पब्लीक षाला के छुट्टियों के प्रकाषन में, जब कि मेनोराहस और मुसलमान सितारे और क्रेसन्ट रह सकते है क्योंकि, अदालतो के अनुसार, ‘‘विद्यार्थी यह प्रकाषन नहीं समझेंगे यहूदी मत और इस्लाम को दृढ करना’’। डीसीझन के लेख ने कहा ‘‘र्दुभाग्य से, इस प्रकार की धार्मिक परवानगी देने का पद बहुत सामान्य है क्रीसमस के समय दौरान।’’ और आप जानते हो ये सच है। बहुत सी जगह पर आप ‘‘मेरी क्रीसमस’’ भी नहीं कह सकते। अब ये सदा ‘‘आनन्दित छुट्टियाँ’’ हैं। जब कभी कोई भी मुझे ऐसा कहता है, मैं सदा उत्तर देता हूँ, ‘‘मेरी क्रीसमस’’!’’ परन्तु यह बहुत स्पश्ट हो रहा है कि ‘‘सर्प का वंष’’ मसीह के जन्म का उत्सव मनाने से तिरस्कार करते है और वे उन मसीहयों पर हमला करते है जो क्रीसमस को मसीही छुट्टी रखने के प्रयत्न में है!

मुझ पर तीव्रता से हमला किया गया, युवा लोगो को कहने कि उन्हें क्रीसमस षाम और नये वर्श की षाम को कलीसिया में रहने की आवष्यकता है। वे कहते है मैं षास्त्रोकत निश्ठुर षासक हूँ कलीसिया रहने को कहने के लिये बजाय किसी नृत्य की जगह या षराब की मेजबानी मे ंरहने को कहने से। अब आप जानते हो कहाँ से उस प्रकार की बाते आती है! परमेष्वर ने कहा, ‘‘मैं तेरे और इस स्त्री के बीच में, और तेरे वंष और इसके वंष के बीच में बैर उत्पन्न करूँगा...’’ ‘‘सर्प का वंष’’ सदा ‘‘मसीह के वंष के विरूद्ध ही रहेगा। यह कुछ नया नहीं है। सर्प के लोग आपको कलीसिया में नहीं चाहते क्रीसमस षाम और नये वर्श की षाम को! मैं निष्चितरूप से आषा करता हूँ आप उनको नहीं सुनते! क्रीसमस और नये वर्श की षाम हमारे साथ कलीसिया में रहो!

अब, आप कैसे क्रीसमस मनानेवाले हो? क्या आप उनके साथ रहनेवाले हो जो ‘‘सर्प के वंष’’ से आते है? या आप यहाँ हमारे साथ कलीसयिा में होगे? वही है ‘‘क्रीसमस विरोध’’। अदन की वाटिका के समय से कुछ भी नहीं बदला! ‘‘मैं तेरे और इस स्त्री के बीच में, और तेरे वंष और इसके वंष के बीच में बैर उत्पन्न करूँगा...’’ वहाँ पर युद्ध चल रहा है स्त्री के वंष और सर्प के वंष के बीच। परंतु वहाँ पर एक और मुद्दा है।

3. तीसरा, मसीह युद्ध जीतेंगे।

पाठ खत्म होता है कहते हुए, ‘‘... वह तेरे सिर को कुचल डालेगा, और तू उसकी एड़ी को डसेगा’’ (उत्पति 3:15)।

वह अंत है बड़े विरोध का। षैतान, जो इस संसार में दुश्टात्मा का सामर्थ्य चलाता है, वो अंत में परमेष्वर के विरूद्ध लड़ेगा। परंतु अंत में मसीह, स्त्री का वंष, षैतान का सिर कुचलेगा। वह विनाषी मुक्का है! यह पूर्ण हुआ था जब यीषु क्रूस पर मरे, क्योंकि मरने के द्वारा उन्होंने व्यवस्था का आदर किया, पाप छोड दिये, मृत्यु को मार डाला और अधोलोक को हराया! और जब मसीह मृत्यु से उठे, स्पर्जनने कहा, ‘‘उसने कब्र के द्वार खोले और हटाया गया, जैसे षिमषोन ने गाजा के द्वार हटाए-पोस्ट, सलाखे और सबकुछ; जब उसने स्वर्ग के द्वार खोले और अधीनता को बन्द किया; फिर, हकीकत में अजगर का सिर टूटा हुआ था। अब षैतान क्या कर सकता है? ... मसीहने उसे कुचल डाला है ... स्त्री के वंष ने दुष्मन का सामर्थ्य तोड दिया है! हल्लिलूय्याह! हल्लिलूय्याह! उन्होंने अंधेरे के राजकुमार को उनकी ऊँची जगहों से निकालकर फेंक दिया। वे स्वयं नहीं कहते, ‘‘मैं देख रहा हूँ षैतान को स्वर्ग से बिजली की तरह गिरते’’? उन्होंने सर्प का सिर कुचल डाला है।

दुश्टात्मा (एक) के सिर को कुचलना विनाषी प्रहार है। अगर उन्होंने पूंछ को कुचला होता, या गरदन को, वो षायद जीवित रहता; परंतु परमेष्वर ने पूर्णरूप से दुश्टात्मा के साम्राज्य का वध किया, और उसके सामर्थ्य को कुचल डाला ... मसीह स्वयं स्त्री के वंष, दोबारा आने चाहिए, और वे धरती पर षासन करेंगे ... और उनका दाहिना हाथ उनके लोगो को ऊपर उठाने चाहिए। उनके पैरो से उनके दुष्मन कुचले जाने चाहिए। षायद आप और मैं उस आनंदित जन-समूह के बीच हो जो स्त्री के वंष के दोबारा आने पर सलाम कर सके - जब वे स्वर्ग से नीचे आए सारी धरती पर षासन करने। स्त्री के वंष द्वारा हमें स्वर्ग पुनःप्राप्त हुआ है, और गिरावट की सारी क्षति नाष हो गई ...’’ (सी.एच. स्पर्जन, ‘‘सर्प का कथन’’, ध मेट्रोपोलीटन टबरनेकल पुलपीट, पीलग्रीम प्रकाषन, 1974 में फिर से छपा हुआ, भाग XXXVI, पृपृश्ठ 527, 528)।

अब, मैं आपसे पूछता हूँ, क्या आप सर्प के वंष के साथ हो - या आप स्त्री के वंष के साथ हो, जो मसीह है? ये एक या दूसरा है। आपके लिये कौन सा है? आप हकीकत में अपने मन से किसकी तरफ हो? क्या आप मसीह के साथ हो, या आप सर्प के लोगो के साथ हो? हरएक यहाँ इस सुबह एक या दूसरी बाजू है! मैं प्रार्थना करता हूँ कि आप सर्प की बाजू छोड़ेंगे, और यीषु और उनके लोगो के साथ आओगे। यीषु आपके पाप माफ करेंगे और आपको अनन्त जीवन देंगे। यीषु बाजू जीतनेवाली बाजू है। उनके पास आओ। उन पर भरोसा करो। मुक्ति आपकी होगी उनके पाप षुद्ध करनेवाले लहू द्वारा! और अगर आप हमसे आपके आत्मा की मुक्ति के बारे में बात करना चाहते हो; मेहरबानी करके आपकी बैठक छोड़कर अभी पीछे के कक्ष में जाओ। श्रीमान ली, मेहरबानी करके हमें प्रार्थना में ले जाओ।

(संदेश का अंत)
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धार्मिक प्रवचन से पहले डो. क्रेगटन् एल. चान द्वारा पढ़ा हुआ पवित्रषास्त्र ः 1 युहन्ना 3:10-13।
धार्मिक प्रवचन से पहले श्रीमान बेन्जामिन किनकेड ग्रीफिथ द्वारा गाया हुआ गीत ः
‘‘प्रभु की बाजु कौन है?’’ (फ्रान्सीस आर. हावेर्गल द्वारा, 1836-1879)।


रूपरेखा

क्रीसमस विरोध

(उत्पति की किताब पर धार्मिक प्रवचन # 66)

डो. आर. एल. हायर्मस, जुनि. द्वारा

‘‘तब यहोवा परमेष्वर ने सर्प से कहा, तुने जो यह किया है इसलिये तू सब घरेलू पषुओं और सब बनैले पषुओं से अधिक षापित है, तू पेट के बल चला करेगा, और जीवन भर मीट्टी चाटता रहेगा। और मैं तेरे और इस स्त्री के बीच में, और तेरे वंष और इसके वंष के बीच में बैर उत्पन्न करूँगा, वह तेरे सिर को कुचल डालेगा, और तू उसकी एड़ी को डसेगा’’ (उत्पति 3:14-15)।

(प्रकाषितवाक्य 12:9)

1.   पहला, औरत का वंष मसीह को दर्षाता है, लुका 1:35; उत्पति 3:15।

2.   दूसरा, वहाँ पर खत्म न होनेवाला युद्ध होगा औरत के वंष और सर्प के वंष के बीच, उत्पति 3:16 अ; युहन्ना 8:44; 1 युहन्ना 3:10, 12;
युहन्ना 15:18-19।

3.   तीसरा, मसीह युद्ध जीतेंगे, उत्पति 3:16 ब।